भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान — कक्षा 10 (NCERT) स्तर तक, परीक्षा के नज़रिए से
RRB Group D में सामान्य विज्ञान के 25 प्रश्न आते हैं — यह सबसे अधिक अंक दिलाने वाला खंड है, क्योंकि प्रश्न ज़्यादातर सीधे तथ्य और अवधारणा पर आधारित होते हैं। पाठ्यक्रम कक्षा 10 (CBSE/NCERT) स्तर का है। तीनों विषयों से लगभग बराबर प्रश्न आते हैं।
📊 Chart: 25 प्रश्नों का अनुमानित विभाजन
किसी भी भौतिक राशि को मापने के लिए एक मानक चाहिए, जिसे मात्रक (Unit) कहते हैं। आज पूरी दुनिया में SI पद्धति (Système International, 1960) का उपयोग होता है। इसमें 7 मूल मात्रक हैं; बाक़ी सभी मात्रक इन्हीं से बनते हैं, इसलिए उन्हें व्युत्पन्न मात्रक (Derived units) कहते हैं।
| मूल राशि | SI मात्रक | संकेत |
|---|---|---|
| लंबाई | मीटर | m |
| द्रव्यमान | किलोग्राम | kg |
| समय | सेकंड | s |
| विद्युत धारा | ऐम्पियर | A |
| ताप | केल्विन | K |
| पदार्थ की मात्रा | मोल | mol |
| ज्योति तीव्रता | कैंडेला | cd |
| राशि | SI मात्रक | राशि | SI मात्रक |
|---|---|---|---|
| बल | न्यूटन (N) | आवृत्ति | हर्ट्ज़ (Hz) |
| कार्य / ऊर्जा | जूल (J) | आवेश | कूलॉम (C) |
| शक्ति | वाट (W) | विभवांतर | वोल्ट (V) |
| दाब | पास्कल (Pa) | प्रतिरोध | ओम (Ω) |
| संवेग | kg·m/s | लेंस की क्षमता | डायोप्टर (D) |
| त्वरण | m/s² | चुंबकीय क्षेत्र | टेस्ला (T) |
जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है तो उसे गतिशील कहते हैं। विराम और गति सापेक्ष होते हैं — ट्रेन में बैठा यात्री ट्रेन के सापेक्ष विराम में है, पर प्लेटफ़ॉर्म के सापेक्ष गति में।
उदाहरण: r त्रिज्या के वृत्त का एक पूरा चक्कर लगाने पर दूरी = 2πr, पर विस्थापन = 0। आधा चक्कर लगाने पर विस्थापन = 2r (व्यास)।
यहाँ u = प्रारंभिक वेग, v = अंतिम वेग, a = त्वरण, t = समय, s = विस्थापन। वेग घटे तो त्वरण ऋणात्मक होता है, जिसे मंदन (Retardation) कहते हैं।
वृत्त में समान चाल से चलती वस्तु की चाल स्थिर रहती है, पर दिशा हर पल बदलने के कारण वेग बदलता है — इसलिए यह त्वरित गति है। इस त्वरण की दिशा केंद्र की ओर होती है (अभिकेंद्र त्वरण)। उदाहरण: पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा, घड़ी की सुई का सिरा।
बल (Force) वह धक्का या खिंचाव है जो किसी वस्तु की विराम या गति की अवस्था, दिशा या आकार को बदलता है या बदलने का प्रयास करता है। SI मात्रक न्यूटन (N); 1 N = 1 kg·m/s²।
| नियम | कथन | दैनिक जीवन के उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) | कोई वस्तु अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था में तब तक रहती है जब तक उस पर बाहरी असंतुलित बल न लगे। | बस अचानक चलने पर यात्री पीछे गिरते हैं; ब्रेक लगने पर आगे झुकते हैं; कंबल झाड़ने पर धूल गिरती है; पेड़ हिलाने पर फल गिरते हैं। |
| द्वितीय नियम | संवेग परिवर्तन की दर लगाए गए बल के समानुपाती होती है: F = m × a। | क्रिकेट खिलाड़ी गेंद पकड़ते समय हाथ पीछे खींचता है (समय बढ़ाकर बल घटाना); ऊँचाई से कूदते समय घुटने मोड़ना। |
| तृतीय नियम | प्रत्येक क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है (दो अलग वस्तुओं पर)। | रॉकेट का उड़ना, बंदूक से गोली चलाने पर पीछे धक्का (recoil), तैरना, नाव से कूदने पर नाव का पीछे जाना। |
दो सतहों के बीच गति का विरोध करने वाला बल घर्षण है। स्थैतिक घर्षण > सर्पी घर्षण > लोटनिक घर्षण। इसीलिए भारी वस्तु को पहियों पर (लोटनिक) खिसकाना आसान होता है। घर्षण कम करने के उपाय: स्नेहक (तेल, ग्रीस), बॉल-बेयरिंग, पॉलिश, धारारेखीय (streamlined) आकार।
ब्रह्मांड का प्रत्येक पिंड दूसरे पिंड को अपनी ओर आकर्षित करता है — इसे गुरुत्वाकर्षण कहते हैं। न्यूटन का सार्वत्रिक नियम:
| बिंदु | द्रव्यमान (Mass) | भार (Weight) |
|---|---|---|
| परिभाषा | वस्तु में पदार्थ की मात्रा | वस्तु पर लगने वाला गुरुत्व बल |
| प्रकृति | अदिश | सदिश (बल) |
| मात्रक | kg | न्यूटन (N) |
| स्थान बदलने पर | कभी नहीं बदलता | बदलता है (चंद्रमा पर 1/6) |
| मापने का यंत्र | भौतिक तुला (Beam balance) | कमानीदार तुला (Spring balance) |
| लिफ़्ट की स्थिति | आभासी भार |
|---|---|
| विराम या एकसमान वेग | सामान्य (mg) |
| त्वरण से ऊपर जाना | बढ़ जाता है |
| त्वरण से नीचे आना | घट जाता है |
| रस्सी टूटने पर मुक्त पतन | शून्य (भारहीनता) |
ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है और न नष्ट — केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है। ब्रह्मांड की कुल ऊर्जा स्थिर है। ऊँचाई से गिरती गेंद में स्थितिज ऊर्जा घटती है और गतिज ऊर्जा बढ़ती है, पर दोनों का योग (यांत्रिक ऊर्जा) हर बिंदु पर समान रहता है।
| उपकरण | ऊर्जा रूपांतरण |
|---|---|
| विद्युत मोटर / पंखा | विद्युत → यांत्रिक |
| जनित्र (Generator/Dynamo) | यांत्रिक → विद्युत |
| विद्युत बल्ब | विद्युत → प्रकाश + ऊष्मा |
| सोलर सेल | प्रकाश (सौर) → विद्युत |
| बैटरी / सेल (डिस्चार्ज) | रासायनिक → विद्युत |
| माइक्रोफ़ोन | ध्वनि → विद्युत |
| लाउडस्पीकर | विद्युत → ध्वनि |
| प्रकाश संश्लेषण | प्रकाश → रासायनिक |
| इस्त्री, हीटर | विद्युत → ऊष्मा |
क्षेत्रफल कम तो दाब अधिक: इसीलिए चाकू की धार पतली, कील नुकीली, ऊँट और टैंक के पैर/पहिए चौड़े, स्कूल बैग की पट्टियाँ चौड़ी रखी जाती हैं।
बंद पात्र में भरे द्रव पर लगाया गया दाब सभी दिशाओं में समान रूप से संचरित होता है। उपयोग: हाइड्रोलिक लिफ़्ट, हाइड्रोलिक ब्रेक, हाइड्रोलिक प्रेस।
किसी वस्तु को द्रव में पूरा या आंशिक डुबाने पर उसके भार में आभासी कमी होती है, जो विस्थापित द्रव के भार के बराबर होती है। द्रव द्वारा लगाए गए ऊपर की ओर बल को उत्प्लावन बल कहते हैं।
| स्थिति | परिणाम | उदाहरण |
|---|---|---|
| वस्तु का घनत्व > द्रव का घनत्व | डूब जाती है | लोहे की कील पानी में |
| वस्तु का घनत्व < द्रव का घनत्व | तैरती है | लकड़ी, बर्फ़ पानी में |
| दोनों बराबर | द्रव में कहीं भी स्थिर | — |
