बिहार पुलिस SI · मुख्य परीक्षा — पेपर 2 (सामान्य अध्ययन) · अध्याय 7

गणित: ज्यामिति, क्षेत्रमिति एवं आँकड़े

Mathematics: Geometry, Mensuration and Data

मूल ज्यामितीय अवधारणाएँ, त्रिभुज-चतुर्भुज, सममिति, क्षेत्रफल-आयतन, बीजगणित परिचय और आँकड़ों का विश्लेषण।

परीक्षा में: 6–8 प्रश्न 20 मिनट

1. अध्याय एक नज़र में

गणित के 18 प्रश्नों में से लगभग 6 से 8 प्रश्न ज्यामिति, क्षेत्रमिति (Mensuration) और आँकड़ों के विश्लेषण (Data Interpretation — DI) से आते हैं। ज्यामिति में रेखा-कोण, त्रिभुज, वृत्त के गुण; क्षेत्रमिति में आयत, वर्ग, त्रिभुज, वृत्त का क्षेत्रफल-परिमाप और घन, घनाभ, बेलन, शंकु, गोले का आयतन-पृष्ठीय क्षेत्रफल; और DI में तालिका, दंड आरेख (Bar graph), वृत्त आरेख (Pie chart) से प्रश्न पूछे जाते हैं। सांख्यिकी — माध्य, माध्यिका, बहुलक — भी इसी भाग में आती है। ये प्रश्न सूत्र याद हों तो सबसे जल्दी हल होते हैं।

इस अध्याय का दायरा
  • रेखाएँ और कोण, समांतर रेखाएँ, त्रिभुज के गुण, पाइथागोरस प्रमेय, समरूपता और सर्वांगसमता।
  • चतुर्भुज और बहुभुज; वृत्त के गुण।
  • द्विविमीय क्षेत्रमिति — क्षेत्रफल और परिमाप।
  • त्रिविमीय क्षेत्रमिति — आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल।
  • त्रिकोणमिति के मूल अनुपात, ऊँचाई और दूरी।
  • सांख्यिकी और आँकड़ों का विश्लेषण।

2. रेखाएँ एवं कोण

  • कोणों के प्रकार — न्यून (0° और 90° के बीच), समकोण (90°), अधिक (90° और 180° के बीच), ऋजु (180°), प्रतिवर्ती (180° और 360° के बीच), संपूर्ण (360°)।
  • पूरक कोण — योग 90° (40° का पूरक 50°); संपूरक कोण — योग 180° (110° का संपूरक 70°)।
  • दो रेखाएँ प्रतिच्छेद करें तो शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं; रैखिक युग्म का योग 180°।
  • समांतर रेखाएँ और तिर्यक रेखा — संगत कोण बराबर; एकांतर कोण बराबर; तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180°।
  • घड़ी की सुइयों के बीच कोण = |30H − 5.5M|। उदाहरण: 3:40 → |90 − 220| = 130°। घंटे की सुई प्रति मिनट 0.5°, मिनट की सुई 6° घूमती है।

