1. अध्याय एक नज़र में
आधुनिक भारत का इतिहास बिहार पुलिस परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाने वाला इतिहास का भाग है — हर बार लगभग 8 से 10 प्रश्न। इसमें यूरोपीय कंपनियों का आगमन, अंग्रेज़ी सत्ता की स्थापना (प्लासी, बक्सर), गवर्नर जनरलों के कार्य, 1857 की क्रांति, सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन, कांग्रेस की स्थापना, उदारवादी-उग्रवादी चरण, गांधी युग के आंदोलन, क्रांतिकारी गतिविधियाँ और स्वतंत्रता व विभाजन शामिल हैं। प्रश्न प्रायः वर्ष, व्यक्ति, संस्था और अधिवेशन पर आधारित होते हैं, इसलिए इस अध्याय में तालिकाओं और समय-रेखाओं पर विशेष ध्यान दें।
- प्लासी (1757) और बक्सर (1764) के युद्ध; द्वैध शासन; स्थायी बंदोबस्त (1793)।
- गवर्नर जनरल और उनके सुधार — डलहौजी का व्यपगत सिद्धांत, बेंटिक का सती प्रतिबंध।
- 1857 के केंद्र और नेता; सामाजिक सुधारक और उनकी संस्थाएँ।
- कांग्रेस के अधिवेशन — 1885, 1906, 1907 (सूरत), 1916 (लखनऊ), 1929 (लाहौर)।
- गांधी के आंदोलन — चंपारण, असहयोग, सविनय अवज्ञा (दांडी), भारत छोड़ो।
- महत्वपूर्ण अधिनियम — 1909, 1919, 1935, 1947।
2. यूरोपीय कंपनियों का आगमन
1498 में वास्को डी गामा समुद्री मार्ग से कालीकट (केरल) पहुँचा, वहाँ के शासक ज़मोरिन ने उसका स्वागत किया। इसके बाद यूरोपीय व्यापारिक कंपनियाँ भारत आईं।
| कंपनी | आगमन / स्थापना | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| पुर्तगाली | 1498 | अल्बुकर्क ने 1510 में बीजापुर से गोवा जीता; सबसे पहले आए और सबसे अंत में (1961) गए |
| डच | 1602 (कंपनी) | पहली फ़ैक्टरी मसूलीपट्टनम (1605); बेदरा के युद्ध (1759) में अंग्रेज़ों से हारे |
| अंग्रेज़ (East India Company) | 1600 | महारानी एलिज़ाबेथ प्रथम का चार्टर; पहली फ़ैक्टरी सूरत (1613); 1615 में सर थॉमस रो जहाँगीर के दरबार में |
| डेनिश | 1616 | ट्रांकेबार और सेरामपुर; 1845 में अंग्रेज़ों को बेच दिया |
| फ़्रांसीसी | 1664 | कोलबर्ट द्वारा स्थापित; मुख्यालय पांडिचेरी; वांडिवाश के युद्ध (1760) में अंग्रेज़ों से निर्णायक हार |
अंग्रेज़ और फ़्रांसीसियों के बीच दक्षिण भारत में तीन कर्नाटक युद्ध (1746–1763) हुए, जिनमें अंततः अंग्रेज़ विजयी रहे। फ़्रांसीसी गवर्नर डूप्ले इस संघर्ष में प्रमुख था।
3. बंगाल में अंग्रेज़ी सत्ता की स्थापना
- प्लासी का युद्ध (23 जून 1757) — रॉबर्ट क्लाइव ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को हराया। नवाब के सेनापति मीर जाफ़र ने विश्वासघात किया और उसे नवाब बनाया गया। इसे भारत में अंग्रेज़ी राज की शुरुआत माना जाता है। इससे पहले 1756 में "ब्लैक होल त्रासदी" की घटना बताई गई थी।
- बक्सर का युद्ध (22 अक्टूबर 1764) — मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय की संयुक्त सेना हेक्टर मुनरो से हारी। यह युद्ध प्लासी से अधिक निर्णायक था।
- इलाहाबाद की संधि (1765) — कंपनी को बंगाल, बिहार, उड़ीसा की दीवानी (राजस्व वसूली का अधिकार) मिली। क्लाइव ने बंगाल में द्वैध शासन (1765–1772) लागू किया — राजस्व कंपनी के पास, प्रशासन नवाब के पास। इसे वारेन हेस्टिंग्स ने 1772 में समाप्त किया।
- मैसूर — हैदर अली और टीपू सुल्तान से चार आंग्ल-मैसूर युद्ध; चौथे युद्ध (1799) में टीपू श्रीरंगपट्टनम में मारा गया। टीपू ने फ़्रांसीसी क्रांति से प्रभावित होकर "जैकोबिन क्लब" की सदस्यता ली और श्रीरंगपट्टनम में "स्वतंत्रता का वृक्ष" लगाया।
