बिहार पुलिस SI · मुख्य परीक्षा — पेपर 2 (सामान्य अध्ययन) · अध्याय 1

सामान्य विज्ञान: भौतिकी एवं रसायन

General Science: Physics and Chemistry

गति, बल, कार्य-ऊर्जा, ध्वनि, प्रकाश, विद्युत धारा, चुंबकत्व, परमाणु संरचना, धातु-अधातु, कार्बन और अम्ल-क्षार-लवण।

परीक्षा में: 10–12 प्रश्न 32 मिनट

1. अध्याय एक नज़र में

मुख्य परीक्षा पेपर 2 (सामान्य अध्ययन) मेरिट का पेपर है — इसी के अंकों से अंतिम चयन होता है। BPSSC के पाठ्यक्रम में सामान्य विज्ञान के विषय स्पष्ट दिए गए हैं: ध्वनि, प्रकाश, विद्युत, चुंबक, गति, बल, कार्य-ऊर्जा, ब्रह्मांड, परमाणु, धातु, कार्बन, अम्ल-क्षार, मिट्टी, पर्यावरण, प्रदूषण। ये सभी NCERT कक्षा 6 से 10 के स्तर के हैं। प्रारंभिक परीक्षा की तुलना में मुख्य परीक्षा में अवधारणा और सरल गणना वाले प्रश्न अधिक आते हैं — जैसे लेंस की क्षमता, प्रतिरोध की गणना, संवेग, कार्य। इस अध्याय में भौतिकी और रसायन को हल किए गए उदाहरणों के साथ पढ़ेंगे (जीव विज्ञान और पर्यावरण अगले अध्याय में)।

इस अध्याय का दायरा
  • भौतिकी — गति, बल और न्यूटन के नियम, कार्य-ऊर्जा-शक्ति, ध्वनि, प्रकाश (दर्पण-लेंस गणना), विद्युत (प्रतिरोध, शक्ति, बिल), चुंबकत्व, ब्रह्मांड।
  • रसायन — परमाणु संरचना और संयोजकता, रासायनिक अभिक्रियाएँ, अम्ल-क्षार-लवण, धातु-अधातु और सक्रियता श्रेणी, कार्बन और उसके यौगिक, मिट्टी।

2. गति (Motion)

जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है, तो वह गति में कहलाती है। विराम और गति सापेक्ष होते हैं — चलती ट्रेन में बैठा यात्री साथी यात्री के सापेक्ष विराम में है, पर प्लेटफ़ॉर्म के सापेक्ष गति में।

  • दूरी (Distance) — तय किए गए पथ की कुल लंबाई; अदिश (केवल परिमाण)। विस्थापन (Displacement) — प्रारंभिक और अंतिम बिंदु के बीच की सीधी दूरी, दिशा सहित; सदिश। एक पूरा चक्कर लगाकर उसी बिंदु पर लौटने पर विस्थापन शून्य होता है, पर दूरी नहीं।
  • चाल (Speed) = दूरी ÷ समय (अदिश); वेग (Velocity) = विस्थापन ÷ समय (सदिश)। त्वरण = वेग में परिवर्तन ÷ समय; वेग घटे तो मंदन (ऋणात्मक त्वरण)।
  • एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है पर दिशा लगातार बदलती है, इसलिए यह त्वरित गति है।
  • दूरी-समय ग्राफ़ का ढलान = चाल; वेग-समय ग्राफ़ का ढलान = त्वरण, और ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल = तय की गई दूरी।
  • इकाई परिवर्तन: 1 किमी/घंटा = 5/18 मी/से; 1 मी/से = 18/5 किमी/घंटा। उदाहरण: 72 किमी/घंटा = 72 × 5/18 = 20 मी/से।
🎯 हल किया गया उदाहरण

प्रश्न: एक कार विराम से चलकर 5 सेकंड में 20 मी/से का वेग प्राप्त करती है। त्वरण और तय की गई दूरी ज्ञात करें।
हल: u = 0, v = 20 मी/से, t = 5 से। त्वरण a = (v − u)/t = 20/5 = 4 मी/से²। दूरी s = ut + ½at² = 0 + ½ × 4 × 25 = 50 मी।

3. बल एवं न्यूटन के गति नियम

बल वह धक्का या खिंचाव है जो वस्तु की गति की अवस्था, दिशा या आकार बदल सकता है। SI मात्रक न्यूटन (N); 1 N = 1 किग्रा × 1 मी/से²।

  • संतुलित बल — परिणामी बल शून्य, गति की अवस्था नहीं बदलती (रस्साकशी में दोनों पक्ष बराबर)। असंतुलित बल — गति में परिवर्तन।
  • घर्षण बल — दो सतहों के बीच गति का विरोध करता है। घर्षण के बिना चलना संभव नहीं। घर्षण कम करने के उपाय — स्नेहक (तेल, ग्रीस), बॉल बेयरिंग (सर्पी घर्षण को लोटनिक घर्षण में बदलना), चिकनी सतह। घर्षण बढ़ाने के लिए — जूतों और टायरों पर खाँचे। लोटनिक घर्षण < सर्पी घर्षण < स्थैतिक घर्षण।
  • पहला नियम (जड़त्व) — द्रव्यमान जितना अधिक, जड़त्व उतना अधिक। दूसरा नियम — F = ma; संवेग (p = mv) के परिवर्तन की दर। क्रिकेट खिलाड़ी गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचता है ताकि संवेग परिवर्तन का समय बढ़े और बल (चोट) कम हो। तीसरा नियम — क्रिया-प्रतिक्रिया बराबर और विपरीत, पर अलग-अलग वस्तुओं पर लगती हैं।
  • संवेग संरक्षण — m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂। बंदूक से गोली छूटने पर बंदूक का प्रतिक्षेप (Recoil)।
  • गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम — F = G·m₁m₂/r²; G = 6.67 × 10⁻¹¹ N·m²/kg²। दूरी दोगुनी होने पर बल एक-चौथाई। मुक्त पतन में सभी वस्तुएँ (वायु प्रतिरोध नहीं हो तो) एक ही त्वरण g से गिरती हैं।
  • भार (W = mg) — बल है, मात्रक न्यूटन; स्थान के साथ बदलता है। द्रव्यमान — पदार्थ की मात्रा, किग्रा; हर जगह समान।
🎯 हल किया गया उदाहरण — संवेग संरक्षण

