1. अध्याय एक नज़र में
आँकड़े एकत्र और व्यवस्थित करने के बाद अगला प्रश्न है — इन्हें दूसरों के सामने कैसे रखें कि वे जल्दी और सही ढंग से समझ में आ जाएँ? एक लंबा पैराग्राफ़ जिसमें दर्जनों संख्याएँ हों, पढ़ने वाले को उलझा देता है; वही जानकारी एक साफ़ सारणी या एक रंगीन आरेख में एक नज़र में समझ आ जाती है। कहावत है — "एक चित्र हज़ार शब्दों के बराबर होता है।"
इस अध्याय में हम आँकड़ों के प्रस्तुतीकरण (Presentation of Data) की तीन विधियाँ सीखेंगे — पाठ्य (Textual), सारणीबद्ध (Tabular) और आरेखी (Diagrammatic)। साथ ही दंड आरेख, वृत्त आरेख, आयतचित्र, बारंबारता बहुभुज, तोरण और अंकगणितीय रेखाचित्र बनाना और पढ़ना सीखेंगे।
- पाठ्य प्रस्तुतीकरण और उसकी सीमाएँ।
- सारणी के भाग और सारणीयन के प्रकार।
- ज्यामितीय आरेख: दंड आरेख (सरल, बहु, घटक) और वृत्त आरेख।
- बारंबारता आरेख: आयतचित्र, बारंबारता बहुभुज, बारंबारता वक्र, तोरण।
- अंकगणितीय रेखाचित्र (काल-श्रेणी आलेख)।
- अच्छे आरेख के नियम।
2. पाठ्य प्रस्तुतीकरण (Textual Presentation)
इसमें आँकड़ों को वाक्यों और अनुच्छेदों के रूप में लिखा जाता है। उदाहरण (काल्पनिक आँकड़े): "एक विद्यालय में 800 छात्र हैं, जिनमें 450 छात्र और 350 छात्राएँ हैं। छात्रों में 380 और छात्राओं में 320 नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं।"
- उपयुक्तता: जब आँकड़े कम हों।
- लाभ: किसी विशेष बिंदु पर ज़ोर दिया जा सकता है।
- सीमा: आँकड़े अधिक हों तो पाठ लंबा, उबाऊ और समझने में कठिन हो जाता है; तुलना करना कठिन; पूरा पाठ पढ़े बिना निष्कर्ष नहीं निकलता।
3. सारणीबद्ध प्रस्तुतीकरण (Tabular Presentation)
सारणी में आँकड़ों को पंक्तियों (Rows) और स्तंभों (Columns) में व्यवस्थित किया जाता है। ऊपर के पाठ्य उदाहरण को सारणी में ऐसे दिखाया जा सकता है:
| सारणी 1: विद्यालय में लिंग के अनुसार नामांकन और उपस्थिति (काल्पनिक आँकड़े) | |||
|---|---|---|---|
| लिंग | नामांकित | नियमित उपस्थित | अनियमित |
| छात्र | 450 | 380 | 70 |
| छात्राएँ | 350 | 320 | 30 |
| योग | 800 | 700 | 100 |
सारणी से तुरंत तुलना संभव है — जैसे छात्राओं में नियमित उपस्थिति (320/350 ≈ 91%) छात्रों (380/450 ≈ 84%) से अधिक है।
सारणी के भाग
| भाग | अर्थ |
|---|---|
| सारणी संख्या (Table Number) | पहचान के लिए क्रमांक — संदर्भ देने में सुविधा |
| शीर्षक (Title) | सारणी के विषय का संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण — क्या, कहाँ, कब |
| स्तंभ शीर्षक (Captions / Column Headings) | प्रत्येक स्तंभ में क्या है, इसका नाम |
| पंक्ति शीर्षक (Stubs / Row Headings) | प्रत्येक पंक्ति में क्या है, इसका नाम |
| सारणी का मुख्य भाग (Body) | वास्तविक आँकड़े |
| मापन की इकाई (Unit of Measurement) | जैसे "₹ करोड़ में", "हज़ार टन में" |
| स्रोत (Source) | आँकड़े कहाँ से लिए गए — विश्वसनीयता के लिए आवश्यक |
| टिप्पणी (Note) | किसी विशेष बात का स्पष्टीकरण, जैसे "अनुमानित आँकड़े" |
सारणीयन के प्रकार (वर्गीकरण के आधार पर)
- गुणात्मक सारणीयन: गुणों के आधार पर — जैसे लिंग, शिक्षा स्तर।