ध्वनि कंपन से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा है, जो यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal waves) के रूप में चलती है। ध्वनि को चलने के लिए माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) चाहिए — निर्वात में ध्वनि नहीं चलती। इसलिए चंद्रमा या अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री रेडियो से बात करते हैं।
| माध्यम | ध्वनि की चाल (लगभग) |
|---|---|
| वायु (20°C) | 343 m/s (0°C पर 332 m/s) |
| जल | ≈ 1,500 m/s |
| लोहा / स्टील | ≈ 5,000–5,960 m/s |
| प्रकार | आवृत्ति | कौन सुनता/उपयोग करता है |
|---|---|---|
| अवश्रव्य (Infrasonic) | 20 Hz से कम | हाथी, व्हेल; भूकंप की तरंगें |
| श्रव्य (Audible) | 20 Hz – 20,000 Hz | मनुष्य |
| पराश्रव्य (Ultrasonic) | 20,000 Hz से अधिक | चमगादड़, डॉल्फ़िन, कुत्ता; SONAR, अल्ट्रासाउंड जाँच, गुर्दे की पथरी तोड़ना |
| बिंदु | सेल्सियस | फ़ारेनहाइट | केल्विन |
|---|---|---|---|
| पानी का हिमांक | 0°C | 32°F | 273 K |
| पानी का क्वथनांक | 100°C | 212°F | 373 K |
| परम शून्य | −273°C | −459.4°F | 0 K |
| विधि | कैसे | उदाहरण |
|---|---|---|
| चालन (Conduction) | ठोस में, कणों के कंपन से; माध्यम के कण अपनी जगह नहीं छोड़ते | चम्मच का गर्म होना; धातु अच्छे चालक, लकड़ी-प्लास्टिक कुचालक |
| संवहन (Convection) | द्रव और गैस में, कणों के स्वयं बहने से | पानी का गर्म होना, समुद्री और स्थलीय समीर, कमरे में रोशनदान ऊपर |
| विकिरण (Radiation) | बिना माध्यम के, विद्युत-चुंबकीय तरंगों से (सबसे तेज़) | सूर्य से पृथ्वी तक ऊष्मा; आग के पास बैठकर गर्मी महसूस करना |
अवस्था परिवर्तन के समय ताप स्थिर रहता है; दी गई ऊष्मा अवस्था बदलने में लगती है — इसे गुप्त ऊष्मा (Latent heat) कहते हैं। 100°C की भाप से जलना, 100°C के पानी से जलने से अधिक कष्टदायक होता है क्योंकि भाप में वाष्पन की अतिरिक्त गुप्त ऊष्मा होती है। बर्फ़ के पिघलने की गुप्त ऊष्मा ≈ 334 J/g, पानी के वाष्पन की ≈ 2,260 J/g।
वाष्पन (Evaporation) शीतलन उत्पन्न करता है — पसीना सूखने पर ठंडक, मिट्टी का घड़ा, कूलर। वाष्पन की दर ताप, सतह क्षेत्रफल और हवा की गति बढ़ने पर बढ़ती है, और आर्द्रता बढ़ने पर घटती है।
| थर्मामीटर/यंत्र | उपयोग |
|---|---|
| क्लिनिकल थर्मामीटर | शरीर का ताप (35°C–42°C) |
| पायरोमीटर | बहुत उच्च ताप (सूर्य, भट्टी) |
| हाइग्रोमीटर | वायु की आपेक्षिक आर्द्रता |
| थर्मोस्टैट | ताप को स्थिर रखना (फ्रिज, इस्त्री, गीज़र) |
प्रकाश ऊर्जा का वह रूप है जिससे हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं। यह विद्युत-चुंबकीय अनुप्रस्थ तरंग है और इसे चलने के लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं। निर्वात में प्रकाश की चाल 3 × 10⁸ m/s है (सबसे अधिक)। सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक लगभग 8 मिनट 20 सेकंड (≈ 500 s) में पहुँचता है।
नियम: (1) आपतन कोण = परावर्तन कोण; (2) आपतित किरण, परावर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं।
| दर्पण | प्रतिबिंब | उपयोग |
|---|---|---|
| समतल दर्पण | आभासी, सीधा, समान आकार, पार्श्व उलटा (left-right) | ड्रेसिंग मिरर, पेरिस्कोप, कैलिडोस्कोप |
| अवतल दर्पण (Concave) | प्रायः वास्तविक और उल्टा; वस्तु फ़ोकस के भीतर हो तो आभासी, सीधा, बड़ा | शेविंग मिरर, दंत चिकित्सक, टॉर्च/हेडलाइट का परावर्तक, सोलर कुकर |
| उत्तल दर्पण (Convex) | सदैव आभासी, सीधा, छोटा | वाहनों का पीछे देखने वाला दर्पण (दृष्टि-क्षेत्र बड़ा), सड़क के मोड़ पर |
प्रकाश जब एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है तो उसकी दिशा बदल जाती है। विरल से सघन माध्यम में जाने पर किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है, सघन से विरल में जाने पर अभिलंब से दूर।
| लेंस | प्रकृति | क्षमता का चिह्न | उपयोग |
|---|---|---|---|
| उत्तल (Convex) | अभिसारी (किरणें मिलाता है) | धनात्मक (+) | आवर्धक लेंस, कैमरा, दूर-दृष्टि दोष सुधार, सूक्ष्मदर्शी |
| अवतल (Concave) | अपसारी (किरणें फैलाता है) | ऋणात्मक (−) | निकट-दृष्टि दोष सुधार, गैलीलियन दूरबीन |
| दोष | क्या दिखता है | कारण | सुधार |
|---|---|---|---|
| निकट-दृष्टि (Myopia) | पास की साफ़, दूर की धुंधली | प्रतिबिंब रेटिना के आगे; नेत्र-गोलक लंबा | अवतल लेंस |
| दूर-दृष्टि (Hypermetropia) | दूर की साफ़, पास की धुंधली | प्रतिबिंब रेटिना के पीछे; नेत्र-गोलक छोटा | उत्तल लेंस |
| जरा-दूरदृष्टि (Presbyopia) | बुढ़ापे में पास की धुंधली | समंजन क्षमता घटना | द्विफ़ोकसी (Bifocal) लेंस |
| अबिंदुकता (Astigmatism) | क्षैतिज-ऊर्ध्वाधर रेखाएँ एक साथ साफ़ नहीं | कॉर्निया की असमान वक्रता | बेलनाकार (Cylindrical) लेंस |
| मोतियाबिंद (Cataract) | धुंधला दिखना | लेंस का धुंधला होना | शल्य-चिकित्सा (कृत्रिम लेंस) |
आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं। धातु के तार में धारा का प्रवाह इलेक्ट्रॉनों के कारण होता है; परंपरागत धारा की दिशा इलेक्ट्रॉन प्रवाह के विपरीत (धन से ऋण की ओर) मानी जाती है।
H = I²Rt — धारा प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मा। उपयोग: बल्ब (टंगस्टन तंतु — गलनांक बहुत अधिक, ≈ 3,380°C), हीटर-इस्त्री (नाइक्रोम — प्रतिरोधकता अधिक, ऑक्सीकृत नहीं होता), फ़्यूज़ (कम गलनांक वाली मिश्रधातु — अधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है)। फ़्यूज़ हमेशा श्रेणीक्रम में और फेज़ (live) तार में लगाया जाता है।
| यंत्र | काम | परिपथ में जोड़ने का तरीका |
|---|---|---|
| ऐमीटर | धारा मापना | श्रेणीक्रम (प्रतिरोध बहुत कम) |
| वोल्टमीटर | विभवांतर मापना | समांतरक्रम (प्रतिरोध बहुत अधिक) |
| गैल्वेनोमीटर | धारा की उपस्थिति/दिशा | — |
| रिओस्टेट | प्रतिरोध बदलकर धारा नियंत्रित करना | श्रेणीक्रम |
| MCB | अधिक धारा पर स्वतः परिपथ तोड़ना (आधुनिक फ़्यूज़) | श्रेणीक्रम |
| पदार्थ | व्यवहार | उदाहरण |
|---|---|---|
| लौहचुंबकीय (Ferromagnetic) | प्रबल आकर्षण | लोहा, निकिल, कोबाल्ट |
| अनुचुंबकीय (Paramagnetic) | दुर्बल आकर्षण | एल्युमिनियम, प्लैटिनम, ऑक्सीजन |
| प्रतिचुंबकीय (Diamagnetic) | दुर्बल प्रतिकर्षण | ताँबा, सोना, जल, बिस्मथ |
