बिहार पुलिस SI · मुख्य परीक्षा — पेपर 1 (सामान्य हिंदी) · अध्याय 3

शब्द-ज्ञान, मुहावरे एवं वाक्य-रचना

Vocabulary, Idioms and Sentences

पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, तत्सम-तद्भव, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, वाक्य शुद्धि, रिक्त स्थान और अपठित गद्यांश।

परीक्षा में: 45–50 प्रश्न 18 मिनट

1. अध्याय एक नज़र में

सामान्य हिंदी पेपर के लगभग आधे प्रश्न शब्द ज्ञान और वाक्य पर आधारित होते हैं — पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, शुद्ध वर्तनी, वाक्य शुद्धि, रिक्त स्थान और अपठित गद्यांश। इन प्रश्नों में व्याकरण के नियमों से अधिक शब्द भंडार और अभ्यास काम आता है। इस अध्याय में परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले शब्दों की सूचियाँ, शुद्धि के नियम और गद्यांश हल करने की विधि दी गई है।

अनुमानित प्रश्न (100 में से)
  • पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, एक शब्द — 18 से 22
  • मुहावरे और लोकोक्तियाँ — 8 से 10
  • वर्तनी, वाक्य शुद्धि, रिक्त स्थान — 18 से 20
  • अपठित गद्यांश — 8 से 10

2. पर्यायवाची शब्द

समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द कहते हैं। ध्यान दें — पर्यायवाची शब्दों का अर्थ लगभग समान होता है, पर हर संदर्भ में एक-दूसरे की जगह प्रयोग नहीं होते।

शब्दपर्यायवाची
अग्निआग, अनल, पावक, वह्नि, कृशानु, हुताशन
आकाशनभ, गगन, अंबर, व्योम, आसमान, अंतरिक्ष
कमलपंकज, जलज, नीरज, सरोज, राजीव, अरविंद, पद्म
गंगाभागीरथी, सुरसरि, देवनदी, मंदाकिनी, जाह्नवी, त्रिपथगा
घरगृह, सदन, भवन, निकेतन, आलय, निवास, आवास
चंद्रमाचाँद, शशि, राकेश, सुधांशु, हिमांशु, इंदु, मयंक, सोम
जलपानी, नीर, सलिल, वारि, अंबु, तोय, जीवन
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा
पृथ्वीधरा, धरती, भू, वसुधा, अवनि, मही, वसुंधरा
पेड़वृक्ष, तरु, विटप, पादप, द्रुम
बादलमेघ, जलद, घन, जलधर, नीरद, वारिद, पयोधर
सूर्यरवि, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, भानु, सूरज, आदित्य, प्रभाकर
समुद्रसागर, जलधि, रत्नाकर, पयोधि, उदधि, सिंधु, नीरधि
हाथीगज, हस्ती, कुंजर, द्विप, मतंग, करी
शत्रुदुश्मन, अरि, रिपु, बैरी, विपक्षी
मित्रसखा, दोस्त, सहचर, सुहृद, साथी
राजानृप, भूप, भूपति, नरेश, महीप, सम्राट
पुत्रबेटा, सुत, तनय, आत्मज, नंदन
पुत्रीबेटी, सुता, तनया, आत्मजा, दुहिता, नंदिनी
रातरात्रि, निशा, रजनी, यामिनी, विभावरी
शिवमहादेव, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ, महेश, त्रिलोचन, पशुपति
विष्णुनारायण, चक्रपाणि, केशव, जनार्दन, माधव, लक्ष्मीपति
पवनहवा, वायु, समीर, अनिल, मारुत, बयार
आँखनेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, दृग

