Class 11 Political Science · Chapter 1 · भारत का संविधान : सिद्धांत और व्यवहार

संविधान : क्यों और कैसे?

संविधान के कार्य, संविधान की सत्ता, संविधान सभा का गठन और कार्यविधि, राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत और संस्थागत व्यवस्थाएँ।

NCERT भारत का संविधान : सिद्धांत और व्यवहार + राजनीतिक सिद्धांतCBSE Class 11 13 min read

1. अध्याय एक नज़र में

हर समाज को कुछ बुनियादी नियमों की ज़रूरत होती है — कौन शासन करेगा, शासन की शक्ति कितनी होगी और नागरिकों के अधिकार क्या होंगे। इन बुनियादी नियमों के लिखित संग्रह को संविधान (Constitution) कहते हैं। यह देश का सर्वोच्च कानून (Supreme Law) है, जिसके आधार पर बाकी सभी कानून बनते हैं। इस अध्याय में हम समझेंगे कि संविधान की ज़रूरत क्यों पड़ती है, यह कौन-से कार्य करता है, इसे सत्ता (authority) कहाँ से मिलती है और भारत का संविधान किस तरह बना।

इस अध्याय में आप सीखेंगे
  • संविधान क्या है और उसके पाँच प्रमुख कार्य।
  • संविधान की सत्ता — लागू करने का तरीका, मूल प्रावधान और संतुलित संस्थागत ढाँचा।
  • भारतीय संविधान सभा (Constituent Assembly) का गठन और कार्यविधि।
  • राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत और दूसरे देशों से लिए गए प्रावधान।

2. संविधान क्या है और इसके कार्य

मान लीजिए किसी कक्षा में हर छात्र अपने मन से नियम बनाने लगे — तो अव्यवस्था फैल जाएगी। इसी तरह किसी देश में लाखों-करोड़ों लोग, अलग-अलग धर्म, भाषा और हित वाले, तभी शांति से साथ रह सकते हैं जब कुछ मूल नियमों पर सबकी सहमति हो। संविधान यही सहमति है।

कार्य (Function)अर्थउदाहरण
1. समन्वय और आश्वासन (Coordination and Assurance)समाज के सदस्यों में न्यूनतम भरोसा और तालमेल पैदा करनासबको पता है कि नियम सब पर समान रूप से लागू होंगे
2. निर्णय लेने की शक्ति का निर्धारण (Specification of Decision-making Powers)यह तय करना कि कानून कौन बनाएगा और सरकार कैसे बनेगीभारत में कानून संसद बनाती है; संसद का गठन चुनाव से होता है
3. सरकार की शक्तियों पर सीमाएँ (Limitations on Powers)सरकार नागरिकों के कुछ अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकतीमौलिक अधिकार — अभिव्यक्ति, धर्म, समानता की स्वतंत्रता
4. समाज की आकांक्षाएँ और लक्ष्य (Aspirations and Goals)सरकार को न्यायपूर्ण समाज बनाने की दिशा देनाराज्य के नीति-निर्देशक तत्त्व; अस्पृश्यता का अंत
5. राष्ट्र की मूल पहचान (Fundamental Identity)लोगों को एक सामूहिक पहचान देना — "हम भारत के लोग"प्रस्तावना, राष्ट्रीय प्रतीक, नैतिक और राजनीतिक मूल्य

संविधान केवल सरकार चलाने की नियमावली नहीं है, बल्कि यह बताता है कि हम किस तरह का समाज बनना चाहते हैं। जर्मन संविधान "मानव गरिमा" पर ज़ोर देता है, जबकि भारतीय संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को अपना आधार बनाता है।

3. संविधान की सत्ता (Authority of a Constitution)

हर देश के पास संविधान होता है, पर हर संविधान प्रभावी नहीं होता। कोई संविधान तभी असरदार होता है जब लोग उसका सम्मान करें। यह तीन बातों पर निर्भर करता है:

  1. लागू करने का तरीका (Mode of Promulgation): संविधान किसने और कैसे बनाया? यदि सैनिक शासक या जनता से कटे नेता उसे बनाते हैं तो उसकी वैधता (legitimacy) कमज़ोर रहती है। भारत का संविधान ऐसे नेताओं ने बनाया जिन पर जनता का भरोसा था और जो राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े थे।
  2. मूल प्रावधान (Substantive Provisions): संविधान जितना न्यायपूर्ण होगा, लोग उतना ही उसे मानेंगे। अच्छा संविधान हर व्यक्ति को सम्मान और स्वतंत्रता देता है, किसी एक समूह को विशेष लाभ नहीं।
  3. संतुलित संस्थागत ढाँचा (Balanced Institutional Design): शक्ति एक जगह केंद्रित न हो — विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच नियंत्रण और संतुलन (checks and balances) हो। साथ ही संविधान इतना लचीला हो कि बदलती परिस्थितियों में बदला जा सके, पर इतना भी नहीं कि हर सरकार उसे मनमाने ढंग से बदल दे।
उदाहरण : नेपाल