| AC (प्रत्यावर्ती धारा) | DC (दिष्ट धारा) |
|---|---|
| दिशा बार-बार बदलती है (भारत में 50 Hz) | दिशा एक ही रहती है |
| ट्रांसफ़ॉर्मर से वोल्टेज घटा-बढ़ा सकते हैं; लंबी दूरी तक भेजना आसान | बैटरी, सेल, सोलर पैनल से मिलती है |
| घरों की आपूर्ति | मोबाइल, टॉर्च, विद्युत-अपघटन |
ट्रांसफ़ॉर्मर केवल AC पर काम करता है। स्टेप-अप ट्रांसफ़ॉर्मर वोल्टेज बढ़ाता है (बिजलीघर से भेजते समय, ताकि धारा कम होकर ऊर्जा-हानि घटे), स्टेप-डाउन घटाता है (घरों में पहुँचने से पहले)।
| नवीकरणीय (Renewable) | अनवीकरणीय (Non-renewable) |
|---|---|
| सौर, पवन, जल (हाइड्रो), ज्वारीय, भूतापीय, बायोमास / बायोगैस | कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस (जीवाश्म ईंधन), नाभिकीय ईंधन (यूरेनियम) |
| कभी ख़त्म नहीं होते, प्रदूषण कम | सीमित भंडार, प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसें |
| नाभिकीय विखंडन (Fission) | नाभिकीय संलयन (Fusion) |
|---|---|
| भारी नाभिक (U-235) टूटकर हल्के नाभिक बनते हैं | हल्के नाभिक (हाइड्रोजन) जुड़कर भारी नाभिक बनाते हैं |
| नाभिकीय रिएक्टर, परमाणु बम | सूर्य और तारों की ऊर्जा, हाइड्रोजन बम |
| श्रृंखला अभिक्रिया; मंदक — भारी जल/ग्रेफ़ाइट; नियंत्रक छड़ — कैडमियम/बोरॉन | अत्यधिक ताप (करोड़ों डिग्री) चाहिए |
आइंस्टीन का द्रव्यमान-ऊर्जा समीकरण E = mc² — थोड़े से द्रव्यमान से अत्यधिक ऊर्जा। रेडियोधर्मिता की खोज हेनरी बेकरेल ने की; मैरी क्यूरी ने रेडियम और पोलोनियम खोजे। रेडियोधर्मी किरणें: अल्फ़ा (धनावेशित, भेदन क्षमता सबसे कम), बीटा (इलेक्ट्रॉन), गामा (आवेशरहित, भेदन क्षमता सबसे अधिक)।
बाएँ से दाएँ: तरंगदैर्ध्य बढ़ती है, आवृत्ति और ऊर्जा घटती है। सभी की निर्वात में चाल = 3 × 10⁸ m/s।
| किरण | उपयोग |
|---|---|
| X-किरण | हड्डी टूटने की जाँच (रॉन्टजन ने खोजी) |
| पराबैंगनी (UV) | जल शुद्धिकरण, विटामिन D निर्माण; ओज़ोन परत इसे रोकती है |
| अवरक्त (IR) | TV रिमोट, नाइट-विज़न, ऊष्मा का अनुभव |
| सूक्ष्म तरंग (Microwave) | माइक्रोवेव ओवन, रडार, मोबाइल संचार |
| रेडियो तरंग | रेडियो, TV प्रसारण |
| यंत्र | उपयोग | यंत्र | उपयोग |
|---|---|---|---|
| एनिमोमीटर | पवन की गति | सिस्मोग्राफ़ | भूकंप की तीव्रता |
| ऑडियोमीटर | सुनने की क्षमता की जाँच | स्फ़िग्मोमैनोमीटर | रक्तचाप |
| अल्टीमीटर | ऊँचाई (विमान) | ओडोमीटर | वाहन द्वारा तय दूरी |
| बैरोमीटर | वायुमंडलीय दाब | स्पीडोमीटर | वाहन की चाल |
| हाइड्रोमीटर | द्रव का आपेक्षिक घनत्व | टैकोमीटर | इंजन के घूर्णन की गति (RPM) |
जो स्थान घेरता है और जिसमें द्रव्यमान होता है, वह द्रव्य (Matter) है। द्रव्य छोटे-छोटे कणों से बना है जिनके बीच रिक्त स्थान और आकर्षण बल होता है, और जो लगातार गति करते रहते हैं।
| गुण | ठोस | द्रव | गैस |
|---|---|---|---|
| आकार | निश्चित | अनिश्चित (पात्र जैसा) | अनिश्चित |
| आयतन | निश्चित | निश्चित | अनिश्चित |
| अंतराआण्विक बल | सबसे अधिक | मध्यम | सबसे कम |
| संपीड्यता | लगभग नहीं | बहुत कम | बहुत अधिक (इसलिए CNG, LPG सिलेंडर) |
| विसरण (Diffusion) | बहुत धीमा | मध्यम | सबसे तेज़ (अगरबत्ती की ख़ुशबू) |
ऊर्ध्वपातन (Sublimation) — ठोस सीधे गैस में बदले, बिना द्रव बने: कपूर, नैफ़्थलीन (फ़िनाइल की गोलियाँ), आयोडीन, अमोनियम क्लोराइड, शुष्क बर्फ़ (ठोस CO₂)। उल्टी प्रक्रिया (गैस → ठोस) को निक्षेपण (Deposition) कहते हैं।
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| तत्व (Element) | एक ही प्रकार के परमाणु | सोना, ऑक्सीजन, कार्बन |
| यौगिक (Compound) | दो या अधिक तत्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से जुड़े | जल (H₂O), नमक (NaCl), CO₂ |
| समांगी मिश्रण (Homogeneous) | पूरे में एक-समान संघटन | नमक का घोल, वायु, पीतल, सोडा पानी |
| विषमांगी मिश्रण (Heterogeneous) | संघटन असमान, अवयव अलग दिखें | रेत-पानी, तेल-पानी, दूध (कोलॉइड) |
| विलयन (Solution) | कोलॉइड (Colloid) | निलंबन (Suspension) |
|---|---|---|
| कण सबसे छोटे (<1 nm), पारदर्शी, टिंडल प्रभाव नहीं | कण मध्यम, टिंडल प्रभाव दिखाता है | कण बड़े, नीचे बैठ जाते हैं |
| चीनी का घोल, नमक का घोल | दूध, धुआँ, कोहरा, जेली, रक्त, शेविंग क्रीम | चूने का पानी (अघुलित), कीचड़ वाला पानी |
टिंडल प्रभाव — कोलॉइड में प्रकाश का प्रकीर्णन; घने जंगल में पत्तियों के बीच से आती सूर्य-किरणें, सिनेमा हॉल में प्रोजेक्टर की किरण।
| विधि | उपयोग |
|---|---|
| आसवन (Distillation) | घुलनशील ठोस और द्रव को अलग करना, शुद्ध जल बनाना |
| प्रभाजी आसवन (Fractional distillation) | कच्चे तेल (पेट्रोलियम) से पेट्रोल, डीज़ल आदि; वायु से गैसें |
| क्रोमैटोग्राफ़ी | स्याही के रंग, रक्त में ड्रग्स की पहचान |
| अपकेंद्रण (Centrifugation) | दूध से मक्खन (क्रीम), रक्त जाँच |
| ऊर्ध्वपातन | नमक और कपूर/अमोनियम क्लोराइड को अलग करना |
| क्रिस्टलीकरण | समुद्री जल से शुद्ध नमक, फिटकरी का शुद्धिकरण |
| पृथक्कारी कीप | तेल और पानी (अमिश्रणीय द्रव) |
परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है। आधुनिक सिद्धांत के अनुसार परमाणु के केंद्र में नाभिक (प्रोटॉन + न्यूट्रॉन) होता है और उसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन निश्चित कक्षाओं (कोशों) में घूमते हैं।
| कण | खोजकर्ता | आवेश | द्रव्यमान | स्थान |
|---|---|---|---|---|
| इलेक्ट्रॉन (e⁻) | जे. जे. थॉमसन (1897) | ऋणात्मक (−1) | प्रोटॉन का लगभग 1/1836 | नाभिक के बाहर कक्षाओं में |
| प्रोटॉन (p⁺) | ई. गोल्डस्टीन / रदरफ़ोर्ड | धनात्मक (+1) | ≈ 1 u | नाभिक में |
| न्यूट्रॉन (n) | जेम्स चैडविक (1932) | उदासीन (0) | ≈ 1 u (प्रोटॉन से थोड़ा अधिक) | नाभिक में |
| परमाणु मॉडल | मुख्य बात |
|---|---|
| डाल्टन | परमाणु अविभाज्य है (बाद में गलत सिद्ध) |
| थॉमसन | "प्लम पुडिंग / तरबूज़" मॉडल — धनावेश में धँसे इलेक्ट्रॉन |
| रदरफ़ोर्ड | स्वर्ण पत्र प्रयोग (α-कण) — छोटा, भारी, धनावेशित नाभिक; परमाणु का अधिकांश भाग ख़ाली |
| नील्स बोर | इलेक्ट्रॉन निश्चित ऊर्जा स्तरों (K, L, M, N) में घूमते हैं |