- मात्रात्मक सारणीयन: मापने योग्य विशेषताओं के आधार पर — जैसे आयु-वर्ग।
- कालिक (Temporal) सारणीयन: समय के आधार पर — वर्षवार उत्पादन।
- स्थानिक (Spatial) सारणीयन: स्थान के आधार पर — राज्यवार साक्षरता।
साथ ही, जितनी विशेषताएँ एक साथ दिखाई जाती हैं, उसके अनुसार सारणी एकल (एक विशेषता), दोहरी (दो विशेषताएँ) या बहुगुणी (अनेक विशेषताएँ) हो सकती है। ऊपर की सारणी 1 दोहरी सारणी है — लिंग और उपस्थिति।
4. आरेखी प्रस्तुतीकरण (Diagrammatic Presentation)
आरेख आँकड़ों को सबसे आकर्षक और तुरंत समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करते हैं। ये विशेष रूप से तुलना दिखाने में उपयोगी हैं, और कम पढ़े-लिखे पाठक भी इन्हें समझ सकते हैं। पर आरेख सटीक मान नहीं दिखाते — सटीकता के लिए सारणी आवश्यक है। आरेखों के तीन मुख्य वर्ग हैं: ज्यामितीय आरेख, बारंबारता आरेख और अंकगणितीय रेखाचित्र।
(क) दंड आरेख (Bar Diagram)
दंड आरेख में समान चौड़ाई के दंड (आयत) बनाए जाते हैं, जिनकी लंबाई आँकड़ों के मान के अनुपात में होती है। दंडों के बीच समान अंतर रखा जाता है। दंडों की चौड़ाई का कोई अर्थ नहीं होता — केवल लंबाई मान दर्शाती है। यह एक-विमीय (One-dimensional) आरेख है।
| प्रकार | उपयोग | उदाहरण |
|---|---|---|
| सरल दंड आरेख (Simple) | एक चर के विभिन्न मानों की तुलना | पाँच वर्षों का गेहूँ उत्पादन |
| बहु दंड आरेख (Multiple) | दो या अधिक चरों की एक साथ तुलना — पास-पास अलग रंगों के दंड | पाँच राज्यों में पुरुष और महिला साक्षरता |
| घटक / उप-विभाजित दंड आरेख (Component / Sub-divided) | कुल को उसके भागों में बाँटकर दिखाना — एक दंड के भीतर अलग-अलग रंग | कुल नामांकन में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा का भाग |
(ख) वृत्त आरेख (Pie Diagram)
वृत्त आरेख में एक वृत्त कुल (100%) को दर्शाता है, और उसके त्रिज्यखंड (Sectors) विभिन्न घटकों का हिस्सा दिखाते हैं। प्रत्येक घटक का कोण:
40 छात्र विद्यालय आते हैं: पैदल 12, साइकिल 15, बस 9, निजी वाहन 4। कोण: पैदल = 12/40 × 360 = 108°; साइकिल = 135°; बस = 81°; निजी वाहन = 36°। योग = 360° ✓।
वृत्त आरेख तब उपयुक्त है जब हमें कुल के भागों का अनुपात दिखाना हो। बहुत अधिक घटक (7–8 से अधिक) हों, तो यह अस्पष्ट हो जाता है।
5. बारंबारता आरेख (Frequency Diagrams)
वर्गीकृत आँकड़ों (बारंबारता वितरण) को प्रस्तुत करने के लिए विशेष आरेख:
(क) आयतचित्र (Histogram)
- आसन्न (सटे हुए) आयतों से बना आरेख — आयतों के बीच कोई अंतर नहीं, क्योंकि सतत वर्ग एक-दूसरे से सटे होते हैं।
- x-अक्ष पर वर्ग-अंतराल, y-अक्ष पर बारंबारता।
- यह द्वि-विमीय (Two-dimensional) है — आयत का क्षेत्रफल बारंबारता दर्शाता है। समान वर्ग-विस्तार हो तो ऊँचाई ही बारंबारता के अनुपात में होती है।
- असमान वर्ग-विस्तार होने पर बारंबारता का समायोजन करना पड़ता है: समायोजित बारंबारता = (बारंबारता ÷ वर्ग-विस्तार) × न्यूनतम वर्ग-विस्तार।
- आयतचित्र से बहुलक (Mode) का आलेखी अनुमान लगाया जा सकता है।
(ख) बारंबारता बहुभुज (Frequency Polygon)