3. त्रिभुज

  • त्रिभुज के तीनों अंतः कोणों का योग 180°। बहिष्कोण = दोनों अंतःसम्मुख कोणों का योग।
  • किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक होता है (त्रिभुज असमिका) और अंतर कम।
  • भुजाओं के आधार पर — समबाहु (तीनों भुजाएँ और कोण बराबर, हर कोण 60°), समद्विबाहु (दो भुजाएँ बराबर, उनके सामने के कोण बराबर), विषमबाहु। कोणों के आधार पर — न्यूनकोण, समकोण, अधिककोण।
  • पाइथागोरस प्रमेय — समकोण त्रिभुज में कर्ण² = आधार² + लंब²। प्रमुख पाइथागोरियन त्रिक — (3, 4, 5), (5, 12, 13), (8, 15, 17), (7, 24, 25), (9, 40, 41), (20, 21, 29) और इनके गुणज (6, 8, 10)।
  • त्रिभुज के केंद्र — केंद्रक (Centroid) — माध्यिकाओं का प्रतिच्छेद; प्रत्येक माध्यिका को 2 : 1 में बाँटता है। अंतःकेंद्र (Incentre) — कोण समद्विभाजकों का प्रतिच्छेद; अंतःवृत्त का केंद्र। परिकेंद्र (Circumcentre) — भुजाओं के लंब समद्विभाजकों का प्रतिच्छेद; समकोण त्रिभुज में कर्ण का मध्य बिंदु। लंबकेंद्र (Orthocentre) — शीर्ष लंबों का प्रतिच्छेद; समकोण त्रिभुज में समकोण वाला शीर्ष। समबाहु त्रिभुज में चारों एक ही बिंदु।
  • सर्वांगसमता (Congruence) की कसौटियाँ — SSS, SAS, ASA, AAS, RHS। समरूपता (Similarity) — कोण बराबर, भुजाएँ समानुपाती (AA कसौटी); समरूप त्रिभुजों के क्षेत्रफलों का अनुपात = संगत भुजाओं के वर्गों का अनुपात।
  • मध्य बिंदु प्रमेय — दो भुजाओं के मध्य बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी भुजा के समांतर और उसकी आधी होती है।
आधार = 8लंब = 6कर्ण = 10 6² + 8² = 10²36 + 64 = 100 ✓ क्षेत्रफल = ½ × 8 × 6= 24 वर्ग इकाई
पाइथागोरस प्रमेय — (6, 8, 10) त्रिक (3, 4, 5) का दोगुना है।

4. चतुर्भुज, बहुभुज एवं वृत्त

  • चतुर्भुज के अंतः कोणों का योग 360°। n भुजाओं वाले बहुभुज के अंतः कोणों का योग = (n − 2) × 180°; सम बहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण = 360°/n; विकर्णों की संख्या = n(n − 3)/2। उदाहरण: षट्भुज — कोणों का योग 720°, हर अंतः कोण 120°, विकर्ण 9।
  • समांतर चतुर्भुज — सम्मुख भुजाएँ और कोण बराबर; विकर्ण परस्पर समद्विभाजित करते हैं। आयत — हर कोण 90°, विकर्ण बराबर। समचतुर्भुज — सभी भुजाएँ बराबर, विकर्ण परस्पर लंब समद्विभाजक। वर्ग — सभी भुजाएँ बराबर, सभी कोण 90°, विकर्ण बराबर और लंबवत। समलंब — एक जोड़ी सम्मुख भुजाएँ समांतर।
  • वृत्त — केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। अर्धवृत्त में बना कोण 90°। किसी चाप द्वारा केंद्र पर बना कोण, परिधि पर बने कोण का दोगुना। एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर। चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180°। स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत; बाहरी बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर लंबाई की।

5. द्विविमीय क्षेत्रमिति — क्षेत्रफल एवं परिमाप

आकृतिक्षेत्रफलपरिमाप / अन्य
आयत (l, b)l × b2(l + b); विकर्ण √(l² + b²)
वर्ग (a)a² = ½ × (विकर्ण)²4a; विकर्ण a√2
त्रिभुज½ × आधार × ऊँचाईहीरोन: √[s(s − a)(s − b)(s − c)], s = (a + b + c)/2
समबाहु त्रिभुज (a)(√3/4)a²ऊँचाई (√3/2)a
समांतर चतुर्भुजआधार × ऊँचाई2(a + b)
समचतुर्भुज½ × d₁ × d₂4a; a² = (d₁/2)² + (d₂/2)²
समलंब½ × (समांतर भुजाओं का योग) × ऊँचाई—
वृत्त (r)πr²परिधि 2πr; π ≈ 22/7 ≈ 3.14
अर्धवृत्त½πr²परिमाप πr + 2r
त्रिज्यखंड (कोण θ)(θ/360) × πr²चाप की लंबाई (θ/360) × 2πr
वलय (बाहरी R, भीतरी r)π(R² − r²)—
  • भुजा x% बढ़ने पर वर्ग/वृत्त का क्षेत्रफल (2x + x²/100)% बढ़ता है। उदाहरण: भुजा 10% बढ़े → क्षेत्रफल 21% बढ़ेगा।
  • पहिया एक चक्कर में अपनी परिधि के बराबर दूरी तय करता है।
  • आयताकार मैदान के चारों ओर अंदर/बाहर w चौड़ा रास्ता — बाहर: (l + 2w)(b + 2w) − lb।
🎯 हल किए गए उदाहरण