| शब्द | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| समस्थानिक (Isotopes) | Z समान, A भिन्न | हाइड्रोजन: प्रोटियम, ड्यूटेरियम, ट्रिटियम; C-12, C-14 |
| समभारिक (Isobars) | A समान, Z भिन्न | ⁴⁰Ar और ⁴⁰Ca |
| समन्यूट्रॉनिक (Isotones) | न्यूट्रॉन संख्या समान | ¹⁴C और ¹⁶O (दोनों में 8 न्यूट्रॉन) |
किसी परमाणु की अन्य परमाणुओं से जुड़ने की क्षमता संयोजकता कहलाती है। यह सबसे बाहरी कोश (संयोजी कोश) के इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करती है। हर परमाणु अपने बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन (अष्टक) पूरे करना चाहता है।
| तत्व | Z | विन्यास | संयोजकता |
|---|---|---|---|
| हाइड्रोजन (H) | 1 | 1 | 1 |
| कार्बन (C) | 6 | 2, 4 | 4 |
| नाइट्रोजन (N) | 7 | 2, 5 | 3 |
| ऑक्सीजन (O) | 8 | 2, 6 | 2 |
| सोडियम (Na) | 11 | 2, 8, 1 | 1 |
| मैग्नीशियम (Mg) | 12 | 2, 8, 2 | 2 |
| क्लोरीन (Cl) | 17 | 2, 8, 7 | 1 |
| आर्गन (Ar) | 18 | 2, 8, 8 | 0 (उत्कृष्ट गैस) |
मोल संकल्पना: 1 मोल = 6.022 × 10²³ कण (आवोगाद्रो संख्या)। किसी पदार्थ का 1 मोल = उसका ग्राम में आण्विक द्रव्यमान (जैसे 18 g जल = 1 मोल)। मानक ताप-दाब (STP) पर किसी गैस का 1 मोल 22.4 लीटर घेरता है।
| वैज्ञानिक | योगदान |
|---|---|
| डॉबेराइनर | त्रिक नियम (Triads) — जैसे Li, Na, K |
| न्यूलैंड्स | अष्टक नियम (Octaves) — संगीत के सुरों की तरह हर 8वाँ तत्व समान |
| मेंडलीफ़ | परमाणु द्रव्यमान के आधार पर आवर्त सारणी; ख़ाली स्थान छोड़कर गैलियम, जर्मेनियम जैसे अज्ञात तत्वों की भविष्यवाणी — "आवर्त सारणी के जनक" |
| मोज़्ले | आधुनिक आवर्त नियम — तत्वों के गुण उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन हैं |
| गुण | आवर्त में बाएँ से दाएँ | समूह में ऊपर से नीचे |
|---|---|---|
| परमाणु आकार (त्रिज्या) | घटता है | बढ़ता है |
| धात्विक गुण | घटता है | बढ़ता है |
| विद्युत-ऋणात्मकता | बढ़ती है | घटती है |
| आयनन ऊर्जा | बढ़ती है | घटती है |
| रिकॉर्ड | तत्व |
|---|---|
| सबसे हल्का तत्व / सबसे प्रचुर (ब्रह्मांड में) | हाइड्रोजन |
| सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक / सबसे क्रियाशील अधातु | फ़्लुओरीन |
| पृथ्वी की पर्पटी में सबसे अधिक तत्व | ऑक्सीजन (≈ 46%), फिर सिलिकॉन; सबसे अधिक धातु — एल्युमिनियम |
| वायुमंडल में सबसे अधिक गैस | नाइट्रोजन (≈ 78%), ऑक्सीजन ≈ 21%, आर्गन ≈ 0.93% |
| कमरे के ताप पर द्रव धातु / द्रव अधातु | पारा (Hg) / ब्रोमीन (Br) |
| सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ | हीरा (कार्बन का अपररूप) |
| सबसे अच्छा विद्युत चालक | चाँदी |
| सबसे भारी प्राकृतिक तत्व (प्रचलित) | यूरेनियम; सबसे घना — ऑस्मियम |
जिस प्रक्रिया में नए गुणों वाले नए पदार्थ बनते हैं, वह रासायनिक परिवर्तन है (जैसे लोहे पर जंग, दूध से दही, भोजन का पाचन, मोमबत्ती का जलना)। जिसमें केवल अवस्था या आकार बदले, नया पदार्थ न बने, वह भौतिक परिवर्तन है (बर्फ़ पिघलना, नमक घुलना, काँच टूटना)।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (लेवोज़ियर) — रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनता है न नष्ट होता है; इसलिए रासायनिक समीकरण को संतुलित किया जाता है।
| अभिक्रिया का प्रकार | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| संयोजन (Combination) | A + B → AB | CaO + H₂O → Ca(OH)₂ (बुझा चूना, ऊष्माक्षेपी); 2H₂ + O₂ → 2H₂O |
| वियोजन (Decomposition) | AB → A + B | CaCO₃ → CaO + CO₂ (ऊष्मा से); जल का विद्युत-अपघटन; AgCl का प्रकाश से वियोजन (फ़ोटोग्राफ़ी) |
| विस्थापन (Displacement) | A + BC → AC + B | Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu (नीला घोल हरा हो जाता है) |
| द्वि-विस्थापन (Double displacement) | AB + CD → AD + CB | Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄ (सफ़ेद अवक्षेप) + 2NaCl |
| उदासीनीकरण | अम्ल + क्षार → लवण + जल | HCl + NaOH → NaCl + H₂O |
| ऑक्सीकरण-अपचयन (Redox) | एक साथ ऑक्सीकरण और अपचयन | CuO + H₂ → Cu + H₂O |
| गुण | अम्ल (Acid) | क्षारक (Base) |
|---|---|---|
| स्वाद | खट्टा | कड़वा, छूने में साबुन जैसा चिकना |
| जल में देता है | H⁺ (H₃O⁺) आयन | OH⁻ आयन (जल में घुलनशील क्षारक = क्षार/Alkali) |
| नीला लिटमस | लाल कर देता है | कोई परिवर्तन नहीं |
| लाल लिटमस | कोई परिवर्तन नहीं | नीला कर देता है |
| फ़िनॉल्फ़्थेलिन | रंगहीन | गुलाबी |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| pH | 7 से कम | 7 से अधिक |
| पदार्थ | लगभग pH | पदार्थ | लगभग pH |
|---|---|---|---|
| जठर रस (HCl) | 1.5–2 | मानव रक्त | 7.35–7.45 |
| नींबू का रस | ≈ 2.2 | समुद्री जल | ≈ 8 |
| सिरका | ≈ 3 | मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया | ≈ 10 |
| दूध | ≈ 6.5 | अम्ल वर्षा | 5.6 से कम |
| लार (भोजन से पहले) | ≈ 7.4 | मुँह में दाँत सड़ने लगते हैं | 5.5 से कम |
| स्रोत | अम्ल | स्रोत | अम्ल |
|---|---|---|---|
| नींबू, संतरा | साइट्रिक अम्ल | सिरका | एसीटिक (एथेनोइक) अम्ल |
| इमली, अंगूर | टार्टरिक अम्ल | दही, खट्टा दूध | लैक्टिक अम्ल |
| टमाटर | ऑक्ज़ेलिक अम्ल | चींटी, मधुमक्खी, बिच्छू-बूटी का डंक | फ़ॉर्मिक (मेथेनोइक) अम्ल |
| सेब | मैलिक अम्ल | आमाशय | हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) |
| आँवला | एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) | मांसपेशियों में थकान | लैक्टिक अम्ल का जमाव |
| सामान्य नाम | रासायनिक नाम / सूत्र | उपयोग |
|---|---|---|
| साधारण नमक | सोडियम क्लोराइड — NaCl | भोजन, NaOH/ब्लीचिंग पाउडर बनाने का कच्चा माल |
| बेकिंग सोडा | सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट — NaHCO₃ | केक फुलाना, एंटासिड, अग्निशामक (सोडा-एसिड) |
| धोने का सोडा | सोडियम कार्बोनेट — Na₂CO₃·10H₂O | जल की स्थायी कठोरता दूर करना, काँच-साबुन उद्योग |
| ब्लीचिंग पाउडर | कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड — CaOCl₂ | पीने के पानी को कीटाणुरहित करना, कपड़ों का विरंजन |
