1. अध्याय एक नज़र में
सामान्य हिंदी पेपर के लगभग आधे प्रश्न शब्द ज्ञान और वाक्य पर आधारित होते हैं — पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे-लोकोक्तियाँ, शुद्ध वर्तनी, वाक्य शुद्धि, रिक्त स्थान और अपठित गद्यांश। इन प्रश्नों में व्याकरण के नियमों से अधिक शब्द भंडार और अभ्यास काम आता है। इस अध्याय में परीक्षा में बार-बार पूछे जाने वाले शब्दों की सूचियाँ, शुद्धि के नियम और गद्यांश हल करने की विधि दी गई है।
- पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, एक शब्द — 18 से 22
- मुहावरे और लोकोक्तियाँ — 8 से 10
- वर्तनी, वाक्य शुद्धि, रिक्त स्थान — 18 से 20
- अपठित गद्यांश — 8 से 10
2. पर्यायवाची शब्द
समान अर्थ वाले शब्दों को पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द कहते हैं। ध्यान दें — पर्यायवाची शब्दों का अर्थ लगभग समान होता है, पर हर संदर्भ में एक-दूसरे की जगह प्रयोग नहीं होते।
| शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|
| अग्नि | आग, अनल, पावक, वह्नि, कृशानु, हुताशन |
| आकाश | नभ, गगन, अंबर, व्योम, आसमान, अंतरिक्ष |
| कमल | पंकज, जलज, नीरज, सरोज, राजीव, अरविंद, पद्म |
| गंगा | भागीरथी, सुरसरि, देवनदी, मंदाकिनी, जाह्नवी, त्रिपथगा |
| घर | गृह, सदन, भवन, निकेतन, आलय, निवास, आवास |
| चंद्रमा | चाँद, शशि, राकेश, सुधांशु, हिमांशु, इंदु, मयंक, सोम |
| जल | पानी, नीर, सलिल, वारि, अंबु, तोय, जीवन |
| नदी | सरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा |
| पृथ्वी | धरा, धरती, भू, वसुधा, अवनि, मही, वसुंधरा |
| पेड़ | वृक्ष, तरु, विटप, पादप, द्रुम |
| बादल | मेघ, जलद, घन, जलधर, नीरद, वारिद, पयोधर |
| सूर्य | रवि, दिनकर, दिवाकर, भास्कर, भानु, सूरज, आदित्य, प्रभाकर |
| समुद्र | सागर, जलधि, रत्नाकर, पयोधि, उदधि, सिंधु, नीरधि |
| हाथी | गज, हस्ती, कुंजर, द्विप, मतंग, करी |
| शत्रु | दुश्मन, अरि, रिपु, बैरी, विपक्षी |
| मित्र | सखा, दोस्त, सहचर, सुहृद, साथी |
| राजा | नृप, भूप, भूपति, नरेश, महीप, सम्राट |
| पुत्र | बेटा, सुत, तनय, आत्मज, नंदन |
| पुत्री | बेटी, सुता, तनया, आत्मजा, दुहिता, नंदिनी |
| रात | रात्रि, निशा, रजनी, यामिनी, विभावरी |
| शिव | महादेव, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ, महेश, त्रिलोचन, पशुपति |
| विष्णु | नारायण, चक्रपाणि, केशव, जनार्दन, माधव, लक्ष्मीपति |
| पवन | हवा, वायु, समीर, अनिल, मारुत, बयार |
| आँख | नेत्र, नयन, लोचन, चक्षु, दृग |
3. विलोम (विपरीतार्थक) शब्द
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|
| आदान | प्रदान | आस्तिक | नास्तिक |
| आयात | निर्यात | उत्कर्ष | अपकर्ष |
| उत्थान | पतन | उदय | अस्त |
| कृतज्ञ | कृतघ्न | गुण | दोष |
| जंगम | स्थावर | ज्येष्ठ | कनिष्ठ |
| दुर्लभ | सुलभ | निंदा | स्तुति / प्रशंसा |
