1. अध्याय एक नज़र में
बिहार पुलिस दरोगा (BPSSC SI) की प्रारंभिक परीक्षा में बिहार से जुड़े प्रश्न हर बार पूछे जाते हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण बताता है कि 100 में से लगभग 10 से 14 प्रश्न सीधे बिहार के इतिहास, भूगोल, कला-संस्कृति और अर्थव्यवस्था से आते हैं। इसके अलावा इतिहास और भूगोल के कई प्रश्नों में भी बिहार का संदर्भ होता है (जैसे बौद्ध संगीतियाँ, चंपारण सत्याग्रह, कोसी नदी)। इसलिए यह अध्याय सबसे अधिक अंक दिलाने वाले अध्यायों में से एक है। इस अध्याय में हम बिहार का गठन, प्राचीन बिहार का गौरव, मध्यकाल और आधुनिक काल, स्वतंत्रता आंदोलन में बिहार, भौगोलिक संरचना, नदियाँ, जलवायु, जनसंख्या (Census 2011), कृषि एवं उद्योग, GI Tag वाले उत्पाद, लोक कला, पर्व-मेले, भाषा-साहित्य और प्रशासनिक तथ्य पढ़ेंगे।
- बिहार दिवस (22 मार्च 1912), उड़ीसा का अलग होना (1936) और झारखंड का गठन (15 नवंबर 2000)।
- मगध के राजवंश, पाटलिपुत्र, वैशाली गणराज्य, नालंदा-विक्रमशिला विश्वविद्यालय और बौद्ध संगीतियाँ।
- 1857 में कुँवर सिंह, चंपारण सत्याग्रह (1917), भारत छोड़ो आंदोलन में पटना सचिवालय गोलीकांड और JP आंदोलन।
- नदियाँ — कोसी (बिहार का शोक), गंडक, सोन, फल्गु, कर्मनाशा; वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व, काबर ताल।
- जनगणना 2011 के आँकड़े — जनसंख्या घनत्व (सबसे अधिक), साक्षरता (सबसे कम), लिंगानुपात।
- मधुबनी, मंजूषा, टिकुली कला; छठ, सामा-चकेवा, सोनपुर मेला; GI Tag उत्पाद (शाही लीची, मखाना, जर्दालू आम)।
2. बिहार का गठन एवं नामकरण
"बिहार" शब्द बौद्ध विहार (भिक्षुओं के निवास स्थान) से बना है। मध्यकाल में बिहारशरीफ (ओदंतपुरी के पास) के क्षेत्र को "बिहार" कहा जाने लगा और धीरे-धीरे यह नाम पूरे प्रदेश के लिए प्रयोग होने लगा। ब्रिटिश काल में बिहार, बंगाल प्रेसीडेंसी का हिस्सा था।
- 12 दिसंबर 1911 — दिल्ली दरबार में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम ने बंगाल विभाजन रद्द करने और बिहार-उड़ीसा को अलग प्रांत बनाने की घोषणा की।
- 22 मार्च 1912 — बिहार और उड़ीसा प्रांत अस्तित्व में आया। इसी कारण हर वर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है।
- 1916 — पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) की स्थापना। 1917 — पटना विश्वविद्यालय की स्थापना।
- 1 अप्रैल 1936 — उड़ीसा अलग प्रांत बना और बिहार स्वतंत्र प्रांत रह गया।
- 15 नवंबर 2000 — बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के तहत दक्षिणी भाग (छोटानागपुर पठार) अलग होकर झारखंड राज्य बना। इसके साथ बिहार के अधिकांश खनिज झारखंड में चले गए।
बिहार दिवस = 22 मार्च (1912)। झारखंड स्थापना दिवस = 15 नवंबर (बिरसा मुंडा की जयंती)। उड़ीसा 1936 में अलग हुआ। "बिहार" नाम बौद्ध "विहारों" की अधिकता के कारण पड़ा।
3. प्राचीन बिहार — भारत के इतिहास का केंद्र
प्राचीन भारत के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य बिहार की धरती पर बने। छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 16 महाजनपदों में से मगध, अंग और वज्जि (वृज्जि) बिहार में थे।
| महाजनपद | राजधानी | वर्तमान क्षेत्र | विशेष तथ्य |
|---|---|---|---|
| मगध | राजगृह (गिरिव्रज), बाद में पाटलिपुत्र | पटना, नालंदा, गया | सबसे शक्तिशाली महाजनपद |
| अंग | चंपा | भागलपुर, मुंगेर | बिंबिसार ने मगध में मिलाया |
| वज्जि | वैशाली | वैशाली, मुजफ्फरपुर | लिच्छवि गणराज्य — विश्व के प्रारंभिक गणतंत्रों में |
मगध के प्रमुख राजवंश
