1. अध्याय एक नज़र में
भारतीय राजव्यवस्था (Indian Polity) से बिहार पुलिस SI प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 12 से 15 प्रश्न पूछे जाते हैं। पुलिस अधिकारी के रूप में आपको संविधान, मौलिक अधिकार, गिरफ़्तारी से जुड़े अधिकार और न्यायपालिका की समझ होनी ही चाहिए, इसलिए यह विषय परीक्षा और नौकरी दोनों के लिए उपयोगी है। प्रश्न अधिकतर अनुच्छेद संख्या, संविधान संशोधन, पदों की योग्यता-कार्यकाल, और संवैधानिक निकायों पर आधारित होते हैं।
- संविधान सभा, प्रारूप समिति, संविधान के स्रोत।
- प्रस्तावना के शब्द; 42वाँ संशोधन।
- मौलिक अधिकार (अनुच्छेद 12–35), रिट, अनुच्छेद 21 और 22।
- नीति निदेशक तत्व और मौलिक कर्तव्य (51A)।
- राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद, सर्वोच्च न्यायालय — योग्यता, शपथ, हटाने की प्रक्रिया।
- आपातकाल (352, 356, 360), पंचायती राज (73वाँ संशोधन), संवैधानिक निकाय।
2. संविधान निर्माण
- संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (1946) के अंतर्गत हुआ। सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से हुआ।
- पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 — अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए। उपाध्यक्ष — एच.सी. मुखर्जी। संवैधानिक सलाहकार — बी.एन. राव।
- 13 दिसंबर 1946 — नेहरू ने "उद्देश्य प्रस्ताव" रखा, जो आगे चलकर प्रस्तावना का आधार बना। यह 22 जनवरी 1947 को स्वीकार हुआ।
- प्रारूप समिति (Drafting Committee) — 29 अगस्त 1947 को गठित, अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर ("भारतीय संविधान के जनक"); कुल 7 सदस्य।
- संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ (इसीलिए यह दिन "संविधान दिवस" है) और 26 जनवरी 1950 को पूर्ण रूप से लागू हुआ ("गणतंत्र दिवस")। कुछ प्रावधान (नागरिकता, चुनाव, अंतरिम संसद) 26 नवंबर 1949 को ही लागू हो गए थे।
- संविधान बनाने में 2 वर्ष, 11 महीने, 18 दिन लगे। मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग, 8 अनुसूचियाँ थीं। आज लगभग 470 अनुच्छेद, 25 भाग और 12 अनुसूचियाँ हैं।
- संविधान सभा का प्रतीक हाथी था। मूल प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा ने हाथ से (कैलीग्राफ़ी) लिखी और सजावट नंदलाल बोस तथा शांतिनिकेतन के कलाकारों ने की।
| स्रोत देश / अधिनियम | लिए गए प्रावधान |
|---|---|
| भारत शासन अधिनियम 1935 | संघीय ढाँचा, राज्यपाल का पद, आपातकालीन प्रावधान, लोक सेवा आयोग — संविधान का सबसे बड़ा स्रोत |
| ब्रिटेन | संसदीय शासन प्रणाली, एकल नागरिकता, विधि का शासन, मंत्रिमंडल प्रणाली, द्विसदनीय संसद |
| अमेरिका (USA) | मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, स्वतंत्र न्यायपालिका, राष्ट्रपति पर महाभियोग, उपराष्ट्रपति का पद |
| आयरलैंड | नीति निदेशक तत्व, राष्ट्रपति की निर्वाचन पद्धति, राज्यसभा में सदस्यों का मनोनयन |
| कनाडा | सशक्त केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास, राज्यपाल की नियुक्ति |
| ऑस्ट्रेलिया | समवर्ती सूची, संसद की संयुक्त बैठक, व्यापार-वाणिज्य की स्वतंत्रता |
| पूर्व सोवियत संघ (USSR) | मौलिक कर्तव्य, प्रस्तावना में सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक न्याय का आदर्श |
| फ़्रांस | गणतंत्र; प्रस्तावना में स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व |
| जर्मनी (वाइमर) | आपातकाल में मौलिक अधिकारों का निलंबन |
| दक्षिण अफ़्रीका | संविधान संशोधन की प्रक्रिया, राज्यसभा सदस्यों का निर्वाचन |
| जापान | "विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया" (अनुच्छेद 21) |
3. प्रस्तावना (Preamble)