| प्राचीन | अर्वाचीन / नवीन | मौखिक | लिखित |
| यश | अपयश | लौकिक | अलौकिक |
| विधि | निषेध | शुक्ल | कृष्ण |
| साकार | निराकार | सापेक्ष | निरपेक्ष |
| सृष्टि | प्रलय | स्वाधीन | पराधीन |
| अनुराग | विराग | अनुकूल | प्रतिकूल |
| आशा | निराशा | आसक्त | अनासक्त |
| उपकार | अपकार | कोमल | कठोर |
| तामसिक | सात्त्विक | दिवा | रात्रि |
| मूक | वाचाल | संक्षेप | विस्तार |
| सज्जन | दुर्जन | हर्ष | विषाद |
| अमृत | विष | स्वदेश | विदेश |
4. अनेकार्थी शब्द
जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ हों, वे अनेकार्थी कहलाते हैं; संदर्भ से अर्थ तय होता है।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अंबर | आकाश, वस्त्र, एक सुगंधित पदार्थ |
| कनक | सोना, धतूरा, गेहूँ |
| कल | बीता हुआ दिन, आने वाला दिन, मशीन, चैन |
| गुरु | शिक्षक, भारी, बड़ा, बृहस्पति |
| घन | बादल, हथौड़ा, घना, गणित में घन |
| जलज | कमल, मोती, शंख, मछली |
| तीर | बाण, किनारा |
| पत्र | चिट्ठी, पत्ता, पंख |
| वर्ण | अक्षर, रंग, जाति |
| हरि | विष्णु, सिंह, बंदर, घोड़ा, सर्प, इंद्र |
| सारंग | मोर, हिरन, सिंह, बादल, कोयल, धनुष |
| उत्तर | जवाब, एक दिशा, बाद का |
5. वाक्यांश के लिए एक शब्द
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो ईश्वर में विश्वास रखता हो | आस्तिक |
| जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो | अजातशत्रु |
| जो पहले कभी न हुआ हो | अभूतपूर्व |
| जिसे जीता न जा सके | अजेय |
| जो दिखाई न दे | अदृश्य |
| जिसका पार न पाया जा सके | अपार |
| जो किया गया उपकार माने | कृतज्ञ |
| जो किए गए उपकार को न माने | कृतघ्न |
| जो दूसरों पर निर्भर हो | पराश्रित / परावलंबी |
| जो सब कुछ जानता हो | सर्वज्ञ |
| जो कम बोलता हो | मितभाषी |
| जो मीठा बोलता हो | मृदुभाषी |
| जिसके हृदय में दया न हो | निर्दय |
| जिसका आचरण अच्छा हो | सदाचारी |
| जो विधि (कानून) के अनुकूल हो | वैध |
| जो कानून के विरुद्ध हो | अवैध |
| जो शरण में आया हो | शरणागत |
| जिसकी गिनती न हो सके | अगणित / असंख्य |
| गोद लिया हुआ पुत्र | दत्तक |
| दोपहर के बाद का समय | अपराह्न |
| दोपहर से पहले का समय | पूर्वाह्न |
| अपराध की स्वयं की गई स्वीकृति | स्वीकारोक्ति |
| जिस पर मुकदमा चल रहा हो | अभियुक्त |
| जो किसी की ओर से गवाही दे | साक्षी |
| जहाँ जाना कठिन हो | दुर्गम |
| जो पढ़ा-लिखा न हो | निरक्षर |
अभियुक्त — जिस पर आरोप/मुकदमा हो; अभियोक्ता — मुकदमा चलाने वाला; प्राथमिकी — FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट); गिरफ़्तारी वारंट — गिरफ़्तारी का आदेश; ज़मानत — Bail; फ़रार — भागा हुआ; हिरासत — Custody; साक्ष्य — सबूत; बरी — दोषमुक्त; संज्ञेय अपराध — जिसमें पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सके।
6. मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ
मुहावरा — वाक्यांश जो अपना सामान्य अर्थ छोड़कर विशेष अर्थ देता है; स्वतंत्र वाक्य नहीं होता, वाक्य में प्रयुक्त होता है (जैसे "आँख का तारा")। लोकोक्ति (कहावत) — पूर्ण वाक्य, जो लोक अनुभव पर आधारित होता है और स्वतंत्र प्रयोग होता है (जैसे "अधजल गगरी छलकत जाय")।
| मुहावरा | अर्थ |
|---|---|
| आँख का तारा | बहुत प्यारा |
| आसमान सिर पर उठाना | बहुत शोर करना |
| ईंट से ईंट बजाना | पूरी तरह नष्ट करना |
| उल्टी गंगा बहाना | नियम के विरुद्ध काम करना |
| कलई खुलना | भेद प्रकट होना |
| कान भरना | चुगली करना |
| घाव पर नमक छिड़कना | दुखी को और दुखी करना |
| दाँत खट्टे करना | बुरी तरह हराना |
| नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना |
| पानी-पानी होना | बहुत लज्जित होना |
| लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना |
| हाथ पीले करना | विवाह करना |
| अंगूठा दिखाना | साफ़ मना कर देना |
| गागर में सागर भरना | थोड़े में बहुत कहना |
| टेढ़ी खीर | कठिन काम |
| रंगे हाथ पकड़ना | अपराध करते हुए पकड़ना |
| श्रीगणेश करना | आरंभ करना |
| हवा से बातें करना | बहुत तेज़ दौड़ना |
| लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|
| अधजल गगरी छलकत जाय | कम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है |
| अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत | समय निकल जाने पर पछताना व्यर्थ |
| आम के आम गुठलियों के दाम | दोहरा लाभ |
| ऊँट के मुँह में ज़ीरा | आवश्यकता से बहुत कम |
| एक पंथ दो काज | एक काम से दो लाभ |
| जिसकी लाठी उसकी भैंस | शक्तिशाली की ही जीत |
| नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी कमी दूसरों पर डालना |
| चोर की दाढ़ी में तिनका | दोषी व्यक्ति स्वयं डरा रहता है |
| दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीज़ अच्छी लगती है |
| होनहार बिरवान के होत चीकने पात | महान लोगों के लक्षण बचपन से दिखते हैं |
| साँच को आँच नहीं | सच्चे को डर नहीं |
| बोए पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय | जैसी करनी वैसी भरनी |
7. शुद्ध वर्तनी
| अशुद्ध | शुद्ध | अशुद्ध | शुद्ध |
|---|---|---|---|
| अत्याधिक | अत्यधिक | उज्वल | उज्ज्वल |
| आर्शीवाद | आशीर्वाद | कवियत्री | कवयित्री |
| अनाधिकार | अनधिकार | द्वारिका | द्वारका |
| इतिहासिक | ऐतिहासिक | परिक्षा | परीक्षा |
| उपरोक्त | उपर्युक्त | प्रमाणिक | प्रामाणिक |
| पुज्य | पूज्य | श्रीमति | श्रीमती |
| सन्यासी | संन्यासी | साम्रगी | सामग्री |
| सौंदर्यता | सौंदर्य (या सुंदरता) | गृहणी | गृहिणी |
| अध्यन | अध्ययन | दुरावस्था | दुरवस्था |
| निरोग | नीरोग | बृज | ब्रज |
| व्यवहारिक | व्यावहारिक | स्वास्थ | स्वास्थ्य |
| अहिल्या | अहल्या | प्रदर्शिनी | प्रदर्शनी |
- "इक" प्रत्यय लगने पर पहले स्वर की वृद्धि: व्यवहार → व्यावहारिक, प्रमाण → प्रामाणिक, इतिहास → ऐतिहासिक।
