1. अध्याय एक नज़र में
भौतिकी (Physics) अग्निवीर परीक्षाओं का बहुत महत्वपूर्ण भाग है। Air Force Group X में Physics के 25 प्रश्न (कक्षा 11–12 स्तर), Navy SSR में Science के लगभग 25 प्रश्न, Army Technical में Physics के लगभग 15 और Army GD में सामान्य विज्ञान के 5–8 प्रश्न आते हैं। प्रश्न दो प्रकार के होते हैं — अवधारणा (Concept), जैसे "बर्फ पानी पर क्यों तैरती है?", और संख्यात्मक (Numerical), जैसे "5 kg द्रव्यमान पर 10 N बल से त्वरण कितना होगा?"। इस अध्याय में हर विषय की अवधारणा, सूत्र और हल किए गए उदाहरण दिए गए हैं। तकनीकी शब्द English में रखे गए हैं ताकि प्रश्नपत्र पढ़ने में कठिनाई न हो।
- पहले मात्रक (Units) और मूल सूत्र याद करें — मास्टर सूत्र सारणी रोज़ एक बार पढ़ें।
- हर सूत्र के साथ एक उदाहरण हल करें; केवल रटने से संख्यात्मक प्रश्न नहीं बनते।
- रोज़मर्रा की घटनाओं (आसमान नीला क्यों, पहाड़ पर खाना देर से क्यों पकता है) को सिद्धांत से जोड़ें।
2. मात्रक और विमा (Units and Dimensions)
SI पद्धति के 7 मूल मात्रक: मीटर (लंबाई), किलोग्राम (द्रव्यमान), सेकंड (समय), एम्पियर (विद्युत धारा), केल्विन (ताप), मोल (पदार्थ की मात्रा), कैंडेला (ज्योति तीव्रता)।
| राशि | SI मात्रक | राशि | SI मात्रक |
|---|---|---|---|
| बल (Force) | न्यूटन (N) | दाब (Pressure) | पास्कल (Pa) |
| कार्य / ऊर्जा | जूल (J) | शक्ति (Power) | वाट (W) |
| आवेश (Charge) | कूलॉम (C) | विभवांतर | वोल्ट (V) |
| प्रतिरोध | ओम (Ω) | आवृत्ति | हर्ट्ज़ (Hz) |
| लेंस की क्षमता | डायॉप्टर (D) | चुंबकीय क्षेत्र | टेस्ला (T) |
- अदिश राशि (Scalar) — केवल परिमाण: द्रव्यमान, चाल, दूरी, ऊर्जा, समय। सदिश राशि (Vector) — परिमाण और दिशा: विस्थापन, वेग, त्वरण, बल, संवेग।
- प्रकाश वर्ष, खगोलीय इकाई (AU) और पारसेक — तीनों दूरी के मात्रक हैं। 1 अश्व शक्ति (HP) = 746 वाट। 1 किलोवाट-घंटा (1 यूनिट) = 3.6 × 10⁶ जूल।
3. गति (Motion)
- चाल = दूरी/समय; वेग = विस्थापन/समय; त्वरण a = (v − u)/t। 1 km/h = 5/18 m/s।
- एकसमान त्वरण के गति समीकरण: v = u + at; s = ut + ½at²; v² = u² + 2as।
- मुक्त रूप से गिरती वस्तु (Free fall) में u = 0, a = g ≈ 9.8 m/s² (गणना में अक्सर 10)। वायु प्रतिरोध न हो तो भारी और हल्की वस्तुएँ एक साथ गिरती हैं।
- ऊपर फेंकी गई वस्तु की अधिकतम ऊँचाई h = u²/2g और ऊपर जाने में समय t = u/g।
एक कार विराम से चलकर 5 सेकंड में 20 m/s का वेग प्राप्त करती है। त्वरण और तय दूरी?