- मराठा — तीन आंग्ल-मराठा युद्ध; 1818 में पेशवा पद समाप्त। सिख — रणजीत सिंह की मृत्यु (1839) के बाद दो आंग्ल-सिख युद्ध; 1849 में डलहौजी ने पंजाब का विलय किया।
4. गवर्नर जनरल एवं वायसराय
| पद / नाम | काल | प्रमुख कार्य |
|---|---|---|
| वारेन हेस्टिंग्स (बंगाल का पहला गवर्नर जनरल) | 1773–1785 | रेगुलेटिंग एक्ट 1773; द्वैध शासन समाप्त; कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय (1774); एशियाटिक सोसायटी (1784, विलियम जोन्स) |
| कॉर्नवालिस | 1786–1793 | स्थायी बंदोबस्त (1793) — बंगाल-बिहार में ज़मींदारों के साथ; "भारतीय सिविल सेवा का जनक"; पुलिस सुधार |
| वेलेज़ली | 1798–1805 | सहायक संधि (पहला — हैदराबाद, 1798); फ़ोर्ट विलियम कॉलेज |
| विलियम बेंटिक (भारत का पहला गवर्नर जनरल) | 1828–1835 | सती प्रथा पर प्रतिबंध (1829) — राजा राममोहन राय का सहयोग; ठगी का दमन; चार्टर एक्ट 1833 से भारत का गवर्नर जनरल बना; मैकॉले की शिक्षा नीति (1835) — अंग्रेज़ी शिक्षा |
| डलहौजी | 1848–1856 | व्यपगत सिद्धांत (Doctrine of Lapse) — सतारा, झाँसी, नागपुर आदि का विलय; अवध का विलय (कुशासन के आधार पर, 1856); पहली रेल (1853, बंबई–ठाणे); टेलीग्राफ़; डाक टिकट; लोक निर्माण विभाग; विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) |
| कैनिंग (अंतिम गवर्नर जनरल, पहला वायसराय) | 1856–1862 | 1857 का विद्रोह; भारत शासन अधिनियम 1858 — कंपनी का शासन समाप्त; 1857 में कलकत्ता, बंबई, मद्रास विश्वविद्यालय |
| लिटन | 1876–1880 | दिल्ली दरबार (1877) — विक्टोरिया "कैसर-ए-हिंद"; वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट (1878); शस्त्र अधिनियम |
| रिपन | 1880–1884 | "स्थानीय स्वशासन का जनक" (1882); वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट रद्द; पहली जनगणना (1881); इल्बर्ट बिल विवाद; हंटर शिक्षा आयोग |
| कर्ज़न | 1899–1905 | बंगाल विभाजन (16 अक्टूबर 1905); पुलिस आयोग; प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम (1904) |
| मिंटो द्वितीय | 1905–1910 | मॉर्ले-मिंटो सुधार (1909) — मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन |
| हार्डिंग द्वितीय | 1910–1916 | बंगाल विभाजन रद्द (1911); राजधानी कलकत्ता से दिल्ली (1911); बिहार-उड़ीसा अलग (1912) |
| चेम्सफ़ोर्ड | 1916–1921 | मॉन्टेग्यू-चेम्सफ़ोर्ड सुधार (1919); रौलेट एक्ट; जलियाँवाला बाग (13 अप्रैल 1919) |
| इरविन | 1926–1931 | साइमन कमीशन (1928); गांधी-इरविन समझौता (1931) |
| लिनलिथगो | 1936–1944 | सबसे लंबा कार्यकाल; अगस्त प्रस्ताव (1940); क्रिप्स मिशन (1942); भारत छोड़ो |
| माउंटबेटन | 1947–1948 | अंतिम वायसराय और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल; 3 जून योजना |
स्वतंत्र भारत के पहले और अंतिम भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी थे।
5. 1857 की क्रांति
1857 का विद्रोह भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहलाता है (यह नाम वी.डी. सावरकर ने दिया)। तात्कालिक कारण — नई एनफ़ील्ड राइफ़ल के कारतूस, जिन पर गाय और सुअर की चर्बी होने की बात फैली। 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में मंगल पांडे ने विद्रोह किया। विद्रोह की औपचारिक शुरुआत 10 मई 1857 को मेरठ से हुई; सैनिक दिल्ली पहुँचे और बहादुर शाह ज़फ़र को सम्राट घोषित किया।
| केंद्र | भारतीय नेता | दमन करने वाला अंग्रेज़ अधिकारी |