- "ता" और "य" दोनों भाववाचक प्रत्यय एक साथ नहीं लगते — "सौंदर्यता", "माधुर्यता" गलत।
- "उपरोक्त" के स्थान पर संधि-नियम से शुद्ध "उपर्युक्त" (उपरि + उक्त, यण संधि)।
8. वाक्य शुद्धि
वाक्य की अशुद्धियाँ प्रायः इन कारणों से होती हैं — लिंग, वचन, कारक, शब्द चयन, पुनरुक्ति (एक ही अर्थ दो बार), क्रम।
| अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य | अशुद्धि का कारण |
|---|---|---|
| मेरे को घर जाना है। | मुझे घर जाना है। | सर्वनाम का गलत रूप |
| उसने एक सुंदर कविता सुनाया। | उसने एक सुंदर कविता सुनाई। | लिंग — "कविता" स्त्रीलिंग |
| मैंने यह काम करना है। | मुझे यह काम करना है। | कारक — "ने" का गलत प्रयोग |
| हमें सज्जन पुरुषों का आदर करना चाहिए। | हमें सज्जनों का आदर करना चाहिए। | पुनरुक्ति — सज्जन में पुरुष शामिल |
| वह सप्रमाण सहित बोला। | वह प्रमाण सहित बोला / वह सप्रमाण बोला। | पुनरुक्ति — "स" = सहित |
| कृपया आज की छुट्टी देने की कृपा करें। | आज की छुट्टी देने की कृपा करें। | पुनरुक्ति |
| उसके प्राण निकल गया। | उसके प्राण निकल गए। | वचन — "प्राण" सदा बहुवचन |
| दही खट्टी है। | दही खट्टा है। | लिंग — "दही" पुल्लिंग |
| आपका भवदीय। | भवदीय। | पुनरुक्ति — भवदीय = आपका |
| उसने मेरे को पुस्तक दी। | उसने मुझे पुस्तक दी। | सर्वनाम रूप |
| सीता ने राम को बुलाई। | सीता ने राम को बुलाया। | "ने" + "को" होने पर क्रिया पुल्लिंग एकवचन |
| पेड़ों पर कोयल बोल रहा है। | पेड़ पर कोयल बोल रही है। | लिंग — कोयल स्त्रीलिंग |
9. अपठित गद्यांश — हल करने की विधि
अपठित गद्यांश वह अनुच्छेद है जो पहले नहीं पढ़ा गया हो; उस पर आधारित 5 से 10 प्रश्न पूछे जाते हैं — शीर्षक, मुख्य विचार, किसी शब्द का अर्थ/विलोम/पर्याय, लेखक का दृष्टिकोण, तथ्य आधारित प्रश्न। ये प्रश्न सबसे आसानी से अंक दिलाते हैं, क्योंकि उत्तर गद्यांश में ही होता है।
- शीर्षक — छोटा, आकर्षक और पूरे गद्यांश के केंद्रीय भाव को समेटने वाला हो; प्रायः पहली या अंतिम पंक्ति में मुख्य विचार होता है।
- अत्यधिक सामान्य (जैसे "जीवन") या बहुत सीमित (गद्यांश के एक वाक्य से जुड़ा) शीर्षक प्रायः गलत होता है।
- "गद्यांश के अनुसार" वाले प्रश्नों में बाहर का ज्ञान न लगाएँ।
अनुशासन जीवन की वह कुंजी है जिससे सफलता का हर ताला खुलता है। जो व्यक्ति समय का पालन करता है, अपने कर्तव्यों को टालता नहीं और नियमों का सम्मान करता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी विचलित नहीं होता। पुलिस जैसी सेवा में अनुशासन केवल एक गुण नहीं, बल्कि अनिवार्यता है, क्योंकि यहाँ एक छोटी-सी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है। अनुशासित अधिकारी जनता का विश्वास जीतता है और कानून का राज स्थापित करने में सहायक बनता है। अतः अनुशासन को बाहरी दबाव नहीं, आंतरिक संकल्प के रूप में अपनाना चाहिए।