- हर्यक वंश — बिंबिसार (वैवाहिक संबंधों से विस्तार, बुद्ध के समकालीन), अजातशत्रु (वज्जि संघ को हराया, प्रथम बौद्ध संगीति का संरक्षक), उदयिन (पाटलिपुत्र/कुसुमपुर नगर बसाया, गंगा-सोन संगम पर)।
- शिशुनाग वंश — शिशुनाग ने अवंति को जीता; कालाशोक के समय वैशाली में द्वितीय बौद्ध संगीति हुई।
- नंद वंश — महापद्मनंद (पहला गैर-क्षत्रिय साम्राज्य), धनानंद (सिकंदर के आक्रमण के समय मगध का शासक)।
- मौर्य वंश — चंद्रगुप्त मौर्य (322 ई.पू., चाणक्य की सहायता से; यूनानी राजदूत मेगस्थनीज़ ने "इंडिका" लिखी), बिंदुसार, अशोक (कलिंग युद्ध 261 ई.पू. के बाद धम्म नीति; तृतीय बौद्ध संगीति पाटलिपुत्र में)।
- गुप्त वंश — चंद्रगुप्त प्रथम ने लिच्छवि राजकुमारी कुमारदेवी से विवाह किया; समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य); कुमारगुप्त प्रथम ने नालंदा महाविहार की स्थापना की।
- पाल वंश — गोपाल ने ओदंतपुरी विहार, धर्मपाल ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय (भागलपुर) की स्थापना की।
बौद्ध एवं जैन धर्म से संबंध
- महावीर स्वामी (24वें तीर्थंकर) का जन्म वैशाली के निकट कुंडग्राम में हुआ और निर्वाण पावापुरी (नालंदा) में।
- गौतम बुद्ध को बोधगया (उरुवेला) में निरंजना (फल्गु) नदी के तट पर पीपल वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ। बोधगया का महाबोधि मंदिर 2002 में UNESCO विश्व धरोहर बना।
- नालंदा महाविहार के पुरातात्विक स्थल को 2016 में UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। चीनी यात्री ह्वेनसांग और इत्सिंग यहाँ आए थे। बख्तियार खिलजी ने 12वीं-13वीं सदी में इसे नष्ट किया।
| बौद्ध संगीति | स्थान | संरक्षक शासक | अध्यक्ष |
|---|---|---|---|
| प्रथम | राजगृह (सप्तपर्णी गुफा) | अजातशत्रु | महाकस्सप |
| द्वितीय | वैशाली | कालाशोक | सबाकामी |
| तृतीय | पाटलिपुत्र | अशोक | मोग्गलिपुत्त तिस्स |
| चतुर्थ | कुंडलवन (कश्मीर) | कनिष्क | वसुमित्र |
पहली तीन बौद्ध संगीतियाँ बिहार में हुईं — यह तथ्य परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है। अशोक के स्तंभ लौरिया नंदनगढ़ (सिंह शीर्ष), लौरिया अरेराज और रामपुरवा (बैल शीर्ष) पश्चिम/पूर्वी चंपारण में हैं। बराबर की गुफाएँ (जहानाबाद) अशोक ने आजीवक संप्रदाय को दान दीं। केसरिया स्तूप (पूर्वी चंपारण) विश्व के सबसे ऊँचे उत्खनित बौद्ध स्तूपों में गिना जाता है।
4. मध्यकालीन बिहार
- बख्तियार खिलजी (12वीं सदी के अंत) — बिहार पर पहला तुर्क आक्रमण; नालंदा, विक्रमशिला और ओदंतपुरी विहारों को नष्ट किया।
- शेरशाह सूरी — जन्म नाम फरीद; जागीर सासाराम (रोहतास) में थी और वहीं उसका मकबरा है। चौसा का युद्ध (1539) और कन्नौज/बिलग्राम का युद्ध (1540) में हुमायूँ को हराया। चाँदी का "रुपया" जारी किया, ग्रैंड ट्रंक रोड (सड़क-ए-आज़म) को सुधारा, डाक व्यवस्था और भूमि माप की नई प्रणाली दी। पटना को फिर से प्रशासनिक केंद्र बनाया।
- मुगल काल — अकबर के समय बिहार एक सूबा बना। औरंगज़ेब के पौत्र अज़ीम-उश-शान ने पटना का नाम अज़ीमाबाद रखा।
- सिख इतिहास — सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह का जन्म 1666 में पटना में हुआ। यहाँ तख्त श्री हरमंदिर साहिब (पटना साहिब) है, जो सिखों के पाँच तख्तों में से एक है।
5. आधुनिक बिहार एवं स्वतंत्रता आंदोलन
- बक्सर का युद्ध (22 अक्टूबर 1764) — अंग्रेज़ सेनापति हेक्टर मुनरो ने मीर कासिम (बंगाल), शुजाउद्दौला (अवध) और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना को हराया। इसके बाद इलाहाबाद की संधि (1765) से कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली।
- गोलघर (पटना) — 1770 के भीषण अकाल के बाद अनाज भंडारण के लिए कैप्टन जॉन गार्स्टिन ने 1786 में बनवाया।