प्रस्तावना को संविधान की "आत्मा" या "कुंजी" कहा जाता है। इसके अनुसार सत्ता का स्रोत "हम, भारत के लोग" हैं। भारत को संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य घोषित किया गया है। लक्ष्य — न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक), स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना), समता (प्रतिष्ठा और अवसर), बंधुत्व (व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता-अखंडता)।
- 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा प्रस्तावना में तीन शब्द जोड़े गए — समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, अखंडता। प्रस्तावना में अब तक केवल यही एक संशोधन हुआ है।
- केशवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि प्रस्तावना संविधान का भाग है और संसद मूल ढाँचे (Basic Structure) को नहीं बदल सकती। बेरुबारी मामले (1960) में इसे संविधान का भाग नहीं माना गया था।
4. संविधान के महत्वपूर्ण भाग एवं अनुसूचियाँ
| भाग | विषय | अनुच्छेद |
|---|---|---|
| I | संघ और उसका राज्य क्षेत्र | 1–4 |
| II | नागरिकता | 5–11 |
| III | मौलिक अधिकार | 12–35 |
| IV | राज्य के नीति निदेशक तत्व | 36–51 |
| IV-A | मौलिक कर्तव्य | 51A |
| V | संघ — राष्ट्रपति, संसद, सर्वोच्च न्यायालय, CAG | 52–151 |
| VI | राज्य — राज्यपाल, विधानमंडल, उच्च न्यायालय | 152–237 |
| IX / IX-A | पंचायत / नगरपालिका | 243–243ZG |
| XIV | संघ एवं राज्य लोक सेवा आयोग | 308–323 |
| XV | निर्वाचन | 324–329 |
| XVII | राजभाषा | 343–351 |
| XVIII | आपातकालीन प्रावधान | 352–360 |
| XX | संविधान संशोधन | 368 |
| अनुसूची | विषय |
|---|---|
| पहली | राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के नाम |
| दूसरी | राष्ट्रपति, राज्यपाल, न्यायाधीशों आदि के वेतन-भत्ते |
| तीसरी | शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप |
| चौथी | राज्यसभा में सीटों का आवंटन |
| पाँचवीं / छठी | अनुसूचित क्षेत्र / असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्र |
| सातवीं | संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची (पुलिस और लोक व्यवस्था — राज्य सूची में) |
| आठवीं | 22 मान्यता प्राप्त भाषाएँ |
| नौवीं | भूमि सुधार कानून (प्रथम संशोधन 1951 द्वारा जोड़ी गई) |
| दसवीं | दल-बदल विरोधी कानून (52वाँ संशोधन, 1985) |
| ग्यारहवीं / बारहवीं | पंचायतों के 29 विषय / नगरपालिकाओं के 18 विषय |
5. मौलिक अधिकार (भाग III)
मौलिक अधिकारों को भारत का "मैग्नाकार्टा" कहा जाता है। मूल संविधान में 7 मौलिक अधिकार थे; 44वें संशोधन (1978) द्वारा संपत्ति का अधिकार (अनुच्छेद 31) हटाकर अनुच्छेद 300A में विधिक (कानूनी) अधिकार बना दिया गया। अब 6 मौलिक अधिकार हैं।
| अधिकार | अनुच्छेद | प्रमुख प्रावधान |
|---|---|---|
| समता का अधिकार | 14–18 | 14 — विधि के समक्ष समता; 15 — भेदभाव निषेध; 16 — लोक नियोजन में अवसर की समता; 17 — अस्पृश्यता का अंत; 18 — उपाधियों का अंत |
| स्वतंत्रता का अधिकार | 19–22 | 19 — छह स्वतंत्रताएँ (वाक्, सभा, संघ, भ्रमण, निवास, व्यवसाय); 20 — अपराध के लिए दोषसिद्धि से संरक्षण; 21 — प्राण और दैहिक स्वतंत्रता; 21A — 6–14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा (86वाँ संशोधन, 2002); 22 — गिरफ़्तारी और निरोध से संरक्षण |
| शोषण के विरुद्ध अधिकार | 23–24 | 23 — मानव तस्करी और बेगार निषेध; 24 — 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का कारख़ानों में नियोजन निषेध |
| धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार | 25–28 | अंतःकरण की स्वतंत्रता; धार्मिक कार्यों का प्रबंधन |
| संस्कृति और शिक्षा का अधिकार | 29–30 | अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थान स्थापित करने का अधिकार |
| संवैधानिक उपचारों का अधिकार | 32 | अंबेडकर ने इसे संविधान का "हृदय और आत्मा" कहा |
- अनुच्छेद 20 — (1) किसी कार्य के लिए उसी समय लागू कानून के अनुसार ही सज़ा (भूतलक्षी दंड नहीं); (2) एक अपराध के लिए दोबारा दंड नहीं (दोहरा दंड निषेध); (3) किसी अभियुक्त को स्वयं के विरुद्ध गवाही देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