a = (20 − 0)/5 = 4 m/s²; s = ½ × 4 × 5² = 50 m।
4. न्यूटन के गति नियम, संवेग और बल
- पहला नियम (जड़त्व का नियम): कोई वस्तु तब तक विराम या एकसमान गति में रहती है जब तक बाहरी बल न लगे। उदाहरण: बस अचानक चलने पर यात्री पीछे झुकते हैं; कंबल झाड़ने पर धूल गिर जाती है।
- दूसरा नियम: F = ma = संवेग में परिवर्तन की दर। 1 न्यूटन = 1 kg × 1 m/s²।
- तीसरा नियम: हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। उदाहरण: रॉकेट का चलना, बंदूक का पीछे धक्का (Recoil), तैरना, नाव से कूदने पर नाव का पीछे खिसकना।
- संवेग p = mv; बाहरी बल न हो तो कुल संवेग संरक्षित रहता है। आवेग (Impulse) = बल × समय = संवेग में परिवर्तन — इसी कारण क्रिकेटर गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचता है (समय बढ़ाकर बल घटाना)।
- घर्षण गति का विरोध करता है; बॉल बेयरिंग और स्नेहक (Lubricant) से घर्षण घटता है। लोटनिक (Rolling) घर्षण सबसे कम होता है।
- अभिकेंद्र बल (Centripetal) वृत्ताकार गति के लिए केंद्र की ओर लगता है: F = mv²/r। मोड़ पर सड़कों को ढलवाँ (Banking) बनाया जाता है।
5. कार्य, ऊर्जा और शक्ति
- कार्य W = F × s × cos θ। बल और विस्थापन लंबवत हों तो कार्य शून्य (समतल सड़क पर बोझ ले जाते कुली द्वारा गुरुत्व के विरुद्ध कार्य शून्य)।
- गतिज ऊर्जा KE = ½mv² — वेग दोगुना होने पर ऊर्जा चार गुनी। स्थितिज ऊर्जा PE = mgh।
- ऊर्जा संरक्षण: ऊर्जा न बनाई जा सकती है न नष्ट की जा सकती है, केवल रूप बदलती है। ऊँचाई से गिरती वस्तु की स्थितिज ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदलती है।
- शक्ति P = कार्य/समय। ऊर्जा रूपांतरण: डायनमो — यांत्रिक से विद्युत; मोटर — विद्युत से यांत्रिक; बल्ब — विद्युत से प्रकाश और ऊष्मा; बैटरी — रासायनिक से विद्युत।
6. गुरुत्वाकर्षण, दाब और तरल
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम: F = Gm₁m₂/r²। दूरी दोगुनी होने पर बल एक-चौथाई रह जाता है।
- g का मान ध्रुवों पर अधिकतम और भूमध्य रेखा पर न्यूनतम; ऊँचाई और गहराई बढ़ने पर घटता है; पृथ्वी के केंद्र पर शून्य। चंद्रमा पर g पृथ्वी का लगभग 1/6।
- द्रव्यमान हर जगह समान रहता है (kg); भार = mg बदलता है (N)। चंद्रमा पर 60 kg व्यक्ति का द्रव्यमान 60 kg ही रहेगा, पर भार लगभग 100 N होगा।
- पलायन वेग (पृथ्वी) ≈ 11.2 km/s। भू-स्थिर उपग्रह पृथ्वी की परिक्रमा 24 घंटे में करता है (ऊँचाई लगभग 36,000 km)।
- दाब = बल/क्षेत्रफल — नुकीली कील और धारदार चाकू कम क्षेत्रफल पर अधिक दाब डालते हैं; ऊँट के चौड़े पैर रेत में नहीं धँसते।
- द्रव का दाब = hρg — बाँध की दीवार नीचे मोटी बनाई जाती है। पास्कल का नियम — हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट।
- आर्किमिडीज़ का सिद्धांत: द्रव में डूबी वस्तु के भार में आभासी कमी = विस्थापित द्रव का भार। जहाज़ तैरता है क्योंकि वह अपने भार के बराबर पानी हटाता है; समुद्र के खारे पानी में तैरना आसान है (घनत्व अधिक)।