प्रश्न: 4 किग्रा की बंदूक से 20 ग्राम की गोली 400 मी/से के वेग से छूटती है। बंदूक का प्रतिक्षेप वेग कितना होगा?
हल: प्रारंभिक संवेग = 0। अतः 0 = (0.02 × 400) + (4 × v) → 8 + 4v = 0 → v = −2 मी/से (ऋण चिह्न = गोली के विपरीत दिशा)।

4. कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति

  • कार्य (W = F × s × cosθ) — बल की दिशा में विस्थापन हो तभी कार्य होता है। दीवार को धक्का देना (विस्थापन शून्य) — कार्य शून्य। सिर पर बोझ लेकर क्षैतिज चलना — बल ऊर्ध्वाधर, विस्थापन क्षैतिज (θ = 90°) — कार्य शून्य। वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल द्वारा कार्य शून्य। मात्रक जूल।
  • ऊर्जा — कार्य करने की क्षमता; मात्रक जूल। गतिज ऊर्जा KE = ½mv² (वेग दोगुना → KE चार गुना); स्थितिज ऊर्जा PE = mgh (ऊँचाई पर रखी वस्तु, खिंचा हुआ धनुष, दबी स्प्रिंग)।
  • ऊर्जा संरक्षण का नियम — ऊर्जा न बनाई जा सकती है न नष्ट की जा सकती है, केवल एक रूप से दूसरे में बदलती है। ऊपर से गिरती वस्तु में PE घटती है और KE बढ़ती है, कुल ऊर्जा स्थिर।
  • शक्ति (P = W/t) — कार्य करने की दर; मात्रक वाट; 1 kW = 1000 W; 1 HP = 746 W।
  • ऊर्जा रूपांतरण — सौर सेल: प्रकाश → विद्युत; पंखा: विद्युत → यांत्रिक; प्रकाश संश्लेषण: प्रकाश → रासायनिक; पनबिजली: स्थितिज → गतिज → विद्युत; माइक्रोफ़ोन: ध्वनि → विद्युत; लाउडस्पीकर: विद्युत → ध्वनि।
🎯 हल किया गया उदाहरण

प्रश्न: 50 किग्रा का व्यक्ति 10 सेकंड में 6 मी ऊँची सीढ़ी चढ़ता है। उसकी शक्ति कितनी है? (g = 10 मी/से²)
हल: कार्य = mgh = 50 × 10 × 6 = 3000 J। शक्ति = 3000 ÷ 10 = 300 W।

5. ध्वनि

  • ध्वनि वस्तुओं के कंपन से उत्पन्न होती है और अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal wave) के रूप में चलती है — माध्यम के कण तरंग की दिशा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जिससे संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनते हैं। प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग है।
  • मनुष्य में ध्वनि स्वर यंत्र (Larynx) के कंपन से बनती है। तरंग के गुण — आवृत्ति (प्रति सेकंड कंपन; Hz), आयाम (कंपन का अधिकतम विस्थापन — प्रबलता/loudness तय करता है), तरंगदैर्ध्य। तारत्व (Pitch) आवृत्ति पर, प्रबलता आयाम पर निर्भर।
  • v = f × λ। ध्वनि की चाल ताप बढ़ने पर बढ़ती है; आर्द्रता बढ़ने पर भी बढ़ती है (नम हवा में ध्वनि तेज़)।
  • प्रतिध्वनि — परावर्तित ध्वनि; न्यूनतम दूरी ≈ 17.2 मी (हवा में 344 मी/से पर)। अनुरणन (Reverberation) — बड़े हॉल में बार-बार परावर्तन; रोकने के लिए दीवारों पर ध्वनि अवशोषक पदार्थ। स्टेथोस्कोप और मेगाफ़ोन ध्वनि के बहुल परावर्तन पर कार्य करते हैं।
  • SONAR — पराश्रव्य तरंगों से समुद्र की गहराई: गहराई = (v × t) ÷ 2।
  • मानव कान के तीन भाग — बाह्य, मध्य (तीन छोटी हड्डियाँ — मैलियस, इंकस, स्टेपीज़), आंतरिक (कॉक्लिया)।
  • ध्वनि प्रदूषण — 80 dB से अधिक; श्रवण क्षमता में कमी, तनाव, अनिद्रा। रोकथाम — साइलेंसर, वृक्षारोपण, हॉर्न पर नियंत्रण।
🎯 हल किया गया उदाहरण — SONAR

प्रश्न: जहाज़ से भेजी गई पराश्रव्य तरंग 4 सेकंड बाद समुद्र तल से परावर्तित होकर लौटती है। पानी में ध्वनि की चाल 1500 मी/से हो तो समुद्र की गहराई कितनी है?
हल: तरंग नीचे जाकर ऊपर आती है, इसलिए कुल दूरी = 2d। 2d = 1500 × 4 = 6000 मी → d = 3000 मी।

6. प्रकाश — परावर्तन एवं अपवर्तन

प्रकाश सीधी रेखा में चलता है (इसी कारण छाया और ग्रहण बनते हैं)। परावर्तन के नियम — (1) आपतन कोण = परावर्तन कोण; (2) आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में।