- वहाबी आंदोलन — पटना इसका प्रमुख केंद्र था।
- 1857 की क्रांति — जगदीशपुर (भोजपुर) के लगभग 80 वर्षीय ज़मींदार बाबू कुँवर सिंह ने आरा पर कब्ज़ा किया और कई युद्धों में अंग्रेज़ों को हराया। पटना में पीर अली ने विद्रोह किया और उन्हें फाँसी दी गई।
- चंपारण सत्याग्रह (1917) — नील की खेती की तिनकठिया प्रथा (हर बीघा के 3 कट्ठे में नील उगाने की बाध्यता) के विरुद्ध। राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर गांधीजी चंपारण आए। यह भारत में गांधीजी का पहला सत्याग्रह था। राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा, जे.बी. कृपलानी इसमें शामिल रहे।
- बिहार विद्यापीठ (1921) — असहयोग आंदोलन के दौरान गांधीजी ने पटना में उद्घाटन किया; राजेंद्र प्रसाद से जुड़ा रहा।
- किसान आंदोलन — स्वामी सहजानंद सरस्वती ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा बनाई; 1936 में अखिल भारतीय किसान सभा (लखनऊ) के अध्यक्ष बने।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942) — 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के प्रयास में सात छात्र शहीद हुए; उनकी याद में शहीद स्मारक बना है।
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा — संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष (9 दिसंबर 1946 की पहली बैठक)।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद — जन्म जीरादेई (सिवान); संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष और भारत के पहले राष्ट्रपति।
- जयप्रकाश नारायण (जन्म सिताब दियारा) — 1974 में "संपूर्ण क्रांति" का नारा; छात्र आंदोलन जिसे JP आंदोलन कहा जाता है।
कुँवर सिंह (1857, जगदीशपुर), राजकुमार शुक्ल (चंपारण), सहजानंद सरस्वती (किसान सभा), सच्चिदानंद सिन्हा (संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष), राजेंद्र प्रसाद (पहले राष्ट्रपति), जयप्रकाश नारायण (संपूर्ण क्रांति), रामधारी सिंह दिनकर (राष्ट्रकवि)।
6. बिहार का भूगोल
बिहार एक स्थलरुद्ध (landlocked) राज्य है। इसके उत्तर में नेपाल (अंतरराष्ट्रीय सीमा), पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश और दक्षिण में झारखंड है। राज्य का क्षेत्रफल लगभग 94,163 वर्ग किलोमीटर है। गंगा नदी राज्य को लगभग दो भागों — उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार — में बाँटती है।
भौतिक विभाग
- शिवालिक पर्वतीय क्षेत्र — पश्चिम चंपारण के उत्तर-पश्चिम में; यहाँ सोमेश्वर श्रेणी है, जिसकी सबसे ऊँची चोटी (लगभग 880 मीटर) राज्य की सबसे ऊँची चोटी है।
- गंगा का मैदान — राज्य का अधिकांश भाग; अत्यंत उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी (भांगर-पुरानी, खादर-नई)।
- दक्षिणी पठारी सीमांत — कैमूर पठार, राजगीर की पहाड़ियाँ, गया-जमुई-बांका की पहाड़ियाँ (छोटानागपुर पठार का उत्तरी किनारा)।
नदियाँ
| नदी | उद्गम / विशेषता | परीक्षा तथ्य |
|---|---|---|
| गंगा | बक्सर के चौसा के पास बिहार में प्रवेश; राज्य में लगभग 445 किमी बहती है | राष्ट्रीय नदी; सबसे बड़ा नदी-तंत्र |
| कोसी | नेपाल-तिब्बत के हिमालय से; धारा बदलने और बाढ़ के लिए प्रसिद्ध | "बिहार का शोक"; कटिहार के कुरसेला के पास गंगा में मिलती है |
| गंडक | नेपाल में नारायणी/शालिग्रामी; वाल्मीकिनगर में बिहार में प्रवेश | हाजीपुर (सोनपुर) के पास गंगा में मिलती है; सोनपुर मेला यहीं |
| बूढ़ी गंडक | पश्चिम चंपारण के चौतरवा चौर से | मुख्यतः बिहार में ही बहने वाली लंबी नदी; खगड़िया के पास गंगा में |