3. विलोम (विपरीतार्थक) शब्द

शब्दविलोमशब्दविलोम
आदानप्रदानआस्तिकनास्तिक
आयातनिर्यातउत्कर्षअपकर्ष
उत्थानपतनउदयअस्त
कृतज्ञकृतघ्नगुणदोष
जंगमस्थावरज्येष्ठकनिष्ठ
दुर्लभसुलभनिंदास्तुति / प्रशंसा
प्राचीनअर्वाचीन / नवीनमौखिकलिखित
यशअपयशलौकिकअलौकिक
विधिनिषेधशुक्लकृष्ण
साकारनिराकारसापेक्षनिरपेक्ष
सृष्टिप्रलयस्वाधीनपराधीन
अनुरागविरागअनुकूलप्रतिकूल
आशानिराशाआसक्तअनासक्त
उपकारअपकारकोमलकठोर
तामसिकसात्त्विकदिवारात्रि
मूकवाचालसंक्षेपविस्तार
सज्जनदुर्जनहर्षविषाद
अमृतविषस्वदेशविदेश

4. अनेकार्थी शब्द

जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ हों, वे अनेकार्थी कहलाते हैं; संदर्भ से अर्थ तय होता है।

शब्दअर्थ
अंबरआकाश, वस्त्र, एक सुगंधित पदार्थ
कनकसोना, धतूरा, गेहूँ
कलबीता हुआ दिन, आने वाला दिन, मशीन, चैन
गुरुशिक्षक, भारी, बड़ा, बृहस्पति
घनबादल, हथौड़ा, घना, गणित में घन
जलजकमल, मोती, शंख, मछली
तीरबाण, किनारा
पत्रचिट्ठी, पत्ता, पंख
वर्णअक्षर, रंग, जाति
हरिविष्णु, सिंह, बंदर, घोड़ा, सर्प, इंद्र
सारंगमोर, हिरन, सिंह, बादल, कोयल, धनुष
उत्तरजवाब, एक दिशा, बाद का

5. वाक्यांश के लिए एक शब्द

वाक्यांशएक शब्द
जो ईश्वर में विश्वास रखता होआस्तिक
जिसका कोई शत्रु न जन्मा होअजातशत्रु
जो पहले कभी न हुआ होअभूतपूर्व
जिसे जीता न जा सकेअजेय
जो दिखाई न देअदृश्य
जिसका पार न पाया जा सकेअपार
जो किया गया उपकार मानेकृतज्ञ
जो किए गए उपकार को न मानेकृतघ्न
जो दूसरों पर निर्भर होपराश्रित / परावलंबी
जो सब कुछ जानता होसर्वज्ञ
जो कम बोलता होमितभाषी
जो मीठा बोलता होमृदुभाषी
जिसके हृदय में दया न होनिर्दय
जिसका आचरण अच्छा होसदाचारी
जो विधि (कानून) के अनुकूल होवैध
जो कानून के विरुद्ध होअवैध
जो शरण में आया होशरणागत
जिसकी गिनती न हो सकेअगणित / असंख्य
गोद लिया हुआ पुत्रदत्तक
दोपहर के बाद का समयअपराह्न
दोपहर से पहले का समयपूर्वाह्न
अपराध की स्वयं की गई स्वीकृतिस्वीकारोक्ति
जिस पर मुकदमा चल रहा होअभियुक्त
जो किसी की ओर से गवाही देसाक्षी
जहाँ जाना कठिन होदुर्गम
जो पढ़ा-लिखा न होनिरक्षर
🎯 पुलिस से जुड़े शब्द (अक्सर पूछे जाते हैं)

अभियुक्त — जिस पर आरोप/मुकदमा हो; अभियोक्ता — मुकदमा चलाने वाला; प्राथमिकी — FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट); गिरफ़्तारी वारंट — गिरफ़्तारी का आदेश; ज़मानत — Bail; फ़रार — भागा हुआ; हिरासत — Custody; साक्ष्य — सबूत; बरी — दोषमुक्त; संज्ञेय अपराध — जिसमें पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सके।

6. मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ

मुहावरा — वाक्यांश जो अपना सामान्य अर्थ छोड़कर विशेष अर्थ देता है; स्वतंत्र वाक्य नहीं होता, वाक्य में प्रयुक्त होता है (जैसे "आँख का तारा")। लोकोक्ति (कहावत) — पूर्ण वाक्य, जो लोक अनुभव पर आधारित होता है और स्वतंत्र प्रयोग होता है (जैसे "अधजल गगरी छलकत जाय")।