इस गद्यांश पर आधारित प्रश्न आगे PYQ खंड में (Q11, Q12) दिए गए हैं।
10. मास्टर सारणी — एक नज़र में
| विषय | मुख्य नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| पर्यायवाची | समान अर्थ; विकल्पों में एक "बेमेल" शब्द पहचानें | कमल — पंकज, नीरज (पर "नीरद" बादल है) |
| विलोम | उपसर्ग बदलकर या पूर्णतः भिन्न शब्द | आयात-निर्यात, कृतज्ञ-कृतघ्न |
| अनेकार्थी | संदर्भ से अर्थ | कनक — सोना, धतूरा |
| एक शब्द | वाक्यांश का सटीक संक्षेप | जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो — अजातशत्रु |
| मुहावरा | वाक्यांश; विशेष अर्थ | नौ दो ग्यारह होना — भाग जाना |
| लोकोक्ति | पूर्ण वाक्य; अनुभव | अधजल गगरी छलकत जाय |
| वर्तनी | इक प्रत्यय में वृद्धि; दोहरे प्रत्यय नहीं | व्यावहारिक, सौंदर्य |
| वाक्य शुद्धि | लिंग, वचन, कारक, पुनरुक्ति जाँचें | मुझे जाना है |
| गद्यांश | प्रश्न पहले, उत्तर गद्यांश से | शीर्षक = केंद्रीय भाव |
11. माइंड मैप
- पर्यायवाची
- विलोम
- अनेकार्थी
- एक शब्द
- मुहावरे
- लोकोक्तियाँ
- वर्तनी
- वाक्य शुद्धि
- रिक्त स्थान
- अपठित गद्यांश
- शीर्षक
- केंद्रीय भाव
12. टिप्स एवं ट्रिक्स
- रोज़ 10 पर्यायवाची, 10 विलोम और 5 मुहावरे लिखकर याद करें; सप्ताह के अंत में दोहराएँ।
- पर्यायवाची प्रश्न में "बेमेल" शब्द ढूँढें — जैसे "जलज" (कमल) और "जलद" (बादल) में अंतर।
- रिक्त स्थान में पहले वाक्य का लिंग-वचन देखें, फिर अर्थ — विकल्प अपने आप कम हो जाएँगे।
- वाक्य शुद्धि में "ने" वाले वाक्यों पर विशेष ध्यान दें — "ने" के साथ क्रिया कर्म के अनुसार बदलती है।
- अवधि (समय) – अवधी (भाषा); अन्न (अनाज) – अन्य (दूसरा); कुल (वंश) – कूल (किनारा); दिन (दिवस) – दीन (गरीब)।
- जलद (बादल) – जलज (कमल); नीरद (बादल) – नीरज (कमल)।
- आदि (आरंभ/इत्यादि) – आदी (अभ्यस्त); ग्रह (नक्षत्र) – गृह (घर)।
13. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- "दिनकर" सूर्य का पर्यायवाची है।
- "नीरद" बादल का और "नीरज" कमल का पर्यायवाची है।
- "कृतज्ञ" का विलोम "कृतघ्न" है।
- "जंगम" का विलोम "स्थावर" है।
- "कनक" के अर्थ सोना और धतूरा दोनों हैं।
- "हरि" के अनेक अर्थों में विष्णु, सिंह और बंदर शामिल हैं।
- जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो — अजातशत्रु।
- दोपहर के बाद का समय — अपराह्न।
- "नौ दो ग्यारह होना" का अर्थ भाग जाना है।
- "टेढ़ी खीर" का अर्थ कठिन काम है।
- मुहावरा वाक्यांश होता है, लोकोक्ति पूर्ण वाक्य।
- "उज्ज्वल" में दो "ज" होते हैं।
- "उपरोक्त" का शुद्ध रूप "उपर्युक्त" है।
- "गृहिणी" शुद्ध है, "गृहणी" अशुद्ध।
- "भवदीय" के साथ "आपका" लिखना पुनरुक्ति है।
- अपठित गद्यांश में पहले प्रश्न पढ़ना समय बचाता है।
14. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
निम्न में से कौन-सा शब्द "कमल" का पर्यायवाची नहीं है?
