1. अध्याय एक नज़र में
यह अध्याय गणित के दूसरे भाग — बीजगणित, त्रिकोणमिति, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और सांख्यिकी — को कवर करता है। Army GD और Navy MR में इनसे 4–6 प्रश्न (कक्षा 10 स्तर) आते हैं, जबकि Air Force Group X और Navy SSR में कक्षा 11–12 के आधार पर 10–15 प्रश्न तक आ सकते हैं (समुच्चय, द्विघात समीकरण, श्रेणी, त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ, निर्देशांक ज्यामिति)। हर विषय में पहले अवधारणा, फिर सूत्र और अंत में हल किया गया उदाहरण दिया गया है। सूत्र तालिका को रोज़ पढ़ने से गणना में गति और आत्मविश्वास दोनों बढ़ते हैं।
- त्रिकोणमिति के 0°, 30°, 45°, 60°, 90° वाले मान पूरी तरह याद करें — बहुत से प्रश्न सीधे इन्हीं से बनते हैं।
- क्षेत्रफल और आयतन के सूत्रों को चित्र बनाकर याद करें; "वक्र पृष्ठ" और "संपूर्ण पृष्ठ" का अंतर समझें।
- द्विघात समीकरण में मूल अलग-अलग निकालने के बजाय मूलों का योग और गुणनफल उपयोग करें।
2. बीजगणित (Algebra)
- बहुपद: ax² + bx + c द्विघात बहुपद है; उसकी घात (Degree) 2। शेषफल प्रमेय: p(x) को (x − a) से भाग देने पर शेषफल p(a)।
- महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ: (a + b)² = a² + 2ab + b²; (a − b)² = a² − 2ab + b²; a² − b² = (a + b)(a − b); (a + b)³ = a³ + b³ + 3ab(a + b); a³ + b³ = (a + b)(a² − ab + b²); a³ − b³ = (a − b)(a² + ab + b²)।
- यदि a + b + c = 0 तो a³ + b³ + c³ = 3abc।
- रैखिक समीकरण युग्म a₁x + b₁y = c₁, a₂x + b₂y = c₂: यदि a₁/a₂ ≠ b₁/b₂ — अद्वितीय हल (रेखाएँ प्रतिच्छेदी); a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂ — कोई हल नहीं (समांतर रेखाएँ); तीनों अनुपात बराबर — अनंत हल (संपाती रेखाएँ)।
- द्विघात समीकरण ax² + bx + c = 0: मूल x = [−b ± √(b² − 4ac)]/2a। विविक्तकर D = b² − 4ac: D > 0 — दो अलग वास्तविक मूल; D = 0 — दो बराबर मूल; D < 0 — वास्तविक मूल नहीं।
- मूलों का योग α + β = −b/a; गुणनफल αβ = c/a। α² + β² = (α + β)² − 2αβ।
- घातांक: aᵐ × aⁿ = aᵐ⁺ⁿ; aᵐ/aⁿ = aᵐ⁻ⁿ; (aᵐ)ⁿ = aᵐⁿ; a⁰ = 1; a⁻ⁿ = 1/aⁿ।
x² − 7x + 12 = 0 के मूल ज्ञात करें।
गुणनखंड: x² − 3x − 4x + 12 = (x − 3)(x − 4) = 0 ⇒ x = 3, 4। जाँच: योग 7 = −(−7)/1 ✓, गुणनफल 12 = 12/1 ✓।
3. समांतर श्रेणी और समुच्चय
- समांतर श्रेणी (AP): a, a + d, a + 2d, …; n-वाँ पद Tₙ = a + (n − 1)d; प्रथम n पदों का योग Sₙ = n/2 [2a + (n − 1)d] = n/2 (पहला + अंतिम पद)।
- गुणोत्तर श्रेणी (GP): a, ar, ar², …; n-वाँ पद arⁿ⁻¹; अनंत योग a/(1 − r) जब |r| < 1।
- दो संख्याओं का समांतर माध्य (a + b)/2, गुणोत्तर माध्य √(ab)।
- समुच्चय (Sets) — Air Force Group X के लिए: n अवयवों वाले समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय; n(A ∪ B) = n(A) + n(B) − n(A ∩ B)।
AP 5, 9, 13, … का 20वाँ पद?