आयतचित्र के सभी आयतों के ऊपरी भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को सीधी रेखाओं से मिलाकर, और दोनों सिरों पर एक-एक काल्पनिक शून्य-बारंबारता वर्ग के मध्य-बिंदु तक बढ़ाकर बनाया जाता है, ताकि बहुभुज x-अक्ष पर बंद हो जाए। इसे आयतचित्र के बिना सीधे वर्ग-चिह्नों और बारंबारताओं के बिंदु अंकित करके भी बनाया जा सकता है। दो या अधिक वितरणों की तुलना के लिए बहुभुज आयतचित्र से बेहतर है।
ऊपर के आयतचित्र से हम कई बातें तुरंत पढ़ सकते हैं: (1) सबसे ऊँचा आयत 20–30 वर्ग का है — यह बहुलक वर्ग है, अर्थात सबसे अधिक छात्र इसी वर्ग में हैं; (2) वितरण लगभग बीच में ऊँचा और दोनों सिरों पर नीचा है — अधिकांश छात्र मध्यम अंक वाले हैं; (3) बायाँ सिरा (0–10) दाएँ सिरे (40–50) से नीचा है — बहुत कम अंक वाले छात्र, बहुत अधिक अंक वाले छात्रों से कम हैं। इस प्रकार एक आरेख पूरे वितरण की "तस्वीर" दे देता है।
(ग) बारंबारता वक्र (Frequency Curve)
बारंबारता बहुभुज के बिंदुओं को सीधी रेखाओं के बजाय एक चिकने (Smooth), मुक्त-हस्त वक्र से जोड़ने पर बारंबारता वक्र बनता है। यह वितरण के सामान्य आकार — सममित या विषम — को दर्शाता है।
(घ) तोरण / संचयी बारंबारता वक्र (Ogive)
संचयी बारंबारताओं को आलेखित करके बनाया गया वक्र। दो प्रकार:
- "से कम" तोरण (Less than Ogive): वर्गों की उच्च सीमाओं के सामने "से कम" संचयी बारंबारता अंकित करें — यह ऊपर की ओर उठता वक्र है।
- "से अधिक" तोरण (More than Ogive): वर्गों की निम्न सीमाओं के सामने "से अधिक" संचयी बारंबारता अंकित करें — यह नीचे की ओर गिरता वक्र है।
- दोनों तोरणों के प्रतिच्छेद बिंदु से x-अक्ष पर डाला गया लंब माध्यिका (Median) देता है।
"से कम" तोरण के बिंदु: (10, 2), (20, 7), (30, 17), (40, 26), (50, 30)। "से अधिक" तोरण के बिंदु: (0, 30), (10, 28), (20, 23), (30, 13), (40, 4)। दोनों वक्र लगभग वहाँ कटेंगे जहाँ संचयी बारंबारता N/2 = 15 है — अर्थात माध्यिका 20 और 30 के बीच (लगभग 28) होगी।
6. अंकगणितीय रेखाचित्र (Arithmetic Line Graph)
इसे काल-श्रेणी आलेख (Time Series Graph) भी कहते हैं। इसमें x-अक्ष पर समय (वर्ष, महीने) और y-अक्ष पर चर का मान लेकर बिंदुओं को सीधी रेखाओं से जोड़ा जाता है। यह समय के साथ किसी चर की प्रवृत्ति (Trend) — वृद्धि, कमी, उतार-चढ़ाव — दिखाने के लिए सबसे उपयुक्त है। उदाहरण — किसी राज्य में दस वर्षों का खाद्यान्न उत्पादन, या किसी वस्तु की मासिक कीमतें। एक ही आलेख पर दो या अधिक रेखाएँ (जैसे निर्यात और आयात) बनाकर उनकी तुलना भी की जा सकती है।
7. आरेखों के लाभ, सीमाएँ और सही आरेख का चुनाव
| आरेखों के लाभ | आरेखों की सीमाएँ |
|---|---|
| जटिल आँकड़ों को सरल और आकर्षक बनाते हैं | सटीक मान नहीं दिखाते — केवल अनुमानित तुलना |
| तुलना तुरंत और आसानी से संभव | बहुत अधिक आँकड़े हों तो आरेख भीड़भरा और अस्पष्ट |
| कम पढ़े-लिखे लोग भी समझ सकते हैं | गलत पैमाने से भ्रामक प्रभाव संभव |
| लंबे समय तक स्मृति में रहते हैं | बनाने में समय और कौशल लगता है |
| प्रवृत्ति और पैटर्न स्पष्ट करते हैं | आगे के गणितीय विश्लेषण के लिए सारणी फिर भी चाहिए |
किस स्थिति में कौन-सा आरेख?