नेपाल में लंबे समय तक राजशाही रही और कई संविधान बने जिनमें राजा की शक्ति प्रमुख थी। लोकतांत्रिक आंदोलनों के बाद 2008 में राजशाही समाप्त हुई और 2015 में एक नई संविधान सभा द्वारा लोकतांत्रिक संविधान लागू किया गया। यह दिखाता है कि जनता की भागीदारी से बना संविधान ही स्थायी वैधता पाता है।

4. भारतीय संविधान का निर्माण

भारत का संविधान एक संविधान सभा ने बनाया। इसका गठन 1946 की कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan) के आधार पर हुआ। सदस्यों का चुनाव प्रांतीय विधानसभाओं ने अप्रत्यक्ष रूप से किया।

तथ्यविवरण
पहली बैठक9 दिसंबर 1946
कुल सदस्य (योजना के अनुसार)389 — ब्रिटिश प्रांतों से 292, देसी रियासतों से 93, मुख्य आयुक्त प्रांतों से 4
विभाजन के बाद सदस्य299 (नवंबर 1949 में 284 ने हस्ताक्षर किए)
उद्देश्य प्रस्ताव (Objectives Resolution)पं. जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को रखा; 22 जनवरी 1947 को पारित
अध्यक्षडॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्षडॉ. बी. आर. आंबेडकर (29 अगस्त 1947 को गठित)
संविधान अंगीकृत26 नवंबर 1949 (अब "संविधान दिवस")
संविधान लागू26 जनवरी 1950 (गणतंत्र दिवस)
कुल समयलगभग 2 वर्ष 11 माह 18 दिन; 11 सत्र, 166 दिन बैठकें

संविधान सभा की कार्यविधि

  • प्रतिनिधिक स्वरूप: सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने गए थे, फिर भी सभा में लगभग सभी धर्मों, जातियों, क्षेत्रों और विचारधाराओं के लोग थे। अनुसूचित जातियों के सदस्य भी थे और कुछ महिलाएँ भी (जैसे सरोजिनी नायडू, हंसा मेहता, दुर्गाबाई देशमुख)।
  • सहमति और चर्चा: निर्णय सामान्यतः बहस और आम सहमति (consensus) से लिए गए, केवल बहुमत के बल पर नहीं। संविधान सभा की बहसें (Constituent Assembly Debates) लगभग हर अनुच्छेद पर विस्तृत तर्क दिखाती हैं।
  • समितियाँ: प्रमुख समितियों के अध्यक्ष थे — नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. आंबेडकर। ये सब अक्सर एक-दूसरे से असहमत भी होते थे, पर साझा लक्ष्य के लिए साथ काम करते थे।
  • सार्वजनिक सुझाव: संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया गया और जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए।

5. राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत और विदेशी प्रावधान

संविधान सभा केवल 1946 से 1949 का काम नहीं था। इसके पीछे राष्ट्रीय आंदोलन के दशकों के विचार थे — जैसे मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट (1928) जिसमें मौलिक अधिकारों की माँग थी, और कांग्रेस का कराची अधिवेशन (1931) जिसमें मौलिक अधिकार और आर्थिक नीति पर प्रस्ताव पारित हुआ। उद्देश्य प्रस्ताव में ही ये लक्ष्य थे — स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य; सबके लिए न्याय, समानता और स्वतंत्रता; अल्पसंख्यकों और पिछड़े वर्गों की सुरक्षा।

देशलिए गए प्रावधान (Borrowed Features)
ब्रिटेनसंसदीय शासन, सर्वाधिक वोट से जीत की व्यवस्था (FPTP), कानून का शासन (Rule of Law), अध्यक्ष (Speaker) का पद, कानून निर्माण की प्रक्रिया
अमेरिकामौलिक अधिकारों की सूची, न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review), न्यायपालिका की स्वतंत्रता
आयरलैंडराज्य के नीति-निर्देशक तत्त्व (DPSP)
फ्रांसस्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व का सिद्धांत
कनाडाअर्ध-संघात्मक (quasi-federal) सरकार; अवशिष्ट शक्तियाँ केंद्र के पास