(1) 7 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त का क्षेत्रफल और परिधि? → 22/7 × 49 = 154 वर्ग सेमी; 2 × 22/7 × 7 = 44 सेमी।
(2) त्रिभुज की भुजाएँ 13, 14, 15 सेमी हैं। क्षेत्रफल? → s = 21; √(21 × 8 × 7 × 6) = √7056 = 84 वर्ग सेमी।
(3) 35 सेमी त्रिज्या वाला पहिया 1.1 किमी चलने में कितने चक्कर लगाएगा? → परिधि = 2 × 22/7 × 35 = 220 सेमी = 2.2 मी; 1100/2.2 = 500 चक्कर।
(4) वर्ग का विकर्ण 10√2 सेमी है। क्षेत्रफल? → ½ × (10√2)² = ½ × 200 = 100 वर्ग सेमी।

6. त्रिविमीय क्षेत्रमिति — आयतन एवं पृष्ठीय क्षेत्रफल

ठोसआयतनवक्र / पार्श्व पृष्ठकुल पृष्ठीय क्षेत्रफल
घनाभ (l, b, h)lbh2h(l + b)2(lb + bh + hl); विकर्ण √(l² + b² + h²)
घन (a)a³4a²6a²; विकर्ण a√3
बेलन (r, h)πr²h2πrh2πr(r + h)
शंकु (r, h, l)⅓πr²hπrl; l = √(r² + h²)πr(l + r)
गोला (r)(4/3)πr³4πr²4πr²
अर्धगोला (r)(2/3)πr³2πr²3πr²
खोखला बेलनπh(R² − r²)——
  • समान आधार और ऊँचाई वाले शंकु और बेलन — शंकु का आयतन बेलन का 1/3। समान त्रिज्या वाले शंकु, अर्धगोला, बेलन (h = r) के आयतनों का अनुपात 1 : 2 : 3।
  • त्रिज्या दोगुनी करने पर गोले का आयतन 8 गुना, पृष्ठीय क्षेत्रफल 4 गुना।
  • पिघलाकर नया ठोस बनाने पर आयतन समान रहता है।
  • इकाई — 1 घन मीटर = 1000 लीटर; 1 लीटर = 1000 घन सेमी; 1 हेक्टेयर = 10,000 वर्ग मी।
🎯 हल किए गए उदाहरण

(1) 7 सेमी त्रिज्या और 10 सेमी ऊँचाई वाले बेलन का आयतन? → 22/7 × 49 × 10 = 1540 घन सेमी।
(2) 6 सेमी भुजा वाले घन के कुल पृष्ठ का क्षेत्रफल और विकर्ण? → 6 × 36 = 216 वर्ग सेमी; 6√3 सेमी।
(3) 3 सेमी त्रिज्या वाले धातु के गोले को पिघलाकर 1 सेमी त्रिज्या की छोटी गोलियाँ बनाई गईं। कितनी गोलियाँ? → (3/1)³ = 27।
(4) एक पानी की टंकी 5 मी × 4 मी × 2 मी की है। इसमें कितने लीटर पानी आएगा? → 40 घन मी × 1000 = 40,000 लीटर।