a = 5, d = 4: T₂₀ = 5 + 19 × 4 = 81।
4. त्रिकोणमिति (Trigonometry)
समकोण त्रिभुज में कोण θ के लिए: sin θ = लंब/कर्ण, cos θ = आधार/कर्ण, tan θ = लंब/आधार। याद रखने का वाक्य: "लाल-कर्ण, आलू-कर्ण, लाल-आलू" (लंब/कर्ण, आधार/कर्ण, लंब/आधार)।
| कोण | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| sin | 0 | 1/2 | 1/√2 | √3/2 | 1 |
| cos | 1 | √3/2 | 1/√2 | 1/2 | 0 |
| tan | 0 | 1/√3 | 1 | √3 | अपरिभाषित |
- सर्वसमिकाएँ: sin²θ + cos²θ = 1; 1 + tan²θ = sec²θ; 1 + cot²θ = cosec²θ।
- पूरक कोण: sin(90° − θ) = cos θ; tan(90° − θ) = cot θ। इसलिए sin 30° = cos 60°, tan 20° × tan 70° = 1।
- ऊँचाई और दूरी: उन्नयन कोण (ऊपर देखते समय क्षैतिज से कोण) और अवनमन कोण (नीचे देखते समय)। tan(कोण) = ऊँचाई/क्षैतिज दूरी।
- 45° उन्नयन पर ऊँचाई = दूरी; 60° पर ऊँचाई = दूरी × √3; 30° पर ऊँचाई = दूरी/√3।
5. ज्यामिति (Geometry)
- सरल रेखा पर बने कोणों का योग 180°; एक बिंदु पर सभी कोणों का योग 360°। शीर्षाभिमुख कोण बराबर।
- त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180°; बहिष्कोण = दोनों अंतः सम्मुख कोणों का योग।
- पाइथागोरस प्रमेय: समकोण त्रिभुज में कर्ण² = लंब² + आधार²। पाइथागोरस त्रिक: (3, 4, 5), (5, 12, 13), (8, 15, 17), (7, 24, 25), (6, 8, 10)।
- समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात संगत भुजाओं के वर्गों के अनुपात के बराबर होता है।
- n भुजाओं वाले बहुभुज के अंतःकोणों का योग (n − 2) × 180°; सम बहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण 360°/n। (षट्भुज का प्रत्येक अंतःकोण 120°)
- वृत्त: अर्धवृत्त में बना कोण 90°; एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर; चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180°; स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या पर लंब होती है; बाहरी बिंदु से खींची दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर।
- निर्देशांक ज्यामिति: दो बिंदुओं के बीच दूरी √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]; मध्य बिंदु ((x₁ + x₂)/2, (y₁ + y₂)/2); रेखा की प्रवणता m = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁)।
6. क्षेत्रमिति (Mensuration)
| आकृति | क्षेत्रफल / पृष्ठ | परिमाप / आयतन |
|---|---|---|
| आयत (l × b) | l × b | 2(l + b); विकर्ण √(l² + b²) |
| वर्ग (भुजा a) | a² = विकर्ण²/2 | 4a; विकर्ण a√2 |
| त्रिभुज | ½ × आधार × ऊँचाई; हीरोन √[s(s − a)(s − b)(s − c)] | a + b + c |
| समबाहु त्रिभुज (भुजा a) | (√3/4)a² | 3a |
| वृत्त (त्रिज्या r) | πr² | परिधि 2πr |
| समचतुर्भुज | ½ × d₁ × d₂ | 4 × भुजा |
| समलंब | ½ × (समांतर भुजाओं का योग) × ऊँचाई | — |
| घन (भुजा a) | संपूर्ण पृष्ठ 6a² | आयतन a³ |
| घनाभ | 2(lb + bh + hl) | l × b × h |
| बेलन | वक्र 2πrh; संपूर्ण 2πr(r + h) | πr²h |
| शंकु | वक्र πrl (l = √(r² + h²)) | ⅓πr²h |
| गोला / अर्धगोला | 4πr² / 3πr² (संपूर्ण) | ⁴⁄₃πr³ / ⅔πr³ |
- सभी लंबाइयाँ k गुना हों तो क्षेत्रफल k² गुना और आयतन k³ गुना हो जाता है। गोले की त्रिज्या दोगुनी → आयतन 8 गुना।
- मात्रक: 1 हेक्टेयर = 10,000 वर्ग मीटर; 1 लीटर = 1000 घन सेमी; 1 घन मीटर = 1000 लीटर।
- π = 22/7 या 3.14 — प्रश्न में दिया गया मान ही लें।
7 सेमी त्रिज्या और 10 सेमी ऊँचाई वाले बेलनाकार पानी के टैंक का आयतन?