- अनुच्छेद 22 — गिरफ़्तार व्यक्ति को (1) गिरफ़्तारी के कारण बताए जाएँ, (2) अपनी पसंद के वकील से परामर्श का अधिकार, (3) 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाए (यात्रा का समय छोड़कर)। यह संरक्षण शत्रु देश के नागरिक और निवारक निरोध (Preventive Detention) वाले व्यक्ति पर लागू नहीं।
- अनुच्छेद 20 और 21 को आपातकाल में भी निलंबित नहीं किया जा सकता (44वाँ संशोधन)।
पाँच रिट (Writs) — अनुच्छेद 32 (सर्वोच्च न्यायालय) और 226 (उच्च न्यायालय)
| रिट | शाब्दिक अर्थ | कब जारी होती है |
|---|---|---|
| बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) | "शरीर प्रस्तुत करो" | अवैध हिरासत में रखे व्यक्ति को अदालत में पेश करने के लिए — व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सबसे बड़ी रक्षा |
| परमादेश (Mandamus) | "हम आदेश देते हैं" | किसी लोक अधिकारी को उसका कर्तव्य करने का आदेश |
| प्रतिषेध (Prohibition) | "रोकना" | निचली अदालत को अधिकार क्षेत्र से बाहर कार्यवाही से रोकना (कार्यवाही के दौरान) |
| उत्प्रेषण (Certiorari) | "प्रमाणित करना" | निचली अदालत का मामला/आदेश ऊपरी अदालत में मँगाना या रद्द करना (निर्णय के बाद भी) |
| अधिकार पृच्छा (Quo Warranto) | "किस अधिकार से" | किसी व्यक्ति के सार्वजनिक पद पर दावे की वैधता जाँचना |
उच्च न्यायालय का रिट अधिकार क्षेत्र (अनुच्छेद 226) सर्वोच्च न्यायालय से व्यापक है, क्योंकि वह मौलिक अधिकारों के साथ-साथ अन्य कानूनी अधिकारों के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
6. नीति निदेशक तत्व एवं मौलिक कर्तव्य
- नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36–51) आयरलैंड से लिए गए हैं। ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, पर शासन के लिए मूलभूत हैं। अंबेडकर ने इन्हें "अनोखी विशेषता" कहा।
- प्रमुख अनुच्छेद — 39A निःशुल्क विधिक सहायता; 40 ग्राम पंचायतों का गठन; 44 समान नागरिक संहिता; 45 6 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल व शिक्षा; 47 मद्यनिषेध और पोषण स्तर; 48 गोवध निषेध, कृषि और पशुपालन; 48A पर्यावरण संरक्षण; 50 कार्यपालिका से न्यायपालिका का पृथक्करण; 51 अंतरराष्ट्रीय शांति।
- मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) — स्वर्ण सिंह समिति की सिफ़ारिश पर 42वें संशोधन (1976) द्वारा जोड़े गए (मूल 10)। 86वें संशोधन (2002) ने 11वाँ कर्तव्य जोड़ा — माता-पिता/संरक्षक का 6–14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना। ये पूर्व सोवियत संघ से प्रेरित हैं।
7. संघ की कार्यपालिका
राष्ट्रपति (अनुच्छेद 52–62)
- भारत का संवैधानिक प्रमुख; तीनों सेनाओं का सर्वोच्च सेनापति।
- निर्वाचन — निर्वाचक मंडल द्वारा: संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य + राज्यों और दिल्ली-पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य। पद्धति — आनुपातिक प्रतिनिधित्व, एकल संक्रमणीय मत। मनोनीत सदस्य और विधान परिषद सदस्य मतदान नहीं करते।
- योग्यता — न्यूनतम आयु 35 वर्ष, लोकसभा सदस्य बनने के योग्य। कार्यकाल 5 वर्ष। शपथ — भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं। त्यागपत्र — उपराष्ट्रपति को।
- हटाना — महाभियोग (अनुच्छेद 61), केवल "संविधान के उल्लंघन" के आधार पर; किसी भी सदन में प्रस्ताव, दोनों सदनों के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से।
- शक्तियाँ — अध्यादेश (अनुच्छेद 123) जब संसद सत्र में न हो; क्षमादान (अनुच्छेद 72) — मृत्युदंड को भी क्षमा कर सकते हैं (राज्यपाल अनुच्छेद 161 के तहत मृत्युदंड क्षमा नहीं कर सकते); लोकसभा में 2 एंग्लो-इंडियन मनोनयन का प्रावधान 104वें संशोधन (2019) से समाप्त; राज्यसभा में 12 सदस्य मनोनीत करते हैं।
- पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद (दो कार्यकाल)।
उपराष्ट्रपति (अनुच्छेद 63–71)
राज्यसभा के पदेन सभापति। निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (मनोनीत सहित) करते हैं। न्यूनतम आयु 35 वर्ष। पहले उपराष्ट्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन।
प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद (अनुच्छेद 74–75)
राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं; मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। 91वें संशोधन (2003) के अनुसार मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकता। महान्यायवादी (Attorney General, अनुच्छेद 76) भारत सरकार का सबसे बड़ा कानूनी अधिकारी है, जो संसद की कार्यवाही में भाग ले सकता है पर मत नहीं दे सकता।
8. संसद
| पहलू | लोकसभा (निम्न सदन) | राज्यसभा (उच्च सदन) |
|---|---|---|
| अनुच्छेद | 81 | 80 |
| अधिकतम सदस्य | 552 (वर्तमान 543 निर्वाचित) | 250 (238 निर्वाचित + 12 मनोनीत; वर्तमान 245) |
| न्यूनतम आयु | 25 वर्ष | 30 वर्ष |
| कार्यकाल | 5 वर्ष (भंग हो सकती है) | स्थायी सदन; हर 2 वर्ष में 1/3 सदस्य सेवानिवृत्त; सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष |
| पीठासीन अधिकारी | अध्यक्ष (Speaker) | सभापति (उपराष्ट्रपति) |
| धन विधेयक | केवल यहीं पेश हो सकता है (अनुच्छेद 110) | अधिकतम 14 दिन रोक सकती है |
- संयुक्त बैठक (अनुच्छेद 108) — साधारण विधेयक पर गतिरोध होने पर; अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं। धन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक पर संयुक्त बैठक नहीं होती।
- कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
- दो सत्रों के बीच अधिकतम अंतर 6 महीने। संसद की कार्यवाही का पहला घंटा — प्रश्नकाल; उसके तुरंत बाद — शून्यकाल (भारतीय नवाचार, नियमों में उल्लेख नहीं)।
- लोक लेखा समिति (PAC) का अध्यक्ष परंपरा से विपक्ष का होता है; यह CAG की रिपोर्ट की जाँच करती है।
9. न्यायपालिका
- सर्वोच्च न्यायालय (अनुच्छेद 124) — स्थापना 28 जनवरी 1950; वर्तमान में मुख्य न्यायाधीश सहित अधिकतम 34 न्यायाधीश। न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक पद पर रहते हैं। हटाने की प्रक्रिया — संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत से प्रस्ताव, "सिद्ध कदाचार या असमर्थता" के आधार पर।
- अनुच्छेद 129 — सर्वोच्च न्यायालय "अभिलेख न्यायालय" (Court of Record) है। अनुच्छेद 143 — राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय से सलाह ले सकते हैं (सलाहकारी क्षेत्राधिकार)। अनुच्छेद 137 — अपने निर्णय का पुनर्विलोकन।
- उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 214) — न्यायाधीश 62 वर्ष तक; नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। दो या अधिक राज्यों का एक साझा उच्च न्यायालय हो सकता है (अनुच्छेद 231)।
- जनहित याचिका (PIL) की अवधारणा न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती और वी.आर. कृष्णा अय्यर से जुड़ी है।
- लोक अदालत — विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अंतर्गत वैधानिक दर्जा; इसके निर्णय के विरुद्ध अपील नहीं होती।
10. राज्य, स्थानीय शासन एवं आपातकाल
- राज्यपाल (अनुच्छेद 153) — राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त, "राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत" पद पर; न्यूनतम आयु 35 वर्ष। शपथ — उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश।
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं; मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति उत्तरदायी।
- विधान परिषद (अनुच्छेद 169) — बनाने या समाप्त करने का प्रस्ताव विधानसभा पारित करती है, कानून संसद बनाती है। वर्तमान में बिहार सहित 6 राज्यों में विधान परिषद है (बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना)।