मुहावराअर्थ
आँख का ताराबहुत प्यारा
आसमान सिर पर उठानाबहुत शोर करना
ईंट से ईंट बजानापूरी तरह नष्ट करना
उल्टी गंगा बहानानियम के विरुद्ध काम करना
कलई खुलनाभेद प्रकट होना
कान भरनाचुगली करना
घाव पर नमक छिड़कनादुखी को और दुखी करना
दाँत खट्टे करनाबुरी तरह हराना
नौ दो ग्यारह होनाभाग जाना
पानी-पानी होनाबहुत लज्जित होना
लोहे के चने चबानाबहुत कठिन काम करना
हाथ पीले करनाविवाह करना
अंगूठा दिखानासाफ़ मना कर देना
गागर में सागर भरनाथोड़े में बहुत कहना
टेढ़ी खीरकठिन काम
रंगे हाथ पकड़नाअपराध करते हुए पकड़ना
श्रीगणेश करनाआरंभ करना
हवा से बातें करनाबहुत तेज़ दौड़ना
लोकोक्तिअर्थ
अधजल गगरी छलकत जायकम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेतसमय निकल जाने पर पछताना व्यर्थ
आम के आम गुठलियों के दामदोहरा लाभ
ऊँट के मुँह में ज़ीराआवश्यकता से बहुत कम
एक पंथ दो काजएक काम से दो लाभ
जिसकी लाठी उसकी भैंसशक्तिशाली की ही जीत
नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी कमी दूसरों पर डालना
चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी व्यक्ति स्वयं डरा रहता है
दूर के ढोल सुहावनेदूर की चीज़ अच्छी लगती है
होनहार बिरवान के होत चीकने पातमहान लोगों के लक्षण बचपन से दिखते हैं
साँच को आँच नहींसच्चे को डर नहीं
बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होयजैसी करनी वैसी भरनी

7. शुद्ध वर्तनी

अशुद्धशुद्धअशुद्धशुद्ध
अत्याधिकअत्यधिकउज्वलउज्ज्वल
आर्शीवादआशीर्वादकवियत्रीकवयित्री
अनाधिकारअनधिकारद्वारिकाद्वारका
इतिहासिकऐतिहासिकपरिक्षापरीक्षा
उपरोक्तउपर्युक्तप्रमाणिकप्रामाणिक
पुज्यपूज्यश्रीमतिश्रीमती
सन्यासीसंन्यासीसाम्रगीसामग्री
सौंदर्यतासौंदर्य (या सुंदरता)गृहणीगृहिणी
अध्यनअध्ययनदुरावस्थादुरवस्था
निरोगनीरोगबृजब्रज
व्यवहारिकव्यावहारिकस्वास्थस्वास्थ्य
अहिल्याअहल्याप्रदर्शिनीप्रदर्शनी
वर्तनी के नियम
  • "इक" प्रत्यय लगने पर पहले स्वर की वृद्धि: व्यवहार → व्यावहारिक, प्रमाण → प्रामाणिक, इतिहास → ऐतिहासिक।
  • "ता" और "य" दोनों भाववाचक प्रत्यय एक साथ नहीं लगते — "सौंदर्यता", "माधुर्यता" गलत।
  • "उपरोक्त" के स्थान पर संधि-नियम से शुद्ध "उपर्युक्त" (उपरि + उक्त, यण संधि)।

8. वाक्य शुद्धि

वाक्य की अशुद्धियाँ प्रायः इन कारणों से होती हैं — लिंग, वचन, कारक, शब्द चयन, पुनरुक्ति (एक ही अर्थ दो बार), क्रम।