- पृष्ठ तनाव से वर्षा की बूँदें गोल होती हैं; केशिकत्व से लालटेन की बत्ती में तेल चढ़ता है; बर्नूली सिद्धांत से हवाई जहाज़ को उत्थापन (Lift) मिलता है।
7. ऊष्मा और ताप
- ताप पैमाने: °F = 9/5 × °C + 32; K = °C + 273। −40° पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट बराबर। शरीर का सामान्य ताप 37°C = 98.6°F।
- ऊष्मा संचरण: चालन (ठोस में — धातु का चम्मच गर्म), संवहन (द्रव-गैस में — समुद्री समीर), विकिरण (माध्यम की आवश्यकता नहीं — सूर्य की गर्मी)।
- पानी का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है (असंगत प्रसार), इसलिए झीलें ऊपर से जमती हैं और जलीय जीव नीचे जीवित रहते हैं।
- दाब घटने पर क्वथनांक घटता है — पहाड़ों पर खाना देर से पकता है; प्रेशर कुकर में दाब बढ़ने से क्वथनांक बढ़ता है।
- 100°C की भाप से जलना उतने ही ताप के पानी से अधिक कष्टदायक है, क्योंकि भाप में गुप्त ऊष्मा (Latent heat) होती है।
- ऊष्मा Q = mcΔT; पानी की विशिष्ट ऊष्मा अधिक (4200 J/kg°C) होने से तटीय क्षेत्रों की जलवायु सम रहती है।
8. ध्वनि (Sound)
- ध्वनि यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंग है; निर्वात में नहीं चलती। चाल: ठोस > द्रव > गैस (वायु ≈ 340 m/s, जल ≈ 1500 m/s, स्टील ≈ 5000 m/s)।
- श्रव्य परास 20 Hz – 20,000 Hz; इससे कम अपश्रव्य (भूकंप, हाथी), अधिक पराश्रव्य (चमगादड़, SONAR, अल्ट्रासाउंड जाँच)।
- तारत्व (Pitch) आवृत्ति पर, प्रबलता (Loudness) आयाम पर निर्भर; प्रबलता का मात्रक डेसिबल (dB)।
- प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह कम से कम लगभग 17 m दूर होनी चाहिए। तरंग की चाल v = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य।
- नौसेना की पनडुब्बियाँ खोजने में SONAR (Sound Navigation and Ranging) का उपयोग होता है।
9. प्रकाश (Light)
- निर्वात में प्रकाश की चाल 3 × 10⁸ m/s। अपवर्तनांक n = c/v (काँच ≈ 1.5, जल ≈ 1.33)।
- परावर्तन: समतल दर्पण में प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर, सीधा और समान आकार का। अवतल दर्पण — टॉर्च, हेडलाइट, दाढ़ी बनाने का दर्पण; उत्तल दर्पण — वाहनों का पश्चदृश्य दर्पण (बड़ा दृश्य क्षेत्र)।
- अपवर्तन: पानी में डूबी छड़ मुड़ी दिखती है; तारे टिमटिमाते हैं (वायुमंडलीय अपवर्तन)।
- पूर्ण आंतरिक परावर्तन: हीरे की चमक, ऑप्टिकल फाइबर, मरीचिका।
- प्रकीर्णन: आकाश नीला दिखता है; सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सूर्य लाल; खतरे के संकेत लाल रंग के होते हैं (लाल का प्रकीर्णन सबसे कम)।
- वर्ण विक्षेपण: प्रिज़्म से सफ़ेद प्रकाश सात रंगों (VIBGYOR) में बँटता है; इंद्रधनुष इसी से बनता है।
- लेंस: उत्तल (अभिसारी) और अवतल (अपसारी)। क्षमता P = 1/f (f मीटर में); उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक।