- पंचायती राज — बलवंत राय मेहता समिति (1957) की सिफ़ारिश पर; पहली बार 2 अक्टूबर 1959, नागौर (राजस्थान)। 73वें संशोधन (1992) से संवैधानिक दर्जा (भाग IX, 11वीं अनुसूची), 24 अप्रैल 1993 से लागू (इसीलिए "राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस")। तीन स्तर — ग्राम, प्रखंड (पंचायत समिति), ज़िला परिषद। महिलाओं के लिए कम से कम 1/3 आरक्षण (बिहार ने 2006 में 50% किया)। चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष। 74वाँ संशोधन — नगरपालिकाएँ।
| आपातकाल | अनुच्छेद | आधार | संसद की स्वीकृति |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय आपातकाल | 352 | युद्ध, बाह्य आक्रमण, सशस्त्र विद्रोह (44वें संशोधन ने "आंतरिक अशांति" हटाया) | 1 महीने के भीतर, विशेष बहुमत |
| राष्ट्रपति शासन (राज्य आपातकाल) | 356 | राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता | 2 महीने के भीतर, साधारण बहुमत; अधिकतम 3 वर्ष |
| वित्तीय आपातकाल | 360 | भारत की वित्तीय स्थिरता को ख़तरा | 2 महीने के भीतर; अब तक कभी लागू नहीं |
राष्ट्रीय आपातकाल अब तक तीन बार लगाया गया — 1962 (चीन युद्ध), 1971 (पाकिस्तान युद्ध), 1975 (आंतरिक अशांति के आधार पर)।
11. संवैधानिक एवं वैधानिक निकाय
| निकाय | अनुच्छेद / अधिनियम | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| निर्वाचन आयोग | 324 | स्थापना 25 जनवरी 1950 (इसीलिए राष्ट्रीय मतदाता दिवस); बहु-सदस्यीय (1993 से) |
| नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) | 148 | "सार्वजनिक धन का संरक्षक"; कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष आयु |
| संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) | 315 | अखिल भारतीय सेवाओं की भर्ती; रिपोर्ट राष्ट्रपति को |
| वित्त आयोग | 280 | हर 5 वर्ष; केंद्र-राज्य कर बँटवारा |
| राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग | 338 | संवैधानिक |
| राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग | 338B | 102वें संशोधन (2018) से संवैधानिक दर्जा |
| राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) | मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 | वैधानिक; अध्यक्ष — सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीश |
| केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) | संथानम समिति (1964); 2003 से वैधानिक | भ्रष्टाचार निरोध |
| लोकपाल | लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 | पहले अध्यक्ष न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष (2019) |
| NITI आयोग | कार्यकारी प्रस्ताव, 1 जनवरी 2015 | योजना आयोग का स्थान लिया; न संवैधानिक, न वैधानिक |
12. महत्वपूर्ण संविधान संशोधन
| संशोधन | वर्ष | मुख्य बदलाव |
|---|---|---|
| पहला | 1951 | नौवीं अनुसूची जोड़ी |
| सातवाँ | 1956 | भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन |
| 42वाँ ("लघु संविधान") | 1976 | प्रस्तावना में 3 शब्द; मौलिक कर्तव्य; शिक्षा, वन आदि समवर्ती सूची में |
| 44वाँ | 1978 | संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार से हटाया; "आंतरिक अशांति" की जगह "सशस्त्र विद्रोह" |
| 52वाँ | 1985 | दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) |
| 61वाँ | 1989 | मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष |
| 73वाँ / 74वाँ | 1992 | पंचायती राज / नगरपालिका |
| 86वाँ | 2002 | शिक्षा का अधिकार (21A), 11वाँ मौलिक कर्तव्य |
| 101वाँ | 2016 | वस्तु एवं सेवा कर (GST); GST परिषद (अनुच्छेद 279A) |
| 103वाँ | 2019 | आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण |
| 106वाँ | 2023 | लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 1/3 आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) |