|---|---|---|
| दिल्ली | बहादुर शाह ज़फ़र, बख्त खाँ | जॉन निकोलसन, हडसन |
| कानपुर | नाना साहब, तात्या टोपे | कैम्पबेल |
| लखनऊ | बेगम हज़रत महल | कैम्पबेल |
| झाँसी | रानी लक्ष्मीबाई | ह्यूरोज़ |
| जगदीशपुर (बिहार) | कुँवर सिंह | विलियम टेलर, विंसेंट आयर |
| फ़ैज़ाबाद | मौलवी अहमदुल्ला | — |
| बरेली | खान बहादुर खाँ | — |
विद्रोह असफल रहा, पर इसके बाद भारत शासन अधिनियम 1858 द्वारा कंपनी का शासन समाप्त हुआ और भारत सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन आ गया। महारानी विक्टोरिया का घोषणा पत्र (1 नवंबर 1858) इलाहाबाद में पढ़ा गया। भारत सचिव (Secretary of State) का पद बना।
6. सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन
| संस्था | संस्थापक | वर्ष / मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| ब्रह्म समाज | राजा राममोहन राय | 1828; एकेश्वरवाद; सती विरोध; "भारतीय पुनर्जागरण के जनक"; पत्रिका "संवाद कौमुदी" |
| आर्य समाज | स्वामी दयानंद सरस्वती | 1875 (बंबई); "वेदों की ओर लौटो"; "सत्यार्थ प्रकाश"; शुद्धि आंदोलन |
| रामकृष्ण मिशन | स्वामी विवेकानंद | 1897; शिकागो धर्म संसद (1893) में भाषण; सेवा ही धर्म |
| प्रार्थना समाज | आत्माराम पांडुरंग | 1867; महाराष्ट्र; एम.जी. रानाडे जुड़े |
| सत्यशोधक समाज | ज्योतिबा फुले | 1873; जाति व्यवस्था का विरोध; "गुलामगिरी"; पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ बालिका विद्यालय (1848) |
| थियोसोफ़िकल सोसायटी | मैडम ब्लावात्स्की, कर्नल ऑलकॉट | 1875 (न्यूयॉर्क); भारत में अड्यार (मद्रास); एनी बेसेंट |
| अलीगढ़ आंदोलन | सर सैयद अहमद खाँ | 1875 में मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज (बाद में AMU) |
- ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से विधवा पुनर्विवाह अधिनियम (1856) बना।
- शारदा अधिनियम (1929) — बाल विवाह निषेध (लड़की 14, लड़का 18 वर्ष)।
- नारायण गुरु (केरल) — "एक जाति, एक धर्म, एक ईश्वर"।
7. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं प्रारंभिक राष्ट्रवाद
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुई। संस्थापक सेवानिवृत्त अंग्रेज़ अधिकारी ए.ओ. ह्यूम थे और पहले अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी। पहले अधिवेशन में 72 प्रतिनिधि शामिल हुए। उस समय वायसराय डफ़रिन था।
| अधिवेशन | वर्ष | अध्यक्ष | महत्व |
|---|---|---|---|
| बंबई | 1885 | व्योमेश चंद्र बनर्जी | पहला अधिवेशन |
| कलकत्ता | 1886 | दादाभाई नौरोजी | — |
| इलाहाबाद | 1888 | जॉर्ज यूल | पहले अंग्रेज़ अध्यक्ष |
| कलकत्ता | 1906 | दादाभाई नौरोजी | "स्वराज" शब्द पहली बार |
| सूरत | 1907 | रासबिहारी घोष | नरम दल–गरम दल विभाजन |
| लखनऊ | 1916 | ए.सी. मजूमदार | दोनों दल एक हुए; कांग्रेस-लीग समझौता |
| कलकत्ता | 1917 | एनी बेसेंट | पहली महिला अध्यक्ष |
| बेलगाँव | 1924 | महात्मा गांधी | गांधी एकमात्र बार अध्यक्ष |
| कानपुर | 1925 | सरोजिनी नायडू | पहली भारतीय महिला अध्यक्ष |
| लाहौर | 1929 | जवाहरलाल नेहरू | "पूर्ण स्वराज" का प्रस्ताव; 26 जनवरी 1930 स्वतंत्रता दिवस |
| कराची | 1931 | वल्लभभाई पटेल | मौलिक अधिकार व आर्थिक नीति प्रस्ताव |
| हरिपुरा / त्रिपुरी | 1938 / 1939 | सुभाष चंद्र बोस | त्रिपुरी में पट्टाभि सीतारमैया को हराया, बाद में इस्तीफ़ा |