- दृष्टि दोष: निकट दृष्टि दोष (Myopia) — दूर की वस्तु नहीं दिखती, अवतल लेंस; दूर दृष्टि दोष (Hypermetropia) — पास की वस्तु नहीं दिखती, उत्तल लेंस; जरा-दूरदर्शिता — द्विफोकसी लेंस।
10. विद्युत और चुंबकत्व
- ओम का नियम: V = IR। प्रतिरोध R = ρL/A — लंबाई दोगुनी तो प्रतिरोध दोगुना; मोटाई (क्षेत्रफल) दोगुनी तो आधा।
- श्रेणी क्रम: R = R₁ + R₂ (धारा समान)। समांतर क्रम: 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ (विभवांतर समान)। घरों में उपकरण समांतर क्रम में जुड़े होते हैं।
- विद्युत शक्ति P = VI = I²R = V²/R। ऊर्जा (यूनिट) = kW × घंटे।
- जूल का तापन नियम H = I²Rt — हीटर, इस्त्री, फ्यूज़। फ्यूज़ तार कम गलनांक वाला होता है और श्रेणी क्रम में लगता है।
- भारत में घरेलू आपूर्ति 220–230 V, 50 Hz AC। ट्रांसफ़ॉर्मर केवल AC पर काम करता है।
- विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव (ओर्स्टेड); विद्युत चुंबक में नरम लोहे का क्रोड। फ़ैराडे का विद्युत चुंबकीय प्रेरण — जनित्र (Generator) का सिद्धांत।
- चालक: चाँदी (सबसे अच्छा), तांबा, एल्युमिनियम; अर्धचालक: सिलिकॉन, जर्मेनियम; कुचालक: रबर, काँच, लकड़ी।
11. आधुनिक भौतिकी (संक्षेप में)
- विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम (बढ़ती आवृत्ति): रेडियो → माइक्रोवेव → अवरक्त → दृश्य प्रकाश → पराबैंगनी → X-किरणें → गामा किरणें।
- रेडियोधर्मिता की खोज हेनरी बेकरेल ने की; अल्फ़ा, बीटा, गामा किरणें — गामा की भेदन क्षमता सबसे अधिक।
- नाभिकीय विखंडन (Fission) — परमाणु रिएक्टर और परमाणु बम; नाभिकीय संलयन (Fusion) — सूर्य की ऊर्जा और हाइड्रोजन बम।
- RADAR रेडियो तरंगों से विमानों का पता लगाता है; रात में देखने वाले उपकरण (Night vision) अवरक्त किरणों का उपयोग करते हैं।
12. सरल मशीनें, उत्तोलक, बल आघूर्ण और गुरुत्व केंद्र
सरल मशीन (simple machine) ऐसा उपकरण है जिससे कम बल लगाकर अधिक भार उठाया जा सके या बल की दिशा बदली जा सके। जवान रोज़ इनका उपयोग करते हैं — जैक से गाड़ी उठाना, घिरनी से सामान चढ़ाना या ढलान से भारी सामान ट्रक में चढ़ाना। ध्यान रखें: मशीन कार्य कम नहीं करती; बल घटता है तो दूरी बढ़ जाती है।
- यांत्रिक लाभ (Mechanical Advantage) = भार (Load)/आयास (Effort)। यदि यह 1 से अधिक हो तो मशीन बल बढ़ाती है।
- दक्षता (Efficiency) = (निर्गत कार्य/निवेश कार्य) × 100%। घर्षण के कारण वास्तविक मशीन की दक्षता हमेशा 100% से कम होती है।
- बल आघूर्ण (Torque) = बल × घूर्णन अक्ष से लंबवत दूरी। इसीलिए दरवाज़े का हैंडल कब्ज़े से सबसे दूर लगाया जाता है।
- उत्तोलक का सिद्धांत: भार × भार भुजा = आयास × आयास भुजा।
| उत्तोलक का प्रकार | बीच में क्या होता है | उदाहरण | यांत्रिक लाभ |
|---|---|---|---|
| प्रथम श्रेणी | आलंब (fulcrum) — भार और आयास के बीच | कैंची, सी-सॉ, प्लास, तराज़ू | 1 से अधिक, कम या बराबर |
| द्वितीय श्रेणी | भार — आलंब और आयास के बीच | सरौता, पहिया-गाड़ी (wheelbarrow), बोतल ओपनर | हमेशा 1 से अधिक |