7. त्रिकोणमिति — मूल अनुपात एवं ऊँचाई-दूरी

  • समकोण त्रिभुज में किसी न्यून कोण θ के लिए — sin θ = लंब/कर्ण, cos θ = आधार/कर्ण, tan θ = लंब/आधार; cosec, sec, cot क्रमशः इनके व्युत्क्रम।
  • मूल सर्वसमिकाएँ — sin²θ + cos²θ = 1; 1 + tan²θ = sec²θ; 1 + cot²θ = cosec²θ।
  • पूरक कोण — sin(90° − θ) = cos θ; tan(90° − θ) = cot θ।
θ0°30°45°60°90°
sin θ01/21/√2√3/21
cos θ1√3/21/√21/20
tan θ01/√31√3अपरिभाषित
  • उन्नयन कोण — क्षैतिज से ऊपर की वस्तु देखने का कोण; अवनमन कोण — नीचे की वस्तु देखने का कोण।
🎯 हल किया गया उदाहरण — ऊँचाई-दूरी

प्रश्न: एक मीनार के आधार से 30 मी दूर बिंदु से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। मीनार की ऊँचाई? (√3 = 1.732)
हल: tan 60° = ऊँचाई/30 → ऊँचाई = 30√3 ≈ 51.96 मी।

8. सांख्यिकी — माध्य, माध्यिका, बहुलक, परास

  • माध्य (Mean) = सभी प्रेक्षणों का योग ÷ संख्या।
  • माध्यिका (Median) — आँकड़ों को आरोही क्रम में लगाने पर बीच का मान। n विषम हो → (n + 1)/2 वाँ पद; n सम हो → n/2 और (n/2 + 1) वें पदों का औसत।
  • बहुलक (Mode) — सबसे अधिक बार आने वाला मान।
  • संबंध (मध्यम विषम बंटन में): बहुलक = 3 माध्यिका − 2 माध्य।
  • परास (Range) = अधिकतम − न्यूनतम।
  • प्रायिकता = अनुकूल परिणाम ÷ कुल संभव परिणाम; 0 से 1 के बीच। सिक्का उछालने पर चित आने की प्रायिकता 1/2; पासे पर सम संख्या 3/6 = 1/2; 52 पत्तों में से इक्का निकालने की 4/52 = 1/13।
🎯 हल किया गया उदाहरण

प्रश्न: 7, 3, 9, 3, 5, 8, 3, 6 का माध्य, माध्यिका और बहुलक?
हल: योग = 44, n = 8 → माध्य = 5.5। क्रम: 3, 3, 3, 5, 6, 7, 8, 9 → चौथा और पाँचवाँ पद 5 और 6 → माध्यिका = 5.5। बहुलक = 3 (तीन बार)। परास = 9 − 3 = 6।

9. आँकड़ों का विश्लेषण (Data Interpretation)

DI में आँकड़े तालिका, दंड आरेख, रेखा आरेख या वृत्त आरेख (Pie chart) में दिए जाते हैं और 3–5 प्रश्न पूछे जाते हैं — योग, औसत, प्रतिशत, अनुपात, वृद्धि दर।

उदाहरण — दंड आरेख

नीचे एक ज़िले के थानों में वर्ष 2021 से 2025 तक दर्ज साइबर अपराध के मामलों की काल्पनिक संख्या दी गई है (केवल अभ्यास के लिए):

0100200300 1202021 1502022 1802023 2402024 3002025
काल्पनिक आँकड़े — साइबर अपराध के दर्ज मामले (अभ्यास हेतु)।
  • पाँच वर्षों में कुल मामले = 120 + 150 + 180 + 240 + 300 = 990; औसत = 990/5 = 198।
  • 2023 से 2024 में प्रतिशत वृद्धि = (240 − 180)/180 × 100 = 33⅓%।
  • 2021 और 2025 के मामलों का अनुपात = 120 : 300 = 2 : 5।
  • 2025 के मामले कुल का कितना प्रतिशत? → 300/990 × 100 ≈ 30.3%।