दर्पण/लेंसप्रतिबिंब की प्रकृतिउपयोग
समतल दर्पणआभासी, सीधा, समान आकार, पार्श्व-उलटा; वस्तु जितनी दूर पीछे उतना ही दूर प्रतिबिंबघरों में; पेरिस्कोप; एम्बुलेंस पर उलटा लिखा "AMBULANCE"
अवतल दर्पण (अभिसारी)वस्तु की स्थिति के अनुसार वास्तविक-उलटा या (फ़ोकस और ध्रुव के बीच वस्तु हो तो) आभासी-सीधा-बड़ादाढ़ी बनाने, दंत चिकित्सक, टॉर्च-हेडलाइट परावर्तक, सौर भट्ठी
उत्तल दर्पण (अपसारी)हमेशा आभासी, सीधा, छोटावाहनों का पश्च-दर्शी दर्पण; सड़क के मोड़; दुकानों में सुरक्षा
उत्तल लेंस (अभिसारी)प्रायः वास्तविक-उलटा; F और O के बीच वस्तु हो तो आभासी-सीधा-बड़ाआवर्धक लेंस, कैमरा, सूक्ष्मदर्शी, दूर दृष्टि दोष
अवतल लेंस (अपसारी)हमेशा आभासी, सीधा, छोटानिकट दृष्टि दोष; दरवाज़े का "मैजिक आई"
  • दर्पण सूत्र 1/f = 1/v + 1/u; लेंस सूत्र 1/f = 1/v − 1/u; वक्रता त्रिज्या R = 2f। आवर्धन m = प्रतिबिंब की ऊँचाई ÷ वस्तु की ऊँचाई; दर्पण में m = −v/u, लेंस में m = v/u। चिह्न परिपाटी (नई कार्तीय) — दूरियाँ ध्रुव/प्रकाशिक केंद्र से; प्रकाश की दिशा में धनात्मक, वस्तु सदा बाईं ओर (u ऋणात्मक)।
  • अपवर्तन — प्रकाश का एक माध्यम से दूसरे में जाने पर मुड़ना; विरल से सघन में जाने पर अभिलंब की ओर। अपवर्तनांक n = c/v (निर्वात में चाल ÷ माध्यम में चाल)। हीरे का अपवर्तनांक ≈ 2.42 (बहुत अधिक), जल का ≈ 1.33, काँच का ≈ 1.5।
  • लेंस की क्षमता P = 1/f (f मीटर में), मात्रक डायोप्टर (D); उत्तल लेंस +, अवतल लेंस −। उदाहरण: f = 50 सेमी = 0.5 मी → P = +2 D।
  • मानव नेत्र — कॉर्निया (सबसे अधिक अपवर्तन), परितारिका/आइरिस (रंग), पुतली (प्रकाश की मात्रा नियंत्रित), नेत्र लेंस (उत्तल; पक्ष्माभी पेशियाँ फ़ोकस दूरी बदलती हैं — समंजन क्षमता), रेटिना (प्रतिबिंब बनता है; शलाकाएँ — मंद प्रकाश, शंकु — रंग)। स्वस्थ आँख के लिए स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 सेमी, दूर बिंदु अनंत।
लेंस वस्तु प्रतिबिंब F2F F2F वास्तविक, उलटा, छोटा (F और 2F के बीच)
उत्तल लेंस — वस्तु 2F से परे हो तो प्रतिबिंब दूसरी ओर F और 2F के बीच बनता है (कैमरे का सिद्धांत)। चित्र योजनाबद्ध है।
🎯 हल किया गया उदाहरण — लेंस

प्रश्न: 10 सेमी फ़ोकस दूरी वाले उत्तल लेंस से 30 सेमी दूर वस्तु रखी है। प्रतिबिंब कहाँ बनेगा?
हल: f = +10, u = −30। 1/v = 1/f + 1/u = 1/10 − 1/30 = (3 − 1)/30 = 2/30 → v = +15 सेमी (लेंस के दूसरी ओर, वास्तविक)। आवर्धन m = v/u = 15/(−30) = −0.5 → उलटा और आधे आकार का।

7. विद्युत

  • विद्युत धारा I = Q/t (आवेश ÷ समय); मात्रक ऐम्पियर। 1 कूलॉम ≈ 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश। धारा की परंपरागत दिशा इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के विपरीत मानी जाती है।
  • विभवांतर V = W/Q (प्रति इकाई आवेश पर किया गया कार्य); मात्रक वोल्ट।
  • ओम का नियम V = IR। प्रतिरोध R = ρl/A — लंबाई के अनुक्रमानुपाती, अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती; ρ (प्रतिरोधकता) पदार्थ पर निर्भर। तार की लंबाई दोगुनी करने पर प्रतिरोध दोगुना; तार को खींचकर लंबाई दोगुनी करने पर (आयतन वही, क्षेत्रफल आधा) प्रतिरोध चार गुना।
  • श्रेणी क्रम — R = R₁ + R₂ + R₃ (कुल प्रतिरोध सबसे बड़े से भी बड़ा)। समांतर क्रम — 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ + 1/R₃ (कुल प्रतिरोध सबसे छोटे से भी छोटा)। n समान प्रतिरोध R: श्रेणी में nR, समांतर में R/n।
  • जूल का तापन नियम — H = I²Rt। उपयोग — हीटर, प्रेस, बल्ब, फ़्यूज़।
  • विद्युत शक्ति P = VI = I²R = V²/R। विद्युत ऊर्जा (kWh) = शक्ति (kW) × समय (घंटा)।
  • घरेलू विद्युत परिपथ — लाल (विद्युन्मय/Live), काला (उदासीन/Neutral), हरा (भू-संपर्क/Earth) तार। भू-संपर्क तार धातु के ढाँचे वाले उपकरणों में झटके से बचाता है। शॉर्ट सर्किट — लाइव और न्यूट्रल का सीधे संपर्क; अतिभारण (Overloading) — एक सॉकेट से बहुत अधिक उपकरण। सुरक्षा के लिए फ़्यूज़ और MCB।
🎯 हल किए गए उदाहरण — विद्युत

(1) 2 Ω, 3 Ω और 6 Ω के प्रतिरोध समांतर क्रम में हैं। कुल प्रतिरोध? → 1/R = 1/2 + 1/3 + 1/6 = (3 + 2 + 1)/6 = 1 → R = 1 Ω। श्रेणी में होते तो 2 + 3 + 6 = 11 Ω।
(2) 220 V पर 100 W का बल्ब। धारा और प्रतिरोध? → I = P/V = 100/220 ≈ 0.45 A; R = V²/P = 48400/100 = 484 Ω।
(3) एक घर में 5 पंखे (60 W) रोज़ 10 घंटे चलते हैं। 30 दिन में खपत और ₹6 प्रति यूनिट की दर से बिल? → शक्ति = 300 W = 0.3 kW; प्रतिदिन 0.3 × 10 = 3 kWh; 30 दिन में 90 यूनिट; बिल = 90 × 6 = ₹540।

8. चुंबकत्व एवं विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव

  • चुंबक के दो ध्रुव — उत्तरी और दक्षिणी; एकल ध्रुव संभव नहीं (चुंबक तोड़ने पर हर टुकड़ा पूर्ण चुंबक)। चुंबकीय पदार्थ — लोहा, निकेल, कोबाल्ट। प्राकृतिक चुंबक — मैग्नेटाइट (Fe₃O₄, लोडस्टोन)।
  • चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ — चुंबक के बाहर उत्तर से दक्षिण, अंदर दक्षिण से उत्तर; कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं; जहाँ पास-पास, वहाँ क्षेत्र प्रबल।
  • पृथ्वी एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है; भौगोलिक उत्तरी ध्रुव के पास पृथ्वी के चुंबक का दक्षिणी ध्रुव है, इसी कारण कंपास की सुई का उत्तरी ध्रुव उत्तर दिशा बताता है।
  • ओर्स्टेड (1820) — धारावाही तार के पास कंपास सुई विक्षेपित होती है; यानी विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। दिशा — दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (Right Hand Thumb Rule)।
  • परिनालिका (Solenoid) में नर्म लोहे की क्रोड रखने पर विद्युत चुंबक — क्रेन, बिजली की घंटी, MRI, स्पीकर।
  • फ़्लेमिंग का वाम-हस्त नियम — धारावाही चालक पर चुंबकीय क्षेत्र में बल की दिशा (विद्युत मोटर)। फ़्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम — प्रेरित धारा की दिशा (विद्युत जनित्र)।
  • विद्युत चुंबकीय प्रेरण (फ़ैराडे) — चुंबकीय क्षेत्र बदलने पर कुंडली में धारा प्रेरित होती है।