| तृतीय श्रेणी | आयास — आलंब और भार के बीच | चिमटा, मछली पकड़ने की बंसी, मनुष्य की अग्रबाहु | हमेशा 1 से कम (पर गति अधिक) |
- नत समतल (Inclined plane): ढलान जितनी कम, बल उतना कम; पहाड़ी सड़कें इसीलिए घुमावदार बनाई जाती हैं।
- घिरनी (Pulley): एक स्थिर घिरनी केवल बल की दिशा बदलती है (यांत्रिक लाभ 1); घिरनियों के समूह से यांत्रिक लाभ बढ़ता है।
- पेंच (Screw) और पच्चर (Wedge) — जैक और कुल्हाड़ी इन्हीं पर काम करते हैं।
- पहिया और धुरी — स्टीयरिंग व्हील, पेचकस।
गुरुत्व केंद्र वह बिंदु है जहाँ वस्तु का पूरा भार केंद्रित माना जा सकता है। वस्तु का आधार जितना चौड़ा और गुरुत्व केंद्र जितना नीचा होगा, वह उतनी ही स्थिर होगी। इसीलिए बसों में भारी सामान नीचे रखा जाता है, टैंक और तोपें चौड़े आधार वाली होती हैं, और पहाड़ पर चढ़ते समय व्यक्ति आगे की ओर झुकता है ताकि गुरुत्व केंद्र आधार के ऊपर रहे। भारी पिट्ठू (backpack) उठाकर चलते समय भी जवान थोड़ा आगे झुकता है।
एक उत्तोलक में 600 N का भार आलंब से 0.5 m दूर है और आयास आलंब से 2 m दूर लगाया जाता है। आवश्यक आयास = (600 × 0.5)/2 = 150 N। यांत्रिक लाभ = 600/150 = 4। आयास भुजा भार भुजा से जितनी लंबी, बल उतना कम।
- गाड़ी का पहिया बदलने के लिए लंबे रिंच से नट खोलना आसान होता है — लंबी भुजा से अधिक बल आघूर्ण मिलता है।
- पानी के टैंक को ढलान (नत समतल) पर लुढ़काकर ट्रक में चढ़ाना सीधे उठाने से आसान है, भले ही दूरी अधिक हो।
- स्क्रू जैक में पेंच की चूड़ियों के कारण थोड़े बल से भारी वाहन उठ जाता है।
- रस्सी पर संतुलन बनाते समय हाथ फैलाने से गुरुत्व केंद्र नियंत्रित रहता है।
- दौड़ते समय मोड़ पर शरीर अंदर की ओर झुकाना पड़ता है, ताकि आवश्यक अभिकेंद्र बल मिल सके।
13. मास्टर सूत्र सारणी
| विषय | सूत्र | याद रखने का संकेत |
|---|---|---|
| गति | v = u + at; s = ut + ½at²; v² = u² + 2as | "वूट, सूट, वसा" |
| बल | F = ma | 1 N = 1 kg·m/s² |
| संवेग | p = mv; आवेग = FΔt | संरक्षित रहता है |
| कार्य | W = Fs cos θ | लंबवत हो तो शून्य |
| ऊर्जा | KE = ½mv²; PE = mgh | v दोगुना → KE चार गुना |
| शक्ति | P = W/t; 1 HP = 746 W | — |
| गुरुत्वाकर्षण | F = Gm₁m₂/r² | दूरी दोगुनी → बल 1/4 |
| भार | W = mg | चंद्रमा पर 1/6 |
| दाब | P = F/A; द्रव दाब = hρg | — |
| ताप | °F = 1.8°C + 32; K = °C + 273 | −40° दोनों में बराबर |
| ऊष्मा | Q = mcΔT | पानी c = 4200 |
| तरंग | v = fλ | — |
| अपवर्तनांक | n = c/v | — |
| लेंस क्षमता | P = 1/f (मीटर) | उत्तल +, अवतल − |
| ओम का नियम | V = IR | "वीर" = V, I, R |
| प्रतिरोध | श्रेणी R₁ + R₂; समांतर R₁R₂/(R₁ + R₂) | — |
| विद्युत शक्ति | P = VI = I²R = V²/R | यूनिट = kWh |
| तापन | H = I²Rt | फ्यूज़, हीटर |
14. मास्टर सारांश सारणी
| विषय | मुख्य अवधारणाएँ | Air Force X | Navy / Army Tech | Army GD |
