1. अध्याय एक नज़र में
भारतीय अर्थव्यवस्था से बिहार पुलिस SI प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 6 से 8 प्रश्न आते हैं। ये प्रश्न कठिन गणना वाले नहीं, बल्कि बुनियादी अवधारणाओं (GDP, मुद्रास्फीति, बैंक दरें), संस्थाओं (RBI, SEBI, NITI आयोग, वित्त आयोग), पंचवर्षीय योजनाओं, करों (GST) और सरकारी योजनाओं पर आधारित होते हैं। बिहार की अर्थव्यवस्था से जुड़े कुछ प्रश्न भी आते हैं। इस अध्याय को आसान भाषा में, उदाहरणों के साथ समझेंगे।
- अर्थव्यवस्था के क्षेत्र, GDP-GNP-NNP, राष्ट्रीय आय की गणना।
- मुद्रास्फीति (Inflation), उसके प्रकार और मापन (CPI, WPI)।
- RBI, मौद्रिक नीति के उपकरण (रेपो, रिवर्स रेपो, CRR, SLR)।
- बैंकिंग — राष्ट्रीयकरण, बैंकों के प्रकार, NABARD, SIDBI।
- बजट, कर (प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष), GST, राजकोषीय घाटा।
- पंचवर्षीय योजनाएँ, NITI आयोग, 1991 के सुधार, प्रमुख सरकारी योजनाएँ।
2. मूल अवधारणाएँ
अर्थव्यवस्था वह तंत्र है जिसके द्वारा किसी देश में वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन, वितरण और उपभोग होता है। भारत की अर्थव्यवस्था मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) है, जिसमें सार्वजनिक (सरकारी) और निजी दोनों क्षेत्र साथ-साथ काम करते हैं।
| क्षेत्र | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्राथमिक (Primary) | प्रकृति से सीधे उत्पादन | कृषि, पशुपालन, मछली पालन, खनन, वानिकी |
| द्वितीयक (Secondary) | कच्चे माल को तैयार वस्तु में बदलना | उद्योग, निर्माण, बिजली उत्पादन |
| तृतीयक (Tertiary) | सेवाएँ प्रदान करना | बैंकिंग, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, IT, व्यापार |
भारत के GDP में सबसे अधिक योगदान तृतीयक (सेवा) क्षेत्र का है (50% से अधिक), जबकि सबसे अधिक रोज़गार अब भी कृषि (प्राथमिक क्षेत्र) देता है। बिहार में कृषि पर निर्भरता राष्ट्रीय औसत से भी अधिक है।
राष्ट्रीय आय के माप
- सकल घरेलू उत्पाद (GDP) — एक वर्ष में देश की भौगोलिक सीमा के अंदर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का बाज़ार मूल्य (भारतीय और विदेशी दोनों द्वारा)।
- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) = GDP + विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन आय (विदेश में भारतीयों की आय − भारत में विदेशियों की आय)।
- शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP) = GNP − मूल्य ह्रास (Depreciation)। साधन लागत पर NNP को ही राष्ट्रीय आय कहते हैं।
- प्रति व्यक्ति आय = राष्ट्रीय आय ÷ कुल जनसंख्या। बिहार की प्रति व्यक्ति आय देश के राज्यों में सबसे कम है।
- भारत में राष्ट्रीय आय का अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन, लगाता है। (पहले CSO; 2019 में NSSO के साथ विलय।) आधार वर्ष वर्तमान में 2011-12 है।
- भारत में राष्ट्रीय आय का सबसे पहला अनुमान दादाभाई नौरोजी (1867-68) ने लगाया; वैज्ञानिक अनुमान वी.के.आर.वी. राव (1931) ने।
- नाममात्र (Nominal) GDP — वर्तमान मूल्यों पर; वास्तविक (Real) GDP — आधार वर्ष के स्थिर मूल्यों पर (मुद्रास्फीति का प्रभाव हटाकर)।