ध्यान दें: इन प्रावधानों को आँख मूँदकर नकल नहीं किया गया, बल्कि भारतीय परिस्थितियों के अनुसार ढाला गया। इसीलिए हमारा संविधान "उधार का थैला" (bag of borrowings) नहीं, बल्कि एक मौलिक और व्यावहारिक दस्तावेज़ है।

1946CabinetMission 9 Dec 46पहली बैठक 13 Dec 46उद्देश्यप्रस्ताव 29 Aug 47प्रारूपसमिति 26 Nov 49अंगीकृत 26 Jan 50लागू संविधान निर्माण की समयरेखा
संविधान निर्माण के प्रमुख पड़ाव (विचार-चित्र)।

6. मास्टर तालिका : मुख्य शब्दावली

शब्दअर्थ
संविधान (Constitution)देश के बुनियादी नियमों का सर्वोच्च संग्रह
संविधान सभा (Constituent Assembly)संविधान बनाने वाली प्रतिनिधि सभा
वैधता (Legitimacy)जनता द्वारा किसी व्यवस्था को उचित मानना
उद्देश्य प्रस्ताव (Objectives Resolution)नेहरू का प्रस्ताव जिसने संविधान के लक्ष्य तय किए
नियंत्रण और संतुलन (Checks and Balances)एक अंग द्वारा दूसरे अंग की शक्ति पर रोक
प्रस्तावना (Preamble)संविधान की प्रस्तावना — उसके मूल्य और लक्ष्य
गणतंत्र (Republic)राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता है, वंशानुगत नहीं
सर्वसम्मति (Consensus)बहस के बाद सबकी सहमति से निर्णय
सर्वोच्च कानून (Supreme Law)ऐसा कानून जिसके विरुद्ध कोई कानून मान्य नहीं
कैबिनेट मिशन1946 की ब्रिटिश योजना, जिससे संविधान सभा बनी

7. मास्टर सारांश तालिका

विषयमुख्य बिंदु
संविधान के कार्यसमन्वय, निर्णय-शक्ति, सीमाएँ, आकांक्षाएँ, पहचान
संविधान की सत्तालागू करने का तरीका, न्यायपूर्ण प्रावधान, संतुलित ढाँचा
संविधान सभा1946 में गठित, अप्रत्यक्ष चुनाव, विभाजन के बाद 299 सदस्य
कार्यविधिचर्चा, सहमति, समितियाँ, सार्वजनिक सुझाव
विरासतनेहरू रिपोर्ट 1928, कराची प्रस्ताव 1931, उद्देश्य प्रस्ताव 1946
विदेशी प्रावधानब्रिटेन, अमेरिका, आयरलैंड, फ्रांस, कनाडा — भारतीय ज़रूरतों के अनुसार ढाले गए

चार्ट — संविधान सभा की प्रस्तावित सीटें (कुल 389):

ब्रिटिश प्रांत292
देसी रियासतें93
मुख्य आयुक्त प्रांत4

8. माइंड मैप

संविधान : क्यों और कैसे?
क्यों?
  • पाँच कार्य
  • सर्वोच्च कानून
सत्ता
  • वैधता
  • संतुलित ढाँचा
संविधान सभा
  • 1946–1949
  • 299 सदस्य
विरासत
  • राष्ट्रीय आंदोलन
  • उद्देश्य प्रस्ताव
प्रावधान
  • UK, USA, Ireland
  • France, Canada

9. टिप्स और ट्रिक्स

याद रखने के सूत्र
  • पाँच कार्य = "स-नि-सी-आ-प" : समन्वय, निर्णय, सीमा, आकांक्षा, पहचान।
  • तारीखें: 9 दिसंबर पहली बैठक → 26 नवंबर अंगीकृत → 26 जनवरी लागू।
  • DPSP = आयरलैंड ("आदर्श" आयरलैंड से); Judicial Review = अमेरिका।
आम गलतियाँ
  • संविधान सभा के सदस्य जनता द्वारा सीधे नहीं, प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा चुने गए थे।
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे; डॉ. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष।
  • 26 नवंबर अंगीकरण की तिथि है, लागू होने की नहीं।

10. महत्त्वपूर्ण वन-लाइनर

  • संविधान देश का सर्वोच्च कानून है।
  • संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई।
  • उद्देश्य प्रस्ताव पं. नेहरू ने रखा।
  • संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे।
  • प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. आंबेडकर थे।
  • विभाजन के बाद संविधान सभा में 299 सदस्य रह गए।
  • संविधान 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत हुआ।
  • संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
  • नीति-निर्देशक तत्त्व आयरलैंड से लिए गए।
  • न्यायिक पुनरावलोकन अमेरिका से लिया गया।
  • मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट 1928 में आई।

11. बोर्ड परीक्षा-पैटर्न प्रश्न (विस्तृत उत्तर सहित)

प्र1आसान

संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?