सही आरेख का चुनाव आँकड़ों के प्रकार और प्रस्तुतीकरण के उद्देश्य पर निर्भर करता है। नीचे कुछ स्थितियाँ दी गई हैं:
- पाँच राज्यों में धान का उत्पादन — विभिन्न स्थानों की तुलना: सरल दंड आरेख।
- पाँच राज्यों में पुरुष और महिला साक्षरता दर — दो चरों की एक साथ तुलना: बहु दंड आरेख।
- सरकार के कुल व्यय में रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, ब्याज भुगतान का हिस्सा — कुल के भाग: वृत्त आरेख (एक वर्ष के लिए) या घटक दंड आरेख (कई वर्षों की तुलना के लिए)।
- 200 श्रमिकों की दैनिक मज़दूरी का वर्गीकृत वितरण — सतत वर्ग: आयतचित्र या बारंबारता बहुभुज।
- दो कारखानों के श्रमिकों के मज़दूरी वितरणों की तुलना — दो बारंबारता बहुभुज एक ही आलेख पर।
- कितने श्रमिक ₹400 से कम कमाते हैं? — "से कम" तोरण।
- पिछले 15 वर्षों में किसी वस्तु की कीमत — समय के साथ प्रवृत्ति: अंकगणितीय रेखाचित्र।
"तुलना" के लिए दंड, "हिस्सा" के लिए वृत्त, "वितरण" के लिए आयतचित्र-बहुभुज, "संचय" के लिए तोरण, और "समय" के लिए रेखाचित्र।
8. अच्छे आरेख के नियम
- उपयुक्त शीर्षक हो।
- पैमाना (Scale) स्पष्ट रूप से लिखा हो, और ऐसा हो कि पूरा आरेख पृष्ठ पर संतुलित दिखे।
- अक्षों पर चर के नाम और इकाई लिखी हो।
- विभिन्न घटकों के लिए अलग रंग/छायांकन और उनका संकेत (Legend) हो।
- y-अक्ष सामान्यतः शून्य से शुरू हो; यदि नहीं, तो अक्ष-विच्छेद (False Base / Kink) दिखाएँ — अन्यथा अंतर बढ़ा-चढ़ाकर दिखेगा।
- स्रोत का उल्लेख हो।
- आरेख सरल और स्वच्छ हो — अनावश्यक सजावट नहीं।
यदि दो वर्षों का उत्पादन 100 और 104 है, और y-अक्ष 98 से शुरू किया जाए, तो दूसरा दंड पहले से तीन गुना ऊँचा दिखेगा, जबकि वास्तविक वृद्धि केवल 4% है। इसलिए आरेख पढ़ते समय हमेशा पैमाना और आधार रेखा जाँचें।
9. मास्टर तालिका : प्रमुख सूत्र और नियम
| अवधारणा | सूत्र / नियम |
|---|---|
| वृत्त आरेख का कोण | (घटक ÷ कुल) × 360° = % × 3.6° |
| असमान वर्ग समायोजन | (f ÷ वर्ग-विस्तार) × न्यूनतम वर्ग-विस्तार |
| दंड आरेख | एक-विमीय; दंडों के बीच समान अंतर |
| आयतचित्र | द्वि-विमीय; आयत सटे हुए; क्षेत्रफल ∝ f |
| बारंबारता बहुभुज | वर्ग-चिह्न बनाम f; दोनों सिरों पर x-अक्ष तक |
| "से कम" तोरण | उच्च सीमा बनाम "से कम" संचयी f |
| "से अधिक" तोरण | निम्न सीमा बनाम "से अधिक" संचयी f |
| दोनों तोरणों का प्रतिच्छेद | माध्यिका |