उदाहरण — वृत्त आरेख (Pie chart)

वृत्त आरेख में पूरा वृत्त 360° = 100% होता है। 1% = 3.6°। किसी भाग का कोण = (भाग का मान/कुल) × 360°।

व्यय मद (एक परिवार, काल्पनिक)प्रतिशतकेंद्रीय कोण₹40,000 मासिक आय पर राशि
भोजन35%126°₹14,000
किराया20%72°₹8,000
शिक्षा15%54°₹6,000
परिवहन10%36°₹4,000
बचत20%72°₹8,000
कुल100%360°₹40,000
DI हल करने के सुझाव
  • पहले सभी प्रश्न पढ़ें — कई प्रश्नों में एक ही गणना (जैसे कुल योग) काम आती है; उसे एक बार निकालकर लिख लें।
  • प्रतिशत वृद्धि का आधार हमेशा पिछला वर्ष होता है।
  • विकल्प दूर-दूर हों तो लगभग मान (Approximation) से हल करें।
  • इकाई ध्यान से देखें — हज़ार, लाख, करोड़।

10. मास्टर सूत्र सारणी (Master Formula Table)

विषयसूत्रसंकेत
कोणपूरक = 90° − θ; संपूरक = 180° − θ—
घड़ीकोण = |30H − 5.5M|360 से अधिक हो तो 360 − कोण
बहुभुजअंतः कोण योग (n − 2)180°; बहिष्कोण 360°/n; विकर्ण n(n − 3)/2—
पाइथागोरसकर्ण² = आधार² + लंब²3-4-5, 5-12-13, 8-15-17
त्रिभुज क्षेत्रफल½bh; हीरोन √[s(s−a)(s−b)(s−c)]; समबाहु (√3/4)a²—
आयत / वर्गlb, 2(l + b) / a², 4a, a√2वर्ग = ½d²
समचतुर्भुज / समलंब½d₁d₂ / ½(a + b)h—
वृत्तπr²; 2πr; त्रिज्यखंड (θ/360)πr²π = 22/7
घन / घनाभa³, 6a² / lbh, 2(lb + bh + hl)1 m³ = 1000 L
बेलनπr²h; वक्र 2πrh; कुल 2πr(r + h)—
शंकु⅓πr²h; वक्र πrl; l = √(r² + h²)बेलन का 1/3
गोला / अर्धगोला(4/3)πr³, 4πr² / (2/3)πr³, 3πr²r दोगुना → V 8 गुना
त्रिकोणमितिsin²θ + cos²θ = 1; tan θ = sin θ/cos θतालिका याद करें
सांख्यिकीबहुलक = 3 माध्यिका − 2 माध्य; परास = अधिकतम − न्यूनतम—
वृत्त आरेखकोण = (मान/कुल) × 360°; 1% = 3.6°—
प्रायिकताP = अनुकूल/कुल0 ≤ P ≤ 1

11. मास्टर सारणी — मुख्य परिणाम एक नज़र में

विषययाद रखने योग्य परिणाम
समांतर रेखाएँसंगत और एकांतर कोण बराबर; एक ओर के अंतः कोणों का योग 180°
त्रिभुजकोणों का योग 180°; बहिष्कोण = दो अंतःसम्मुख कोणों का योग
केंद्रकमाध्यिका को 2 : 1 में बाँटता है
समकोण त्रिभुजपरिकेंद्र कर्ण के मध्य में; लंबकेंद्र समकोण पर
वृत्तअर्धवृत्त का कोण 90°; केंद्र का कोण परिधि के कोण का दोगुना; चक्रीय चतुर्भुज 180°
क्षेत्रफल परिवर्तनभुजा x% → क्षेत्रफल (2x + x²/100)%
आयतन अनुपातशंकु : अर्धगोला : बेलन = 1 : 2 : 3 (h = r)
पिघलानाआयतन संरक्षित
DIप्रतिशत वृद्धि पिछले वर्ष के आधार पर