| बागमती, कमला, महानंदा | नेपाल हिमालय से | उत्तर बिहार की बाढ़ वाली नदियाँ |
| सोन | अमरकंटक (मध्य प्रदेश) से | दक्षिण की सबसे बड़ी सहायक; पटना (मनेर) के पास गंगा में; इंद्रपुरी बराज (डेहरी) |
| फल्गु (निरंजना) | छोटानागपुर पठार से | गया में; बौद्ध एवं पितृपक्ष से जुड़ी |
| कर्मनाशा | कैमूर से | बिहार-उत्तर प्रदेश की सीमा; "शापित नदी" कही जाती है |
| पुनपुन | छोटानागपुर पठार से | पटना के फतुहा के पास गंगा में |
जलवायु, मिट्टी एवं वन
- बिहार की जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसूनी है। औसत वार्षिक वर्षा लगभग 1000–1200 मिमी; उत्तर-पूर्व (किशनगंज, पूर्णिया) में सबसे अधिक और दक्षिण-पश्चिम में सबसे कम वर्षा होती है।
- गर्मी में चलने वाली गर्म-शुष्क हवा "लू" कहलाती है। आम की फसल के समय होने वाली वर्षा को "आम्र वर्षा" कहते हैं।
- मिट्टी — उत्तर में नई जलोढ़ (खादर) एवं तराई मिट्टी, दक्षिण में पुरानी जलोढ़ (भांगर), कैमूर क्षेत्र में लाल-पीली मिट्टी; गंगा के दक्षिण में "टाल" क्षेत्र (मोकामा-बड़हिया) दलहन के लिए प्रसिद्ध।
- वन क्षेत्र बहुत कम (कुल क्षेत्रफल का लगभग 7–8%)। वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (पश्चिम चंपारण) राज्य का एकमात्र टाइगर रिज़र्व है।
- विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य (भागलपुर) — गांगेय डॉल्फिन (राष्ट्रीय जलीय जीव, 2009) के संरक्षण के लिए।
- काबर ताल / कांवर झील (बेगूसराय) — बिहार की पहली रामसर साइट (2020); एशिया की बड़ी मीठे पानी की गोखुर झीलों में से एक।
- भीमबांध (मुंगेर) गर्म जल स्रोतों के लिए और राजगीर के गर्म कुंड (ब्रह्मकुंड) प्रसिद्ध हैं।
7. जनसंख्या एवं प्रशासन (जनगणना 2011)
| संकेतक | बिहार (2011) | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|
| कुल जनसंख्या | लगभग 10.41 करोड़ | देश में तीसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य |
| जनसंख्या घनत्व | 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी | भारत के राज्यों में सबसे अधिक |
| साक्षरता दर | 61.80% | राज्यों में सबसे कम (पुरुष ≈ 71%, महिला ≈ 51%) |
| लिंगानुपात | 918 (प्रति 1000 पुरुष) | राष्ट्रीय औसत 943 से कम |
| दशकीय वृद्धि दर (2001–11) | लगभग 25.4% | राष्ट्रीय औसत (17.7%) से अधिक |
| सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला | पटना | — |
| सबसे कम जनसंख्या वाला जिला | शेखपुरा | — |
| क्षेत्रफल में सबसे बड़ा / छोटा जिला | पश्चिम चंपारण / शिवहर | — |
| सबसे अधिक साक्षर जिला | रोहतास | सबसे कम — पूर्णिया |
| सबसे अधिक लिंगानुपात | गोपालगंज | — |
प्रशासनिक इकाइयाँ
- 38 जिले और 9 प्रमंडल (division) — पटना, तिरहुत, सारण, दरभंगा, कोसी, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, मगध।
- बिहार में द्विसदनीय विधानमंडल है — विधानसभा (243 सीटें) और विधान परिषद (75 सीटें)।
- संसद में बिहार से लोकसभा की 40 और राज्यसभा की 16 सीटें हैं।
- पटना उच्च न्यायालय — स्थापना 1916। बिहार पुलिस अकादमी — राजगीर।
- राजकीय प्रतीक — पशु: गौर (बाइसन), पक्षी: गौरैया (house sparrow), वृक्ष: पीपल, पुष्प: कचनार।
8. अर्थव्यवस्था, कृषि एवं उद्योग
- बिहार की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि आधारित है। प्रमुख फसलें — धान, गेहूँ, मक्का, दलहन, गन्ना, जूट (पूर्णिया-कटिहार), मखाना, लीची।
- भारत के कुल मखाना उत्पादन का लगभग 85–90% बिहार (मिथिला क्षेत्र — दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार) में होता है। "मिथिला मखाना" को GI Tag मिला है।
- मुजफ्फरपुर की शाही लीची देश भर में प्रसिद्ध है (GI Tag)।