13. मास्टर सारणी — महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय | अनुच्छेद | विषय |
|---|---|---|---|
| 1 | भारत — राज्यों का संघ | 110 | धन विधेयक की परिभाषा |
| 3 | नए राज्यों का निर्माण | 112 | बजट (वार्षिक वित्तीय विवरण) |
| 14 | विधि के समक्ष समता | 123 | राष्ट्रपति का अध्यादेश |
| 17 | अस्पृश्यता का अंत | 124 | सर्वोच्च न्यायालय |
| 19 | छह स्वतंत्रताएँ | 148 | CAG |
| 21 | प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता | 214 | उच्च न्यायालय |
| 21A | शिक्षा का अधिकार | 226 | उच्च न्यायालय की रिट |
| 22 | गिरफ़्तारी से संरक्षण | 243 | पंचायत |
| 32 | संवैधानिक उपचार | 280 | वित्त आयोग |
| 40 | ग्राम पंचायत | 324 | निर्वाचन आयोग |
| 44 | समान नागरिक संहिता | 343 | हिंदी राजभाषा (देवनागरी) |
| 51A | मौलिक कर्तव्य | 352/356/360 | आपातकाल |
| 72 | राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति | 368 | संविधान संशोधन |
| 76 | महान्यायवादी | 370 | जम्मू-कश्मीर (2019 में निष्क्रिय) |
14. माइंड मैप
- संविधान सभा
- प्रस्तावना
- स्रोत
- अनुसूचियाँ
- मौलिक अधिकार 12–35
- रिट
- DPSP 36–51
- 51A
- राष्ट्रपति, PM
- संसद
- न्यायपालिका
- राज्य, पंचायत
- आपातकाल
- संशोधन
- संवैधानिक निकाय
15. टिप्स एवं ट्रिक्स
- आयु सीमा: पंचायत 21 → लोकसभा/विधानसभा 25 → राज्यसभा/विधान परिषद 30 → राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति/राज्यपाल 35।
- सेवानिवृत्ति: उच्च न्यायालय 62, सर्वोच्च न्यायालय 65, CAG 65 (या 6 वर्ष)।
- रिट: "बं-प-प्र-उ-अ" — बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा।
- आपातकाल: "352 राष्ट्र, 356 राज्य, 360 रुपया (वित्त)"।
- "42 = लघु संविधान" — प्रस्तावना + कर्तव्य दोनों 42वें संशोधन से।
- संपत्ति का अधिकार अब मौलिक नहीं, कानूनी अधिकार है (300A)।
- उपराष्ट्रपति के चुनाव में मनोनीत सदस्य भी मत देते हैं, राष्ट्रपति के चुनाव में नहीं।
- राज्यपाल मृत्युदंड क्षमा नहीं कर सकते; राष्ट्रपति कर सकते हैं।
- NHRC संवैधानिक नहीं, वैधानिक निकाय है।
- "पुलिस" राज्य सूची का विषय है, संघ सूची का नहीं।
16. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।
- प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे।
- संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ।
- प्रस्तावना में संशोधन केवल एक बार (42वाँ, 1976) हुआ।
- मौलिक अधिकार अमेरिका से लिए गए।
- नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से लिए गए।
- अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत करता है।
- बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करती है।
- गिरफ़्तार व्यक्ति को 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है।
- मौलिक कर्तव्य स्वर्ण सिंह समिति की सिफ़ारिश पर जोड़े गए।
- राष्ट्रपति को शपथ भारत के मुख्य न्यायाधीश दिलाते हैं।
- धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश होता है।
- संसद की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष करते हैं।
- 61वें संशोधन ने मतदान की आयु 18 वर्ष की।
- वित्तीय आपातकाल (360) आज तक कभी नहीं लगा।
- 101वाँ संशोधन GST से संबंधित है।
17. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद
- डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर
- बी.एन. राव
उत्तर एवं व्याख्या
9 दिसंबर 1946 की पहली बैठक में सबसे वरिष्ठ सदस्य होने के कारण डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष बने। 11 दिसंबर को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए। अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष और बी.एन. राव संवैधानिक सलाहकार थे।
उत्तर: (B) डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
किस अनुच्छेद को अंबेडकर ने संविधान का "हृदय और आत्मा" कहा?