V = πr²h = 22/7 × 49 × 10 = 1540 घन सेमी = 1.54 लीटर।
7. सांख्यिकी (Statistics)
- माध्य (Mean) = सभी मानों का योग / संख्या; माध्यिका (Median) = क्रम से रखने पर बीच का मान (सम संख्या हो तो बीच के दो मानों का औसत); बहुलक (Mode) = सबसे अधिक बार आने वाला मान।
- सूत्र: बहुलक = 3 माध्यिका − 2 माध्य (लगभग सममित आँकड़ों के लिए)।
- सभी आँकड़ों में कोई संख्या जोड़ने पर माध्य उतना ही बढ़ता है; सभी को k से गुणा करने पर माध्य भी k गुना।
- पाई चार्ट में किसी भाग का कोण = (उस भाग का मान/कुल) × 360°।
- प्रायिकता: P(घटना) = अनुकूल परिणाम/कुल परिणाम; सिक्का उछालने पर चित आने की प्रायिकता 1/2; पासे पर सम संख्या 3/6 = 1/2।
8. निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) — मूल बातें
Air Force Group X और Navy SSR के गणित में निर्देशांक ज्यामिति से 2–3 प्रश्न आम हैं। किसी बिंदु की स्थिति दो संख्याओं (x, y) से बताई जाती है — x को भुज (abscissa) और y को कोटि (ordinate) कहते हैं। x-अक्ष और y-अक्ष समतल को चार भागों (चतुर्थांश, quadrants) में बाँटते हैं।
| चतुर्थांश | x का चिह्न | y का चिह्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| पहला (I) | + | + | (3, 4) |
| दूसरा (II) | − | + | (−3, 4) |
| तीसरा (III) | − | − | (−3, −4) |
| चौथा (IV) | + | − | (3, −4) |
- दूरी सूत्र: (x₁, y₁) और (x₂, y₂) के बीच दूरी = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²]। मूलबिंदु से (x, y) की दूरी = √(x² + y²)।
- मध्य बिंदु = ((x₁ + x₂)/2, (y₁ + y₂)/2)।
- विभाजन सूत्र: m : n अनुपात में अंतः विभाजित करने वाला बिंदु = ((mx₂ + nx₁)/(m + n), (my₂ + ny₁)/(m + n))।
- त्रिभुज का केंद्रक (centroid) = ((x₁ + x₂ + x₃)/3, (y₁ + y₂ + y₃)/3)।
- त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ |x₁(y₂ − y₃) + x₂(y₃ − y₁) + x₃(y₁ − y₂)|। यदि यह शून्य हो, तो तीनों बिंदु एक रेखा पर (संरेख) हैं।
- ढाल (slope) = (y₂ − y₁)/(x₂ − x₁)। समांतर रेखाओं के ढाल बराबर होते हैं; लंब रेखाओं के ढालों का गुणनफल −1 होता है।
- सरल रेखा: y = mx + c (m = ढाल, c = y-अंतःखंड)।
1. बिंदु (1, 2) और (7, 10) के बीच दूरी = √(6² + 8²) = √100 = 10 इकाई।
2. (2, 3) और (8, 9) को मिलाने वाले रेखाखंड का मध्य बिंदु = ((2 + 8)/2, (3 + 9)/2) = (5, 6)।
3. (0, 0), (4, 0) और (0, 3) शीर्षों वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × आधार × ऊँचाई = ½ × 4 × 3 = 6 वर्ग इकाई। सूत्र से भी यही आता है।