- प्रमुख उद्योग — बरौनी (तेल शोधनशाला, 1964, सोवियत सहयोग से; उर्वरक कारखाना), कहलगाँव और बाढ़ में NTPC ताप विद्युत केंद्र, मढ़ौरा (सारण) में डीज़ल लोकोमोटिव कारखाना, मधेपुरा में विद्युत लोकोमोटिव कारखाना, बेला (सारण) में रेल पहिया कारखाना, डालमियानगर (रोहतास) कभी उद्योगों का बड़ा केंद्र था।
- भागलपुर को "सिल्क सिटी" कहा जाता है — यहाँ का तसर (Tussar) सिल्क प्रसिद्ध है।
- झारखंड बनने के बाद खनिज बहुत कम रह गए; पाइराइट्स (अमझोर, रोहतास), चूना पत्थर (कैमूर-रोहतास), अभ्रक के कुछ क्षेत्र बचे हैं।
- महात्मा गांधी सेतु (पटना–हाजीपुर, गंगा पर, 1982) राज्य के सबसे लंबे पुलों में है।
| GI Tag उत्पाद | क्षेत्र | श्रेणी |
|---|---|---|
| शाही लीची | मुजफ्फरपुर | कृषि |
| जर्दालू आम | भागलपुर | कृषि |
| कतरनी चावल | भागलपुर | कृषि |
| मगही पान | मगध क्षेत्र (नवादा, गया, औरंगाबाद, नालंदा) | कृषि |
| मिथिला मखाना | मिथिला क्षेत्र | कृषि |
| सिलाव खाजा | सिलाव (नालंदा) | खाद्य |
| मधुबनी पेंटिंग | मिथिला | हस्तकला |
| मंजूषा कला | भागलपुर | हस्तकला |
| भागलपुरी सिल्क | भागलपुर | वस्त्र |
| सुजनी कढ़ाई | मुजफ्फरपुर | हस्तकला |
9. कला, संस्कृति, पर्व एवं साहित्य
चित्रकला एवं हस्तकला
- मधुबनी (मिथिला) चित्रकला — मिथिला क्षेत्र की महिलाओं द्वारा दीवारों और कागज़ पर; प्राकृतिक रंगों का प्रयोग। प्रमुख कलाकार: सीता देवी, गंगा देवी, जगदंबा देवी, बौआ देवी, दुलारी देवी।
- मंजूषा कला — भागलपुर (अंग क्षेत्र); बिहुला-विषहरी की लोककथा पर आधारित; इसे "सर्प चित्रकला" भी कहते हैं।
- टिकुली कला — पटना; काँच/लकड़ी पर सोने-जैसे रंगों से सज्जा।
- सिक्की कला — मिथिला; सुनहरी घास से टोकरी-खिलौने।
- सुजनी — मुजफ्फरपुर क्षेत्र की कढ़ाई; पटना कलम — मुगल काल के बाद विकसित लघु चित्रकला शैली।
लोकनृत्य, लोकनाट्य एवं संगीत
- लोकनृत्य: जट-जटिन (मिथिला, युगल नृत्य), झिझिया (वर्षा के लिए), डोमकच (विवाह में महिलाएँ), करमा, छऊ (सीमावर्ती क्षेत्र)।
- बिदेसिया — भिखारी ठाकुर का लोकनाट्य; उन्हें "भोजपुरी का शेक्सपियर" कहा जाता है।
- बिस्मिल्लाह खाँ (शहनाई) का जन्म डुमरांव (बक्सर) में हुआ; उन्हें भारत रत्न मिला।
- लोकगायिका शारदा सिन्हा — "बिहार कोकिला", छठ गीतों के लिए प्रसिद्ध।
पर्व एवं मेले
- छठ पूजा — सूर्य देव और छठी मैया की उपासना; कार्तिक शुक्ल षष्ठी (और चैत्र में भी); अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य।
- सामा-चकेवा — मिथिला; कार्तिक माह; भाई-बहन के प्रेम का पर्व।
- जितिया (जीवित्पुत्रिका) — संतान की लंबी आयु के लिए; तीज, मधुश्रावणी (मिथिला की नवविवाहिताएँ)।
- सोनपुर मेला — गंडक-गंगा संगम पर हरिहर क्षेत्र में; कार्तिक पूर्णिमा से; एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता है।
- पितृपक्ष मेला — गया (फल्गु तट, विष्णुपद मंदिर); श्रावणी मेला — सुल्तानगंज (भागलपुर) से जल लेकर देवघर तक काँवर यात्रा; मलमास मेला — राजगीर।
भाषा एवं साहित्य
- बिहार की प्रमुख भाषाएँ — हिंदी (राजभाषा), उर्दू (द्वितीय राजभाषा), मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका, बज्जिका।
- मैथिली को 2003 में 92वें संविधान संशोधन द्वारा आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया (बोडो, डोगरी, संथाली के साथ)।
- विद्यापति — मैथिली के महाकवि ("मैथिल कोकिल"), "पदावली" के रचयिता।
- रामधारी सिंह "दिनकर" (सिमरिया, बेगूसराय) — राष्ट्रकवि; "उर्वशी" के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार; "रश्मिरथी", "कुरुक्षेत्र", "संस्कृति के चार अध्याय" (साहित्य अकादमी)।