- अनुच्छेद 14
- अनुच्छेद 21
- अनुच्छेद 32
- अनुच्छेद 368
उत्तर एवं व्याख्या
अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) नागरिक को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन पर सीधे सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार देता है। इसके बिना बाकी मौलिक अधिकार केवल कागज़ी रह जाते, इसलिए अंबेडकर ने इसे हृदय और आत्मा कहा। अनुच्छेद 14 समता, 21 जीवन और 368 संशोधन से संबंधित है।
उत्तर: (C) अनुच्छेद 32
गिरफ़्तार व्यक्ति को कितने घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना अनिवार्य है?
- 12 घंटे
- 24 घंटे
- 48 घंटे
- 72 घंटे
उत्तर एवं व्याख्या
अनुच्छेद 22(2) के अनुसार गिरफ़्तार व्यक्ति को गिरफ़्तारी के स्थान से मजिस्ट्रेट के न्यायालय तक की यात्रा का समय छोड़कर 24 घंटे के भीतर निकटतम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करना होता है। पुलिस अधिकारी के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्व है। बाकी अवधियाँ संविधान में निर्धारित नहीं हैं।
उत्तर: (B) 24 घंटे
अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्ति को रिहा कराने के लिए कौन-सी रिट जारी की जाती है?
- परमादेश
- बंदी प्रत्यक्षीकरण
- उत्प्रेषण
- अधिकार पृच्छा
उत्तर एवं व्याख्या
बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) का अर्थ है "शरीर प्रस्तुत करो"। न्यायालय हिरासत में रखने वाले अधिकारी को व्यक्ति को अदालत में पेश करने का आदेश देता है और हिरासत अवैध होने पर उसे रिहा करवाता है। परमादेश कर्तव्य पालन के लिए, उत्प्रेषण निचली अदालत का मामला मँगाने के लिए और अधिकार पृच्छा पद की वैधता जाँचने के लिए है।
उत्तर: (B) बंदी प्रत्यक्षीकरण
प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" और "अखंडता" शब्द किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?
- 24वाँ
- 42वाँ
- 44वाँ
- 52वाँ
उत्तर एवं व्याख्या
1976 के 42वें संविधान संशोधन ने प्रस्तावना में ये तीन शब्द जोड़े; यह प्रस्तावना का एकमात्र संशोधन है। इसी संशोधन ने मौलिक कर्तव्य भी जोड़े, इसलिए इसे "लघु संविधान" कहा जाता है। 44वें ने संपत्ति का अधिकार हटाया और 52वें ने दल-बदल कानून बनाया।
उत्तर: (B) 42वाँ
मौलिक कर्तव्य संविधान के किस भाग में हैं?
- भाग III
- भाग IV
- भाग IV-A
- भाग V
उत्तर एवं व्याख्या
मौलिक कर्तव्य भाग IV-A के अनुच्छेद 51A में हैं, जिसे 42वें संशोधन ने जोड़ा। भाग III में मौलिक अधिकार, भाग IV में नीति निदेशक तत्व और भाग V में संघ की व्यवस्था है।
उत्तर: (C) भाग IV-A
राष्ट्रपति के निर्वाचन में कौन भाग नहीं लेता?
- लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
- राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य
- राज्य विधान परिषदों के सदस्य
- राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
उत्तर एवं व्याख्या
राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्यों तथा दिल्ली-पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं। विधान परिषद के सदस्य और मनोनीत सदस्य इसमें शामिल नहीं होते।
उत्तर: (C) राज्य विधान परिषदों के सदस्य
भारत में पंचायती राज व्यवस्था सबसे पहले कहाँ लागू की गई?