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्यअशुद्धि का कारण
मेरे को घर जाना है।मुझे घर जाना है।सर्वनाम का गलत रूप
उसने एक सुंदर कविता सुनाया।उसने एक सुंदर कविता सुनाई।लिंग — "कविता" स्त्रीलिंग
मैंने यह काम करना है।मुझे यह काम करना है।कारक — "ने" का गलत प्रयोग
हमें सज्जन पुरुषों का आदर करना चाहिए।हमें सज्जनों का आदर करना चाहिए।पुनरुक्ति — सज्जन में पुरुष शामिल
वह सप्रमाण सहित बोला।वह प्रमाण सहित बोला / वह सप्रमाण बोला।पुनरुक्ति — "स" = सहित
कृपया आज की छुट्टी देने की कृपा करें।आज की छुट्टी देने की कृपा करें।पुनरुक्ति
उसके प्राण निकल गया।उसके प्राण निकल गए।वचन — "प्राण" सदा बहुवचन
दही खट्टी है।दही खट्टा है।लिंग — "दही" पुल्लिंग
आपका भवदीय।भवदीय।पुनरुक्ति — भवदीय = आपका
उसने मेरे को पुस्तक दी।उसने मुझे पुस्तक दी।सर्वनाम रूप
सीता ने राम को बुलाई।सीता ने राम को बुलाया।"ने" + "को" होने पर क्रिया पुल्लिंग एकवचन
पेड़ों पर कोयल बोल रहा है।पेड़ पर कोयल बोल रही है।लिंग — कोयल स्त्रीलिंग

9. अपठित गद्यांश — हल करने की विधि

अपठित गद्यांश वह अनुच्छेद है जो पहले नहीं पढ़ा गया हो; उस पर आधारित 5 से 10 प्रश्न पूछे जाते हैं — शीर्षक, मुख्य विचार, किसी शब्द का अर्थ/विलोम/पर्याय, लेखक का दृष्टिकोण, तथ्य आधारित प्रश्न। ये प्रश्न सबसे आसानी से अंक दिलाते हैं, क्योंकि उत्तर गद्यांश में ही होता है।

1. प्रश्नपहले पढ़ें 2. गद्यांशध्यान से पढ़ें 3. पंक्तिरेखांकित करें 4. विकल्पमिलाएँ उत्तर अपनी राय से नहीं, गद्यांश के आधार पर दें
अपठित गद्यांश हल करने के चार चरण।
  • शीर्षक — छोटा, आकर्षक और पूरे गद्यांश के केंद्रीय भाव को समेटने वाला हो; प्रायः पहली या अंतिम पंक्ति में मुख्य विचार होता है।
  • अत्यधिक सामान्य (जैसे "जीवन") या बहुत सीमित (गद्यांश के एक वाक्य से जुड़ा) शीर्षक प्रायः गलत होता है।
  • "गद्यांश के अनुसार" वाले प्रश्नों में बाहर का ज्ञान न लगाएँ।
अभ्यास गद्यांश (मौलिक)

अनुशासन जीवन की वह कुंजी है जिससे सफलता का हर ताला खुलता है। जो व्यक्ति समय का पालन करता है, अपने कर्तव्यों को टालता नहीं और नियमों का सम्मान करता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होता। पुलिस जैसी सेवा में अनुशासन केवल एक गुण नहीं, बल्कि अनिवार्यता है, क्योंकि यहाँ एक छोटी-सी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है। अनुशासित अधिकारी जनता का विश्वास जीतता है और कानून का राज स्थापित करने में सहायक बनता है। अतः अनुशासन को बाहरी दबाव नहीं, आंतरिक संकल्प के रूप में अपनाना चाहिए।

इस गद्यांश पर आधारित प्रश्न आगे PYQ खंड में (Q11, Q12) दिए गए हैं।

10. मास्टर सारणी — एक नज़र में

विषयमुख्य नियमउदाहरण
पर्यायवाचीसमान अर्थ; विकल्पों में एक "बेमेल" शब्द पहचानेंकमल — पंकज, नीरज (पर "नीरद" बादल है)
विलोमउपसर्ग बदलकर या पूर्णतः भिन्न शब्दआयात-निर्यात, कृतज्ञ-कृतघ्न
अनेकार्थीसंदर्भ से अर्थकनक — सोना, धतूरा
एक शब्दवाक्यांश का सटीक संक्षेपजिसका कोई शत्रु न जन्मा हो — अजातशत्रु
मुहावरावाक्यांश; विशेष अर्थनौ दो ग्यारह होना — भाग जाना
लोकोक्तिपूर्ण वाक्य; अनुभवअधजल गगरी छलकत जाय
वर्तनीइक प्रत्यय में वृद्धि; दोहरे प्रत्यय नहींव्यावहारिक, सौंदर्य
वाक्य शुद्धिलिंग, वचन, कारक, पुनरुक्ति जाँचेंमुझे जाना है
गद्यांशप्रश्न पहले, उत्तर गद्यांश सेशीर्षक = केंद्रीय भाव