GNP = GDP + शुद्ध विदेशी साधन आय | NNP = GNP − मूल्य ह्रास | NDP = GDP − मूल्य ह्रास | प्रति व्यक्ति आय = राष्ट्रीय आय ÷ जनसंख्या
मानव विकास सूचकांक (HDI)
HDI UNDP (संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम) द्वारा जारी किया जाता है। इसकी अवधारणा पाकिस्तानी अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक ने दी और अमर्त्य सेन ने इसमें योगदान दिया। तीन आयाम — स्वास्थ्य (जन्म के समय जीवन प्रत्याशा), शिक्षा (स्कूली शिक्षा के वर्ष), जीवन स्तर (प्रति व्यक्ति GNI, क्रय शक्ति समता पर)।
3. मुद्रास्फीति (Inflation)
जब सामान्य मूल्य स्तर लगातार बढ़ता है और मुद्रा की क्रय शक्ति घटती है, उसे मुद्रास्फीति कहते हैं। उदाहरण: पिछले साल ₹100 में 5 किलो चावल आता था, इस साल केवल 4 किलो — यानी पैसे की क्रय शक्ति घटी।
| प्रकार | अर्थ |
|---|---|
| मांग जनित (Demand-pull) | मांग बढ़े पर आपूर्ति न बढ़े |
| लागत जनित (Cost-push) | उत्पादन लागत (कच्चा माल, मज़दूरी, ईंधन) बढ़ने से |
| रेंगती (Creeping) | बहुत धीमी, लगभग 2–3% वार्षिक |
| सरपट (Galloping) | तेज़, दो अंकों में |
| अति मुद्रास्फीति (Hyperinflation) | नियंत्रण से बाहर (जैसे ज़िम्बाब्वे, वेनेज़ुएला) |
| मुद्रास्फीतिजनित मंदी (Stagflation) | ऊँची महँगाई + धीमी वृद्धि + बेरोज़गारी एक साथ |
| अपस्फीति (Deflation) | मूल्य स्तर का लगातार गिरना |
| अवस्फीति (Disinflation) | मुद्रास्फीति की दर का घटना (मूल्य बढ़ रहे, पर धीमे) |
- मापन — थोक मूल्य सूचकांक (WPI): वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का आर्थिक सलाहकार कार्यालय; उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): NSO (ग्रामीण, शहरी, संयुक्त) और श्रम ब्यूरो (औद्योगिक श्रमिकों के लिए)।
- RBI 2014 (उर्जित पटेल समिति की सिफ़ारिश) से CPI (संयुक्त) को मुख्य मुद्रास्फीति माप मानता है। मौद्रिक नीति ढाँचे के तहत लक्ष्य 4% (±2%)।
- मुद्रास्फीति से देनदार (कर्ज़ लेने वाले) को लाभ और लेनदार तथा निश्चित आय वाले (पेंशनभोगी) को हानि होती है।
4. भारतीय रिज़र्व बैंक एवं मौद्रिक नीति
- RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हिल्टन यंग आयोग की सिफ़ारिश पर, RBI अधिनियम 1934 के तहत हुई। 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण हुआ। मुख्यालय पहले कलकत्ता, 1937 से मुंबई।
- पहले गवर्नर — सर ओसबोर्न स्मिथ; पहले भारतीय गवर्नर — सी.डी. देशमुख।
- कार्य — नोट जारी करना (₹1 के नोट और सिक्के छोड़कर — वे वित्त मंत्रालय जारी करता है); "बैंकों का बैंक"; सरकार का बैंकर; विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक; "अंतिम ऋणदाता (Lender of Last Resort)"; साख नियंत्रण।
- ₹1 के नोट पर वित्त सचिव के और बाकी नोटों पर RBI गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं।
- मौद्रिक नीति समिति (MPC) — 6 सदस्य (3 RBI से, 3 सरकार द्वारा नियुक्त); अध्यक्ष RBI गवर्नर; रेपो दर तय करती है।
| उपकरण | अर्थ | बढ़ाने का प्रभाव |
|---|---|---|