| प्लास्टर ऑफ़ पेरिस | CaSO₄·½H₂O | टूटी हड्डी जोड़ना, मूर्तियाँ, खिलौने; पानी मिलाने पर जिप्सम बनकर कठोर |
| जिप्सम | CaSO₄·2H₂O | सीमेंट का जमना धीमा करना, POP बनाना |
| नीला थोथा | कॉपर सल्फ़ेट — CuSO₄·5H₂O | कवकनाशी, विद्युत-लेपन |
| हरा कसीस | फेरस सल्फ़ेट — FeSO₄·7H₂O | स्याही, एनीमिया की दवा |
| फिटकरी | पोटाश एलम — K₂SO₄·Al₂(SO₄)₃·24H₂O | पानी साफ़ करना (स्कंदन), ख़ून रोकना (दाढ़ी बनाने के बाद) |
| बुझा चूना | कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड — Ca(OH)₂ | सफ़ेदी, मिट्टी की अम्लता दूर करना |
| कास्टिक सोडा | सोडियम हाइड्रॉक्साइड — NaOH | साबुन, कागज़, कृत्रिम रेशे |
| हँसाने वाली गैस | नाइट्रस ऑक्साइड — N₂O | शल्य-चिकित्सा में निश्चेतक |
| शुष्क बर्फ़ | ठोस CO₂ | प्रशीतन, मंच पर धुएँ का प्रभाव |
जल की कठोरता: अस्थायी कठोरता (कैल्शियम/मैग्नीशियम के बाइकार्बोनेट) — उबालकर दूर; स्थायी कठोरता (क्लोराइड और सल्फ़ेट) — धोने के सोडे से या आयन-विनिमय से दूर। कठोर जल में साबुन झाग नहीं बनाता।
| गुण | धातु | अधातु |
|---|---|---|
| चमक | धात्विक चमक | प्रायः चमक नहीं (अपवाद: आयोडीन, ग्रेफ़ाइट) |
| आघातवर्धनीयता (पीटकर चादर) | हाँ — सोना, चाँदी सबसे अधिक | नहीं (भंगुर) |
| तन्यता (खींचकर तार) | हाँ — सोना सबसे अधिक | नहीं |
| ऊष्मा-विद्युत चालकता | अच्छे चालक (अपवाद: सीसा, पारा कम) | कुचालक (अपवाद: ग्रेफ़ाइट विद्युत का सुचालक) |
| अवस्था (कमरे का ताप) | ठोस (अपवाद: पारा द्रव) | ठोस या गैस (अपवाद: ब्रोमीन द्रव) |
| ऑक्साइड | क्षारीय (Na₂O, MgO); ZnO, Al₂O₃ उभयधर्मी | अम्लीय (SO₂, CO₂) या उदासीन (CO, N₂O) |
| इलेक्ट्रॉन | त्यागकर धनायन बनाते हैं | ग्रहण कर ऋणायन बनाते हैं |
| धातु | मुख्य अयस्क |
|---|---|
| एल्युमिनियम | बॉक्साइट |
| लोहा | हेमेटाइट, मैग्नेटाइट (सबसे शुद्ध), लिमोनाइट |
| ताँबा | कॉपर पाइराइट (चैल्कोपाइराइट) |
| ज़िंक (जस्ता) | ज़िंक ब्लेंड, कैलामाइन |
| सीसा | गैलेना |
| पारा | सिनेबार |
| सोडियम | सेंधा नमक |
| यूरेनियम | पिचब्लेंड |
अयस्क से धातु निकालने के चरण: सांद्रण (गैंग हटाना — झाग प्लवन विधि) → निस्तापन (कार्बोनेट अयस्क को हवा की अनुपस्थिति में गर्म करना) या भर्जन (सल्फ़ाइड अयस्क को हवा में गर्म करना) → अपचयन (कार्बन/विद्युत-अपघटन) → शोधन (विद्युत-अपघटनी शोधन)।
| मिश्रधातु | घटक | उपयोग |
|---|---|---|
| पीतल (Brass) | ताँबा + जस्ता | बर्तन, सजावट |
| काँसा (Bronze) | ताँबा + टिन | मूर्तियाँ, पदक, सिक्के |
| स्टेनलेस स्टील | लोहा + क्रोमियम + निकिल + कार्बन | बर्तन, सर्जिकल उपकरण (जंग नहीं लगता) |
| टाँका (Solder) | सीसा + टिन | विद्युत तारों को जोड़ना (कम गलनांक) |
| जर्मन सिल्वर | ताँबा + जस्ता + निकिल | बर्तन, सजावटी सामान (चाँदी नहीं होती) |
| नाइक्रोम | निकिल + क्रोमियम (+ लोहा) | हीटर, इस्त्री का तार |
| अमलगम (Amalgam) | पारा + कोई अन्य धातु | दाँतों की भराई |
| ड्यूरालुमिन | एल्युमिनियम + ताँबा + मैग्नीशियम + मैंगनीज़ | विमान के ढाँचे (हल्का और मज़बूत) |
शुद्ध सोना 24 कैरेट होता है; आभूषणों के लिए प्रायः 22 कैरेट (22 भाग सोना + 2 भाग ताँबा/चाँदी) उपयोग होता है क्योंकि शुद्ध सोना बहुत मुलायम है।
कार्बन (Z = 6, विन्यास 2, 4) की संयोजकता 4 है। यह इलेक्ट्रॉन साझा करके सहसंयोजक बंध (Covalent bond) बनाता है। कार्बन के दो अनोखे गुण हैं जिनसे लाखों यौगिक बनते हैं:
| अपररूप | संरचना | गुण और उपयोग |
|---|---|---|
| हीरा | हर C चार अन्य C से त्रिविमीय जाल में | सबसे कठोर, विद्युत का कुचालक; काँच काटना, आभूषण |
| ग्रेफ़ाइट | षट्कोणीय परतें; हर C तीन से जुड़ा | मुलायम, चिकना, विद्युत का सुचालक; पेंसिल की लीड, स्नेहक, इलेक्ट्रोड |
| फ़ुलरीन (C-60) | फ़ुटबॉल जैसी संरचना (बकमिंस्टर फ़ुलरीन) | नैनो-प्रौद्योगिकी |
| ग्रैफ़ीन | ग्रेफ़ाइट की एक परमाणु-मोटी परत | अत्यधिक मज़बूत और सुचालक |
| प्रकार | सामान्य सूत्र | बंध | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| एल्केन (संतृप्त) | CₙH₂ₙ₊₂ | केवल एकल बंध | मेथेन CH₄, एथेन C₂H₆, प्रोपेन, ब्यूटेन |
| एल्कीन (असंतृप्त) | CₙH₂ₙ | एक द्वि-बंध | एथीन C₂H₄ (फल पकाने में) |
| एल्काइन (असंतृप्त) | CₙH₂ₙ₋₂ | एक त्रि-बंध | एथाइन C₂H₂ (ऐसीटिलीन — वेल्डिंग) |
| साबुन | अपमार्जक (Detergent) |
|---|---|
| लंबी श्रृंखला वाले वसीय अम्लों के सोडियम/पोटैशियम लवण | सल्फ़ोनेट या अमोनियम लवण |
| कठोर जल में झाग नहीं, मैल (scum) बनाता है | कठोर जल में भी अच्छा काम करता है |
| जैव-निम्नीकरणीय | कुछ जैव-निम्नीकरणीय नहीं — जल प्रदूषण |
साबुन के अणु का एक सिरा जलरागी (पानी की ओर) और दूसरा जलविरागी (तेल/मैल की ओर) होता है; ये मिलकर मिसेल बनाते हैं जो मैल को पानी में निकाल देता है।
| गैस | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| ऑक्सीजन (O₂) | जलने में सहायक (स्वयं नहीं जलती); प्रीस्टले और शीले ने खोजी |
| हाइड्रोजन (H₂) | सबसे हल्की, स्वयं जलती है ("पॉप" ध्वनि); भविष्य का स्वच्छ ईंधन |
| नाइट्रोजन (N₂) | निष्क्रिय; खाद्य-पैकिंग, अमोनिया (उर्वरक) बनाना |
| कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) | अग्निशामक, सोडा वाटर, प्रकाश संश्लेषण; चूने का पानी दूधिया करती है; ग्रीनहाउस गैस |
| कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) | रंगहीन, गंधहीन, अत्यंत विषैली — हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बोक्सी-हीमोग्लोबिन बनाती है; बंद कमरे में अँगीठी जलाने से मृत्यु |
| ओज़ोन (O₃) | समतापमंडल में पराबैंगनी किरणों से रक्षा; CFC से ओज़ोन परत का क्षरण |
| मीथेन (CH₄) | मार्श गैस, बायोगैस/CNG का मुख्य घटक; कोयला खानों में "फ़ायरडैम्प" |
| क्लोरीन (Cl₂) | पानी का कीटाणुशोधन, ब्लीचिंग |
| हीलियम (He) | गुब्बारे, मौसम-यान; गोताख़ोरों के ऑक्सीजन सिलेंडर में (नाइट्रोजन की जगह) |
| नियॉन (Ne) | विज्ञापन के चमकीले (लाल-नारंगी) बल्ब |
| आर्गन (Ar) | विद्युत बल्ब में भरी जाती है (तंतु को जलने से बचाने के लिए) |
| आग का प्रकार | बुझाने के लिए |