12. माइंड मैप

ज्यामिति, क्षेत्रमिति एवं DI
ज्यामिति
  • रेखा-कोण
  • त्रिभुज, पाइथागोरस
  • चतुर्भुज, बहुभुज
  • वृत्त
2D क्षेत्रमिति
  • आयत, वर्ग
  • त्रिभुज (हीरोन)
  • वृत्त, त्रिज्यखंड
3D क्षेत्रमिति
  • घन, घनाभ
  • बेलन, शंकु
  • गोला
आँकड़े
  • त्रिकोणमिति
  • माध्य, माध्यिका, बहुलक
  • दंड, वृत्त आरेख
  • प्रायिकता

13. टिप्स एवं ट्रिक्स

गति बढ़ाने के तरीके
  • π = 22/7 तब लें जब त्रिज्या 7 का गुणज हो; अन्यथा 3.14।
  • पाइथागोरियन त्रिक पहचानें — भुजाएँ 9 और 12 हों तो कर्ण 15 (3-4-5 × 3) बिना गणना।
  • त्रिज्या और ऊँचाई के अनुपात दिए हों तो आयतन अनुपात = r₁²h₁ : r₂²h₂।
  • वृत्त आरेख में प्रतिशत को सीधे 3.6 से गुणा कर कोण निकालें।
आम गलतियाँ
  • शंकु के वक्र पृष्ठ में ऊँचाई h नहीं, तिर्यक ऊँचाई l प्रयोग होती है।
  • अर्धगोले के कुल पृष्ठ में आधार (πr²) जोड़ना न भूलें — 3πr²।
  • माध्यिका निकालने से पहले आँकड़ों को क्रम में लगाना ज़रूरी है।
  • इकाइयाँ मिलाएँ — सेमी और मी को एक साथ न लें।

14. महत्वपूर्ण वन-लाइनर

  • त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
  • समबाहु त्रिभुज का प्रत्येक कोण 60° होता है।
  • केंद्रक माध्यिका को 2 : 1 के अनुपात में बाँटता है।
  • समकोण त्रिभुज का परिकेंद्र कर्ण के मध्य बिंदु पर होता है।
  • षट्भुज के अंतः कोणों का योग 720° होता है।
  • अर्धवृत्त में बना कोण समकोण होता है।
  • चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
  • 7 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त का क्षेत्रफल 154 वर्ग सेमी है।
  • घन का विकर्ण a√3 होता है।
  • 1 घन मीटर में 1000 लीटर होते हैं।
  • शंकु का आयतन समान आधार-ऊँचाई के बेलन का एक-तिहाई होता है।
  • गोले की त्रिज्या दोगुनी करने पर आयतन 8 गुना हो जाता है।
  • sin²θ + cos²θ = 1।
  • tan 45° = 1।
  • वृत्त आरेख में 1% = 3.6°।
  • बहुलक = 3 माध्यिका − 2 माध्य।

15. PYQ आधारित प्रश्न — विस्तृत उत्तर सहित

Q1PYQ आधारित

किसी कोण का पूरक कोण उसके संपूरक कोण का 1/4 है। कोण का मान क्या है?

  1. 30°
  2. 45°
  3. 60°
  4. 75°
उत्तर एवं व्याख्या

कोण x मानें: 90 − x = (180 − x)/4 → 360 − 4x = 180 − x → 3x = 180 → x = 60°। जाँच: पूरक 30°, संपूरक 120°, और 30 = 120/4 ✓। बाकी मान इस शर्त को पूरा नहीं करते।

उत्तर: (C) 60°

Q2PYQ आधारित

घड़ी में 4 बजकर 20 मिनट पर घंटे और मिनट की सुइयों के बीच का कोण कितना है?