- फणीश्वरनाथ "रेणु" (पूर्णिया/अररिया) — आँचलिक उपन्यास "मैला आँचल"; उनकी कहानी "मारे गए गुलफाम" पर फिल्म "तीसरी कसम" बनी।
- नागार्जुन (वैद्यनाथ मिश्र, उपनाम "यात्री") — "बलचनमा", "रतिनाथ की चाची"।
10. प्रमुख स्थल एवं उनकी पहचान
| स्थल | जिला | पहचान |
|---|---|---|
| बोधगया | गया | बुद्ध का ज्ञान; महाबोधि मंदिर (UNESCO) |
| राजगीर | नालंदा | मगध की प्रथम राजधानी; विश्व शांति स्तूप; गर्म कुंड |
| पावापुरी | नालंदा | महावीर का निर्वाण; जल मंदिर |
| वैशाली | वैशाली | लिच्छवि गणराज्य; द्वितीय बौद्ध संगीति; अशोक स्तंभ |
| सासाराम | रोहतास | शेरशाह का मकबरा |
| गोलघर | पटना | अनाज भंडार (1786) |
| पटना संग्रहालय | पटना | दीदारगंज यक्षिणी (चामरधारिणी) की मूर्ति |
| बराबर गुफाएँ | जहानाबाद | मौर्यकालीन गुफाएँ; लोमस ऋषि गुफा |
| केसरिया | पूर्वी चंपारण | विशाल बौद्ध स्तूप |
| भितिहरवा | पश्चिम चंपारण | गांधी आश्रम (चंपारण सत्याग्रह) |
11. मास्टर सारणी (Master Summary Table)
| विषय | मुख्य तथ्य | याद रखने का संकेत |
|---|---|---|
| गठन | 22 मार्च 1912; उड़ीसा 1936 में अलग; झारखंड 15 नवंबर 2000 | "12-36-2000" |
| महाजनपद | मगध, अंग, वज्जि | "MAV" |
| बौद्ध संगीतियाँ | पहली तीन — राजगृह, वैशाली, पाटलिपुत्र | "RVP" |
| विश्वविद्यालय | नालंदा (कुमारगुप्त I), विक्रमशिला (धर्मपाल), ओदंतपुरी (गोपाल) | "KDG" |
| युद्ध | चौसा 1539, बक्सर 1764 | दोनों बक्सर जिले में |
| 1857 | कुँवर सिंह (जगदीशपुर), पीर अली (पटना) | — |
| चंपारण | 1917, तिनकठिया, राजकुमार शुक्ल | गांधी का पहला सत्याग्रह |
| नदियाँ | कोसी — बिहार का शोक; कर्मनाशा — शापित | — |
| जनगणना 2011 | घनत्व 1106 (सर्वाधिक), साक्षरता 61.8% (न्यूनतम), लिंगानुपात 918 | — |
| संरक्षित क्षेत्र | वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व, विक्रमशिला डॉल्फिन अभयारण्य, काबर ताल (रामसर) | — |
| कला | मधुबनी, मंजूषा, टिकुली, सिक्की | — |
| साहित्य | विद्यापति, दिनकर, रेणु, नागार्जुन, भिखारी ठाकुर | — |
12. माइंड मैप
- मगध, वैशाली
- मौर्य, गुप्त, पाल
- शेरशाह, बक्सर
- 1857, चंपारण, 1942
- सीमाएँ, क्षेत्रफल
- गंगा एवं सहायक नदियाँ
- जलवायु, मिट्टी
- वन्यजीव, रामसर
- जनगणना 2011
- मखाना, लीची
- बरौनी, कहलगाँव
- GI Tag
- मधुबनी, मंजूषा
- छठ, सामा-चकेवा
- सोनपुर मेला
- दिनकर, रेणु
13. टिप्स एवं ट्रिक्स
- मगध के वंश क्रम: "हमेशा शिक्षा नहीं मौका गुरु पाते" — हर्यक → शिशुनाग → नंद → मौर्य → गुप्त → पाल।
- गंगा में उत्तर से मिलने वाली नदियाँ पश्चिम से पूर्व: "घाघरा गंडक बूढ़ी बागमती कोसी महानंदा" — "घा-गं-बू-बा-को-म"।
- बिहार में बने पहले तीन — पहली तीन बौद्ध संगीतियाँ; भारत में गांधी का पहला सत्याग्रह; संविधान सभा के पहले (अस्थायी) अध्यक्ष।
- सबसे बड़ा/छोटा जिला: "पश्चिम चंपारण पहला (बड़ा), शिवहर शिशु (छोटा)"।
- बिहार दिवस को 15 नवंबर लिखना — वह झारखंड का स्थापना दिवस है।
- चतुर्थ बौद्ध संगीति को बिहार में मानना — वह कश्मीर में हुई।
- नालंदा का संस्थापक धर्मपाल मानना — धर्मपाल ने विक्रमशिला बनाया, नालंदा कुमारगुप्त प्रथम ने।
- संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लिखना — वे स्थायी अध्यक्ष थे; अस्थायी अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा।
- सोन नदी का उद्गम हिमालय मानना — सोन अमरकंटक (मध्य प्रदेश) से निकलती है।
14. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- बिहार का नाम बौद्ध "विहार" शब्द से पड़ा।
- पाटलिपुत्र नगर की नींव हर्यक शासक उदयिन ने रखी।