9. ब्रह्मांड

  • ब्रह्मांड की उत्पत्ति का सर्वमान्य सिद्धांत — महाविस्फोट सिद्धांत (Big Bang), लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले।
  • आकाशगंगा (Galaxy) — तारों का विशाल समूह; हमारी आकाशगंगा मंदाकिनी (Milky Way), सर्पिल आकार; निकटतम बड़ी आकाशगंगा एंड्रोमेडा।
  • सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट तारा — प्रॉक्सिमा सेंचुरी (लगभग 4.2 प्रकाश वर्ष)। सबसे चमकीला तारा (रात में) — साइरस (लुब्धक)। ध्रुव तारा लगभग स्थिर दिखता है (उत्तर दिशा)।
  • तारे का जीवन चक्र — नीहारिका → तारा → लाल दानव → (छोटे तारे) श्वेत वामन, या (विशाल तारे) सुपरनोवा → न्यूट्रॉन तारा / कृष्ण छिद्र (Black Hole)। चंद्रशेखर सीमा (सूर्य के द्रव्यमान का 1.44 गुना) — एस. चंद्रशेखर।
  • तारामंडल — सप्तऋषि (Ursa Major/Great Bear), ओरायन (मृगशिरा), कैसियोपिया।
  • ग्रहण — सूर्य ग्रहण: चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच (अमावस्या); चंद्र ग्रहण: पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच (पूर्णिमा)।
  • उपग्रह — प्राकृतिक (चंद्रमा) और कृत्रिम। भू-स्थिर उपग्रह (36,000 किमी; संचार, मौसम) और ध्रुवीय उपग्रह (कम ऊँचाई; सुदूर संवेदन)। भारत के प्रक्षेपण यान — PSLV (ध्रुवीय), GSLV (भू-स्थिर), LVM3।

10. परमाणु संरचना एवं रासायनिक अभिक्रियाएँ

  • डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (1808) — द्रव्य अविभाज्य परमाणुओं से बना है (बाद में गलत सिद्ध)। थॉमसन मॉडल — "तरबूज़/प्लम-पुडिंग"। रदरफ़ोर्ड मॉडल — परमाणु का अधिकांश भाग खाली, धनावेशित भारी नाभिक केंद्र में। बोर मॉडल — इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं (K, L, M, N) में।
  • कक्षाओं में अधिकतम इलेक्ट्रॉन — 2n²: K = 2, L = 8, M = 18 (पर बाहरी कोश में अधिकतम 8)। उदाहरण: सोडियम (11) — 2, 8, 1; क्लोरीन (17) — 2, 8, 7; कैल्शियम (20) — 2, 8, 8, 2।
  • संयोजकता (Valency) — परमाणु की संयोजन क्षमता; बाहरी कोश के इलेक्ट्रॉन 4 तक हों तो वही संख्या, 4 से अधिक हों तो 8 − संख्या। Na = 1, Mg = 2, Al = 3, C = 4, N = 3, O = 2, Cl = 1, निष्क्रिय गैसें = 0।
  • समभारिक (Isobars) — समान द्रव्यमान संख्या, भिन्न परमाणु क्रमांक (⁴⁰Ca और ⁴⁰Ar)। समस्थानिकों के उपयोग — कोबाल्ट-60 (कैंसर उपचार), आयोडीन-131 (घेंघा), यूरेनियम-235 (परमाणु ईंधन), कार्बन-14 (आयु निर्धारण)।
  • मोल अवधारणा — 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (आवोगाद्रो संख्या)। 18 ग्राम जल = 1 मोल।
अभिक्रिया का प्रकारअर्थउदाहरण
संयोजनदो या अधिक पदार्थ मिलकर एकCaO + H₂O → Ca(OH)₂ (चूना बुझाना; अत्यधिक ऊष्मा)
वियोजन (अपघटन)एक पदार्थ टूटकर अनेकCaCO₃ → CaO + CO₂ (ऊष्मीय); 2AgCl → 2Ag + Cl₂ (प्रकाश; फ़ोटोग्राफ़ी); जल का विद्युत अपघटन
विस्थापनअधिक सक्रिय तत्व कम सक्रिय को हटाता हैFe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (नीला रंग हरा हो जाता है)
द्वि-विस्थापनआयनों का आदान-प्रदान; अवक्षेप बनता हैNa₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄↓ (सफ़ेद) + 2NaCl
उपचयन-अपचयन (Redox)ऑक्सीजन जुड़ना/हाइड्रोजन हटना = उपचयन; उलटा = अपचयनCuO + H₂ → Cu + H₂O
ऊष्माक्षेपी / ऊष्माशोषीऊष्मा मुक्त / ऊष्मा अवशोषितश्वसन, दहन (ऊष्माक्षेपी); प्रकाश संश्लेषण (ऊष्माशोषी)

दैनिक जीवन में उपचयन — संक्षारण (लोहे पर जंग, चाँदी का काला पड़ना — सिल्वर सल्फ़ाइड, ताँबे पर हरी परत — बेसिक कॉपर कार्बोनेट) और विकृतगंधिता (Rancidity) — तेल-घी वाले खाने का उपचयन से बासी होना; रोकने के लिए नाइट्रोजन भरे पैकेट (चिप्स) और प्रतिऑक्सीकारक।