- नरमपंथी (1885–1905) — दादाभाई नौरोजी ("धन निष्कासन सिद्धांत", "Poverty and Un-British Rule in India"; "भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन"), गोपाल कृष्ण गोखले (गांधी के राजनीतिक गुरु), फ़िरोज़शाह मेहता। तरीका — प्रार्थना, याचिका, विरोध पत्र।
- गरमपंथी (लाल-बाल-पाल) — लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक ("स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा"; "केसरी", "मराठा"; गणपति और शिवाजी उत्सव), बिपिन चंद्र पाल।
- स्वदेशी आंदोलन (1905) — बंगाल विभाजन के विरोध में; विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार।
- मुस्लिम लीग — 1906, ढाका; आगा खाँ, सलीमुल्ला।
- होम रूल आंदोलन (1916) — तिलक (अप्रैल, पूना) और एनी बेसेंट (सितंबर, मद्रास)।
- गदर पार्टी (1913) — सैन फ़्रांसिस्को; लाला हरदयाल।
8. गांधी युग (1915–1947)
गांधीजी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ़्रीका से भारत लौटे (इसी स्मृति में 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है)। उनके राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे। दक्षिण अफ़्रीका में उन्होंने "फ़ीनिक्स फ़ार्म" और "टॉल्स्टॉय फ़ार्म" बनाए थे।
| आंदोलन | वर्ष | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| चंपारण सत्याग्रह | 1917 | भारत में पहला सत्याग्रह; नील किसान; तिनकठिया प्रथा |
| अहमदाबाद मिल हड़ताल | 1918 | पहली भूख हड़ताल |
| खेड़ा सत्याग्रह | 1918 | पहला असहयोग; किसानों का लगान माफ़ी; वल्लभभाई पटेल जुड़े |
| रौलेट सत्याग्रह | 1919 | पहला अखिल भारतीय आंदोलन; "बिना वकील, बिना दलील, बिना अपील" |
| जलियाँवाला बाग | 13 अप्रैल 1919 | अमृतसर; जनरल डायर ने गोली चलवाई; जाँच के लिए हंटर आयोग; टैगोर ने "नाइट" उपाधि लौटाई; बाद में उधम सिंह ने माइकल ओ'डायर को मारा (1940) |
| खिलाफ़त आंदोलन | 1919–1924 | अली बंधु (मोहम्मद अली, शौकत अली) |
| असहयोग आंदोलन | 1920–1922 | कलकत्ता विशेष अधिवेशन (1920) में प्रस्ताव, नागपुर (1920) में पुष्टि; चौरी-चौरा कांड (5 फ़रवरी 1922), गोरखपुर — के बाद गांधी ने आंदोलन वापस लिया |
| स्वराज पार्टी | 1923 | चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू |
| साइमन कमीशन | 1927 (भारत आगमन 1928) | सभी सदस्य अंग्रेज़; "साइमन वापस जाओ"; लाहौर में विरोध के दौरान लाठीचार्ज से लाला लाजपत राय की मृत्यु |
| नेहरू रिपोर्ट | 1928 | मोतीलाल नेहरू; डोमिनियन स्टेटस की माँग |
| सविनय अवज्ञा / दांडी मार्च | 12 मार्च – 6 अप्रैल 1930 | साबरमती आश्रम से दांडी तक (लगभग 385 किमी, 78 साथी) — नमक कानून तोड़ा |
| गोलमेज सम्मेलन | 1930, 1931, 1932 | गांधी केवल दूसरे में शामिल हुए; डॉ. अंबेडकर तीनों में |
| गांधी-इरविन समझौता | 5 मार्च 1931 | सविनय अवज्ञा स्थगित; गांधी दूसरे गोलमेज सम्मेलन में गए |
| पूना समझौता | 24 सितंबर 1932 | गांधी और अंबेडकर; "सांप्रदायिक पंचाट" (मैकडोनाल्ड) के विरोध में; दलितों के लिए आरक्षित सीटें, संयुक्त निर्वाचन |
| व्यक्तिगत सत्याग्रह | 1940 | पहले सत्याग्रही विनोबा भावे, दूसरे नेहरू |
| भारत छोड़ो आंदोलन | 8 अगस्त 1942 | बंबई (ग्वालिया टैंक मैदान) अधिवेशन; "करो या मरो"; अगले दिन सभी बड़े नेता गिरफ़्तार |
9. क्रांतिकारी आंदोलन एवं आज़ाद हिंद फ़ौज
- खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी — 1908, मुज़फ़्फ़रपुर (बिहार) में जज किंग्सफ़ोर्ड पर बम; खुदीराम को फाँसी (सबसे कम उम्र के क्रांतिकारियों में)।