|---|---|
| लकड़ी, कागज़, कपड़ा | पानी |
| पेट्रोल, तेल | पानी नहीं (तेल ऊपर तैरकर आग फैलाता है) — रेत, फ़ोम, CO₂ |
| विद्युत उपकरण | पानी नहीं (झटके का ख़तरा) — CO₂ या शुष्क पाउडर |
आग के लिए तीन चीज़ें आवश्यक हैं (अग्नि-त्रिकोण): ईंधन, ऑक्सीजन और ज्वलन ताप। किसी एक को हटाने पर आग बुझ जाती है। मोमबत्ती की लौ का सबसे गर्म भाग बाहरी नीला क्षेत्र (पूर्ण दहन) है; सबसे भीतरी काला भाग सबसे कम गर्म।
सभी जीव कोशिकाओं से बने हैं। कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक (1665) ने कॉर्क की पतली काट में मृत कोशिकाएँ देखकर की। जीवित कोशिका सबसे पहले ल्यूवेनहॉक ने देखी। कोशिका सिद्धांत श्लाइडेन और श्वान ने दिया; विरशॉ ने जोड़ा कि "सभी कोशिकाएँ पूर्ववर्ती कोशिकाओं से बनती हैं"।
| प्रोकैरियोटिक कोशिका | यूकैरियोटिक कोशिका |
|---|---|
| सुस्पष्ट केंद्रक नहीं (केंद्रक झिल्ली नहीं) — केंद्रकाभ (Nucleoid) | झिल्ली से घिरा सुस्पष्ट केंद्रक |
| झिल्ली-युक्त कोशिकांग (माइटोकॉन्ड्रिया आदि) नहीं | सभी कोशिकांग उपस्थित |
| जीवाणु (बैक्टीरिया), नील-हरित शैवाल (सायनोबैक्टीरिया) | पौधे, जंतु, कवक, प्रोटिस्टा |
| कोशिकांग | कार्य | उपनाम |
|---|---|---|
| केंद्रक (Nucleus) | कोशिका की सभी क्रियाओं का नियंत्रण; गुणसूत्र (DNA) इसमें | कोशिका का "मस्तिष्क/नियंत्रण कक्ष" |
| माइटोकॉन्ड्रिया | कोशिकीय श्वसन, ATP के रूप में ऊर्जा; इसका अपना DNA | कोशिका का "पावर हाउस" |
| हरितलवक (Chloroplast) | प्रकाश संश्लेषण (केवल पादप); अपना DNA | "भोजन की फ़ैक्ट्री" |
| राइबोसोम | प्रोटीन संश्लेषण | "प्रोटीन फ़ैक्ट्री" |
| लाइसोसोम | पाचक एंज़ाइमों से अपशिष्ट/कोशिका का पाचन | "आत्मघाती थैली" (Suicide bag) |
| गॉल्जी काय | पदार्थों का संग्रह, पैकेजिंग, परिवहन | "कोशिका का डाकघर" |
| अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) | खुरदरी — प्रोटीन; चिकनी — वसा (लिपिड) निर्माण | — |
| कोशिका झिल्ली | चयनात्मक पारगम्य — पदार्थों का आवागमन नियंत्रित | — |
| रिक्तिका (Vacuole) | भंडारण, स्फीति (Turgidity); पादप में बड़ी | — |
| समसूत्री (Mitosis) | अर्धसूत्री (Meiosis) |
|---|---|
| कायिक कोशिकाओं में — वृद्धि और मरम्मत | जनन कोशिकाओं में — युग्मक (अंडाणु, शुक्राणु) बनना |
| 2 पुत्री कोशिकाएँ, गुणसूत्र संख्या समान (2n → 2n) | 4 पुत्री कोशिकाएँ, गुणसूत्र संख्या आधी (2n → n) |
समान संरचना और कार्य वाली कोशिकाओं के समूह को ऊतक कहते हैं।
कैरोलस लीनियस को वर्गिकी का जनक माना जाता है; उन्होंने द्विनाम पद्धति (वंश + जाति) दी — जैसे मनुष्य: Homo sapiens, आम: Mangifera indica, बाघ: Panthera tigris। आर. एच. व्हिटेकर (1969) ने पाँच जगत वर्गीकरण दिया।
| जगत | मुख्य लक्षण | उदाहरण |
|---|---|---|
| मोनेरा | एककोशिकीय, प्रोकैरियोटिक | जीवाणु, नील-हरित शैवाल |
| प्रोटिस्टा | एककोशिकीय, यूकैरियोटिक | अमीबा, पैरामीशियम, यूग्लीना, प्लाज़्मोडियम |
| कवक (Fungi) | परपोषी (मृतोपजीवी), भित्ति काइटिन की | मशरूम, यीस्ट, पेनिसिलियम, ब्रेड मोल्ड |
| पादप (Plantae) | बहुकोशिकीय, स्वपोषी, सेलुलोज़ भित्ति | शैवाल, मॉस, फ़र्न, चीड़, आम |
| जंतु (Animalia) | बहुकोशिकीय, परपोषी, भित्ति नहीं | स्पंज, कीट, मछली, पक्षी, मनुष्य |
विषाणु सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी हैं — कोशिका के बाहर निर्जीव (क्रिस्टल बनाते हैं), पर जीवित कोशिका के अंदर गुणन करते हैं। इनमें DNA या RNA में से कोई एक होता है। रोग: एड्स (HIV), कोविड-19, डेंगू, पोलियो, ख़सरा, रेबीज़, इन्फ़्लुएंज़ा, चिकनपॉक्स, हेपेटाइटिस।
| संघ / वर्ग | उदाहरण | ख़ास बात |
|---|---|---|
| पोरीफ़ेरा | स्पंज | शरीर में छिद्र |
| सीलेंट्रेटा (नाइडेरिया) | हाइड्रा, जेलीफ़िश, कोरल | दंश कोशिकाएँ |
| प्लैटीहेल्मिंथीज़ | फीताकृमि, लिवर फ़्लूक | चपटे कृमि |
| एनेलिडा | केंचुआ, जोंक | खंडित शरीर; केंचुआ "किसान का मित्र" |
| आर्थ्रोपोडा | कीट, मकड़ी, केकड़ा, झींगा | सबसे बड़ा संघ; जुड़े हुए पैर; कीटों में 6 पैर, मकड़ी में 8 |
| मोलस्का | घोंघा, सीप, ऑक्टोपस | कोमल शरीर, प्रायः कवच |
| इकाइनोडर्मेटा | तारामछली, समुद्री अर्चिन | काँटेदार त्वचा, केवल समुद्री |
| कॉर्डेटा — मत्स्य | रोहू, शार्क | गलफड़ों से श्वसन, दो-कक्षीय हृदय |
| उभयचर (Amphibia) | मेंढक, सैलामैंडर | जल और थल दोनों; तीन-कक्षीय हृदय |
| सरीसृप (Reptilia) | साँप, छिपकली, कछुआ, मगरमच्छ | शल्क; मगरमच्छ में चार-कक्षीय हृदय |
| पक्षी (Aves) | मोर, कबूतर, शुतुरमुर्ग | पंख, खोखली अस्थियाँ, नियततापी |
| स्तनधारी (Mammalia) | मनुष्य, व्हेल, चमगादड़ | स्तन ग्रंथियाँ, बाल; चार-कक्षीय हृदय |
| पोषण का प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्वपोषी (Autotrophic) | स्वयं भोजन बनाना | हरे पौधे, नील-हरित शैवाल |
| परपोषी — प्राणिसम (Holozoic) | ठोस भोजन निगलकर पचाना | मनुष्य, अमीबा |
| मृतोपजीवी (Saprophytic) | मृत-सड़े पदार्थ से भोजन | कवक, कुछ जीवाणु |
| परजीवी (Parasitic) | दूसरे जीव से भोजन, उसे हानि | अमरबेल (कस्कुटा), जूँ, फीताकृमि |
| कीटभक्षी पौधे | नाइट्रोजन के लिए कीट पकड़ना | घटपर्णी (नेपेंथीज़), ड्रॉसेरा, वीनस फ़्लाईट्रैप |
| अंग | रस / एंज़ाइम | कार्य |
|---|---|---|
| मुख | लार — टायलिन (लार एमाइलेज़) | मंड (स्टार्च) → माल्टोज़; पाचन यहीं से शुरू |
| आमाशय | HCl, पेप्सिन, रेनिन (शिशुओं में) | HCl — माध्यम अम्लीय, कीटाणु नष्ट; पेप्सिन — प्रोटीन पाचन |
| यकृत (Liver) | पित्त रस (पित्ताशय में संग्रह) — एंज़ाइम नहीं | वसा का पायसीकरण (छोटी बूँदों में तोड़ना), माध्यम क्षारीय |
| अग्न्याशय (Pancreas) | ट्रिप्सिन, लाइपेज़, एमाइलेज़ | प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट का पाचन |
| छोटी आँत | आंत्र रस | पाचन पूरा; दीर्घरोम (Villi) द्वारा पचे भोजन का अवशोषण |
| बड़ी आँत | — | जल और लवणों का अवशोषण |
भोजन (ग्लूकोज़) के ऑक्सीकरण से ऊर्जा (ATP) मुक्त होने की प्रक्रिया को कोशिकीय श्वसन कहते हैं। यह माइटोकॉन्ड्रिया में होती है।
| वायवीय (Aerobic) | अवायवीय (Anaerobic) |
|---|---|