11. अम्ल, क्षार एवं लवण

  • सूचक — लिटमस (लाइकेन से), हल्दी (क्षार में लाल-भूरी), फ़ीनॉल्फ़्थेलीन (क्षार में गुलाबी, अम्ल में रंगहीन), मेथिल ऑरेंज (अम्ल में लाल, क्षार में पीला)। गंधीय सूचक — प्याज़, वैनिला।
  • प्रबल अम्ल — HCl, H₂SO₄ ("रसायनों का राजा"), HNO₃; दुर्बल अम्ल — एसिटिक, कार्बोनिक, साइट्रिक। अम्लराज (Aqua Regia) — 3 भाग HCl + 1 भाग HNO₃; सोना-प्लैटिनम घोल देता है।
  • अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस (जलती तीली पास लाने पर "पॉप" ध्वनि)। अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल + CO₂ (चूने के पानी को दूधिया करती है)।
  • उदासीनीकरण — अम्ल + क्षार → लवण + जल (HCl + NaOH → NaCl + H₂O)। उपयोग — अम्लीय मिट्टी में बुझा चूना, क्षारीय मिट्टी में जिप्सम/कार्बनिक खाद; पेट की अम्लता में एंटासिड।
  • पानी में अम्ल घोलते समय अम्ल को धीरे-धीरे पानी में डालें, पानी को अम्ल में नहीं (अत्यधिक ऊष्मा से छींटे)।
  • क्लोर-क्षार प्रक्रिया — नमक के घोल (ब्राइन) के विद्युत अपघटन से NaOH, Cl₂, H₂। विरंजक चूर्ण — जल शुद्धीकरण (कीटाणुनाशक)। प्लास्टर ऑफ़ पेरिस — टूटी हड्डी जोड़ना, मूर्तियाँ; पानी मिलाने पर जिप्सम बनकर कठोर।
  • क्रिस्टलन जल — नीला थोथा (CuSO₄·5H₂O) गर्म करने पर सफ़ेद हो जाता है।

12. धातु एवं अधातु

गुणधातुअधातु
चमकधात्विक चमकनहीं (अपवाद — आयोडीन, ग्रेफ़ाइट)
आघातवर्धनीयता / तन्यतापीटकर चादर; खींचकर तार (सोना सबसे अधिक)भंगुर
चालकताऊष्मा-विद्युत की सुचालक (सीसा और पारा अपेक्षाकृत कम)कुचालक (अपवाद — ग्रेफ़ाइट)
अवस्थाठोस (अपवाद — पारा द्रव)ठोस, द्रव (ब्रोमीन), गैस
ऑक्साइडक्षारीय (Al₂O₃, ZnO — उभयधर्मी)अम्लीय या उदासीन (CO, N₂O)
गलनांकप्रायः उच्च (अपवाद — गैलियम, सीज़ियम हथेली पर पिघल जाते हैं)प्रायः कम (अपवाद — हीरा)

सक्रियता श्रेणी (घटते क्रम में): K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > [H] > Cu > Hg > Ag > Au। हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ तनु अम्ल से H₂ विस्थापित करती हैं; ताँबा, चाँदी, सोना नहीं करते। सोडियम-पोटैशियम ठंडे पानी से तीव्र अभिक्रिया करते हैं (इसलिए मिट्टी के तेल में रखे जाते हैं)।

  • धातुकर्म — अयस्क का सांद्रण → भर्जन (सल्फ़ाइड अयस्क को वायु में गर्म करना) या निस्तापन (कार्बोनेट अयस्क को वायु की कमी में गर्म करना) → अपचयन → शोधन (विद्युत अपघटनी शोधन)। अत्यधिक सक्रिय धातुएँ (Na, Ca, Al) विद्युत अपघटन से प्राप्त होती हैं।
  • प्रमुख अयस्क — लोहा: हेमेटाइट, मैग्नेटाइट; एल्युमिनियम: बॉक्साइट; ताँबा: कॉपर पाइराइट; जस्ता: ज़िंक ब्लेंड; सीसा: गैलेना; पारा: सिनाबार।
  • आयनिक यौगिक — धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण (NaCl); उच्च गलनांक, जलीय घोल में विद्युत सुचालक।

13. कार्बन एवं उसके यौगिक

  • कार्बन की संयोजकता 4; यह इलेक्ट्रॉन साझा करके सहसंयोजक बंध बनाता है। कार्बन के दो विशेष गुण — श्रृंखलन (Catenation) (अपने ही परमाणुओं से लंबी श्रृंखला) और चतुःसंयोजकता — इसी कारण कार्बन यौगिकों की संख्या लाखों में है।
  • हाइड्रोकार्बन — संतृप्त (एल्केन, CₙH₂ₙ₊₂): एकल बंध — मीथेन CH₄, एथेन C₂H₆, प्रोपेन, ब्यूटेन; स्वच्छ नीली ज्वाला। असंतृप्त: एल्कीन (CₙH₂ₙ) — द्विबंध (एथीन C₂H₄); एल्काइन (CₙH₂ₙ₋₂) — त्रिबंध (एथाइन/एसिटिलीन C₂H₂ — वेल्डिंग के लिए ऑक्सी-एसिटिलीन ज्वाला); पीली धुएँदार ज्वाला।
  • हाइड्रोजनीकरण — निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में वनस्पति तेल (असंतृप्त) में हाइड्रोजन मिलाकर वनस्पति घी (संतृप्त) बनाना।
  • एथेनॉल (एथिल ऐल्कोहॉल, C₂H₅OH) — शराब, दवाइयाँ (टिंचर आयोडीन), ईंधन; विकृत ऐल्कोहॉल — पीने से रोकने के लिए मेथेनॉल मिलाकर। मेथेनॉल पीने से अंधापन/मृत्यु — ज़हरीली शराब की घटनाओं का कारण (पुलिस के लिए महत्वपूर्ण)।
  • एथेनोइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) — 5–8% घोल सिरका; शुद्ध रूप ठंड में जम जाता है ("ग्लेशियल एसिटिक अम्ल")। एस्टरीकरण — अम्ल + ऐल्कोहॉल → एस्टर (मीठी/फलों जैसी गंध)।
  • साबुन — वसीय अम्लों के सोडियम/पोटैशियम लवण; साबुनीकरण; कठोर जल (Ca, Mg लवण) में झाग नहीं बनाता, मैल (scum) बनता है। अपमार्जक (Detergent) कठोर जल में भी काम करते हैं। साबुन के अणु मिसेल बनाकर तेल-मैल हटाते हैं।
  • जीवाश्म ईंधन — कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस (अनवीकरणीय)। कोयले की किस्में (कार्बन मात्रा बढ़ते क्रम में) — पीट < लिग्नाइट < बिटुमिनस < एंथ्रेसाइट (सर्वोत्तम)। कैलोरी मान सबसे अधिक — हाइड्रोजन (लगभग 150 kJ/g); LPG ≈ 55 kJ/g।
  • पेट्रोलियम का प्रभाजी आसवन — पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, केरोसीन, डीज़ल, स्नेहक तेल, पैराफ़िन मोम, बिटुमेन। ऑक्टेन संख्या पेट्रोल की गुणवत्ता; सीटेन संख्या डीज़ल की।