- पंकज
- नीरज
- जलद
- राजीव
उत्तर एवं व्याख्या
"जलद" का अर्थ है "जल देने वाला" अर्थात् बादल। पंकज (कीचड़ में उत्पन्न), नीरज (जल में उत्पन्न) और राजीव — ये तीनों कमल के पर्यायवाची हैं। "जलज" कमल होता, "जलद" नहीं।
उत्तर: (C) जलद
"उत्कर्ष" का विलोम शब्द है —
- उत्थान
- अपकर्ष
- निष्कर्ष
- प्रकर्ष
उत्तर एवं व्याख्या
"उत्कर्ष" का अर्थ है उन्नति, और इसका विलोम "अपकर्ष" (अवनति) है — उपसर्ग "उत्" के स्थान पर "अप"। उत्थान और प्रकर्ष लगभग समानार्थी हैं, और निष्कर्ष का अर्थ परिणाम है।
उत्तर: (B) अपकर्ष
"जिस पर मुकदमा चल रहा हो" — इसके लिए एक शब्द है —
- अभियोक्ता
- अभियुक्त
- साक्षी
- प्रतिवादी वकील
उत्तर एवं व्याख्या
जिस व्यक्ति पर आरोप लगाकर मुकदमा चलाया जा रहा हो, उसे अभियुक्त कहते हैं। अभियोक्ता मुकदमा चलाने वाला (अभियोजन पक्ष) है, साक्षी गवाह है और "प्रतिवादी वकील" एक शब्द नहीं, बल्कि बचाव पक्ष का वकील है।
उत्तर: (B) अभियुक्त
"नौ दो ग्यारह होना" मुहावरे का अर्थ है —
- हिसाब में गड़बड़ी करना
- भाग जाना
- बहुत लाभ कमाना
- मिल-जुलकर काम करना
उत्तर एवं व्याख्या
"नौ दो ग्यारह होना" का अर्थ है चुपचाप भाग जाना, जैसे "पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गए"। मुहावरे का अर्थ शाब्दिक (गणित) नहीं, लाक्षणिक होता है; बाकी विकल्प शब्दों से भ्रम पैदा करने के लिए हैं।
उत्तर: (B) भाग जाना
"चोर की दाढ़ी में तिनका" लोकोक्ति का अर्थ है —
- चोर बहुत चालाक होता है
- दोषी व्यक्ति स्वयं शंकित रहता है
- छोटी-सी गलती से पकड़ा जाना
- चोर की पहचान दाढ़ी से होती है
उत्तर एवं व्याख्या
इस लोकोक्ति का अर्थ है कि अपराधी अपने अपराध के कारण स्वयं डरा और शंकित रहता है, और उसके व्यवहार से ही उसका दोष झलक जाता है। बाकी विकल्प शाब्दिक या अधूरे अर्थ हैं।
उत्तर: (B) दोषी व्यक्ति स्वयं शंकित रहता है
निम्न में से शुद्ध वर्तनी वाला शब्द चुनिए —
- आर्शीवाद
- आशीर्वाद
- आशिर्वाद
- आर्शिवाद
उत्तर एवं व्याख्या
शुद्ध शब्द "आशीर्वाद" है — आशीः + वाद (विसर्ग संधि से "र्" बना और "वा" पर रेफ़ लगा)। "र्" का स्थान "शी" से पहले रखना या "शी" को ह्रस्व करना सामान्य गलतियाँ हैं।
उत्तर: (B) आशीर्वाद
शुद्ध वाक्य चुनिए —
- मेरे को आज बाज़ार जाना है।
- मैंने आज बाज़ार जाना है।
- मुझे आज बाज़ार जाना है।
- मुझको आज बाज़ार जाना हैं।
उत्तर एवं व्याख्या
"मुझे आज बाज़ार जाना है" शुद्ध है। "मेरे को" मानक हिंदी में अशुद्ध है, "मैंने ... जाना है" में "ने" का गलत प्रयोग है, और अंतिम वाक्य में एकवचन कर्ता के साथ "हैं" (बहुवचन) गलत है।
उत्तर: (C) मुझे आज बाज़ार जाना है।
"कनक" शब्द के दो अर्थ हैं —
- सोना और धतूरा
- चाँदी और गेहूँ
- सोना और चाँदी
- धतूरा और कमल
उत्तर एवं व्याख्या