11. माइंड मैप

शब्द ज्ञान एवं वाक्य
शब्द भंडार
  • पर्यायवाची
  • विलोम
  • अनेकार्थी
  • एक शब्द
भाषा का सौंदर्य
  • मुहावरे
  • लोकोक्तियाँ
शुद्धता
  • वर्तनी
  • वाक्य शुद्धि
  • रिक्त स्थान
बोध
  • अपठित गद्यांश
  • शीर्षक
  • केंद्रीय भाव

12. टिप्स एवं ट्रिक्स

तैयारी के तरीके
  • रोज़ 10 पर्यायवाची, 10 विलोम और 5 मुहावरे लिखकर याद करें; सप्ताह के अंत में दोहराएँ।
  • पर्यायवाची प्रश्न में "बेमेल" शब्द ढूँढें — जैसे "जलज" (कमल) और "जलद" (बादल) में अंतर।
  • रिक्त स्थान में पहले वाक्य का लिंग-वचन देखें, फिर अर्थ — विकल्प अपने आप कम हो जाएँगे।
  • वाक्य शुद्धि में "ने" वाले वाक्यों पर विशेष ध्यान दें — "ने" के साथ क्रिया कर्म के अनुसार बदलती है।
भ्रामक जोड़े
  • अवधि (समय) – अवधी (भाषा); अन्न (अनाज) – अन्य (दूसरा); कुल (वंश) – कूल (किनारा); दिन (दिवस) – दीन (गरीब)।
  • जलद (बादल) – जलज (कमल); नीरद (बादल) – नीरज (कमल)।
  • आदि (आरंभ/इत्यादि) – आदी (अभ्यस्त); ग्रह (नक्षत्र) – गृह (घर)।

13. महत्वपूर्ण वन-लाइनर

  • "दिनकर" सूर्य का पर्यायवाची है।
  • "नीरद" बादल का और "नीरज" कमल का पर्यायवाची है।
  • "कृतज्ञ" का विलोम "कृतघ्न" है।
  • "जंगम" का विलोम "स्थावर" है।
  • "कनक" के अर्थ सोना और धतूरा दोनों हैं।
  • "हरि" के अनेक अर्थों में विष्णु, सिंह और बंदर शामिल हैं।
  • जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो — अजातशत्रु।
  • दोपहर के बाद का समय — अपराह्न।
  • "नौ दो ग्यारह होना" का अर्थ भाग जाना है।
  • "टेढ़ी खीर" का अर्थ कठिन काम है।
  • मुहावरा वाक्यांश होता है, लोकोक्ति पूर्ण वाक्य।
  • "उज्ज्वल" में दो "ज" होते हैं।
  • "उपरोक्त" का शुद्ध रूप "उपर्युक्त" है।
  • "गृहिणी" शुद्ध है, "गृहणी" अशुद्ध।
  • "भवदीय" के साथ "आपका" लिखना पुनरुक्ति है।
  • अपठित गद्यांश में पहले प्रश्न पढ़ना समय बचाता है।

14. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित

Q1PYQ आधारित

निम्न में से कौन-सा शब्द "कमल" का पर्यायवाची नहीं है?

  1. पंकज
  2. नीरज
  3. जलद
  4. राजीव
उत्तर एवं व्याख्या

"जलद" का अर्थ है "जल देने वाला" अर्थात् बादल। पंकज (कीचड़ में उत्पन्न), नीरज (जल में उत्पन्न) और राजीव — ये तीनों कमल के पर्यायवाची हैं। "जलज" कमल होता, "जलद" नहीं।