14. मिट्टी (मृदा)

  • मिट्टी का निर्माण चट्टानों के अपक्षय (Weathering) — ताप, जल, पवन, जीवों के प्रभाव — से होता है। सड़ी-गली जैविक सामग्री को ह्यूमस कहते हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ और गहरे रंग की बनाती है।
  • मृदा परिच्छेदिका (Soil Profile) — A-संस्तर (ऊपरी मिट्टी; ह्यूमस, केंचुए, पौधों की जड़ें), B-संस्तर (कम ह्यूमस, अधिक खनिज, कठोर), C-संस्तर (दरारों वाली चट्टानों के छोटे टुकड़े), फिर आधार शैल।
  • कणों के आकार के आधार पर — बलुई मिट्टी (बड़े कण, जल शीघ्र निकल जाता है, हवादार; कम उपजाऊ), चिकनी मिट्टी (Clay) (बारीक कण, जल धारण क्षमता सबसे अधिक; बर्तन-ईंट बनाने में; धान), दोमट मिट्टी (Loam) (बालू, चिकनी मिट्टी और गाद का मिश्रण + ह्यूमस; पौधों के लिए सर्वोत्तम; गेहूँ, चना)।
  • मृदा अपरदन — वर्षा जल और हवा से ऊपरी उपजाऊ परत का बह जाना; रोकथाम — वृक्षारोपण, सीढ़ीदार खेती (पहाड़ों पर), समोच्च जुताई, पट्टीदार खेती, रक्षक मेखला (Shelter Belt) (मरुस्थल में पेड़ों की कतारें), अति-चराई पर रोक।
  • उर्वरक — NPK (नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस, पोटैशियम); यूरिया में नाइट्रोजन लगभग 46%। जैविक खाद — कम्पोस्ट, वर्मी-कम्पोस्ट (केंचुओं से — "किसान के मित्र"), हरी खाद। फ़सल चक्र — दलहन के बाद अनाज बोने से मिट्टी में नाइट्रोजन बनी रहती है।
  • मिट्टी का pH — अम्लीय मिट्टी में चूना, क्षारीय (ऊसर/रेह) मिट्टी में जिप्सम।

15. मास्टर सूत्र सारणी (Master Formula Table)

विषयसूत्रमात्रक / टिप्पणी
चाल, वेगv = s/tमी/से; 1 किमी/घंटा = 5/18 मी/से
त्वरणa = (v − u)/tमी/से²
गति के समीकरणv = u + at; s = ut + ½at²; v² = u² + 2asएकसमान त्वरण के लिए
बल, संवेगF = ma; p = mv; F = Δp/ΔtN; किग्रा·मी/से
संवेग संरक्षणm₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂बंदूक का प्रतिक्षेप
गुरुत्वाकर्षणF = Gm₁m₂/r²; W = mgG = 6.67 × 10⁻¹¹
कार्य, ऊर्जा, शक्तिW = Fs cosθ; KE = ½mv²; PE = mgh; P = W/tJ; W; 1 HP = 746 W
दाबP = F/A; द्रव दाब = hρgPa
तरंगv = fλ; T = 1/fHz
SONAR गहराईd = vt/2आना-जाना दोनों
दर्पण1/f = 1/v + 1/u; m = −v/u; R = 2fनई कार्तीय चिह्न परिपाटी
लेंस1/f = 1/v − 1/u; m = v/u; P = 1/fD (f मीटर में)
अपवर्तनांकn = c/v = sin i / sin rमात्रकहीन
धारा, विभवI = Q/t; V = W/QA; V
ओम का नियम, प्रतिरोधV = IR; R = ρl/AΩ
श्रेणी / समांतरR = R₁ + R₂ ...; 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ ...n समान: nR / R/n
तापन, शक्तिH = I²Rt; P = VI = I²R = V²/RJ; W
विद्युत ऊर्जाE (kWh) = P (kW) × t (h)1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
इलेक्ट्रॉन विन्यासअधिकतम 2n²K 2, L 8, M 18
मोलमोल = द्रव्यमान ÷ मोलर द्रव्यमानNₐ = 6.022 × 10²³
हाइड्रोकार्बनएल्केन CₙH₂ₙ₊₂; एल्कीन CₙH₂ₙ; एल्काइन CₙH₂ₙ₋₂एकल / द्वि / त्रि बंध

16. मास्टर सारणी — अवधारणाएँ एक नज़र में

विषयसबसे महत्वपूर्ण बिंदु
गतिदूरी अदिश, विस्थापन सदिश; वृत्तीय गति त्वरित
बलजड़त्व, F = ma, क्रिया-प्रतिक्रिया; लोटनिक घर्षण सबसे कम
कार्य-ऊर्जालंबवत विस्थापन पर कार्य शून्य; ऊर्जा संरक्षण
ध्वनिअनुदैर्ध्य तरंग; पिच-आवृत्ति, प्रबलता-आयाम; प्रतिध्वनि 17.2 मी
प्रकाशउत्तल दर्पण — पश्च-दर्शी; अवतल लेंस — निकट दृष्टि; P = 1/f
विद्युतघर में समांतर; हरा तार भू-संपर्क; MCB
चुंबकत्वओर्स्टेड; फ़्लेमिंग वाम-हस्त — मोटर, दक्षिण-हस्त — जनित्र
ब्रह्मांडबिग बैंग; मंदाकिनी; सूर्य ग्रहण अमावस्या, चंद्र ग्रहण पूर्णिमा
परमाणु2n²; संयोजकता; समस्थानिक-समभारिक
अभिक्रियाएँसंयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्वि-विस्थापन, रेडॉक्स
अम्ल-क्षारफ़ीनॉल्फ़्थेलीन क्षार में गुलाबी; अम्ल को पानी में डालें
धातुK > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
कार्बनश्रृंखलन; हाइड्रोजनीकरण; मेथेनॉल विषैला; साबुन-अपमार्जक
मिट्टीदोमट सर्वोत्तम; A-B-C संस्तर; सीढ़ीदार खेती