- मेगस्थनीज़ ने "इंडिका" में पाटलिपुत्र का वर्णन किया।
- वैशाली का लिच्छवि गणराज्य विश्व के प्राचीनतम गणतंत्रों में माना जाता है।
- महावीर का जन्म कुंडग्राम (वैशाली) और निर्वाण पावापुरी में हुआ।
- शेरशाह सूरी का मकबरा सासाराम में है।
- बक्सर युद्ध (1764) में अंग्रेज़ सेनापति हेक्टर मुनरो था।
- गोलघर का निर्माण 1786 में कैप्टन जॉन गार्स्टिन ने कराया।
- 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर सात छात्र शहीद हुए।
- कोसी नदी को "बिहार का शोक" कहा जाता है।
- कर्मनाशा नदी बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा बनाती है।
- काबर ताल बिहार की पहली रामसर साइट है।
- वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व पश्चिम चंपारण में है।
- भागलपुर को "सिल्क सिटी" कहा जाता है।
- भिखारी ठाकुर को "भोजपुरी का शेक्सपियर" कहा जाता है।
- मैथिली को 92वें संविधान संशोधन (2003) से आठवीं अनुसूची में जोड़ा गया।
15. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
ये प्रश्न पिछले वर्षों की BPSSC/बिहार पुलिस परीक्षाओं में बार-बार पूछे गए विषयों पर आधारित मौलिक प्रश्न हैं।
बिहार दिवस प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
- 15 नवंबर
- 22 मार्च
- 26 जनवरी
- 1 अप्रैल
उत्तर एवं व्याख्या
22 मार्च 1912 को बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग होकर बिहार-उड़ीसा प्रांत बना था, इसलिए इसी दिन बिहार दिवस मनाया जाता है। 15 नवंबर झारखंड का स्थापना दिवस है और 1 अप्रैल 1936 को उड़ीसा अलग प्रांत बना था।
उत्तर: (B) 22 मार्च
"बिहार का शोक" किस नदी को कहा जाता है?
- गंडक
- सोन
- कोसी
- बागमती
उत्तर एवं व्याख्या
कोसी नदी बार-बार अपनी धारा बदलती है और हर वर्ष भीषण बाढ़ लाती है, इसलिए इसे "बिहार का शोक" कहा जाता है। गंडक और बागमती भी बाढ़ लाती हैं, पर यह उपनाम कोसी का है। सोन दक्षिण बिहार की पठारी नदी है।
उत्तर: (C) कोसी
द्वितीय बौद्ध संगीति कहाँ आयोजित हुई थी?
- राजगृह
- पाटलिपुत्र
- वैशाली
- कुंडलवन
उत्तर एवं व्याख्या
द्वितीय बौद्ध संगीति शिशुनाग शासक कालाशोक के संरक्षण में वैशाली में हुई और उसकी अध्यक्षता सबाकामी ने की। प्रथम संगीति राजगृह में (अजातशत्रु), तृतीय पाटलिपुत्र में (अशोक) और चतुर्थ कश्मीर के कुंडलवन में (कनिष्क) हुई।
उत्तर: (C) वैशाली
चंपारण सत्याग्रह (1917) के लिए गांधीजी को बिहार आने का आग्रह किसने किया था?
- राजेंद्र प्रसाद
- राजकुमार शुक्ल
- ब्रजकिशोर प्रसाद
- मज़हरुल हक
उत्तर एवं व्याख्या
चंपारण के किसान राजकुमार शुक्ल ने 1916 के लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन में गांधीजी से मिलकर नील किसानों की दुर्दशा (तिनकठिया प्रथा) बताई और उन्हें चंपारण आने के लिए मनाया। राजेंद्र प्रसाद और ब्रजकिशोर प्रसाद बाद में आंदोलन में सहयोगी बने।
उत्तर: (B) राजकुमार शुक्ल
1857 के विद्रोह में जगदीशपुर से किसने नेतृत्व किया?
- पीर अली
- कुँवर सिंह
- तात्या टोपे
- अमर सिंह राय
उत्तर एवं व्याख्या
जगदीशपुर (भोजपुर) के लगभग 80 वर्षीय ज़मींदार बाबू कुँवर सिंह ने 1857 में बिहार में विद्रोह का नेतृत्व किया और आरा पर अधिकार किया। पीर अली ने पटना में विद्रोह किया, तात्या टोपे मध्य भारत में सक्रिय थे।
उत्तर: (B) कुँवर सिंह
जनगणना 2011 के अनुसार बिहार का जनसंख्या घनत्व कितना है?
- 882
- 1106
- 1029
- 928
उत्तर एवं व्याख्या
जनगणना 2011 के अनुसार बिहार का जनसंख्या घनत्व 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक है। भारत का औसत घनत्व 382 है।
उत्तर: (B) 1106
विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना किसने की थी?