|---|---|---|---|---|
| मात्रक, गति | SI मात्रक, गति समीकरण | 4–5 | 3–4 | 1 |
| बल, ऊर्जा | न्यूटन के नियम, संवेग, कार्य-ऊर्जा | 4–5 | 3–4 | 1 |
| गुरुत्व, तरल | g, भार, दाब, आर्किमिडीज़ | 3–4 | 2–3 | 1 |
| ऊष्मा, ध्वनि | ताप पैमाने, संचरण, ध्वनि गुण | 3–4 | 2–3 | 1–2 |
| प्रकाश | दर्पण, लेंस, दृष्टि दोष, प्रकीर्णन | 4–5 | 3–4 | 1–2 |
| विद्युत, चुंबकत्व | ओम का नियम, श्रेणी-समांतर, प्रेरण | 4–5 | 3–4 | 1 |
15. माइंड मैप
- मात्रक, गति
- न्यूटन के नियम
- कार्य, ऊर्जा, शक्ति
- गुरुत्वाकर्षण
- दाब, पास्कल
- आर्किमिडीज़
- ताप, संचरण
- ध्वनि
- प्रकाश, लेंस
- दृष्टि दोष
- ओम का नियम
- श्रेणी-समांतर
- चुंबकत्व, प्रेरण
16. टिप्स एवं ट्रिक्स
- संख्यात्मक प्रश्न में सबसे पहले मात्रक एक जैसे करें — km/h को m/s में (× 5/18), ग्राम को kg में, सेमी को मीटर में।
- प्रतिध्वनि में दूरी निकालते समय कुल समय को 2 से भाग दें — ध्वनि जाती भी है और लौटती भी है।
- n समान प्रतिरोध R समांतर में हों तो कुल R/n, श्रेणी में nR।
- "क्यों" वाले प्रश्नों में पहले सिद्धांत पहचानें — जड़त्व, दाब, अपवर्तन, प्रकीर्णन — फिर विकल्प चुनें।
- निकट दृष्टि दोष = "दूर नहीं दिखता" = अवतल (−); दूर दृष्टि दोष = "पास नहीं दिखता" = उत्तल (+)।
- द्रव्यमान और भार को एक समझना — चंद्रमा पर द्रव्यमान नहीं, भार बदलता है।
- प्रकाश वर्ष को समय का मात्रक मान लेना — यह दूरी का मात्रक है।
- शक्ति की गणना में मिनट को सेकंड में न बदलना।
17. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- बल का SI मात्रक न्यूटन और दाब का पास्कल है।
- प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक है।
- जड़त्व वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करता है।
- रॉकेट न्यूटन के तीसरे नियम पर काम करता है।
- वेग दोगुना करने पर गतिज ऊर्जा चार गुनी हो जाती है।
- पृथ्वी के केंद्र पर g का मान शून्य होता है।
- बर्फ पानी पर तैरती है क्योंकि उसका घनत्व पानी से कम है।
- पानी का घनत्व 4°C पर अधिकतम होता है।
- ध्वनि निर्वात में नहीं चल सकती।
- चमगादड़ पराश्रव्य ध्वनि से रास्ता पहचानते हैं।
- आकाश का नीला रंग प्रकाश के प्रकीर्णन के कारण है।
- हीरे की चमक पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण है।
- वाहनों में पीछे देखने के लिए उत्तल दर्पण लगाया जाता है।
- फ्यूज़ विद्युत धारा के तापन प्रभाव पर काम करता है।
- ट्रांसफ़ॉर्मर केवल प्रत्यावर्ती धारा (AC) पर काम करता है।
- सूर्य की ऊर्जा का स्रोत नाभिकीय संलयन है।
18. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
बल का SI मात्रक क्या है?
- जूल
- न्यूटन
- वाट
- पास्कल
उत्तर एवं व्याख्या
बल का मात्रक न्यूटन है (1 N = 1 kg × 1 m/s²)। जूल ऊर्जा का, वाट शक्ति का और पास्कल दाब का मात्रक है।
उत्तर: (B) न्यूटन
10 kg द्रव्यमान की वस्तु पर 50 N बल लगाने से उत्पन्न त्वरण कितना होगा?