- काकोरी कांड (9 अगस्त 1925) — HRA के राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाकउल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह; ट्रेन से सरकारी खज़ाना लूटा।
- HSRA (1928) — चंद्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह; दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला में स्थापना।
- सांडर्स हत्या (1928) — लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला; केंद्रीय विधानसभा बम कांड (8 अप्रैल 1929) — भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ("बहरों को सुनाने के लिए")। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को फाँसी (इसे शहीद दिवस के रूप में याद किया जाता है)।
- चटगाँव शस्त्रागार कांड (1930) — सूर्य सेन (मास्टर दा)।
- चंद्रशेखर आज़ाद — 27 फ़रवरी 1931, इलाहाबाद के अल्फ़्रेड पार्क में अंग्रेज़ों से घिरने पर स्वयं को गोली मारी।
- सुभाष चंद्र बोस — "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा"; "दिल्ली चलो"; 1939 में फ़ॉरवर्ड ब्लॉक; आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) का गठन मूलतः मोहन सिंह ने किया, 1943 में बोस ने सिंगापुर में नेतृत्व संभाला और अस्थायी आज़ाद हिंद सरकार बनाई; महिला रेजिमेंट "रानी झाँसी रेजिमेंट" (कैप्टन लक्ष्मी सहगल)। बोस ने ही गांधी को सबसे पहले "राष्ट्रपिता" कहा (1944, रंगून रेडियो)।
- नौसेना विद्रोह (RIN, फ़रवरी 1946) — बंबई।
10. संवैधानिक विकास एवं स्वतंत्रता
| अधिनियम / योजना | मुख्य प्रावधान |
|---|---|
| रेगुलेटिंग एक्ट 1773 | बंगाल का गवर्नर जनरल; कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय |
| पिट्स इंडिया एक्ट 1784 | बोर्ड ऑफ़ कंट्रोल; द्वैध नियंत्रण |
| चार्टर एक्ट 1813 | कंपनी का व्यापार एकाधिकार समाप्त (चाय और चीन को छोड़कर); शिक्षा पर ₹1 लाख |
| चार्टर एक्ट 1833 | भारत का गवर्नर जनरल (बेंटिक); कंपनी का व्यापारिक कार्य पूर्णतः समाप्त |
| भारत शासन अधिनियम 1858 | कंपनी शासन समाप्त; भारत सचिव; वायसराय |
| भारतीय परिषद अधिनियम 1909 (मॉर्ले-मिंटो) | मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन — "सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक" मिंटो |
| भारत शासन अधिनियम 1919 (मॉन्टफ़ोर्ड) | प्रांतों में द्वैध शासन; केंद्र में द्विसदनीय विधायिका |
| भारत शासन अधिनियम 1935 | प्रांतीय स्वायत्तता; केंद्र में द्वैध शासन (लागू नहीं हुआ); संघीय न्यायालय (1937); RBI की स्थापना (1935); भारतीय संविधान का बड़ा भाग इसी पर आधारित |
| क्रिप्स मिशन 1942 | युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस; गांधी ने कहा — "दिवालिया बैंक के नाम आगे की तारीख का चेक" |
| कैबिनेट मिशन 1946 | पेथिक लॉरेंस, क्रिप्स, ए.वी. अलेक्ज़ेंडर; संविधान सभा का गठन; अंतरिम सरकार (2 सितंबर 1946) |
| भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 | भारत और पाकिस्तान दो डोमिनियन; 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता; प्रधानमंत्री एटली (ब्रिटेन) |
मुस्लिम लीग ने 16 अगस्त 1946 को "प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस" मनाया। लीग ने पाकिस्तान का प्रस्ताव 1940 के लाहौर अधिवेशन में पारित किया। सीमा निर्धारण के लिए रेडक्लिफ़ आयोग बना।
11. मास्टर सारणी (Master Summary Table)
| वर्ष | घटना | स्मरण संकेत |