4. क्या (1, 1), (2, 2) और (3, 3) संरेख हैं? क्षेत्रफल = ½ |1(2 − 3) + 2(3 − 1) + 3(1 − 2)| = ½ |−1 + 4 − 3| = 0, इसलिए हाँ, तीनों एक रेखा (y = x) पर हैं।
5. रेखा 2x + 3y = 6 के x-अंतःखंड और y-अंतःखंड: y = 0 रखने पर x = 3; x = 0 रखने पर y = 2।
x-अक्ष पर हर बिंदु का y = 0 और y-अक्ष पर हर बिंदु का x = 0 होता है। किसी बिंदु (a, b) की x-अक्ष से दूरी |b| और y-अक्ष से दूरी |a| होती है — यहाँ उल्टा पढ़ने की गलती बहुत होती है। (a, b) का x-अक्ष में प्रतिबिंब (a, −b) और y-अक्ष में प्रतिबिंब (−a, b) होता है।
6. बिंदु A(2, 1) और B(8, 7) को मिलाने वाले रेखाखंड को 1 : 2 के अनुपात में बाँटने वाला बिंदु = ((1 × 8 + 2 × 2)/3, (1 × 7 + 2 × 1)/3) = (12/3, 9/3) = (4, 3)।
7. शीर्ष (0, 0), (6, 0) और (3, 9) वाले त्रिभुज का केंद्रक = ((0 + 6 + 3)/3, (0 + 0 + 9)/3) = (3, 3)।
8. रेखा y = 2x + 5 का ढाल 2 है; इसके समांतर रेखा का ढाल भी 2 होगा और इसके लंब रेखा का ढाल −1/2 होगा, क्योंकि 2 × (−1/2) = −1।
9. बिंदु (3, −4) की मूलबिंदु से दूरी = √(9 + 16) = 5 इकाई; x-अक्ष से दूरी 4 और y-अक्ष से दूरी 3 इकाई।
9. मास्टर सूत्र सारणी
| विषय | सूत्र | याद रखने का संकेत |
|---|---|---|
| वर्ग सर्वसमिका | (a ± b)² = a² ± 2ab + b² | बीच में 2ab |
| वर्गों का अंतर | a² − b² = (a + b)(a − b) | बड़ी गणना आसान |
| घन | a³ + b³ = (a + b)(a² − ab + b²) | a + b + c = 0 ⇒ 3abc |
| द्विघात मूल | [−b ± √(b² − 4ac)]/2a | D = b² − 4ac |
| मूलों का योग/गुणनफल | −b/a; c/a | "योग माइनस b बटा a" |
| AP | Tₙ = a + (n − 1)d; Sₙ = n/2(2a + (n − 1)d) | योग = औसत × पदों की संख्या |
| त्रिकोणमिति | sin²θ + cos²θ = 1 | पाइथागोरस से |
| ऊँचाई-दूरी | tan θ = ऊँचाई/दूरी | 45° पर बराबर |
| पाइथागोरस | कर्ण² = लंब² + आधार² | 3-4-5 |
| बहुभुज | (n − 2) × 180° | त्रिभुज 180°, चतुर्भुज 360° |
| वृत्त | A = πr²; C = 2πr | r = 7 ⇒ 154, 44 |
| बेलन | V = πr²h | — |
| शंकु | V = ⅓πr²h | बेलन का एक-तिहाई |
| गोला | V = ⁴⁄₃πr³; S = 4πr² | r दोगुना ⇒ V 8 गुना |
| दूरी सूत्र | √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²] | मूल बिंदु से √(x² + y²) |
| बहुलक | 3 माध्यिका − 2 माध्य | — |
10. मास्टर सारांश सारणी
| विषय | Army GD / Navy MR | Air Force X / Navy SSR | मुख्य कौशल |
|---|---|---|---|
| बीजगणित | 1–2 | 3–5 | सर्वसमिकाएँ, द्विघात |