- कुमारगुप्त प्रथम
- धर्मपाल
- गोपाल
- हर्षवर्धन
उत्तर एवं व्याख्या
पाल शासक धर्मपाल ने 8वीं-9वीं शताब्दी में भागलपुर के पास विक्रमशिला विश्वविद्यालय बनवाया। नालंदा की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम ने और ओदंतपुरी विहार की स्थापना पाल वंश के संस्थापक गोपाल ने की थी।
उत्तर: (B) धर्मपाल
"मैला आँचल" उपन्यास के लेखक कौन हैं?
- नागार्जुन
- रामधारी सिंह दिनकर
- फणीश्वरनाथ रेणु
- रामवृक्ष बेनीपुरी
उत्तर एवं व्याख्या
"मैला आँचल" फणीश्वरनाथ रेणु का प्रसिद्ध आँचलिक उपन्यास है, जो पूर्णिया क्षेत्र के ग्रामीण जीवन पर आधारित है। नागार्जुन ने "बलचनमा" और दिनकर ने "उर्वशी", "रश्मिरथी" लिखीं।
उत्तर: (C) फणीश्वरनाथ रेणु
सोनपुर पशु मेला किन दो नदियों के संगम पर लगता है?
- गंगा और सोन
- गंगा और गंडक
- गंगा और कोसी
- गंडक और बागमती
उत्तर एवं व्याख्या
सोनपुर मेला सारण जिले के हरिहर क्षेत्र में गंडक और गंगा के संगम पर कार्तिक पूर्णिमा से लगता है। यह एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता है। सोन नदी पटना के पास और कोसी कटिहार के पास गंगा में मिलती है।
उत्तर: (B) गंगा और गंडक
शेरशाह सूरी का मकबरा कहाँ स्थित है?
- दिल्ली
- चुनार
- सासाराम
- बक्सर
उत्तर एवं व्याख्या
शेरशाह सूरी का मकबरा रोहतास जिले के सासाराम में एक कृत्रिम झील के बीच बना है। सासाराम उसकी जागीर थी। बक्सर के चौसा में उसने 1539 में हुमायूँ को हराया था।
उत्तर: (C) सासाराम
मंजूषा कला किस क्षेत्र से संबंधित है और किस लोककथा पर आधारित है?
- मिथिला — राम-सीता विवाह
- भागलपुर — बिहुला-विषहरी
- पटना — मुगल दरबार
- मगध — बुद्ध जीवन
उत्तर एवं व्याख्या
मंजूषा कला भागलपुर (अंग क्षेत्र) की लोक चित्रकला है, जो बिहुला-विषहरी की लोककथा पर आधारित है; इसमें साँपों के चित्र प्रमुख होते हैं। मिथिला की कला मधुबनी चित्रकला है और पटना कलम मुगल प्रभाव वाली लघु चित्रकला शैली है।
उत्तर: (B) भागलपुर — बिहुला-विषहरी
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार में विधानमंडल द्विसदनीय है। 2. बिहार से राज्यसभा के 16 सदस्य चुने जाते हैं। 3. काबर ताल बिहार की पहली रामसर साइट है। सही कथन चुनिए।
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या
तीनों कथन सही हैं। बिहार में विधानसभा (243) और विधान परिषद (75) दोनों हैं, यानी विधानमंडल द्विसदनीय है। बिहार से राज्यसभा की 16 और लोकसभा की 40 सीटें हैं। बेगूसराय की काबर ताल (कांवर झील) को 2020 में बिहार की पहली रामसर साइट घोषित किया गया।
उत्तर: (D) 1, 2 और 3
16. त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- गठन: 22 मार्च 1912 (बिहार दिवस); उड़ीसा 1936; झारखंड 15 नवंबर 2000।
- प्राचीन: मगध-अंग-वज्जि; हर्यक से पाल तक; पहली तीन बौद्ध संगीतियाँ बिहार में; नालंदा, विक्रमशिला, ओदंतपुरी।
- मध्यकाल: बख्तियार खिलजी; शेरशाह (सासाराम, चौसा 1539); गुरु गोबिंद सिंह का जन्म पटना में।
- आधुनिक: बक्सर 1764; गोलघर 1786; कुँवर सिंह 1857; चंपारण 1917; सहजानंद की किसान सभा; 11 अगस्त 1942; राजेंद्र प्रसाद; JP आंदोलन 1974।
- भूगोल: 94,163 वर्ग किमी; नेपाल सीमा; गंगा, कोसी, गंडक, सोन, फल्गु, कर्मनाशा; वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व; काबर ताल।
- जनगणना 2011: 10.41 करोड़; घनत्व 1106; साक्षरता 61.8%; लिंगानुपात 918; 38 जिले, 9 प्रमंडल।
- संस्कृति: मधुबनी, मंजूषा, टिकुली, सिक्की; छठ, सामा-चकेवा, सोनपुर मेला; विद्यापति, दिनकर, रेणु, नागार्जुन, भिखारी ठाकुर।