  1. 0°
  2. 10°
  3. 20°
  4. 30°
उत्तर एवं व्याख्या

कोण = |30H − 5.5M| = |30 × 4 − 5.5 × 20| = |120 − 110| = 10°। 4:20 पर मिनट की सुई 4 पर होती है, पर घंटे की सुई 20 मिनट में 10° आगे बढ़ चुकी होती है — इसलिए 0° नहीं।

उत्तर: (B) 10°

Q3PYQ आधारित

एक समकोण त्रिभुज की दो भुजाएँ (समकोण बनाने वाली) 9 सेमी और 12 सेमी हैं। कर्ण की लंबाई है —

  1. 13 सेमी
  2. 15 सेमी
  3. 17 सेमी
  4. 21 सेमी
उत्तर एवं व्याख्या

कर्ण² = 9² + 12² = 81 + 144 = 225 → कर्ण = 15 सेमी। यह (3, 4, 5) त्रिक का 3 गुना है। 21 सेमी भुजाओं का सीधा योग है, जो गलत तरीका है।

उत्तर: (B) 15 सेमी

Q4PYQ आधारित

एक सम बहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण 40° है। उसकी भुजाओं की संख्या कितनी है?

  1. 6
  2. 8
  3. 9
  4. 10
उत्तर एवं व्याख्या

सम बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का योग 360° होता है, इसलिए n = 360/40 = 9 (नवभुज)। 6 भुजाओं पर बहिष्कोण 60°, 8 पर 45° और 10 पर 36° होता।

उत्तर: (C) 9

Q5PYQ आधारित

एक वृत्त की परिधि 88 सेमी है। उसका क्षेत्रफल कितना है?

  1. 154 वर्ग सेमी
  2. 308 वर्ग सेमी
  3. 616 वर्ग सेमी
  4. 1232 वर्ग सेमी
उत्तर एवं व्याख्या

2πr = 88 → r = 88 × 7/44 = 14 सेमी। क्षेत्रफल = 22/7 × 14 × 14 = 616 वर्ग सेमी। 154 वर्ग सेमी 7 सेमी त्रिज्या का क्षेत्रफल है (परिधि 44), और 1232 व्यास को त्रिज्या मानने जैसी गलती के निकट है।

उत्तर: (C) 616 वर्ग सेमी

Q6PYQ आधारित

एक आयताकार खेत की लंबाई 40 मी और चौड़ाई 30 मी है। उसके विकर्ण की लंबाई कितनी है?

  1. 45 मी
  2. 50 मी
  3. 60 मी
  4. 70 मी
उत्तर एवं व्याख्या

विकर्ण = √(40² + 30²) = √(1600 + 900) = √2500 = 50 मी — यह (3, 4, 5) त्रिक का 10 गुना है। 70 मी लंबाई और चौड़ाई का योग है, विकर्ण नहीं।

उत्तर: (B) 50 मी

Q7PYQ आधारित

एक घन का आयतन 512 घन सेमी है। उसका कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल कितना है?

  1. 256 वर्ग सेमी
  2. 384 वर्ग सेमी
  3. 448 वर्ग सेमी
  4. 512 वर्ग सेमी
उत्तर एवं व्याख्या

a³ = 512 → a = 8 सेमी। कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल = 6a² = 6 × 64 = 384 वर्ग सेमी। 256 वर्ग सेमी पार्श्व पृष्ठ (4a²) है, कुल नहीं।

उत्तर: (B) 384 वर्ग सेमी

Q8PYQ आधारित

एक बेलनाकार टंकी की त्रिज्या 1.4 मी और ऊँचाई 5 मी है। उसमें कितने लीटर पानी आ सकता है?