- 500 m/s²
- 5 m/s²
- 0.2 m/s²
- 60 m/s²
उत्तर एवं व्याख्या
F = ma ⇒ a = F/m = 50/10 = 5 m/s²। 500 गुणा करने की और 0.2 उल्टा भाग देने की गलती है।
उत्तर: (B) 5 m/s²
बस के अचानक चलने पर यात्री पीछे की ओर झुक जाते हैं। इसका कारण है:
- गति का जड़त्व
- विराम का जड़त्व
- गुरुत्वाकर्षण
- घर्षण
उत्तर एवं व्याख्या
यात्री का शरीर विराम में रहना चाहता है जबकि बस आगे बढ़ जाती है — यह विराम का जड़त्व है। अचानक ब्रेक लगने पर आगे झुकना गति का जड़त्व है।
उत्तर: (B) विराम का जड़त्व
विराम से मुक्त रूप से गिरती वस्तु 2 सेकंड में कितनी दूरी तय करेगी? (g = 10 m/s²)
- 10 m
- 20 m
- 40 m
- 5 m
उत्तर एवं व्याख्या
s = ut + ½gt² = 0 + ½ × 10 × 4 = 20 m। 2 सेकंड बाद वेग 20 m/s होगा — दोनों मान 20 हैं पर अर्थ अलग है।
उत्तर: (B) 20 m
चंद्रमा पर किसी वस्तु का भार पृथ्वी की तुलना में लगभग कितना होता है?
- समान
- 1/6
- 6 गुना
- आधा
उत्तर एवं व्याख्या
चंद्रमा का गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी का लगभग 1/6 है, इसलिए भार (mg) भी 1/6 रह जाता है। द्रव्यमान नहीं बदलता।
उत्तर: (B) 1/6
पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए नौसेना किसका उपयोग करती है?
- RADAR
- SONAR
- LIDAR
- X-किरणें
उत्तर एवं व्याख्या
SONAR पराश्रव्य ध्वनि तरंगें भेजकर पानी के भीतर वस्तुओं का पता लगाता है। रेडियो तरंगें पानी में जल्दी अवशोषित हो जाती हैं, इसलिए RADAR मुख्यतः हवा में विमानों के लिए है।
उत्तर: (B) SONAR
पहाड़ों पर खाना देर से पकता है, क्योंकि:
- वहाँ ऑक्सीजन कम है
- वायुदाब कम होने से पानी कम ताप पर उबलता है
- वहाँ गुरुत्व अधिक है
- वहाँ ठंड अधिक है
उत्तर एवं व्याख्या
ऊँचाई पर वायुदाब कम होता है, इसलिए पानी 100°C से कम ताप पर उबल जाता है; कम ताप पर भोजन देर से पकता है। प्रेशर कुकर दाब बढ़ाकर क्वथनांक बढ़ाता है।
उत्तर: (B)
निकट दृष्टि दोष को किस लेंस से ठीक किया जाता है?
- उत्तल लेंस
- अवतल लेंस
- बेलनाकार लेंस
- द्विफोकसी लेंस
उत्तर एवं व्याख्या
निकट दृष्टि दोष में दूर की वस्तु का प्रतिबिंब रेटिना के आगे बनता है; अवतल (अपसारी) लेंस किरणों को फैलाकर उसे रेटिना पर लाता है। उत्तल लेंस दूर दृष्टि दोष में लगता है।
उत्तर: (B) अवतल लेंस
50 सेमी फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की क्षमता कितनी है?
- +0.5 D
- +2 D
- −2 D
- +50 D
उत्तर एवं व्याख्या
P = 1/f, जहाँ f मीटर में: 50 सेमी = 0.5 मी, अतः P = 1/0.5 = +2 D। उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक होती है।
उत्तर: (B) +2 D
4 Ω के तीन प्रतिरोध समांतर क्रम में जोड़े गए हैं। कुल प्रतिरोध कितना होगा?
- 12 Ω
- 4/3 Ω
- 3/4 Ω
- 4 Ω
उत्तर एवं व्याख्या
समान प्रतिरोध R के n प्रतिरोध समांतर में हों तो कुल = R/n = 4/3 Ω। श्रेणी क्रम में यह 12 Ω होता।
उत्तर: (B) 4/3 Ω
1000 W का हीटर प्रतिदिन 3 घंटे चलता है। 10 दिनों में कितनी यूनिट बिजली खर्च होगी?
- 3 यूनिट
- 30 यूनिट
- 300 यूनिट
- 3000 यूनिट
उत्तर एवं व्याख्या
1000 W = 1 kW; प्रतिदिन 1 × 3 = 3 kWh; 10 दिनों में 30 kWh = 30 यूनिट।
उत्तर: (B) 30 यूनिट
विद्युत जनित्र (Generator) किस सिद्धांत पर काम करता है?