उत्तर: (C) जलद

Q2PYQ आधारित

"उत्कर्ष" का विलोम शब्द है —

  1. उत्थान
  2. अपकर्ष
  3. निष्कर्ष
  4. प्रकर्ष
उत्तर एवं व्याख्या

"उत्कर्ष" का अर्थ है उन्नति, और इसका विलोम "अपकर्ष" (अवनति) है — उपसर्ग "उत्" के स्थान पर "अप"। उत्थान और प्रकर्ष लगभग समानार्थी हैं, और निष्कर्ष का अर्थ परिणाम है।

उत्तर: (B) अपकर्ष

Q3PYQ आधारित

"जिस पर मुकदमा चल रहा हो" — इसके लिए एक शब्द है —

  1. अभियोक्ता
  2. अभियुक्त
  3. साक्षी
  4. प्रतिवादी वकील
उत्तर एवं व्याख्या

जिस व्यक्ति पर आरोप लगाकर मुकदमा चलाया जा रहा हो, उसे अभियुक्त कहते हैं। अभियोक्ता मुकदमा चलाने वाला (अभियोजन पक्ष) है, साक्षी गवाह है और "प्रतिवादी वकील" एक शब्द नहीं, बल्कि बचाव पक्ष का वकील है।

उत्तर: (B) अभियुक्त

Q4PYQ आधारित

"नौ दो ग्यारह होना" मुहावरे का अर्थ है —

  1. हिसाब में गड़बड़ी करना
  2. भाग जाना
  3. बहुत लाभ कमाना
  4. मिल-जुलकर काम करना
उत्तर एवं व्याख्या

"नौ दो ग्यारह होना" का अर्थ है चुपचाप भाग जाना, जैसे "पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गए"। मुहावरे का अर्थ शाब्दिक (गणित) नहीं, लाक्षणिक होता है; बाकी विकल्प शब्दों से भ्रम पैदा करने के लिए हैं।

उत्तर: (B) भाग जाना

Q5PYQ आधारित

"चोर की दाढ़ी में तिनका" लोकोक्ति का अर्थ है —

  1. चोर बहुत चालाक होता है
  2. दोषी व्यक्ति स्वयं शंकित रहता है
  3. छोटी-सी गलती से पकड़ा जाना
  4. चोर की पहचान दाढ़ी से होती है
उत्तर एवं व्याख्या

इस लोकोक्ति का अर्थ है कि अपराधी अपने अपराध के कारण स्वयं डरा और शंकित रहता है, और उसके व्यवहार से ही उसका दोष झलक जाता है। बाकी विकल्प शाब्दिक या अधूरे अर्थ हैं।

उत्तर: (B) दोषी व्यक्ति स्वयं शंकित रहता है

Q6PYQ आधारित

निम्न में से शुद्ध वर्तनी वाला शब्द चुनिए —

  1. आर्शीवाद
  2. आशीर्वाद
  3. आशिर्वाद
  4. आर्शिवाद
उत्तर एवं व्याख्या

शुद्ध शब्द "आशीर्वाद" है — आशीः + वाद (विसर्ग संधि से "र्" बना और "वा" पर रेफ़ लगा)। "र्" का स्थान "शी" से पहले रखना या "शी" को ह्रस्व करना सामान्य गलतियाँ हैं।

उत्तर: (B) आशीर्वाद

Q7PYQ आधारित

शुद्ध वाक्य चुनिए —

  1. मेरे को आज बाज़ार जाना है।
  2. मैंने आज बाज़ार जाना है।
  3. मुझे आज बाज़ार जाना है।
  4. मुझको आज बाज़ार जाना हैं।
उत्तर एवं व्याख्या

"मुझे आज बाज़ार जाना है" शुद्ध है। "मेरे को" मानक हिंदी में अशुद्ध है, "मैंने ... जाना है" में "ने" का गलत प्रयोग है, और अंतिम वाक्य में एकवचन कर्ता के साथ "हैं" (बहुवचन) गलत है।

उत्तर: (C) मुझे आज बाज़ार जाना है।

Q8PYQ आधारित

"कनक" शब्द के दो अर्थ हैं —

  1. सोना और धतूरा
  2. चाँदी और गेहूँ
  3. सोना और चाँदी
  4. धतूरा और कमल
उत्तर एवं व्याख्या