10. मास्टर सारांश तालिका
| विधि / आरेख | कब उपयोग करें |
|---|---|
| पाठ्य | बहुत कम आँकड़े |
| सारणी | सटीक मान और विस्तृत तुलना |
| सरल / बहु / घटक दंड | एक चर / कई चरों की तुलना / कुल के भाग |
| वृत्त आरेख | कुल में घटकों का अनुपात |
| आयतचित्र, बहुभुज, वक्र | बारंबारता वितरण का आकार |
| तोरण | संचयी बारंबारता; माध्यिका |
| अंकगणितीय रेखाचित्र | समय के साथ प्रवृत्ति |
11. माइंड मैप
- सारणी के भाग
- सारणीयन के प्रकार
- दंड आरेख
- वृत्त आरेख
- आयतचित्र, बहुभुज
- वक्र, तोरण
- काल-श्रेणी
- अच्छे आरेख के नियम
12. टिप्स और ट्रिक्स
- वृत्त आरेख में कोणों का योग 360° है या नहीं — हमेशा जाँचें।
- "दंड में अंतर, आयतचित्र में नहीं" — यह अंतर परीक्षा में बहुत पूछा जाता है।
- तोरण: "से कम" → उच्च सीमा; "से अधिक" → निम्न सीमा।
- असमान वर्गों का आयतचित्र बिना समायोजन के बनाना।
- बारंबारता बहुभुज को दोनों सिरों पर x-अक्ष तक न मिलाना।
- सारणी में इकाई और स्रोत न लिखना।
13. महत्वपूर्ण वन-लाइनर
- पंक्ति शीर्षकों को स्टब (Stubs) कहते हैं।
- स्तंभ शीर्षकों को कैप्शन (Captions) कहते हैं।
- दंड आरेख एक-विमीय और आयतचित्र द्वि-विमीय है।
- वृत्त आरेख में 1% = 3.6°।
- आयतचित्र से बहुलक का आलेखी अनुमान होता है।
- दोनों तोरणों के प्रतिच्छेद से माध्यिका मिलती है।
- समय के साथ प्रवृत्ति दिखाने के लिए रेखाचित्र उपयुक्त है।
- तुलना के लिए दंड आरेख, हिस्से के लिए वृत्त आरेख, वितरण के लिए आयतचित्र और समय के लिए रेखाचित्र उपयुक्त है।
- आरेख आँकड़ों को आकर्षक बनाते हैं, पर सटीक मानों के लिए सारणी फिर भी आवश्यक रहती है।
- वृत्त आरेख में बहुत अधिक घटक होने पर वह अस्पष्ट हो जाता है।
- असमान वर्ग-विस्तार वाले आयतचित्र में आयतों की ऊँचाई समायोजित बारंबारता के अनुसार रखी जाती है।
- सारणी में मापन की इकाई और स्रोत का उल्लेख उसकी विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है।
14. परीक्षा-पैटर्न प्रश्न (विस्तृत उत्तर सहित)
आयतचित्र में आयतों के बीच:
- समान अंतर होता है
- कोई अंतर नहीं होता
- असमान अंतर होता है
- दोगुना अंतर होता है
उत्तर देखें
आयतचित्र सतत वर्गों के लिए बनता है, इसलिए आयत सटे हुए होते हैं। समान अंतर दंड आरेख की विशेषता है।
उत्तर: (ख) कोई अंतर नहीं होता
वृत्त आरेख में 25% भाग का कोण कितना होगा?