| ऑक्सीजन की उपस्थिति में | ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में |
| ग्लूकोज़ → CO₂ + जल + अधिक ऊर्जा (≈ 38 ATP) | यीस्ट में: ग्लूकोज़ → एथेनॉल + CO₂ (किण्वन); पेशियों में: → लैक्टिक अम्ल (ऐंठन/थकान) |
| अधिकांश जीव | यीस्ट, कुछ जीवाणु, तीव्र व्यायाम में पेशियाँ |
रक्त परिसंचरण की खोज विलियम हार्वे ने की। मानव हृदय चार-कक्षीय है — दो आलिंद (Atria, ऊपर) और दो निलय (Ventricles, नीचे)। इसमें दोहरा परिसंचरण होता है: रक्त एक पूरे चक्कर में दो बार हृदय से गुज़रता है।
| धमनी (Artery) | शिरा (Vein) |
|---|---|
| रक्त हृदय से अंगों की ओर | रक्त अंगों से हृदय की ओर |
| प्रायः शुद्ध रक्त (अपवाद: फुफ्फुसीय धमनी — अशुद्ध) | प्रायः अशुद्ध रक्त (अपवाद: फुफ्फुसीय शिरा — शुद्ध) |
| मोटी, लचीली दीवार; वाल्व नहीं | पतली दीवार; वाल्व होते हैं (रक्त वापस न बहे) |
| रक्त घटक | कार्य | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| प्लाज़्मा (≈ 55%) | पदार्थों का परिवहन | 90% से अधिक जल |
| लाल रक्त कणिकाएँ (RBC) | ऑक्सीजन परिवहन (हीमोग्लोबिन — लोहा युक्त) | जीवनकाल ≈ 120 दिन; अस्थि मज्जा में बनती; प्लीहा (Spleen) — "RBC का क़ब्रिस्तान" |
| श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBC) | रोगों से रक्षा (प्रतिरक्षा) | "शरीर के सैनिक"; लिम्फ़ोसाइट एंटीबॉडी बनाते हैं |
| प्लेटलेट्स (बिंबाणु) | रक्त का थक्का बनाना | डेंगू में संख्या घटती है |
| रक्त समूह | एंटीजन (RBC पर) | एंटीबॉडी (प्लाज़्मा में) | विशेष |
|---|---|---|---|
| A | A | b | — |
| B | B | a | — |
| AB | A और B | कोई नहीं | सर्वग्राही (Universal recipient) |
| O | कोई नहीं | a और b | सर्वदाता (Universal donor) |
रक्त समूह की खोज कार्ल लैंडस्टीनर ने की; Rh कारक रीसस बंदर में खोजा गया। सामान्य रक्तचाप ≈ 120/80 mm Hg (स्फ़िग्मोमैनोमीटर से मापते हैं)। वयस्क हृदय गति ≈ 72 बार प्रति मिनट; शरीर में लगभग 5–6 लीटर रक्त।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| वयस्क में अस्थियाँ | 206 (नवजात में ≈ 300, बाद में जुड़ जाती हैं) |
| सबसे लंबी अस्थि | फ़ीमर (जाँघ की हड्डी) |
| सबसे छोटी अस्थि | स्टेपीज़ (मध्य कर्ण में) |
| खोपड़ी में अस्थियाँ | 22 (कपाल 8 + चेहरा 14) |
| मेरुदंड में कशेरुकाएँ | 33 (वयस्क में जुड़कर 26) |
| पसलियाँ | 12 जोड़ी (24) |
| अस्थियों में मुख्य खनिज | कैल्शियम फ़ॉस्फ़ेट |
| सबसे बड़ी पेशी / सबसे छोटी पेशी | ग्लूटियस मैक्सिमस (कूल्हा) / स्टेपीडियस (कान) |
जोड़ों के प्रकार: कंदुक-खल्लिका (Ball & socket) — कंधा, कूल्हा (सभी दिशाओं में गति); कब्ज़ा (Hinge) — कोहनी, घुटना (एक दिशा); धुराग्र (Pivot) — गर्दन (सिर घुमाना); अचल जोड़ — खोपड़ी।
तंत्रिका तंत्र की इकाई न्यूरॉन है। दो न्यूरॉनों के बीच के संधि-स्थल को सिनेप्स कहते हैं। संदेश का प्रवाह: द्रुमिका (Dendrite) → कोशिका काय → तंत्रिकाक्ष (Axon) → सिनेप्स।
| मस्तिष्क का भाग | कार्य |
|---|---|
| प्रमस्तिष्क (Cerebrum) | सबसे बड़ा भाग — बुद्धि, स्मृति, सोच, ऐच्छिक क्रियाएँ, इंद्रियों का ज्ञान |
| अनुमस्तिष्क (Cerebellum) | शरीर का संतुलन, ऐच्छिक पेशियों का समन्वय (साइकिल चलाना, सीधी रेखा में चलना) |
| मेडुला ऑब्लांगेटा | अनैच्छिक क्रियाएँ — हृदय गति, श्वसन, रक्तचाप, छींक, खाँसी, उल्टी |
| हाइपोथैलेमस | भूख, प्यास, शरीर का ताप, पीयूष ग्रंथि पर नियंत्रण |
प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex action) — बिना सोचे तुरंत होने वाली अनैच्छिक क्रिया, जिसका नियंत्रण मेरुरज्जु (Spinal cord) करती है। उदाहरण: गर्म वस्तु छूते ही हाथ हटाना, तेज़ रोशनी में आँख की पुतली का सिकुड़ना।
| ग्रंथि | हार्मोन | कार्य / कमी से रोग |
|---|---|---|
| पीयूष (Pituitary) | वृद्धि हार्मोन (GH) आदि | "मास्टर ग्रंथि"; कमी → बौनापन, अधिकता → भीमकायता |
| थायरॉइड | थायरॉक्सिन (आयोडीन आवश्यक) | उपापचय नियंत्रण; आयोडीन की कमी → घेंघा (Goitre) |
| अग्न्याशय (आइलेट्स ऑफ़ लैंगरहैंस) | इंसुलिन, ग्लूकागॉन | रक्त शर्करा नियंत्रण; इंसुलिन की कमी → मधुमेह (Diabetes) |
| अधिवृक्क (Adrenal) | एड्रिनेलिन | "आपातकालीन / लड़ो या भागो हार्मोन" — डर, ग़ुस्से में |
| वृषण (पुरुष) | टेस्टोस्टेरॉन | पुरुष लैंगिक लक्षण |
| अंडाशय (स्त्री) | एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरॉन | स्त्री लैंगिक लक्षण, गर्भावस्था |
| अलैंगिक जनन की विधि | उदाहरण |
|---|---|
| द्विविभाजन (Binary fission) | अमीबा, जीवाणु |
| बहुविभाजन | प्लाज़्मोडियम (मलेरिया परजीवी) |
| मुकुलन (Budding) | हाइड्रा, यीस्ट |
| खंडन (Fragmentation) | स्पाइरोगायरा |
| पुनरुद्भवन (Regeneration) | प्लेनेरिया, हाइड्रा |
| बीजाणु (Spore) | राइज़ोपस (ब्रेड मोल्ड), फ़र्न |
| कायिक प्रवर्धन (Vegetative) | आलू (तना/कंद), अदरक, ब्रायोफ़िलम (पत्ती), गुलाब (कलम), गन्ना |
माता-पिता से संतान में लक्षणों के जाने को आनुवंशिकता कहते हैं। ग्रेगर जॉन मेंडल — "आनुवंशिकी के जनक" — ने मटर के पौधे (Pisum sativum) पर प्रयोग करके वंशागति के नियम दिए।
| पोषक तत्व | कार्य | स्रोत |
|---|---|---|
| कार्बोहाइड्रेट | ऊर्जा का मुख्य स्रोत (1 g = ≈ 4 kcal) | अनाज, चावल, आलू, चीनी |
| वसा (Fat) | सबसे अधिक ऊर्जा (1 g = ≈ 9 kcal), भंडारण | घी, तेल, मक्खन, मेवे |
| प्रोटीन | शरीर की वृद्धि और मरम्मत ("शरीर निर्माणक"); इकाई — अमीनो अम्ल | दालें, दूध, अंडा, सोयाबीन (सबसे अधिक) |
| रेशे (Roughage) | पाचन और मल-त्याग में सहायक | साबुत अनाज, फल, सब्ज़ियाँ |
| जल | शरीर का ≈ 60–70% भाग | — |
| विटामिन | रासायनिक नाम | कमी से रोग | स्रोत |
|---|---|---|---|
| A | रेटिनॉल | रतौंधी (Night blindness), ज़ीरोफ़्थैल्मिया | गाजर, पपीता, दूध, मछली का तेल |
| B1 | थायमिन | बेरी-बेरी | अनाज का छिलका, दालें |
| B2 | राइबोफ़्लेविन | त्वचा और होंठ फटना | दूध, अंडा, हरी सब्ज़ी |
| B3 | नियासिन | पेलाग्रा | मांस, मूँगफली |
| B12 | सायनोकोबालामिन (कोबाल्ट युक्त) | घातक रक्ताल्पता (Pernicious anaemia) | दूध, मांस, अंडा |