  1. 3080 लीटर
  2. 30,800 लीटर
  3. 15,400 लीटर
  4. 6160 लीटर
उत्तर एवं व्याख्या

आयतन = πr²h = 22/7 × 1.4 × 1.4 × 5 = 22/7 × 1.96 × 5 = 30.8 घन मी। 1 घन मी = 1000 लीटर → 30,800 लीटर। 3080 लीटर इकाई परिवर्तन में एक शून्य कम लगाने से आता है।

उत्तर: (B) 30,800 लीटर

Q9PYQ आधारित

आँकड़े 10, 15, 12, 18, 15, 20, 15 का बहुलक और माध्यिका क्रमशः हैं —

  1. 15, 15
  2. 15, 18
  3. 12, 15
  4. 15, 14
उत्तर एवं व्याख्या

क्रम: 10, 12, 15, 15, 15, 18, 20 (n = 7)। बहुलक = 15 (तीन बार आया); माध्यिका = (7 + 1)/2 = चौथा पद = 15। 18 बिना क्रम में लगाए चौथा पद लेने से आता है।

उत्तर: (A) 15, 15

Q10PYQ आधारित

एक वृत्त आरेख में किसी मद पर व्यय का केंद्रीय कोण 54° है। कुल व्यय में उस मद का प्रतिशत कितना है?

  1. 12%
  2. 15%
  3. 18%
  4. 20%
उत्तर एवं व्याख्या

360° = 100% → 1% = 3.6°। अतः 54 ÷ 3.6 = 15%। 18% कोण को 3 से भाग देने की गलती से आता है।

उत्तर: (B) 15%

Q11कठिन

6 सेमी त्रिज्या वाले धातु के एक ठोस गोले को पिघलाकर 3 सेमी त्रिज्या वाला बेलन बनाया गया। बेलन की ऊँचाई कितनी होगी?

  1. 16 सेमी
  2. 24 सेमी
  3. 32 सेमी
  4. 36 सेमी
उत्तर एवं व्याख्या

आयतन समान: (4/3)π × 6³ = π × 3² × h → (4/3) × 216 = 9h → 288 = 9h → h = 32 सेमी। π दोनों ओर कट जाता है। बाकी मान आयतन समीकरण को संतुष्ट नहीं करते।

उत्तर: (C) 32 सेमी

Q12DI आधारित

ऊपर दिए साइबर अपराध के दंड आरेख (काल्पनिक आँकड़े) के अनुसार, किस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में प्रतिशत वृद्धि सबसे अधिक रही?

  1. 2022
  2. 2023
  3. 2024
  4. 2025
उत्तर एवं व्याख्या

वृद्धि: 2022 — 30/120 = 25%; 2023 — 30/150 = 20%; 2024 — 60/180 = 33.3%; 2025 — 60/240 = 25%। सबसे अधिक प्रतिशत वृद्धि 2024 में है। ध्यान दें कि 2024 और 2025 दोनों में वृद्धि की संख्या 60 है, पर 2025 का आधार बड़ा (240) होने से प्रतिशत कम है।

उत्तर: (C) 2024

16. त्वरित पुनरावृत्ति

परीक्षा से पहले एक बार ज़रूर पढ़ें
  • कोण: पूरक 90°, संपूरक 180°; समांतर रेखाओं में संगत-एकांतर बराबर; घड़ी |30H − 5.5M|।
  • त्रिभुज: 180°; पाइथागोरस; केंद्रक 2 : 1; समकोण में परिकेंद्र कर्ण के मध्य।
  • बहुभुज: (n − 2)180°; बहिष्कोण 360/n; विकर्ण n(n − 3)/2। वृत्त: अर्धवृत्त का कोण 90°।
  • 2D: आयत lb, त्रिभुज ½bh / हीरोन, वृत्त πr² और 2πr, समचतुर्भुज ½d₁d₂।
  • 3D: घन a³, 6a²; बेलन πr²h; शंकु ⅓πr²h; गोला (4/3)πr³, 4πr²; पिघलाने पर आयतन समान।
  • त्रिकोणमिति: sin, cos, tan तालिका; tan 60° = √3।
  • सांख्यिकी-DI: माध्य, माध्यिका (क्रम में), बहुलक; वृत्त आरेख 1% = 3.6°; वृद्धि% पिछले वर्ष पर।