|---|---|---|
| 1757 | प्लासी — क्लाइव बनाम सिराजुद्दौला | अंग्रेज़ी राज की नींव |
| 1764 | बक्सर — मुनरो बनाम संयुक्त सेना | दीवानी (1765) |
| 1793 | स्थायी बंदोबस्त — कॉर्नवालिस | ज़मींदारी |
| 1829 | सती प्रतिबंध — बेंटिक | राममोहन राय |
| 1853 | पहली रेल — बंबई से ठाणे | डलहौजी |
| 1857 | प्रथम स्वतंत्रता संग्राम — मेरठ, 10 मई | कैनिंग |
| 1885 | कांग्रेस की स्थापना — बंबई | ह्यूम, डफ़रिन |
| 1905 | बंगाल विभाजन — कर्ज़न | स्वदेशी |
| 1907 | सूरत विभाजन | नरम-गरम |
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह | पहला सत्याग्रह |
| 1919 | रौलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग | डायर |
| 1920–22 | असहयोग, चौरी-चौरा | — |
| 1929 | लाहौर — पूर्ण स्वराज | नेहरू |
| 1930 | दांडी मार्च | नमक |
| 1942 | भारत छोड़ो — करो या मरो | लिनलिथगो |
| 1947 | स्वतंत्रता — 15 अगस्त | माउंटबेटन |
12. माइंड मैप
- प्लासी 1757
- बक्सर 1764
- मैसूर, मराठा, सिख
- गवर्नर जनरल
- स्थायी बंदोबस्त
- व्यपगत सिद्धांत
- अधिनियम 1773–1947
- 1857
- ब्रह्म समाज, आर्य समाज
- कांग्रेस 1885
- क्रांतिकारी
- चंपारण, खेड़ा
- असहयोग
- दांडी
- भारत छोड़ो
13. टिप्स एवं ट्रिक्स
- यूरोपीय आगमन का क्रम: "पु-ड-अं-डे-फ़्रां" (पुर्तगाली → डच → अंग्रेज़ → डेनिश → फ़्रांसीसी)।
- "पहला" वाले गवर्नर: बंगाल का पहला गवर्नर जनरल — हेस्टिंग्स; भारत का पहला गवर्नर जनरल — बेंटिक; पहला वायसराय — कैनिंग।
- "जनक" उपाधियाँ: सिविल सेवा — कॉर्नवालिस; स्थानीय स्वशासन — रिपन; सांप्रदायिक निर्वाचन — मिंटो।
- गांधी के "पहले": पहला सत्याग्रह — चंपारण; पहली भूख हड़ताल — अहमदाबाद; पहला असहयोग — खेड़ा; पहला जन आंदोलन — रौलेट।
- "पूर्ण स्वराज" प्रस्ताव लाहौर (1929) में पारित हुआ, पर पहला स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी 1930 को मनाया गया।
- INA की स्थापना मोहन सिंह ने की थी; बोस ने बाद में (1943) नेतृत्व संभाला।
- गांधी ने तीनों में से केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया।
- मंगल पांडे का विद्रोह बैरकपुर में (29 मार्च) हुआ; 1857 की औपचारिक शुरुआत मेरठ से (10 मई)।
14. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- वास्को डी गामा 1498 में कालीकट पहुँचा।
- ईस्ट इंडिया कंपनी की पहली फ़ैक्टरी सूरत में (1613) खुली।
- वांडिवाश के युद्ध (1760) ने फ़्रांसीसियों की हार तय कर दी।
- सहायक संधि लॉर्ड वेलेज़ली ने शुरू की।
- व्यपगत सिद्धांत से सबसे पहले सतारा का विलय (1848) हुआ।
- भारत में पहली रेल 16 अप्रैल 1853 को बंबई से ठाणे चली।
- "वेदों की ओर लौटो" का नारा दयानंद सरस्वती ने दिया।
- दादाभाई नौरोजी ने "धन निष्कासन" का सिद्धांत दिया।
- बंगाल विभाजन 16 अक्टूबर 1905 को लागू हुआ।
- मुस्लिम लीग की स्थापना 1906 में ढाका में हुई।
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को हुआ।
- चौरी-चौरा कांड के बाद असहयोग आंदोलन वापस लिया गया।
- साइमन कमीशन में कोई भारतीय सदस्य नहीं था।
- भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव को 23 मार्च 1931 को फाँसी दी गई।
- "करो या मरो" का नारा भारत छोड़ो आंदोलन में दिया गया।
- सी. राजगोपालाचारी स्वतंत्र भारत के एकमात्र भारतीय गवर्नर जनरल थे।
15. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
स्थायी बंदोबस्त (Permanent Settlement) किसने लागू किया?