| श्रेणी, समुच्चय | 0–1 | 2–3 | Tₙ, Sₙ, 2ⁿ |
| त्रिकोणमिति | 1–2 | 3–5 | मानक मान, सर्वसमिकाएँ |
| ज्यामिति | 1 | 2–3 | कोण, पाइथागोरस, वृत्त |
| क्षेत्रमिति | 1–2 | 2–3 | क्षेत्रफल-आयतन सारणी |
| सांख्यिकी, प्रायिकता | 0–1 | 1–2 | माध्य, माध्यिका, बहुलक |
11. माइंड मैप
- सर्वसमिकाएँ
- रैखिक समीकरण
- द्विघात समीकरण
- AP, GP
- अनुपात, मानक मान
- सर्वसमिकाएँ
- ऊँचाई-दूरी
- कोण, त्रिभुज
- पाइथागोरस
- वृत्त, निर्देशांक
- 2D क्षेत्रफल
- 3D आयतन
- मात्रक
- माध्य, माध्यिका, बहुलक
- पाई चार्ट
- प्रायिकता
12. टिप्स एवं ट्रिक्स
- त्रिकोणमिति के विकल्पों वाले प्रश्नों में θ = 45° या 30° रखकर जाँचें — गलत विकल्प तुरंत हट जाते हैं।
- द्विघात समीकरण के प्रश्न में विकल्पों को समीकरण में रखें; जो शून्य दे वही मूल है।
- पाइथागोरस त्रिक पहचानें: 9, 12 → 15 (3-4-5 का तिगुना); 10, 24 → 26।
- π = 22/7 वाले प्रश्नों में त्रिज्या 7 या 14 हो तो गणना पूर्णांक में आती है।
- "वक्र पृष्ठ" और "संपूर्ण पृष्ठ" शब्द ध्यान से पढ़ें — दोनों के उत्तर अलग विकल्पों में दिए होते हैं।
- व्यास को त्रिज्या मान लेना।
- शंकु के आयतन में ⅓ भूल जाना।
- tan 90° को किसी संख्या के बराबर लिखना — यह अपरिभाषित है।
- सेमी³ को लीटर में बदलते समय 1000 से भाग न देना।
13. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- द्विघात समीकरण के अधिकतम दो मूल होते हैं।
- D = 0 हो तो दोनों मूल बराबर होते हैं।
- a + b + c = 0 हो तो a³ + b³ + c³ = 3abc।
- sin 30° = cos 60° = 1/2।
- tan 45° = 1, इसलिए 45° उन्नयन पर ऊँचाई और दूरी बराबर।
- त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
- चतुर्भुज के कोणों का योग 360° होता है।
- अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है।
- चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
- वर्ग का क्षेत्रफल विकर्ण²/2 होता है।
- घन के 6 फलक, 12 किनारे और 8 शीर्ष होते हैं।
- शंकु का आयतन समान आधार और ऊँचाई वाले बेलन का एक-तिहाई होता है।
- 1 घन मीटर = 1000 लीटर।
- माध्यिका अत्यधिक मानों से प्रभावित नहीं होती।
14. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित
(a + b)² − (a − b)² का मान क्या है?
- 2ab
- 4ab
- 2a² + 2b²
- 0
उत्तर एवं व्याख्या
(a² + 2ab + b²) − (a² − 2ab + b²) = 4ab। वर्गों के अंतर सूत्र से भी: [(a + b) + (a − b)][(a + b) − (a − b)] = 2a × 2b = 4ab।
उत्तर: (B) 4ab
x² − 5x + 6 = 0 के मूलों का योग और गुणनफल क्या है?