17. माइंड मैप

भौतिकी एवं रसायन
यांत्रिकी
  • गति, त्वरण
  • न्यूटन के नियम
  • कार्य-ऊर्जा-शक्ति
  • गुरुत्वाकर्षण
तरंग एवं प्रकाश
  • ध्वनि, SONAR
  • दर्पण, लेंस
  • मानव नेत्र
विद्युत-चुंबक
  • ओम का नियम
  • श्रेणी-समांतर
  • मोटर, जनित्र
  • ब्रह्मांड
रसायन
  • परमाणु, संयोजकता
  • अभिक्रियाएँ
  • अम्ल-क्षार
  • धातु, कार्बन, मिट्टी

18. टिप्स एवं ट्रिक्स

गणना वाले प्रश्नों के लिए
  • हमेशा पहले मात्रक एक जैसे करें — सेमी को मीटर, ग्राम को किग्रा, W को kW।
  • लेंस प्रश्न में चिह्न सबसे बड़ी गलती का कारण है — वस्तु दूरी u हमेशा ऋणात्मक; उत्तल लेंस का f धनात्मक, अवतल का ऋणात्मक।
  • समांतर क्रम में दो प्रतिरोध हों तो शॉर्टकट: R = (R₁ × R₂)/(R₁ + R₂)। जैसे 6 Ω और 3 Ω → 18/9 = 2 Ω।
  • सक्रियता श्रेणी याद करें: "King Nave Came Meg Along Zip Ferry Past Home Cut Home Again Auto"।
आम गलतियाँ
  • क्रिया और प्रतिक्रिया एक ही वस्तु पर नहीं लगतीं, इसलिए वे एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं।
  • प्रबलता (loudness) आयाम पर, तारत्व (pitch) आवृत्ति पर निर्भर — दोनों को आपस में न बदलें।
  • सूर्य ग्रहण अमावस्या को होता है, पूर्णिमा को नहीं।
  • पानी को अम्ल में डालना ख़तरनाक है; अम्ल को पानी में धीरे-धीरे डालें।

19. महत्वपूर्ण वन-लाइनर

  • 72 किमी/घंटा = 20 मी/से।
  • एकसमान वृत्तीय गति त्वरित गति है।
  • बॉल बेयरिंग घर्षण कम करते हैं।
  • सिर पर बोझ लेकर क्षैतिज चलने में गुरुत्व के विरुद्ध किया गया कार्य शून्य है।
  • ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है और प्रकाश अनुप्रस्थ तरंग।
  • स्टेथोस्कोप ध्वनि के बहुल परावर्तन पर कार्य करता है।
  • स्वस्थ आँख के लिए स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी 25 सेमी है।
  • लेंस की क्षमता का मात्रक डायोप्टर है।
  • तार को खींचकर दोगुना लंबा करने पर प्रतिरोध चार गुना हो जाता है।
  • विद्युत मोटर फ़्लेमिंग के वाम-हस्त नियम पर आधारित है।
  • ओर्स्टेड ने धारा के चुंबकीय प्रभाव की खोज की।
  • फ़ीनॉल्फ़्थेलीन क्षारीय घोल में गुलाबी हो जाता है।
  • अम्लराज सोने को घोल सकता है।
  • हाइड्रोजनीकरण से वनस्पति तेल से घी बनता है।
  • एंथ्रेसाइट सर्वोत्तम किस्म का कोयला है।
  • दोमट मिट्टी पौधों के लिए सर्वोत्तम है।

20. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित

Q1PYQ आधारित

36 किमी/घंटा की चाल को मी/से में बदलें।

  1. 5 मी/से
  2. 10 मी/से
  3. 12 मी/से
  4. 18 मी/से
उत्तर एवं व्याख्या

किमी/घंटा को मी/से में बदलने के लिए 5/18 से गुणा करते हैं: 36 × 5/18 = 10 मी/से। 18 मी/से उलटा गुणा (18/5) करने की गलती से, और 5 या 12 अंदाज़े से आते हैं।

उत्तर: (B) 10 मी/से

Q2PYQ आधारित

क्रिकेट खिलाड़ी गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे क्यों खींचता है?

  1. संवेग बढ़ाने के लिए
  2. बल लगने का समय बढ़ाकर आघात कम करने के लिए
  3. गेंद का द्रव्यमान घटाने के लिए
  4. गुरुत्वाकर्षण कम करने के लिए
उत्तर एवं व्याख्या

F = Δp/Δt। गेंद का संवेग शून्य करना ही है (Δp स्थिर), इसलिए हाथ पीछे खींचकर समय Δt बढ़ाने से हाथ पर लगने वाला बल घट जाता है। संवेग या द्रव्यमान इससे नहीं बदलता, और गुरुत्वाकर्षण पर इसका कोई प्रभाव नहीं।

उत्तर: (B) बल लगने का समय बढ़ाकर आघात कम करने के लिए

Q3PYQ आधारित

किसी वस्तु का वेग दोगुना कर दिया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा —

  1. दोगुनी हो जाएगी
  2. आधी हो जाएगी
  3. चार गुनी हो जाएगी
  4. अपरिवर्तित रहेगी
उत्तर एवं व्याख्या

KE = ½mv²; गतिज ऊर्जा वेग के वर्ग के अनुक्रमानुपाती है। वेग 2 गुना → KE = 2² = 4 गुना। "दोगुनी" तब होती जब KE वेग के सीधे अनुपात में होती, जो संवेग (p = mv) के लिए सही है।

उत्तर: (C) चार गुनी हो जाएगी

Q4PYQ आधारित

ध्वनि की प्रबलता (Loudness) किस पर निर्भर करती है?

  1. आवृत्ति
  2. तरंगदैर्ध्य
  3. आयाम
  4. चाल
उत्तर एवं व्याख्या

ध्वनि की प्रबलता कंपन के आयाम पर निर्भर करती है — आयाम जितना अधिक, ध्वनि उतनी तेज़। आवृत्ति से तारत्व (पिच — आवाज़ का तीखापन) तय होता है। तरंगदैर्ध्य और चाल प्रबलता को सीधे तय नहीं करते।

उत्तर: (C) आयाम

Q5PYQ आधारित

50 सेमी फ़ोकस दूरी वाले अवतल लेंस की क्षमता है —

  1. +2 D
  2. −2 D
  3. +0.5 D
  4. −0.5 D
उत्तर एवं व्याख्या

P = 1/f (मीटर में)। f = 50 सेमी = 0.5 मी; अवतल लेंस की फ़ोकस दूरी ऋणात्मक होती है, इसलिए P = 1/(−0.5) = −2 D। +2 D उत्तल लेंस के लिए होता, और ±0.5 D सेमी को मीटर में न बदलने की गलती से आता है।

उत्तर: (B) −2 D

Q6PYQ आधारित

4 Ω के तीन प्रतिरोध समांतर क्रम में जोड़ने पर तुल्य प्रतिरोध होगा —

  1. 12 Ω
  2. 4 Ω
  3. 4/3 Ω
  4. 3/4 Ω
उत्तर एवं व्याख्या

n समान प्रतिरोध R समांतर में हों तो तुल्य प्रतिरोध = R/n = 4/3 Ω। 12 Ω श्रेणी क्रम (nR) का उत्तर है। समांतर क्रम में तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है, इसलिए 4 Ω भी संभव नहीं।

उत्तर: (C) 4/3 Ω

Q7PYQ आधारित

विद्युत जनित्र (Generator) किस सिद्धांत पर कार्य करता है?