| रेपो दर (Repo Rate) | जिस दर पर RBI बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है (सरकारी प्रतिभूतियों के बदले) | ऋण महँगा → मुद्रा आपूर्ति घटती → महँगाई घटती |
| रिवर्स रेपो दर | जिस दर पर RBI बैंकों से उधार लेता है (बैंक RBI के पास पैसा जमा करते हैं) | बैंक RBI के पास अधिक पैसा रखते हैं → बाज़ार में मुद्रा घटती |
| बैंक दर (Bank Rate) | दीर्घकालिक ऋण पर RBI की दर (बिना प्रतिभूति) | ऋण महँगा |
| नकद आरक्षित अनुपात (CRR) | बैंकों की कुल जमा का वह भाग जो नकद रूप में RBI के पास रखना होता है (इस पर ब्याज नहीं) | बैंकों के पास ऋण देने को कम पैसा |
| सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) | जमा का वह भाग जो बैंक स्वयं अपने पास नकद, सोना या सरकारी प्रतिभूतियों में रखते हैं | ऋण क्षमता घटती |
| खुले बाज़ार की क्रियाएँ (OMO) | RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री | बेचने पर मुद्रा घटती, खरीदने पर बढ़ती |
महँगाई रोकनी हो तो RBI "कसती" है — रेपो, CRR, SLR बढ़ाती है (Tight / Dear Money Policy)। विकास बढ़ाना हो तो "ढीला" करती है — दरें घटाती है (Easy / Cheap Money Policy)।
5. बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थाएँ
- भारत का पहला बैंक — बैंक ऑफ़ हिंदुस्तान (1770)। पूर्णतः भारतीय पूँजी से पहला बैंक — पंजाब नेशनल बैंक (1894/95), लाला लाजपत राय से जुड़ा। इम्पीरियल बैंक का 1955 में राष्ट्रीयकरण कर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) बनाया गया।
- बैंकों का राष्ट्रीयकरण — 19 जुलाई 1969 को 14 बड़े बैंक (इंदिरा गांधी सरकार); 1980 में 6 और।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) — 2 अक्टूबर 1975, नरसिंहम समिति की सिफ़ारिश पर; पहला — प्रथमा बैंक (मुरादाबाद)।
- NABARD — 12 जुलाई 1982; कृषि और ग्रामीण विकास के लिए शीर्ष संस्था (शिवरामन समिति)। SIDBI — 1990, लघु उद्योग। EXIM बैंक — 1982, आयात-निर्यात।
- भुगतान बैंक (Payments Bank) — नचिकेत मोर समिति; ₹2 लाख तक जमा ले सकते हैं, ऋण नहीं दे सकते। लघु वित्त बैंक — ऋण भी दे सकते हैं।
- SEBI — 1988 में गठित, 1992 में वैधानिक; शेयर बाज़ार का नियामक; मुख्यालय मुंबई। IRDAI — बीमा नियामक (हैदराबाद); PFRDA — पेंशन नियामक।
- शेयर बाज़ार सूचकांक — सेंसेक्स (BSE, 30 कंपनियाँ; BSE एशिया का सबसे पुराना शेयर बाज़ार, 1875), निफ़्टी (NSE, 50 कंपनियाँ)।
- NPA (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) — जिस ऋण का ब्याज/मूलधन 90 दिन से अधिक बकाया हो।
6. बजट, कर एवं GST
- संविधान में "बजट" शब्द नहीं है; अनुच्छेद 112 में "वार्षिक वित्तीय विवरण" कहा गया है। भारत का पहला बजट जेम्स विल्सन ने 1860 में पेश किया। स्वतंत्र भारत का पहला बजट आर.के. षणमुखम चेट्टी (26 नवंबर 1947)। 2017 से रेल बजट आम बजट में मिला दिया गया और बजट 1 फ़रवरी को पेश होने लगा।
- प्रत्यक्ष कर — जिसका भार उसी व्यक्ति पर जो कर देता है: आयकर, निगम कर। अप्रत्यक्ष कर — भार दूसरे पर डाला जा सकता है: GST, सीमा शुल्क।