- 5 और 6
- −5 और 6
- 6 और 5
- 5 और −6
उत्तर एवं व्याख्या
योग = −b/a = −(−5)/1 = 5; गुणनफल = c/a = 6/1 = 6। मूल 2 और 3 हैं — 2 + 3 = 5, 2 × 3 = 6 ✓।
उत्तर: (A) 5 और 6
समांतर श्रेणी 3, 8, 13, … का 15वाँ पद क्या है?
- 68
- 73
- 75
- 78
उत्तर एवं व्याख्या
a = 3, d = 5: T₁₅ = 3 + 14 × 5 = 73। 78 = 3 + 15 × 5 है, जो n के स्थान पर (n − 1) न लेने की गलती है।
उत्तर: (B) 73
sin 30° + cos 60° का मान क्या है?
- 1/2
- 1
- √3
- 0
उत्तर एवं व्याख्या
sin 30° = 1/2 और cos 60° = 1/2; योग = 1।
उत्तर: (B) 1
sin²θ + cos²θ का मान किसी भी θ के लिए क्या होता है?
- 0
- 1
- 2
- θ पर निर्भर
उत्तर एवं व्याख्या
यह मूल सर्वसमिका है जो हर कोण के लिए 1 देती है; समकोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय से (लंब² + आधार²)/कर्ण² = 1।
उत्तर: (B) 1
एक मीनार के शीर्ष को उससे 40 मीटर दूर बिंदु से 45° उन्नयन कोण पर देखा जाता है। मीनार की ऊँचाई?
- 20 मीटर
- 40 मीटर
- 40√3 मीटर
- 80 मीटर
उत्तर एवं व्याख्या
tan 45° = h/40 = 1 ⇒ h = 40 मीटर। 45° पर ऊँचाई और क्षैतिज दूरी हमेशा बराबर होती है।
उत्तर: (B) 40 मीटर
एक समकोण त्रिभुज की दो भुजाएँ 9 सेमी और 12 सेमी हैं (समकोण बनाने वाली)। कर्ण की लंबाई?
- 13 सेमी
- 15 सेमी
- 21 सेमी
- 17 सेमी
उत्तर एवं व्याख्या
कर्ण = √(81 + 144) = √225 = 15 सेमी। यह 3-4-5 त्रिक का तिगुना (9-12-15) है।
उत्तर: (B) 15 सेमी
किसी त्रिभुज के दो कोण 65° और 45° हैं। तीसरा कोण कितना है?
- 60°
- 70°
- 80°
- 110°
उत्तर एवं व्याख्या
तीसरा कोण = 180° − (65° + 45°) = 70°। 110° दोनों दिए कोणों का योग है।
उत्तर: (B) 70°
14 सेमी व्यास वाले वृत्त का क्षेत्रफल कितना है? (π = 22/7)
- 154 वर्ग सेमी
- 616 वर्ग सेमी
- 44 वर्ग सेमी
- 308 वर्ग सेमी
उत्तर एवं व्याख्या
त्रिज्या = 7 सेमी; क्षेत्रफल = 22/7 × 7 × 7 = 154 वर्ग सेमी। व्यास 14 को त्रिज्या मानने से 616 गलत आता है।
उत्तर: (A) 154 वर्ग सेमी
6 सेमी भुजा वाले घन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना है?
- 36 वर्ग सेमी
- 144 वर्ग सेमी
- 216 वर्ग सेमी
- 216 घन सेमी
उत्तर एवं व्याख्या
संपूर्ण पृष्ठ = 6a² = 6 × 36 = 216 वर्ग सेमी। 216 घन सेमी आयतन (a³) है — संख्या समान है पर मात्रक अलग; 144 चार फलकों (4a²) का क्षेत्रफल है।
उत्तर: (C) 216 वर्ग सेमी
3 सेमी त्रिज्या और 4 सेमी ऊँचाई वाले शंकु की तिर्यक ऊँचाई (Slant height) कितनी है?