| C | एस्कॉर्बिक अम्ल | स्कर्वी (मसूड़ों से ख़ून) | आँवला (सबसे अधिक), नींबू, संतरा |
| D | कैल्सिफ़ेरॉल | रिकेट्स (बच्चों में), ऑस्टियोमलेशिया (वयस्क) | सूर्य का प्रकाश, मछली का तेल |
| E | टोकोफ़ेरॉल | प्रजनन क्षमता में कमी | अंकुरित अनाज, वनस्पति तेल |
| K | फ़ाइलोक्विनोन | रक्त का थक्का न बनना | हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ |
| खनिज | कमी से प्रभाव |
|---|---|
| लोहा (Iron) | रक्ताल्पता (Anaemia) — हीमोग्लोबिन की कमी |
| आयोडीन | घेंघा (Goitre) |
| कैल्शियम | कमज़ोर हड्डियाँ और दाँत, ऑस्टियोपोरोसिस |
| सोडियम | पेशियों में ऐंठन; अधिकता से उच्च रक्तचाप |
| फ़्लोराइड | कमी से दाँतों की सड़न; अधिकता से फ़्लोरोसिस |
प्रोटीन-ऊर्जा कुपोषण: क्वाशियोरकर — केवल प्रोटीन की कमी (पेट फूलना, सूजन); मैरास्मस — प्रोटीन और कैलोरी दोनों की कमी (अत्यधिक दुबलापन)।
| कारक | रोग |
|---|---|
| जीवाणु (Bacteria) | क्षयरोग/टीबी (फेफड़े — BCG टीका), हैज़ा, टाइफ़ाइड, टिटनेस, डिप्थीरिया, काली खाँसी, कुष्ठ रोग, प्लेग, निमोनिया |
| विषाणु (Virus) | एड्स, कोविड-19, पोलियो, ख़सरा, रेबीज़, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, चेचक, इन्फ़्लुएंज़ा, गलसुआ (Mumps) |
| प्रोटोज़ोआ | मलेरिया (प्लाज़्मोडियम — मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर), अमीबिक पेचिश, काला-अज़ार (सैंडफ़्लाई), निद्रा रोग (सी-सी मक्खी) |
| कवक (Fungi) | दाद (Ringworm), खाज, एथलीट फ़ुट |
| कृमि (Worms) | फ़ाइलेरिया/हाथीपाँव (क्यूलेक्स मच्छर से फैलता), एस्केरिस |
| खोज / टीका | वैज्ञानिक |
|---|---|
| पेनिसिलिन (पहला एंटीबायोटिक) | अलेक्ज़ेंडर फ़्लेमिंग (1928) |
| चेचक का टीका (पहला टीका) | एडवर्ड जेनर |
| रेबीज़ का टीका, पाश्चुरीकरण | लुई पाश्चर |
| पोलियो का टीका | जोनास साल्क (इंजेक्शन), अल्बर्ट सेबिन (मुख से) |
| टीबी का जीवाणु, हैज़ा का जीवाणु | रॉबर्ट कोच |
| इंसुलिन की खोज | बैंटिंग और बेस्ट |
ध्यान दें: एंटीबायोटिक केवल जीवाणुओं पर असर करते हैं, विषाणुओं पर नहीं। इसलिए सर्दी-ज़ुकाम (विषाणु) में एंटीबायोटिक बेअसर है। टीका (Vaccine) शरीर में कमज़ोर/मृत रोगाणु डालकर प्रतिरक्षा (एंटीबॉडी) पैदा करता है। भारत को 2014 में WHO ने पोलियो-मुक्त घोषित किया।
| पौधे का खाने योग्य भाग | उदाहरण |
|---|---|
| रूपांतरित जड़ | गाजर, मूली, शकरकंद, चुकंदर, शलजम |
| रूपांतरित तना | आलू (कंद), अदरक, हल्दी, अरबी, प्याज़ (शल्ककंद), गन्ना |
| पत्ती | पालक, पत्तागोभी, धनिया |
| पुष्प / पुष्पकलिका | फूलगोभी, ब्रोकोली, लौंग (सूखी पुष्प-कलिका), केसर (वर्तिकाग्र) |
| बीज | दालें, गेहूँ, मूँगफली |
| पौधे से प्राप्त | स्रोत |
|---|---|
| कुनैन | सिनकोना की छाल |
| रबर | हेविया (रबर वृक्ष) का लेटेक्स |
| अफ़ीम / मॉर्फ़ीन | पोस्ता (अफ़ीम) का कच्चा फल |
| केसर | क्रोकस पुष्प का वर्तिकाग्र |
| जूट | तने का रेशा (स्क्लेरेनकाइमा) |
| कपास | बीज के रेशे |
पारितंत्र (Ecosystem) — किसी क्षेत्र के सजीव (जैविक) और निर्जीव (अजैविक) घटकों की पारस्परिक क्रिया। "पारिस्थितिकी तंत्र" शब्द ए. जी. टैन्सले ने दिया।
जैव-आवर्धन (Biomagnification) — DDT जैसे न सड़ने वाले रसायनों की सांद्रता खाद्य श्रृंखला में ऊपर जाते-जाते बढ़ती जाती है; सबसे अधिक शीर्ष उपभोक्ता (मनुष्य, बाज़) में।
| समस्या | कारण | प्रभाव |
|---|---|---|
| ग्रीनहाउस प्रभाव / वैश्विक तापन | CO₂, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, CFC, जलवाष्प | पृथ्वी का ताप बढ़ना, हिमनद पिघलना, समुद्र-स्तर बढ़ना |
| ओज़ोन परत क्षरण | CFC (रेफ़्रिजरेटर, AC, स्प्रे); मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) से नियंत्रण | त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद (UV किरणें) |
| अम्ल वर्षा | SO₂ और नाइट्रोजन ऑक्साइड | ताजमहल का पीलापन ("स्टोन कैंसर"), मिट्टी और झीलें अम्लीय |
| सुपोषण (Eutrophication) | खेतों के उर्वरक का तालाब में जाना | शैवाल की अधिक वृद्धि, जल में ऑक्सीजन की कमी, मछलियों की मृत्यु |
| मिनामाटा रोग / इटाई-इटाई रोग | पारा / कैडमियम प्रदूषण | तंत्रिका क्षति / हड्डियों का दर्द |
| विषय | टॉपिक | ज़रूर याद करें | याद रखने की Trick |
|---|---|---|---|
| भौतिकी | मात्रक | 7 मूल SI मात्रक, विशेष मात्रक | "मी-कि-से-ऐ-के-मो-कै" |
| गति और बल | गति के 3 समीकरण, न्यूटन के 3 नियम, F = ma | जड़त्व = बस में झटका | |
| गुरुत्व, ऊर्जा | g = 9.8, पलायन वेग 11.2 km/s, KE = ½mv² | वेग ×2 → KE ×4 | |
| ध्वनि, ऊष्मा | ठोस > द्रव > गैस; 4°C पर पानी सबसे घना | −40°C = −40°F | |
| प्रकाश | दर्पण-लेंस के उपयोग, दृष्टि दोष, VIBGYOR | "निकट-अवतल, दूर-उत्तल" | |
| विद्युत-चुंबक | V = IR, P = VI, संयोजन, मोटर-जनित्र | "मोटर बायाँ, जनित्र दायाँ" | |
| रसायन | द्रव्य, परमाणु | अवस्थाएँ, ऊर्ध्वपातन, e-p-n के खोजकर्ता, 2n² | थॉमसन-e, चैडविक-n |
| आवर्त सारणी | 18 समूह, 7 आवर्त, आवर्त प्रवृत्तियाँ | "दाएँ छोटा-ऋणी, नीचे बड़ा-धनी" | |
| अभिक्रियाएँ | संयोजन, वियोजन, विस्थापन, रेडॉक्स, जंग | जंग = नमी + ऑक्सीजन | |
| अम्ल-क्षार | सूचक, pH, प्राकृतिक अम्ल, लवणों के सूत्र | "BRA" — नीला → लाल = अम्ल | |
| धातु, कार्बन | सक्रियता श्रेणी, अयस्क, मिश्रधातु, अपररूप | पीतल = Cu + Zn, काँसा = Cu + Sn | |
| जीव विज्ञान | कोशिका, ऊतक | कोशिकांगों के कार्य, जाइलम-फ्लोएम | "जाइलम = जल, फ्लोएम = फ़ूड" |
| वर्गीकरण | 5 जगत (व्हिटेकर), जंतु संघ | व्हेल स्तनधारी है, मछली नहीं | |
| मानव तंत्र | पाचन एंज़ाइम, हृदय, रक्त समूह, 206 अस्थियाँ | O = सर्वदाता, AB = सर्वग्राही | |
| नियंत्रण | मस्तिष्क के भाग, ग्रंथियाँ-हार्मोन | पीयूष = मास्टर ग्रंथि | |
| आनुवंशिकता | मेंडल के नियम, 3:1 और 9:3:3:1, XX/XY | लिंग = पिता का गुणसूत्र | |
| स्वास्थ्य, पर्यावरण | विटामिन-रोग, रोगाणु, 10% नियम | "DEKA" = वसा-विलेय |
© Exam-Ki-Aisi-Ki-Taisi.com — RRB Group D सामान्य विज्ञान Notes। यह सामग्री NCERT (कक्षा 6–10) पाठ्यक्रम के आधार पर मौलिक रूप से तैयार की गई है।
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