  1. डॉ. बी. आर. आंबेडकर
  2. पं. जवाहरलाल नेहरू
  3. डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  4. सरदार पटेल
उत्तर देखें

डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे। डॉ. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे; नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा; पटेल कई समितियों के अध्यक्ष थे।

उत्तर: (ग) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

प्र2आसान

भारतीय संविधान ने राज्य के नीति-निर्देशक तत्त्व किस देश से लिए?

  1. अमेरिका
  2. आयरलैंड
  3. कनाडा
  4. फ्रांस
उत्तर देखें

DPSP आयरलैंड के संविधान से प्रेरित हैं। अमेरिका से मौलिक अधिकार और न्यायिक पुनरावलोकन, कनाडा से अर्ध-संघात्मक ढाँचा और फ्रांस से स्वतंत्रता-समानता-बंधुत्व लिया गया।

उत्तर: (ख) आयरलैंड

प्र3आसान

संविधान को "सर्वोच्च कानून" क्यों कहा जाता है?

उत्तर देखें

क्योंकि देश के सभी कानून इसी के अनुसार बनते हैं; कोई भी कानून जो संविधान के विरुद्ध हो, न्यायालय द्वारा अमान्य घोषित किया जा सकता है। सरकार के सभी अंग इसी से शक्ति पाते हैं।

उत्तर: सभी कानूनों और संस्थाओं का आधार और उनसे ऊपर

प्र4मध्यम

संविधान के कोई चार कार्य लिखिए।

उत्तर देखें

(1) समाज में समन्वय और भरोसा पैदा करना; (2) यह तय करना कि निर्णय लेने की शक्ति किसके पास होगी; (3) सरकार की शक्ति पर सीमाएँ लगाना ताकि नागरिकों के अधिकार सुरक्षित रहें; (4) समाज की आकांक्षाओं और लक्ष्यों — जैसे न्यायपूर्ण समाज — की दिशा तय करना। साथ ही यह राष्ट्र की सामूहिक पहचान भी देता है।

उत्तर: समन्वय, निर्णय-शक्ति, सीमाएँ, आकांक्षाएँ (और पहचान)

प्र5मध्यम

किसी संविधान की सत्ता किन बातों पर निर्भर करती है?

उत्तर देखें

(1) लागू करने का तरीका — किसने और कैसे बनाया; जनता के विश्वसनीय नेताओं द्वारा बनाया संविधान अधिक वैध होता है। (2) मूल प्रावधान — संविधान न्यायपूर्ण हो और सबको सम्मान दे। (3) संतुलित संस्थागत ढाँचा — शक्ति का बँटवारा, नियंत्रण और संतुलन, तथा परिवर्तन की उचित गुंजाइश।

उत्तर: वैध निर्माण, न्यायपूर्ण प्रावधान, संतुलित ढाँचा

प्र6मध्यम

संविधान सभा का गठन कैसे हुआ?

उत्तर देखें

1946 की कैबिनेट मिशन योजना के अनुसार प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों ने अप्रत्यक्ष चुनाव द्वारा प्रतिनिधि चुने। कुल 389 सीटें थीं — प्रांतों से 292, रियासतों से 93 और मुख्य आयुक्त प्रांतों से 4। प्रांतों की सीटें जनसंख्या के अनुपात में और समुदायों (सामान्य, मुस्लिम, सिख) में बाँटी गईं। विभाजन के बाद सदस्य संख्या 299 रह गई।

उत्तर: कैबिनेट मिशन योजना से, प्रांतीय विधानसभाओं द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव

प्र7मध्यम

उद्देश्य प्रस्ताव के मुख्य बिंदु क्या थे?