- विद्युत धारा का तापन प्रभाव
- विद्युत चुंबकीय प्रेरण
- प्रकाश विद्युत प्रभाव
- पृष्ठ तनाव
उत्तर एवं व्याख्या
जनित्र में चुंबकीय क्षेत्र में कुंडली घुमाने से धारा उत्पन्न होती है — यह फ़ैराडे का विद्युत चुंबकीय प्रेरण है। तापन प्रभाव पर हीटर और फ्यूज़ काम करते हैं।
उत्तर: (B)
एक व्यक्ति खड़ी चट्टान के सामने ताली बजाता है और 3 सेकंड बाद प्रतिध्वनि सुनता है। ध्वनि की चाल 340 m/s हो, तो चट्टान की दूरी कितनी है?
- 1020 m
- 510 m
- 340 m
- 113 m
उत्तर एवं व्याख्या
ध्वनि चट्टान तक जाकर लौटती है: 2d = v × t = 340 × 3 = 1020 m, इसलिए d = 510 m। 1020 m को दूरी मान लेना सामान्य गलती है।
उत्तर: (B) 510 m
सरौता (nutcracker) किस श्रेणी का उत्तोलक है?
- द्वितीय श्रेणी
- प्रथम श्रेणी
- तृतीय श्रेणी
- यह उत्तोलक नहीं है
उत्तर एवं व्याख्या
सरौते में भार (सुपारी) आलंब और आयास के बीच होता है, इसलिए यह द्वितीय श्रेणी का उत्तोलक है। कैंची प्रथम श्रेणी और चिमटा तृतीय श्रेणी का उत्तोलक है।
उत्तर: (A) द्वितीय श्रेणी
एक उत्तोलक में 600 N का भार आलंब से 0.5 m दूर है। आलंब से 2 m दूर कितना आयास लगाना होगा?
- 150 N
- 300 N
- 2400 N
- 600 N
उत्तर एवं व्याख्या
उत्तोलक के सिद्धांत से: भार × भार भुजा = आयास × आयास भुजा, यानी 600 × 0.5 = E × 2, इसलिए E = 150 N। यांत्रिक लाभ 4 है।
उत्तर: (A) 150 N
दरवाज़े का हैंडल कब्ज़े (hinge) से सबसे दूर क्यों लगाया जाता है?
- ताकि कम बल से अधिक बल आघूर्ण मिले
- ताकि दरवाज़ा भारी लगे
- ताकि घर्षण बढ़े
- ताकि गुरुत्व केंद्र ऊपर जाए
उत्तर एवं व्याख्या
बल आघूर्ण = बल × घूर्णन अक्ष से दूरी। दूरी अधिक होने पर उतने ही घूर्णन प्रभाव के लिए कम बल लगाना पड़ता है, इसलिए हैंडल कब्ज़े से दूर लगाया जाता है।
उत्तर: (A) ताकि कम बल से अधिक बल आघूर्ण मिले
19. त्वरित पुनरावृत्ति सारांश
- SI के 7 मूल मात्रक; अदिश और सदिश; प्रकाश वर्ष दूरी का मात्रक।
- गति के तीन समीकरण; न्यूटन के तीन नियम और रोज़ के उदाहरण; संवेग संरक्षण।
- कार्य-ऊर्जा-शक्ति; KE ∝ v²; ऊर्जा रूपांतरण के उपकरण।
- g का परिवर्तन, द्रव्यमान बनाम भार, दाब, पास्कल, आर्किमिडीज़।
- ताप पैमाने, ऊष्मा संचरण, पानी का असंगत प्रसार, क्वथनांक और दाब।
- ध्वनि: माध्यम आवश्यक, श्रव्य परास, SONAR; प्रकाश: दर्पण, लेंस, दृष्टि दोष, प्रकीर्णन।
- विद्युत: V = IR, श्रेणी-समांतर, P = VI, फ्यूज़, जनित्र-मोटर, ट्रांसफ़ॉर्मर।