- वस्तु एवं सेवा कर (GST) — 1 जुलाई 2017 से लागू; 101वाँ संविधान संशोधन (2016); "एक राष्ट्र, एक कर"; गंतव्य आधारित कर। GST परिषद (अनुच्छेद 279A) — अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री। प्रकार — CGST, SGST, IGST (अंतरराज्यीय), UTGST। पेट्रोलियम उत्पाद और मानव उपभोग की शराब अभी GST से बाहर हैं। GST लागू करने वाला पहला राज्य — असम।
- राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) = कुल व्यय − (राजस्व प्राप्तियाँ + गैर-ऋण पूँजीगत प्राप्तियाँ) — यह सरकार की कुल उधारी आवश्यकता दर्शाता है। राजस्व घाटा = राजस्व व्यय − राजस्व प्राप्तियाँ। प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा − ब्याज भुगतान।
- FRBM अधिनियम 2003 — राजकोषीय अनुशासन के लिए।
- वित्त आयोग (अनुच्छेद 280) — हर 5 वर्ष; केंद्र और राज्यों के बीच कर का बँटवारा। पहले वित्त आयोग के अध्यक्ष — के.सी. नियोगी (1951)।
7. आर्थिक नियोजन एवं सुधार
भारत में आर्थिक नियोजन का विचार सबसे पहले एम. विश्वेश्वरैया ("Planned Economy for India", 1934) ने दिया। स्वतंत्रता के बाद योजना आयोग का गठन 15 मार्च 1950 को हुआ (अध्यक्ष — प्रधानमंत्री नेहरू)। 1 जनवरी 2015 को इसकी जगह NITI आयोग (National Institution for Transforming India) बना — अध्यक्ष प्रधानमंत्री; यह "थिंक टैंक" के रूप में कार्य करता है और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है।
| योजना | अवधि | मुख्य ज़ोर / मॉडल |
|---|---|---|
| पहली | 1951–56 | कृषि, सिंचाई; हैरोड-डोमर मॉडल; सफल |
| दूसरी | 1956–61 | भारी उद्योग; पी.सी. महालनोबिस मॉडल; भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र |
| तीसरी | 1961–66 | आत्मनिर्भरता; चीन-पाक युद्ध व सूखे से असफल; इसके बाद योजना अवकाश (1966–69) — तीन वार्षिक योजनाएँ |
| चौथी | 1969–74 | स्थिरता के साथ विकास; बैंक राष्ट्रीयकरण |
| पाँचवीं | 1974–78 (एक वर्ष पहले समाप्त) | "गरीबी हटाओ"; 20 सूत्री कार्यक्रम |
| छठी | 1980–85 | गरीबी उन्मूलन; IRDP |
| सातवीं | 1985–90 | भोजन, काम, उत्पादकता |
| आठवीं | 1992–97 | मानव संसाधन विकास; LPG सुधारों के बाद; राव-मनमोहन मॉडल |
| नौवीं से ग्यारहवीं | 1997–2012 | सामाजिक न्याय; ग्यारहवीं — "तीव्र एवं अधिक समावेशी विकास" |
| बारहवीं (अंतिम) | 2012–17 | "तीव्र, अधिक समावेशी एवं सतत विकास" |
1991 के आर्थिक सुधार — भुगतान संतुलन संकट के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव और वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने नई आर्थिक नीति अपनाई — उदारीकरण (Liberalisation), निजीकरण (Privatisation), वैश्वीकरण (Globalisation) — "LPG सुधार"। लाइसेंस राज समाप्त, विदेशी निवेश को बढ़ावा। विनिवेश का अर्थ है सरकारी उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी बेचना।
8. गरीबी, बेरोज़गारी एवं सरकारी योजनाएँ
- गरीबी रेखा के अनुमान — लकड़ावाला समिति (1993), तेंदुलकर समिति (2009), रंगराजन समिति (2014)। NITI आयोग का बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर के 12 संकेतकों पर आधारित है; इसके अनुसार बिहार में बहुआयामी गरीबी का अनुपात सबसे अधिक रहा है, हालाँकि इसमें तेज़ी से कमी आई है।