उत्तर देखें
25 × 3.6 = 90°।
उत्तर: 90°
सारणी के किन्हीं चार भागों के नाम लिखिए।
उत्तर देखें
सारणी संख्या, शीर्षक, स्तंभ शीर्षक (कैप्शन), पंक्ति शीर्षक (स्टब), मुख्य भाग, इकाई, स्रोत, टिप्पणी (कोई चार)।
उत्तर: शीर्षक, कैप्शन, स्टब, स्रोत (उदाहरणार्थ)
एक परिवार का मासिक व्यय (₹; काल्पनिक): भोजन 9,000, किराया 6,000, शिक्षा 3,000, अन्य 6,000। वृत्त आरेख के कोण ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
कुल = 24,000। भोजन = 9000/24000 × 360 = 135°; किराया = 90°; शिक्षा = 45°; अन्य = 90°। योग = 360° ✓।
उत्तर: 135°, 90°, 45°, 90°
दंड आरेख और आयतचित्र में अंतर बताइए।
उत्तर देखें
(1) दंड आरेख एक-विमीय (केवल लंबाई अर्थपूर्ण), आयतचित्र द्वि-विमीय (क्षेत्रफल अर्थपूर्ण); (2) दंडों में समान अंतर, आयत सटे हुए; (3) दंड आरेख विविक्त/गुणात्मक/काल-श्रेणी आँकड़ों के लिए, आयतचित्र सतत वर्गीकृत आँकड़ों के लिए; (4) आयतचित्र से बहुलक ज्ञात होता है।
उत्तर: विमा, अंतर, आँकड़ों का प्रकार, उपयोग
घटक दंड आरेख कब उपयोगी है? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखें
जब किसी कुल को उसके घटकों में बाँटकर दिखाना हो और विभिन्न वर्षों/स्थानों में घटकों की तुलना करनी हो। उदाहरण — तीन वर्षों में किसी राज्य के कुल कृषि उत्पादन में गेहूँ, चावल और दालों का भाग — हर वर्ष का एक दंड, भीतर तीन रंग।
उत्तर: कुल और उसके भागों की तुलना हेतु
वर्ग: 0–10 (f=5), 10–20 (f=8), 20–40 (f=12), 40–60 (f=6) (काल्पनिक)। आयतचित्र के लिए समायोजित बारंबारताएँ ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
न्यूनतम वर्ग-विस्तार = 10। समायोजित f = (f ÷ विस्तार) × 10: 0–10 → 5; 10–20 → 8; 20–40 → 12/20 × 10 = 6; 40–60 → 6/20 × 10 = 3।
उत्तर: 5, 8, 6, 3
सारणी के गुण बताइए। पाठ्य प्रस्तुतीकरण से यह कैसे बेहतर है?
उत्तर देखें
सारणी आँकड़ों को संक्षिप्त, व्यवस्थित और स्पष्ट रूप देती है; तुलना आसान; सटीक मान उपलब्ध; आगे के विश्लेषण का आधार; स्थान की बचत। पाठ्य में बहुत संख्याएँ हों तो पाठ लंबा, उबाऊ और तुलना कठिन हो जाती है — सारणी में वही जानकारी एक नज़र में मिलती है।
उत्तर: संक्षिप्त, स्पष्ट, तुलनीय, सटीक
बारंबारता वितरण (काल्पनिक): 0–20: 4, 20–40: 10, 40–60: 16, 60–80: 7, 80–100: 3। "से कम" और "से अधिक" संचयी बारंबारताएँ बनाइए और तोरणों से माध्यिका का अनुमानित वर्ग बताइए।
उत्तर देखें
N = 40। "से कम": 20→4, 40→14, 60→30, 80→37, 100→40। "से अधिक": 0→40, 20→36, 40→26, 60→10, 80→3। N/2 = 20; "से कम" संचयी बारंबारता 14 (40 पर) से 30 (60 पर) के बीच 20 आता है, अतः माध्यिका वर्ग 40–60 है। दोनों तोरण इसी वर्ग में कटेंगे।
उत्तर: माध्यिका वर्ग 40–60
बारंबारता बहुभुज बनाने की दोनों विधियाँ समझाइए। दो वितरणों की तुलना के लिए यह आयतचित्र से बेहतर क्यों है?