उत्तर देखें

भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य होगा; सारी सत्ता जनता से आएगी; सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, अवसर और कानून के समक्ष समानता तथा विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास और उपासना की स्वतंत्रता मिलेगी; अल्पसंख्यकों, पिछड़े और जनजातीय क्षेत्रों की सुरक्षा होगी; और भारत विश्व शांति में योगदान देगा।

उत्तर: संप्रभु गणराज्य, जनता की सत्ता, न्याय-समानता-स्वतंत्रता, अल्पसंख्यक सुरक्षा

प्र8कठिन

"संविधान सभा अप्रत्यक्ष रूप से चुनी गई थी, फिर भी वह प्रतिनिधिक थी।" इस कथन की समीक्षा कीजिए।

उत्तर देखें

यह सच है कि सार्वभौमिक मताधिकार के बजाय प्रांतीय विधानसभाओं ने सदस्य चुने। फिर भी सभा में देश के लगभग सभी धर्मों, जातियों, क्षेत्रों, भाषाओं और विचारधाराओं — समाजवादी, उदारवादी, परंपरावादी — के लोग शामिल थे; अनुसूचित जातियों और महिलाओं के प्रतिनिधि भी थे। निर्णय बहस और सहमति से हुए, प्रारूप पर जनता से सुझाव माँगे गए। इसलिए उसका स्वरूप व्यापक और वैध माना जाता है।

उत्तर: सामाजिक और वैचारिक विविधता तथा सहमति की प्रक्रिया ने उसे प्रतिनिधिक बनाया

प्र9कठिन

क्या भारतीय संविधान "उधार का थैला" है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

उत्तर देखें

संविधान ने ब्रिटेन, अमेरिका, आयरलैंड, फ्रांस और कनाडा से कई प्रावधान लिए, पर उन्हें भारतीय परिस्थितियों के अनुसार बदला। उदाहरण: संसदीय शासन ब्रिटेन से लिया, पर भारत में लिखित संविधान और न्यायिक पुनरावलोकन जोड़े; संघवाद को सशक्त केंद्र के साथ ढाला। इसके पीछे राष्ट्रीय आंदोलन के अपने आदर्श — सामाजिक न्याय, अस्पृश्यता उन्मूलन, धर्मनिरपेक्षता — थे। इसलिए यह मौलिक और व्यावहारिक संविधान है, केवल नकल नहीं।

उत्तर: नहीं — प्रावधान लिए गए पर भारतीय ज़रूरतों के अनुसार ढाले गए

प्र10कठिन

संविधान का "सरकार की शक्तियों पर सीमाएँ" लगाने वाला कार्य लोकतंत्र के लिए क्यों आवश्यक है?

उत्तर देखें

चुनी हुई सरकार भी बहुमत के बल पर मनमानी कर सकती है। संविधान मौलिक अधिकारों के रूप में कुछ ऐसे क्षेत्र तय करता है जिनमें सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकती — जैसे अभिव्यक्ति, धर्म, समानता, मनमानी गिरफ़्तारी से सुरक्षा। न्यायालय इन सीमाओं को लागू करते हैं। इससे अल्पसंख्यकों और व्यक्तियों की स्वतंत्रता बहुमत के अत्याचार से बचती है।

उत्तर: बहुमत के अत्याचार से व्यक्ति और अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए

प्र11कठिन

संविधान सभा की कार्यविधि की तीन विशेषताएँ बताइए जिन्होंने संविधान को स्वीकार्य बनाया।

उत्तर देखें

(1) खुली बहस: हर अनुच्छेद पर विस्तृत चर्चा हुई, जो संविधान सभा की बहसों में दर्ज है। (2) सहमति: अधिकतर निर्णय आम सहमति से लिए गए, ताकि कोई समूह स्वयं को बाहर न समझे। (3) समितियाँ और जन-सुझाव: विशेषज्ञ समितियों ने विषयवार काम किया और प्रारूप प्रकाशित कर जनता से सुझाव लिए गए। इससे संविधान को व्यापक स्वीकृति मिली।

उत्तर: खुली बहस, सहमति, समितियाँ व जन-सुझाव

12. त्वरित पुनरावृत्ति सारांश

2 मिनट में दोहराएँ
  • संविधान = सर्वोच्च कानून; पाँच कार्य — समन्वय, निर्णय-शक्ति, सीमाएँ, आकांक्षाएँ, पहचान।
  • सत्ता के आधार — वैध निर्माण, न्यायपूर्ण प्रावधान, संतुलित संस्थागत ढाँचा।
  • संविधान सभा: कैबिनेट मिशन 1946; पहली बैठक 9 दिसंबर 1946; 389 → 299 सदस्य; अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद; प्रारूप समिति आंबेडकर।
  • उद्देश्य प्रस्ताव (नेहरू) → अंगीकृत 26 नवंबर 1949 → लागू 26 जनवरी 1950।
  • विरासत: नेहरू रिपोर्ट 1928, कराची 1931; विदेशी प्रावधान भारतीय ज़रूरतों के अनुसार ढाले गए।