- बेरोज़गारी के प्रकार — प्रच्छन्न (Disguised): ज़रूरत से अधिक लोग एक काम में (कृषि में आम); मौसमी: फ़सल के मौसम पर निर्भर; संरचनात्मक: अर्थव्यवस्था की संरचना में बदलाव से; घर्षणात्मक: नौकरी बदलने के बीच का अंतराल।
- बेरोज़गारी के आँकड़े — आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), NSO।
| योजना | वर्ष | उद्देश्य |
|---|---|---|
| MGNREGA (मनरेगा) | 2005 अधिनियम, 2006 से लागू | ग्रामीण परिवार को वर्ष में 100 दिन का गारंटीशुदा रोज़गार; 2 फ़रवरी 2006 को आंध्र प्रदेश के अनंतपुर ज़िले से शुरुआत |
| प्रधानमंत्री जन धन योजना | 2014 | वित्तीय समावेशन — ज़ीरो बैलेंस खाता |
| मेक इन इंडिया | 2014 | विनिर्माण को बढ़ावा; प्रतीक — शेर |
| स्वच्छ भारत मिशन | 2 अक्टूबर 2014 | खुले में शौच मुक्त भारत |
| प्रधानमंत्री मुद्रा योजना | 2015 | सूक्ष्म उद्यमों को ₹10 लाख (अब ₹20 लाख तक) बिना गारंटी ऋण — शिशु, किशोर, तरुण |
| प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना | 2016 (बलिया, उ.प्र.) | गरीब महिलाओं को LPG कनेक्शन |
| आयुष्मान भारत (PM-JAY) | 2018 (रांची, झारखंड) | प्रति परिवार ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा |
| PM-KISAN | 2019 | किसानों को ₹6000 प्रति वर्ष, तीन किस्तों में (DBT) |
| अटल पेंशन योजना | 2015 | असंगठित क्षेत्र को पेंशन |
| सुकन्या समृद्धि योजना | 2015 | "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" के तहत बालिका बचत |
बिहार की प्रमुख योजनाएँ
- सात निश्चय (2015 से; भाग-2: 2020 से) — हर घर बिजली, हर घर नल का जल, घर तक पक्की गली-नाली, शौचालय निर्माण, आर्थिक हल युवाओं को बल (बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड — ₹4 लाख तक शिक्षा ऋण), आरक्षित रोज़गार महिलाओं का अधिकार (सरकारी नौकरियों में 35%), अवसर बढ़े आगे पढ़ें।
- मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना (2006) — नौवीं कक्षा की छात्राओं को साइकिल; मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना; जीविका (बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना, विश्व बैंक सहायता) — स्वयं सहायता समूह; जल-जीवन-हरियाली अभियान (2019)।
- बिहार में पूर्ण मद्यनिषेध 5 अप्रैल 2016 से लागू है — पुलिस के लिए यह कानून (बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016) बहुत महत्वपूर्ण है।
9. अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संस्थाएँ
| संस्था | स्थापना / मुख्यालय | कार्य |
|---|---|---|
| अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) | 1945 (ब्रेटन वुड्स सम्मेलन 1944) / वाशिंगटन DC | भुगतान संतुलन में सहायता, विनिमय दर स्थिरता |
| विश्व बैंक (IBRD) | 1945 / वाशिंगटन DC | विकास परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक ऋण |
| विश्व व्यापार संगठन (WTO) | 1 जनवरी 1995 (GATT का स्थान) / जिनेवा | अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियम |
| एशियाई विकास बैंक (ADB) | 1966 / मनीला | एशिया में विकास ऋण |
| न्यू डेवलपमेंट बैंक (BRICS बैंक) | 2014 / शंघाई | BRICS देशों का विकास बैंक; पहले अध्यक्ष के.वी. कामत |