उत्तर देखें
विधि 1: पहले आयतचित्र बनाएँ; प्रत्येक आयत की ऊपरी भुजा के मध्य-बिंदु मिलाएँ; दोनों सिरों पर शून्य-बारंबारता वाले काल्पनिक वर्गों के मध्य-बिंदुओं तक बढ़ाकर x-अक्ष पर बंद करें। विधि 2: आयतचित्र के बिना वर्ग-चिह्न (x) और बारंबारता (y) के बिंदु अंकित कर सीधी रेखाओं से जोड़ें और सिरों पर इसी प्रकार बंद करें। तुलना में बेहतर: दो आयतचित्र एक ही आलेख पर बनाने से आयत एक-दूसरे को ढक लेते हैं और भ्रम होता है; दो बहुभुज (अलग रंग/रेखा) एक ही आलेख पर स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
उत्तर: आयतचित्र से या सीधे वर्ग-चिह्नों से; एक साथ कई वितरण स्पष्ट दिखते हैं
नीचे दिए गए पाठ को एक उपयुक्त सारणी में बदलिए: "एक ज़िले में 2,000 किसान हैं। इनमें 1,200 सीमांत, 500 छोटे और 300 बड़े किसान हैं। सीमांत किसानों में 400, छोटे किसानों में 300 और बड़े किसानों में 250 के पास सिंचाई की सुविधा है।" (काल्पनिक आँकड़े) सारणी से एक निष्कर्ष भी लिखिए।
उत्तर देखें
सारणी: शीर्षक — "ज़िले में किसानों का वर्गीकरण और सिंचाई सुविधा (काल्पनिक आँकड़े)"। स्तंभ: किसान वर्ग | कुल | सिंचित | असिंचित | सिंचित %। पंक्तियाँ: सीमांत 1,200 | 400 | 800 | 33.3%; छोटे 500 | 300 | 200 | 60%; बड़े 300 | 250 | 50 | 83.3%; योग 2,000 | 950 | 1,050 | 47.5%। निष्कर्ष: जोत का आकार बढ़ने के साथ सिंचाई सुविधा का प्रतिशत बढ़ता है — सीमांत किसानों में केवल एक-तिहाई के पास सिंचाई है।
उत्तर: 4-स्तंभ सारणी; सीमांत किसानों में सिंचाई सबसे कम (33.3%)
एक कंपनी ने अपने विज्ञापन में दो वर्षों की बिक्री 500 और 520 इकाई दिखाने के लिए ऐसा दंड आरेख बनाया जिसमें दूसरा दंड पहले से दोगुना ऊँचा था। इसमें क्या दोष है? सही आरेख कैसे बनाएँगे?
उत्तर देखें
वास्तविक वृद्धि केवल 20/500 × 100 = 4% है, पर आरेख 100% वृद्धि का आभास देता है। संभवतः y-अक्ष शून्य से नहीं, 480 के आसपास से शुरू किया गया (480 से 500 = 20, 480 से 520 = 40 — दोगुना)। यह भ्रामक है। सही विधि: y-अक्ष शून्य से शुरू करें; या यदि आधार शून्य न हो तो अक्ष-विच्छेद (Kink) स्पष्ट दिखाएँ और पैमाना लिखें।
उत्तर: आधार रेखा शून्य न होने से 4% वृद्धि 100% दिखी; अक्ष शून्य से शुरू करें या विच्छेद दिखाएँ
15. त्वरित पुनरावृत्ति सारांश
- प्रस्तुतीकरण: पाठ्य (कम आँकड़े), सारणी (सटीक, तुलनीय), आरेख (आकर्षक, त्वरित)।
- सारणी के भाग: संख्या, शीर्षक, कैप्शन, स्टब, मुख्य भाग, इकाई, स्रोत, टिप्पणी।
- दंड आरेख: सरल, बहु, घटक — एक-विमीय, समान अंतर।
- वृत्त आरेख: कोण = % × 3.6°।
- आयतचित्र (सटे आयत, क्षेत्रफल), बहुभुज, वक्र; तोरण — प्रतिच्छेद = माध्यिका।
- रेखाचित्र = समय के साथ प्रवृत्ति; पैमाना और आधार रेखा सही रखें।