  1. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव
  2. विद्युत चुंबकीय प्रेरण
  3. ओम का नियम
  4. प्रकाश-विद्युत प्रभाव
उत्तर एवं व्याख्या

जनित्र में कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाने पर फ़्लक्स बदलता है और फ़ैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के अनुसार धारा प्रेरित होती है (दिशा — फ़्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम)। तापीय प्रभाव हीटर का, ओम का नियम V-I संबंध का और प्रकाश-विद्युत प्रभाव सौर सेल का सिद्धांत है।

उत्तर: (B) विद्युत चुंबकीय प्रेरण

Q8PYQ आधारित

लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के घोल में डालने पर घोल का रंग नीले से हरा हो जाता है। यह किस प्रकार की अभिक्रिया है?

  1. संयोजन
  2. वियोजन
  3. विस्थापन
  4. उदासीनीकरण
उत्तर एवं व्याख्या

Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu। लोहा ताँबे से अधिक सक्रिय है, इसलिए वह कॉपर सल्फ़ेट से ताँबे को हटाकर (विस्थापित करके) हरे रंग का आयरन सल्फ़ेट बनाता है; कील पर भूरा ताँबा जम जाता है। संयोजन में दो पदार्थ मिलकर एक बनते हैं, वियोजन में टूटते हैं, और उदासीनीकरण अम्ल-क्षार के बीच होता है।

उत्तर: (C) विस्थापन

Q9PYQ आधारित

निम्नलिखित में से कौन-सी धातु तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से हाइड्रोजन गैस नहीं देती?

  1. जस्ता
  2. मैग्नीशियम
  3. लोहा
  4. ताँबा
उत्तर एवं व्याख्या

सक्रियता श्रेणी में ताँबा हाइड्रोजन से नीचे है, इसलिए वह अम्ल से हाइड्रोजन विस्थापित नहीं कर पाता। जस्ता, मैग्नीशियम और लोहा हाइड्रोजन से ऊपर हैं और तनु अम्ल से H₂ गैस मुक्त करते हैं।

उत्तर: (D) ताँबा

Q10PYQ आधारित

पौधों की वृद्धि के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी कौन-सी है?

  1. बलुई मिट्टी
  2. चिकनी मिट्टी
  3. दोमट मिट्टी
  4. लैटेराइट मिट्टी
उत्तर एवं व्याख्या

दोमट मिट्टी में बालू, चिकनी मिट्टी और गाद का संतुलित मिश्रण तथा ह्यूमस होता है, जिससे इसमें जल धारण क्षमता और वायु संचार दोनों अच्छे रहते हैं — यह पौधों के लिए सर्वोत्तम है। बलुई मिट्टी पानी नहीं रोकती, चिकनी मिट्टी में वायु कम होती है और लैटेराइट मिट्टी निक्षालन के कारण कम उपजाऊ है।

उत्तर: (C) दोमट मिट्टी

Q11गणना आधारित

220 V पर चलने वाले 1100 W के हीटर में प्रवाहित धारा और उसका प्रतिरोध क्रमशः हैं —

  1. 5 A, 44 Ω
  2. 0.2 A, 1100 Ω
  3. 5 A, 220 Ω
  4. 2 A, 110 Ω
उत्तर एवं व्याख्या

I = P/V = 1100/220 = 5 A। R = V/I = 220/5 = 44 Ω (या R = V²/P = 48400/1100 = 44 Ω)। 0.2 A में V/P उलटा लिया गया है; 220 Ω और 110 Ω किसी सही सूत्र से नहीं निकलते।

उत्तर: (A) 5 A, 44 Ω

Q12गणना आधारित

15 सेमी फ़ोकस दूरी वाले अवतल दर्पण के सामने 10 सेमी दूर एक वस्तु रखी है। प्रतिबिंब की प्रकृति होगी —

  1. वास्तविक, उलटा, छोटा
  2. वास्तविक, उलटा, बड़ा
  3. आभासी, सीधा, बड़ा
  4. आभासी, सीधा, छोटा
उत्तर एवं व्याख्या

वस्तु फ़ोकस (15 सेमी) और ध्रुव के बीच है। गणना: f = −15, u = −10; 1/v = 1/f − 1/u = −1/15 + 1/10 = 1/30 → v = +30 सेमी (दर्पण के पीछे, आभासी); m = −v/u = −30/−10 = +3 (सीधा, तीन गुना बड़ा)। यही सिद्धांत दाढ़ी बनाने के दर्पण में है। वस्तु F से परे होती तभी प्रतिबिंब वास्तविक-उलटा बनता।

उत्तर: (C) आभासी, सीधा, बड़ा

21. त्वरित पुनरावृत्ति

परीक्षा से पहले एक बार ज़रूर पढ़ें
  • गति: 5/18 नियम; v = u + at; वृत्तीय गति त्वरित।
  • बल: F = ma, p = mv, F = Δp/Δt; संवेग संरक्षण — प्रतिक्षेप।
  • कार्य-ऊर्जा: W = Fs cosθ; KE ∝ v²; P = W/t।
  • ध्वनि: अनुदैर्ध्य; पिच-आवृत्ति, प्रबलता-आयाम; d = vt/2।
  • प्रकाश: दर्पण 1/f = 1/v + 1/u, लेंस 1/f = 1/v − 1/u; P = 1/f; उत्तल दर्पण पश्च-दर्शी।
  • विद्युत: V = IR; श्रेणी-समांतर; P = VI; kWh; घर में समांतर; हरा तार भू-संपर्क।
  • रसायन: 2n²; विस्थापन (Fe + CuSO₄); सक्रियता श्रेणी; फ़ीनॉल्फ़्थेलीन गुलाबी; कार्बन — श्रृंखलन; मेथेनॉल विषैला; दोमट मिट्टी सर्वोत्तम।