- वारेन हेस्टिंग्स
- लॉर्ड कॉर्नवालिस
- लॉर्ड वेलेज़ली
- लॉर्ड डलहौजी
उत्तर एवं व्याख्या
1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा में ज़मींदारों के साथ स्थायी बंदोबस्त किया, जिसमें भूमि राजस्व की राशि हमेशा के लिए तय कर दी गई। हेस्टिंग्स ने पंचवर्षीय बंदोबस्त किया था, वेलेज़ली सहायक संधि और डलहौजी व्यपगत सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं।
उत्तर: (B) लॉर्ड कॉर्नवालिस
भारत में सती प्रथा पर किस वर्ष प्रतिबंध लगाया गया?
- 1819
- 1829
- 1856
- 1872
उत्तर एवं व्याख्या
लॉर्ड विलियम बेंटिक ने राजा राममोहन राय के प्रयासों से 1829 में बंगाल रेगुलेशन XVII द्वारा सती प्रथा को अवैध घोषित किया। 1856 में विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना और 1872 में सिविल मैरिज एक्ट।
उत्तर: (B) 1829
1857 के विद्रोह में लखनऊ का नेतृत्व किसने किया?
- रानी लक्ष्मीबाई
- बेगम हज़रत महल
- नाना साहब
- खान बहादुर खाँ
उत्तर एवं व्याख्या
अवध की बेगम हज़रत महल ने लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और अपने पुत्र बिरजिस कद्र को नवाब घोषित किया। लक्ष्मीबाई झाँसी में, नाना साहब कानपुर में और खान बहादुर खाँ बरेली में नेता थे।
उत्तर: (B) बेगम हज़रत महल
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
- ए.ओ. ह्यूम
- दादाभाई नौरोजी
- व्योमेश चंद्र बनर्जी
- सुरेंद्रनाथ बनर्जी
उत्तर एवं व्याख्या
1885 के बंबई अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की। ए.ओ. ह्यूम संस्थापक थे, अध्यक्ष नहीं। दादाभाई नौरोजी दूसरे अधिवेशन (1886) के अध्यक्ष थे। सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने इंडियन एसोसिएशन बनाई थी।
उत्तर: (C) व्योमेश चंद्र बनर्जी
कांग्रेस का विभाजन (नरमपंथी और गरमपंथी) किस अधिवेशन में हुआ?
- कलकत्ता 1906
- सूरत 1907
- लखनऊ 1916
- लाहौर 1929
उत्तर एवं व्याख्या
1907 के सूरत अधिवेशन (अध्यक्ष रासबिहारी घोष) में नरम दल और गरम दल के बीच मतभेद के कारण कांग्रेस विभाजित हो गई। 1916 के लखनऊ अधिवेशन में दोनों दल फिर एक हुए। 1906 में "स्वराज" शब्द आया और 1929 में "पूर्ण स्वराज" प्रस्ताव पारित हुआ।
उत्तर: (B) सूरत 1907
जलियाँवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए कौन-सा आयोग बना?
- साइमन आयोग
- हंटर आयोग
- इल्बर्ट आयोग
- फ़्रेज़र आयोग
उत्तर एवं व्याख्या
13 अप्रैल 1919 के जलियाँवाला बाग हत्याकांड की जाँच के लिए ब्रिटिश सरकार ने लॉर्ड हंटर की अध्यक्षता में आयोग बनाया। कांग्रेस ने अपनी अलग जाँच समिति भी बनाई थी। साइमन आयोग संवैधानिक सुधारों के लिए था, इल्बर्ट बिल रिपन के समय का विवाद था।
उत्तर: (B) हंटर आयोग
असहयोग आंदोलन किस घटना के बाद वापस लिया गया?
- जलियाँवाला बाग हत्याकांड
- चौरी-चौरा कांड
- काकोरी कांड
- मोपला विद्रोह
उत्तर एवं व्याख्या
5 फ़रवरी 1922 को गोरखपुर के चौरी-चौरा में भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। अहिंसा के सिद्धांत के टूटने पर गांधी ने 12 फ़रवरी 1922 को आंदोलन वापस ले लिया। जलियाँवाला बाग आंदोलन से पहले की घटना है और काकोरी कांड 1925 में हुआ।
उत्तर: (B) चौरी-चौरा कांड
"पूर्ण स्वराज" का प्रस्ताव कांग्रेस के किस अधिवेशन में पारित हुआ?