- नागौर, राजस्थान
- पटना, बिहार
- अहमदाबाद, गुजरात
- आंध्र प्रदेश
उत्तर एवं व्याख्या
बलवंत राय मेहता समिति की सिफ़ारिश पर पंडित नेहरू ने 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर ज़िले में पंचायती राज का उद्घाटन किया। उसी वर्ष बाद में आंध्र प्रदेश ने इसे अपनाया, इसलिए आंध्र प्रदेश दूसरा राज्य माना जाता है।
उत्तर: (A) नागौर, राजस्थान
राष्ट्रीय आपातकाल किस अनुच्छेद के अंतर्गत घोषित किया जाता है?
- अनुच्छेद 352
- अनुच्छेद 356
- अनुच्छेद 360
- अनुच्छेद 365
उत्तर एवं व्याख्या
युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में अनुच्छेद 352 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल लगता है। अनुच्छेद 356 राज्यों में राष्ट्रपति शासन और 360 वित्तीय आपातकाल से संबंधित है। अनुच्छेद 365 केंद्र के निर्देश न मानने पर 356 लागू करने का आधार देता है।
उत्तर: (A) अनुच्छेद 352
मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किस संशोधन द्वारा की गई?
- 52वाँ
- 61वाँ
- 73वाँ
- 86वाँ
उत्तर एवं व्याख्या
1989 के 61वें संविधान संशोधन ने अनुच्छेद 326 में बदलाव करके मतदान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष कर दी। 52वाँ दल-बदल कानून, 73वाँ पंचायती राज और 86वाँ शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।
उत्तर: (B) 61वाँ
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. अनुच्छेद 20 और 21 को राष्ट्रीय आपातकाल में भी निलंबित नहीं किया जा सकता। 2. राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा कर सकते हैं। 3. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एक संवैधानिक निकाय है।
- केवल 1
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या
केवल कथन 1 सही है — 44वें संशोधन के बाद अनुच्छेद 20 और 21 आपातकाल में भी निलंबित नहीं होते। कथन 2 गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल मृत्युदंड क्षमा नहीं कर सकते (केवल राष्ट्रपति अनुच्छेद 72 के तहत कर सकते हैं)। कथन 3 गलत है, NHRC मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 से बना वैधानिक निकाय है।
उत्तर: (A) केवल 1
स्रोत देश और प्रावधान का सही मिलान चुनिए: (a) मौलिक कर्तव्य (b) नीति निदेशक तत्व (c) समवर्ती सूची (d) न्यायिक पुनरावलोकन
- a-USSR, b-आयरलैंड, c-ऑस्ट्रेलिया, d-USA
- a-आयरलैंड, b-USSR, c-ऑस्ट्रेलिया, d-USA
- a-USSR, b-आयरलैंड, c-कनाडा, d-ब्रिटेन
- a-USA, b-आयरलैंड, c-ऑस्ट्रेलिया, d-USSR
उत्तर एवं व्याख्या
मौलिक कर्तव्य पूर्व सोवियत संघ से, नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से, समवर्ती सूची ऑस्ट्रेलिया से और न्यायिक पुनरावलोकन अमेरिका से लिया गया है। कनाडा से सशक्त केंद्र वाला संघ लिया गया और ब्रिटेन से संसदीय प्रणाली — इसलिए अन्य संयोजन गलत हैं।
उत्तर: (A) a-USSR, b-आयरलैंड, c-ऑस्ट्रेलिया, d-USA
18. त्वरित पुनरावृत्ति
- संविधान सभा: 9 दिसंबर 1946; अस्थायी अध्यक्ष सच्चिदानंद सिन्हा; स्थायी राजेंद्र प्रसाद; प्रारूप समिति अंबेडकर।
- तिथियाँ: अंगीकृत 26 नवंबर 1949; लागू 26 जनवरी 1950।
- प्रस्तावना: "हम, भारत के लोग"; 42वाँ संशोधन — 3 शब्द।
- मौलिक अधिकार: 6; अनुच्छेद 21 जीवन, 22 गिरफ़्तारी, 32 उपचार; 5 रिट।
- DPSP 36–51 (आयरलैंड); मौलिक कर्तव्य 51A (42वाँ, 86वाँ)।
- राष्ट्रपति 35 वर्ष, महाभियोग 61, क्षमा 72, अध्यादेश 123; लोकसभा 25 वर्ष, राज्यसभा 30 वर्ष।
- आपातकाल 352/356/360; पंचायत — 73वाँ, नागौर 1959; मतदान आयु — 61वाँ; GST — 101वाँ।