| AIIB | 2016 / बीजिंग | एशिया में अवसंरचना निवेश |
10. मास्टर सारणी (Master Summary Table)
| विषय | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| अर्थव्यवस्था का प्रकार | मिश्रित अर्थव्यवस्था |
| GDP में सबसे अधिक योगदान | सेवा क्षेत्र |
| राष्ट्रीय आय का आकलन | NSO; आधार वर्ष 2011-12 |
| HDI | UNDP; महबूब-उल-हक |
| मुद्रास्फीति लक्ष्य | CPI आधारित, 4% (±2%) |
| RBI | 1 अप्रैल 1935; राष्ट्रीयकरण 1949; मुंबई |
| महँगाई रोकने हेतु | रेपो, CRR, SLR बढ़ाना |
| बैंक राष्ट्रीयकरण | 1969 (14 बैंक), 1980 (6 बैंक) |
| NABARD / SEBI | 1982 / 1988 (वैधानिक 1992) |
| GST | 1 जुलाई 2017; 101वाँ संशोधन; परिषद अध्यक्ष वित्त मंत्री |
| योजना आयोग → NITI | 1950 → 1 जनवरी 2015 |
| दूसरी योजना | महालनोबिस मॉडल, भारी उद्योग |
| 1991 सुधार | LPG — राव, मनमोहन सिंह |
| मनरेगा | 100 दिन रोज़गार की गारंटी |
11. माइंड मैप
- GDP, GNP, NNP
- तीन क्षेत्र
- HDI
- मुद्रास्फीति
- RBI, MPC
- रेपो, CRR, SLR
- SEBI, NABARD
- बजट (अनु. 112)
- प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर
- GST
- घाटे
- पंचवर्षीय योजनाएँ
- NITI आयोग
- 1991 सुधार
- कल्याण योजनाएँ
12. टिप्स एवं ट्रिक्स
- CRR = Cash, RBI के पास; SLR = Liquid, बैंक के अपने पास।
- रेपो में "RBI देता है" (Repo = Repurchase); रिवर्स रेपो में "RBI लेता है"।
- दूसरी योजना = "दूसरा M" — Mahalanobis मॉडल, Machinery (भारी उद्योग)।
- GDP = देश के "अंदर" (Domestic); GNP = देश के "लोगों" का (National)।
- मुद्रास्फीति में "उधार लेने वाले की मौज, पेंशन वाले की मुश्किल"।
- ₹1 का नोट RBI नहीं, वित्त मंत्रालय जारी करता है।
- NITI आयोग संवैधानिक या वैधानिक निकाय नहीं है — यह कार्यकारी प्रस्ताव से बना।
- वित्त आयोग संवैधानिक (अनुच्छेद 280) है, योजना आयोग नहीं था।
- अवस्फीति (Disinflation) में मूल्य गिरते नहीं, केवल बढ़ने की गति धीमी होती है।
13. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- भारत में राष्ट्रीय आय का पहला अनुमान दादाभाई नौरोजी ने लगाया।
- मानव विकास सूचकांक UNDP जारी करता है।
- WPI से थोक और CPI से खुदरा महँगाई मापी जाती है।
- RBI के पहले भारतीय गवर्नर सी.डी. देशमुख थे।
- मौद्रिक नीति समिति में 6 सदस्य होते हैं।
- 19 जुलाई 1969 को 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक 2 अक्टूबर 1975 को शुरू हुए।
- NABARD कृषि और ग्रामीण विकास के लिए शीर्ष बैंक है।
- बजट का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 112 में है।
- GST 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ।
- योजना आयोग 15 मार्च 1950 को बना।
- दूसरी पंचवर्षीय योजना महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी।
- 1991 में नई आर्थिक नीति (LPG) अपनाई गई।
- मनरेगा ग्रामीण परिवारों को 100 दिन रोज़गार की गारंटी देता है।
- बिहार में पूर्ण मद्यनिषेध 5 अप्रैल 2016 से लागू है।
- WTO का मुख्यालय जिनेवा में है।
14. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
भारतीय रिज़र्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस वर्ष हुआ?