- 5 सेमी
- 7 सेमी
- 12 सेमी
- √7 सेमी
उत्तर एवं व्याख्या
l = √(r² + h²) = √(9 + 16) = 5 सेमी। (3-4-5 त्रिक)
उत्तर: (A) 5 सेमी
आँकड़े 4, 7, 2, 9, 3 की माध्यिका क्या है?
- 2
- 4
- 5
- 7
उत्तर एवं व्याख्या
बढ़ते क्रम में: 2, 3, 4, 7, 9; बीच का (तीसरा) मान 4 है। माध्य 25/5 = 5 होता — माध्य और माध्यिका अलग-अलग हैं।
उत्तर: (B) 4
एक गोले की त्रिज्या दोगुनी कर दी जाए, तो उसका आयतन कितने गुना हो जाएगा?
- 2 गुना
- 4 गुना
- 6 गुना
- 8 गुना
उत्तर एवं व्याख्या
आयतन r³ के समानुपाती है: (2r)³ = 8r³, अर्थात् 8 गुना। पृष्ठीय क्षेत्रफल r² के अनुसार 4 गुना होगा — इसी कारण 4 गुना जाल वाला विकल्प है।
उत्तर: (D) 8 गुना
बिंदु (−5, 3) किस चतुर्थांश में स्थित है?
- दूसरे
- पहले
- तीसरे
- चौथे
उत्तर एवं व्याख्या
x ऋणात्मक और y धनात्मक है, इसलिए बिंदु दूसरे चतुर्थांश में है। पहले में दोनों धनात्मक, तीसरे में दोनों ऋणात्मक और चौथे में x धनात्मक तथा y ऋणात्मक होता है।
उत्तर: (A) दूसरे
बिंदु (1, 2) और (7, 10) के बीच की दूरी कितनी है?
- 10 इकाई
- 14 इकाई
- 100 इकाई
- 8 इकाई
उत्तर एवं व्याख्या
दूरी = √[(7 − 1)² + (10 − 2)²] = √(36 + 64) = √100 = 10 इकाई। अंतरों को सीधे जोड़ने पर 14 और वर्गमूल न लेने पर 100 गलत आता है।
उत्तर: (A) 10 इकाई
शीर्ष (0, 0), (4, 0) और (0, 3) वाले त्रिभुज का क्षेत्रफल क्या है?
- 6 वर्ग इकाई
- 12 वर्ग इकाई
- 7 वर्ग इकाई
- 5 वर्ग इकाई
उत्तर एवं व्याख्या
यह समकोण त्रिभुज है जिसका आधार 4 और ऊँचाई 3 है। क्षेत्रफल = ½ × 4 × 3 = 6 वर्ग इकाई। ½ भूलने पर 12 गलत आता है; 5 तो कर्ण की लंबाई है।
उत्तर: (A) 6 वर्ग इकाई
15. त्वरित पुनरावृत्ति सारांश
- बीजगणित: सर्वसमिकाएँ, शेषफल प्रमेय, रैखिक समीकरण युग्म के हल की शर्तें, द्विघात सूत्र, विविक्तकर, मूलों का योग-गुणनफल।
- श्रेणी: AP का n-वाँ पद और योग; GP का अनंत योग; समुच्चय के 2ⁿ उपसमुच्चय।
- त्रिकोणमिति: अनुपात, मानक कोणों की सारणी, तीन सर्वसमिकाएँ, पूरक कोण, ऊँचाई-दूरी।
- ज्यामिति: कोणों के योग, पाइथागोरस और त्रिक, बहुभुज, वृत्त के प्रमेय, दूरी और मध्य बिंदु सूत्र।
- क्षेत्रमिति: 2D और 3D सूत्र सारणी; k², k³ नियम; मात्रक रूपांतरण।
- सांख्यिकी: माध्य, माध्यिका, बहुलक, पाई चार्ट, सरल प्रायिकता।