"कनक" अनेकार्थी शब्द है, जिसके अर्थ सोना, धतूरा और गेहूँ हैं (प्रसिद्ध दोहा — "कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय")। चाँदी और कमल "कनक" के अर्थ नहीं हैं, इसलिए वे विकल्प गलत हैं।

उत्तर: (A) सोना और धतूरा

Q9PYQ आधारित

रिक्त स्थान भरिए: "पुलिस ने अपराधी को ________ पकड़ लिया।"

  1. रंगे हाथ
  2. हाथ पीले
  3. हाथों-हाथ लेना
  4. हाथ मलते
उत्तर एवं व्याख्या

"रंगे हाथ पकड़ना" का अर्थ है अपराध करते हुए पकड़ना, जो वाक्य के संदर्भ में बिल्कुल सही बैठता है। "हाथ पीले करना" विवाह, "हाथों-हाथ लेना" स्वागत करना और "हाथ मलना" पछताना है।

उत्तर: (A) रंगे हाथ

Q10PYQ आधारित

"दोपहर से पहले का समय" के लिए एक शब्द —

  1. अपराह्न
  2. पूर्वाह्न
  3. मध्याह्न
  4. सायंकाल
उत्तर एवं व्याख्या

"पूर्व + अह्न (दिन)" = पूर्वाह्न, अर्थात् दोपहर से पहले का समय (AM)। अपराह्न दोपहर के बाद का समय, मध्याह्न ठीक दोपहर और सायंकाल शाम है।

उत्तर: (B) पूर्वाह्न

Q11गद्यांश आधारित

ऊपर दिए अभ्यास गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —

  1. पुलिस की नौकरी
  2. अनुशासन — सफलता की कुंजी
  3. समय का महत्व
  4. जनता का विश्वास
उत्तर एवं व्याख्या

पूरे गद्यांश का केंद्रीय भाव अनुशासन है — पहली पंक्ति में इसे सफलता की कुंजी कहा गया है और अंत में इसे आंतरिक संकल्प बनाने की बात है। "पुलिस की नौकरी" और "जनता का विश्वास" केवल उदाहरण/परिणाम हैं, और "समय का महत्व" अनुशासन का एक अंग मात्र है।

उत्तर: (B) अनुशासन — सफलता की कुंजी

Q12गद्यांश आधारित

गद्यांश के अनुसार पुलिस सेवा में अनुशासन अनिवार्य क्यों है?

  1. क्योंकि इससे वेतन बढ़ता है
  2. क्योंकि छोटी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है
  3. क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी इसकी माँग करते हैं
  4. क्योंकि यह एक बाहरी दबाव है
उत्तर एवं व्याख्या

गद्यांश में स्पष्ट लिखा है — "यहाँ एक छोटी-सी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है"। वेतन और वरिष्ठों की माँग का उल्लेख गद्यांश में नहीं है, और लेखक ने अनुशासन को बाहरी दबाव नहीं, आंतरिक संकल्प बताया है।

उत्तर: (B) क्योंकि छोटी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है

15. त्वरित पुनरावृत्ति

परीक्षा से पहले एक बार ज़रूर पढ़ें
  • पर्यायवाची: सूर्य — दिनकर, भास्कर; कमल — पंकज, नीरज (जलद/नीरद नहीं)।
  • विलोम: कृतज्ञ-कृतघ्न, जंगम-स्थावर, आस्तिक-नास्तिक, उत्कर्ष-अपकर्ष।
  • अनेकार्थी: कनक, हरि, सारंग, जलज, अंबर।
  • एक शब्द: अजातशत्रु, अभियुक्त, पूर्वाह्न/अपराह्न, कृतघ्न, मितभाषी।
  • मुहावरे: नौ दो ग्यारह, रंगे हाथ, टेढ़ी खीर; लोकोक्तियाँ: अधजल गगरी, चोर की दाढ़ी में तिनका।
  • वर्तनी: आशीर्वाद, उज्ज्वल, उपर्युक्त, कवयित्री, गृहिणी, व्यावहारिक।
  • वाक्य शुद्धि: लिंग, वचन, कारक, पुनरुक्ति; गद्यांश — प्रश्न पहले, उत्तर गद्यांश से।