- 1935
- 1947
- 1949
- 1969
उत्तर एवं व्याख्या
RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को एक निजी शेयरधारक बैंक के रूप में हुई थी; 1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण हुआ। 1969 में 14 वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ, RBI का नहीं।
उत्तर: (C) 1949
जिस दर पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है, उसे क्या कहते हैं?
- बैंक दर
- रेपो दर
- रिवर्स रेपो दर
- CRR
उत्तर एवं व्याख्या
रेपो दर वह दर है जिस पर RBI सरकारी प्रतिभूतियों के बदले बैंकों को अल्पकालिक ऋण देता है; यह मौद्रिक नीति का मुख्य उपकरण है। बैंक दर दीर्घकालिक ऋण की दर है, रिवर्स रेपो पर RBI बैंकों से उधार लेता है और CRR एक अनुपात है, दर नहीं।
उत्तर: (B) रेपो दर
भारत में GST किस तिथि से लागू हुआ?
- 1 अप्रैल 2017
- 1 जुलाई 2017
- 1 जनवरी 2018
- 8 नवंबर 2016
उत्तर एवं व्याख्या
101वें संविधान संशोधन के बाद GST 1 जुलाई 2017 से पूरे देश में लागू हुआ और इसने अनेक अप्रत्यक्ष करों (उत्पाद शुल्क, सेवा कर, VAT आदि) की जगह ली। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा हुई थी।
उत्तर: (B) 1 जुलाई 2017
दूसरी पंचवर्षीय योजना किस मॉडल पर आधारित थी?
- हैरोड-डोमर मॉडल
- महालनोबिस मॉडल
- गाडगिल मॉडल
- राव-मनमोहन मॉडल
उत्तर एवं व्याख्या
दूसरी योजना (1956–61) सांख्यिकीविद् पी.सी. महालनोबिस के मॉडल पर आधारित थी, जिसमें भारी और मूल उद्योगों पर ज़ोर था। हैरोड-डोमर मॉडल पहली योजना का, गाडगिल फ़ॉर्मूला राज्यों को केंद्रीय सहायता के बँटवारे का और राव-मनमोहन मॉडल आठवीं योजना/1991 सुधारों से जुड़ा है।
उत्तर: (B) महालनोबिस मॉडल
NITI आयोग ने किस संस्था का स्थान लिया?
- वित्त आयोग
- राष्ट्रीय विकास परिषद
- योजना आयोग
- अंतरराज्यीय परिषद
उत्तर एवं व्याख्या
1 जनवरी 2015 को NITI आयोग ने 1950 में बने योजना आयोग का स्थान लिया। वित्त आयोग संवैधानिक निकाय है और अब भी कार्यरत है। राष्ट्रीय विकास परिषद योजनाओं को मंज़ूरी देती थी और अंतरराज्यीय परिषद अनुच्छेद 263 के तहत है।
उत्तर: (C) योजना आयोग
मनरेगा के अंतर्गत एक ग्रामीण परिवार को वर्ष में कितने दिन रोज़गार की गारंटी है?
- 50 दिन
- 100 दिन
- 150 दिन
- 200 दिन
उत्तर एवं व्याख्या
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005 के तहत इच्छुक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को एक वित्त वर्ष में 100 दिन के अकुशल श्रम की कानूनी गारंटी है। सूखा प्रभावित या आपदा क्षेत्रों में यह 150 दिन तक बढ़ाया जा सकता है, पर सामान्य गारंटी 100 दिन है।
उत्तर: (B) 100 दिन
मानव विकास सूचकांक (HDI) कौन-सी संस्था प्रकाशित करती है?
- विश्व बैंक
- IMF
- UNDP
- WTO
उत्तर एवं व्याख्या
HDI संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) अपनी मानव विकास रिपोर्ट में 1990 से प्रकाशित करता है। इसकी अवधारणा महबूब-उल-हक ने दी थी। विश्व बैंक विश्व विकास रिपोर्ट और IMF विश्व आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट जारी करता है।
उत्तर: (C) UNDP
निम्न में से कौन-सा प्रत्यक्ष कर है?