"कनक" अनेकार्थी शब्द है, जिसके अर्थ सोना, धतूरा और गेहूँ हैं (प्रसिद्ध दोहा — "कनक कनक ते सौ गुनी मादकता अधिकाय")। चाँदी और कमल "कनक" के अर्थ नहीं हैं, इसलिए वे विकल्प गलत हैं।
उत्तर: (A) सोना और धतूरा
रिक्त स्थान भरिए: "पुलिस ने अपराधी को ________ पकड़ लिया।"
- रंगे हाथ
- हाथ पीले
- हाथों-हाथ लेना
- हाथ मलते
उत्तर एवं व्याख्या
"रंगे हाथ पकड़ना" का अर्थ है अपराध करते हुए पकड़ना, जो वाक्य के संदर्भ में बिल्कुल सही बैठता है। "हाथ पीले करना" विवाह, "हाथों-हाथ लेना" स्वागत करना और "हाथ मलना" पछताना है।
उत्तर: (A) रंगे हाथ
"दोपहर से पहले का समय" के लिए एक शब्द —
- अपराह्न
- पूर्वाह्न
- मध्याह्न
- सायंकाल
उत्तर एवं व्याख्या
"पूर्व + अह्न (दिन)" = पूर्वाह्न, अर्थात् दोपहर से पहले का समय (AM)। अपराह्न दोपहर के बाद का समय, मध्याह्न ठीक दोपहर और सायंकाल शाम है।
उत्तर: (B) पूर्वाह्न
ऊपर दिए अभ्यास गद्यांश के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है —
- पुलिस की नौकरी
- अनुशासन — सफलता की कुंजी
- समय का महत्व
- जनता का विश्वास
उत्तर एवं व्याख्या
पूरे गद्यांश का केंद्रीय भाव अनुशासन है — पहली पंक्ति में इसे सफलता की कुंजी कहा गया है और अंत में इसे आंतरिक संकल्प बनाने की बात है। "पुलिस की नौकरी" और "जनता का विश्वास" केवल उदाहरण/परिणाम हैं, और "समय का महत्व" अनुशासन का एक अंग मात्र है।
उत्तर: (B) अनुशासन — सफलता की कुंजी
गद्यांश के अनुसार पुलिस सेवा में अनुशासन अनिवार्य क्यों है?
- क्योंकि इससे वेतन बढ़ता है
- क्योंकि छोटी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है
- क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी इसकी माँग करते हैं
- क्योंकि यह एक बाहरी दबाव है
उत्तर एवं व्याख्या
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है — "यहाँ एक छोटी-सी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है"। वेतन और वरिष्ठों की माँग का उल्लेख गद्यांश में नहीं है, और लेखक ने अनुशासन को बाहरी दबाव नहीं, आंतरिक संकल्प बताया है।
उत्तर: (B) क्योंकि छोटी लापरवाही भी समाज की सुरक्षा को संकट में डाल सकती है
15. त्वरित पुनरावृत्ति
- पर्यायवाची: सूर्य — दिनकर, भास्कर; कमल — पंकज, नीरज (जलद/नीरद नहीं)।
- विलोम: कृतज्ञ-कृतघ्न, जंगम-स्थावर, आस्तिक-नास्तिक, उत्कर्ष-अपकर्ष।
- अनेकार्थी: कनक, हरि, सारंग, जलज, अंबर।
- एक शब्द: अजातशत्रु, अभियुक्त, पूर्वाह्न/अपराह्न, कृतघ्न, मितभाषी।
- मुहावरे: नौ दो ग्यारह, रंगे हाथ, टेढ़ी खीर; लोकोक्तियाँ: अधजल गगरी, चोर की दाढ़ी में तिनका।
- वर्तनी: आशीर्वाद, उज्ज्वल, उपर्युक्त, कवयित्री, गृहिणी, व्यावहारिक।
- वाक्य शुद्धि: लिंग, वचन, कारक, पुनरुक्ति; गद्यांश — प्रश्न पहले, उत्तर गद्यांश से।