- कराची 1931
- लाहौर 1929
- कलकत्ता 1928
- हरिपुरा 1938
उत्तर एवं व्याख्या
दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में "पूर्ण स्वराज" का प्रस्ताव पारित हुआ और 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कराची में मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव आया, कलकत्ता 1928 में नेहरू रिपोर्ट पर चर्चा हुई।
उत्तर: (B) लाहौर 1929
"तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा" किसका नारा है?
- भगत सिंह
- चंद्रशेखर आज़ाद
- सुभाष चंद्र बोस
- बाल गंगाधर तिलक
उत्तर एवं व्याख्या
यह नारा सुभाष चंद्र बोस ने आज़ाद हिंद फ़ौज के सैनिकों को संबोधित करते हुए दिया था। "इंकलाब ज़िंदाबाद" को भगत सिंह ने लोकप्रिय बनाया और "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है" तिलक का नारा है।
उत्तर: (C) सुभाष चंद्र बोस
मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल किस अधिनियम द्वारा शुरू किया गया?
- भारतीय परिषद अधिनियम 1892
- भारतीय परिषद अधिनियम 1909
- भारत शासन अधिनियम 1919
- भारत शासन अधिनियम 1935
उत्तर एवं व्याख्या
मॉर्ले-मिंटो सुधार कहे जाने वाले भारतीय परिषद अधिनियम 1909 ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन की व्यवस्था की, इसलिए मिंटो को "सांप्रदायिक निर्वाचन का जनक" कहा जाता है। 1919 के अधिनियम ने इसका विस्तार सिखों आदि तक किया और प्रांतों में द्वैध शासन दिया।
उत्तर: (B) भारतीय परिषद अधिनियम 1909
लॉर्ड डलहौजी के संबंध में कौन-से कथन सही हैं? 1. उसने व्यपगत सिद्धांत लागू किया। 2. उसके समय भारत में पहली रेल चली। 3. उसने बंगाल का विभाजन किया।
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
उत्तर एवं व्याख्या
कथन 1 और 2 सही हैं — डलहौजी ने व्यपगत सिद्धांत से सतारा, झाँसी, नागपुर आदि का विलय किया और 1853 में बंबई-ठाणे रेल चली। कथन 3 गलत है क्योंकि बंगाल विभाजन 1905 में लॉर्ड कर्ज़न ने किया था।
उत्तर: (A) केवल 1 और 2
निम्नलिखित घटनाओं का सही कालानुक्रम चुनिए: (i) दांडी मार्च (ii) चौरी-चौरा कांड (iii) भारत छोड़ो आंदोलन (iv) साइमन कमीशन का भारत आगमन
- ii, iv, i, iii
- iv, ii, i, iii
- ii, i, iv, iii
- i, ii, iv, iii
उत्तर एवं व्याख्या
चौरी-चौरा (1922) → साइमन कमीशन का आगमन (1928) → दांडी मार्च (1930) → भारत छोड़ो (1942)। इसलिए सही क्रम ii, iv, i, iii है। ऐसे प्रश्नों में पहले हर घटना का वर्ष लिख लें, फिर क्रम लगाएँ।
उत्तर: (A) ii, iv, i, iii
16. त्वरित पुनरावृत्ति
- यूरोपीय: पुर्तगाली 1498 → अंग्रेज़ 1600 (सूरत 1613) → फ़्रांसीसी 1664; वांडिवाश 1760।
- सत्ता: प्लासी 1757, बक्सर 1764, दीवानी 1765, द्वैध शासन 1765–72।
- गवर्नर: हेस्टिंग्स, कॉर्नवालिस (1793), वेलेज़ली (सहायक संधि), बेंटिक (सती 1829), डलहौजी (रेल 1853), कैनिंग (1857), रिपन (1882), कर्ज़न (1905)।
- 1857: मेरठ 10 मई; झाँसी — लक्ष्मीबाई; जगदीशपुर — कुँवर सिंह; परिणाम — 1858 अधिनियम।
- कांग्रेस: 1885 बंबई; 1907 सूरत विभाजन; 1916 लखनऊ समझौता; 1929 लाहौर पूर्ण स्वराज।
- गांधी: 1915 वापसी; 1917 चंपारण; 1920 असहयोग; 1930 दांडी; 1942 भारत छोड़ो।
- अधिनियम: 1909 पृथक निर्वाचन; 1919 प्रांतीय द्वैध शासन; 1935 प्रांतीय स्वायत्तता; 1947 स्वतंत्रता।