- GST
- सीमा शुल्क
- आयकर
- उत्पाद शुल्क
उत्तर एवं व्याख्या
आयकर का भार उसी व्यक्ति पर पड़ता है जो कर चुकाता है, इसलिए यह प्रत्यक्ष कर है। GST, सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क का भार अंततः उपभोक्ता पर डाल दिया जाता है, इसलिए ये अप्रत्यक्ष कर हैं।
उत्तर: (C) आयकर
भारत में 14 प्रमुख बैंकों का राष्ट्रीयकरण कब हुआ?
- 1955
- 1969
- 1975
- 1980
उत्तर एवं व्याख्या
19 जुलाई 1969 को इंदिरा गांधी सरकार ने 50 करोड़ रुपये से अधिक जमा वाले 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया। 1955 में इम्पीरियल बैंक SBI बना, 1975 में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक बने और 1980 में 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ।
उत्तर: (B) 1969
महँगाई (मुद्रास्फीति) को नियंत्रित करने के लिए RBI क्या करेगा?
- रेपो दर घटाएगा
- CRR बढ़ाएगा
- सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदेगा
- SLR घटाएगा
उत्तर एवं व्याख्या
CRR बढ़ाने से बैंकों को अपनी जमा का अधिक भाग RBI के पास रखना पड़ता है, उनकी ऋण देने की क्षमता घटती है और बाज़ार में मुद्रा की मात्रा कम होकर महँगाई घटती है। रेपो या SLR घटाने और प्रतिभूतियाँ खरीदने से मुद्रा आपूर्ति बढ़ती है, जिससे महँगाई और बढ़ेगी।
उत्तर: (B) CRR बढ़ाएगा
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. GST परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं। 2. GST एक गंतव्य आधारित कर है। 3. पेट्रोलियम उत्पाद GST के दायरे में हैं।
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या
कथन 1 और 2 सही हैं — अनुच्छेद 279A के तहत GST परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री हैं और GST उपभोग वाले राज्य (गंतव्य) को राजस्व देता है। कथन 3 गलत है, क्योंकि पेट्रोल, डीज़ल जैसे पेट्रोलियम उत्पाद अभी GST से बाहर हैं।
उत्तर: (A) केवल 1 और 2
किसी देश का GDP ₹500 करोड़ है, विदेशों से शुद्ध साधन आय ₹20 करोड़ और मूल्य ह्रास ₹30 करोड़ है। उसका NNP कितना होगा?
- ₹450 करोड़
- ₹490 करोड़
- ₹520 करोड़
- ₹550 करोड़
उत्तर एवं व्याख्या
पहले GNP निकालें: GNP = GDP + शुद्ध विदेशी साधन आय = 500 + 20 = ₹520 करोड़। फिर NNP = GNP − मूल्य ह्रास = 520 − 30 = ₹490 करोड़। ₹520 करोड़ GNP है, NNP नहीं; ₹450 करोड़ में विदेशी आय गलत तरीके से घटाई गई है।
उत्तर: (B) ₹490 करोड़
15. त्वरित पुनरावृत्ति
- मिश्रित अर्थव्यवस्था; GDP में सेवा क्षेत्र सबसे आगे, रोज़गार में कृषि।
- GNP = GDP + शुद्ध विदेशी आय; NNP = GNP − मूल्य ह्रास; NSO आकलन करता है।
- मुद्रास्फीति: CPI आधारित लक्ष्य 4% ± 2%; रेपो-CRR-SLR बढ़ाने से महँगाई घटती।
- RBI 1935, राष्ट्रीयकरण 1949; बैंक राष्ट्रीयकरण 1969; NABARD 1982; SEBI 1992 (वैधानिक)।
- बजट अनुच्छेद 112; GST 1 जुलाई 2017, 101वाँ संशोधन।
- योजना आयोग 1950 → NITI 2015; दूसरी योजना महालनोबिस; 1991 LPG।
- मनरेगा 100 दिन; PM-KISAN ₹6000; आयुष्मान ₹5 लाख; बिहार — सात निश्चय, मद्यनिषेध 2016।