Class 12 Political Science · Chapter 3 · समकालीन विश्व राजनीति

समकालीन दक्षिण एशिया

दक्षिण एशिया में लोकतंत्र, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भारत-पाक संघर्ष, पड़ोसियों से संबंध और सार्क (SAARC)।

NCERT समकालीन विश्व राजनीति + स्वतंत्र भारत में राजनीतिCBSE Class 12 14 min read

1. अध्याय एक नज़र में

दक्षिण एशिया (South Asia) में प्रायः सात देश गिने जाते हैं — भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव; कई बार अफ़ग़ानिस्तान को भी इसमें शामिल किया जाता है। उत्तर में हिमालय, दक्षिण में हिंद महासागर, पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी इसे एक विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र बनाते हैं। यहाँ अपार विविधता है, पर साथ ही संघर्ष और सहयोग दोनों की कहानियाँ भी हैं। इस अध्याय में हम दक्षिण एशियाई देशों में लोकतंत्र का अनुभव, आपसी संघर्ष, शांति और सहयोग के प्रयास (SAARC) तथा बाहरी शक्तियों की भूमिका समझेंगे।

इस अध्याय में आप सीखेंगे
  • दक्षिण एशिया की विशेषताएँ।
  • पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव में लोकतंत्र का अनुभव।
  • भारत और पड़ोसियों के बीच संघर्ष और सहयोग।
  • SAARC और SAFTA।
  • दक्षिण एशिया में चीन और अमेरिका की भूमिका।

2. दक्षिण एशिया की विशेषताएँ

  • भौगोलिक एकता: हिमालय और समुद्रों से घिरा क्षेत्र, जो इसे विशिष्ट उप-महाद्वीप बनाता है।
  • विविधता: अलग-अलग भाषाएँ, धर्म, संस्कृतियाँ और राजनीतिक व्यवस्थाएँ।
  • साझा इतिहास: अधिकांश देश ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अधीन रहे; सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बहुत पुराने हैं।
  • भारत की केंद्रीय स्थिति: भारत क्षेत्र का सबसे बड़ा देश है और लगभग सभी देशों से उसकी सीमा या समुद्री सीमा लगती है; इसलिए पड़ोसी देश कभी-कभी भारत के "प्रभुत्व" की आशंका व्यक्त करते हैं।
  • चुनौतियाँ: गरीबी, असमानता, जातीय-धार्मिक संघर्ष, सीमा विवाद, आतंकवाद।

3. दक्षिण एशिया में लोकतंत्र का अनुभव

देशलोकतंत्र का अनुभव
भारतस्वतंत्रता के बाद से निरंतर लोकतंत्र (1975-77 के आपातकाल को छोड़कर); नियमित चुनाव
पाकिस्तानलोकतंत्र और सैन्य शासन बारी-बारी से — जनरल अयूब ख़ान (1958), याह्या ख़ान, ज़िया-उल-हक़ (1977), परवेज़ मुशर्रफ़ (1999); सेना, धार्मिक नेताओं और भू-स्वामी अभिजात वर्ग का प्रभाव; भारत से संघर्ष के कारण सेना की भूमिका मज़बूत; पश्चिमी देशों का सैन्य शासकों को समर्थन
बांग्लादेश1947-71 तक पूर्वी पाकिस्तान; पश्चिमी पाकिस्तान के प्रभुत्व और उर्दू थोपने के विरुद्ध आंदोलन; शेख़ मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में 1971 में भारत की सहायता से स्वतंत्र; बाद में सैन्य शासन, 1991 से बहुदलीय चुनाव; अगस्त 2024 में बड़े छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने पद छोड़ा और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी; फ़रवरी 2026 के चुनाव में BNP की भारी जीत के बाद तारिक़ रहमान प्रधानमंत्री बने
नेपाललंबे समय तक राजतंत्र; 1990 में संवैधानिक राजतंत्र; माओवादी विद्रोह; 2006 के जन आंदोलन के बाद राजतंत्र कमज़ोर; 2008 में राजतंत्र समाप्त होकर गणराज्य; 2015 में नया संविधान; सितंबर 2025 में युवाओं के व्यापक "Gen Z" आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने इस्तीफ़ा दिया और सुशीला कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी; मार्च 2026 के चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की जीत के बाद बालेन्द्र शाह प्रधानमंत्री बने
श्रीलंका1948 से लोकतंत्र; पर बहुसंख्यक सिंहली और अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के बीच जातीय संघर्ष; LTTE का अलग तमिल राष्ट्र ("ईलम") के लिए सशस्त्र संघर्ष; 2009 में LTTE की सैन्य हार; 2022 में गंभीर आर्थिक संकट और जन आंदोलन
भूटानराजतंत्र, जिसने स्वयं लोकतंत्र की ओर कदम बढ़ाए; 2008 में संवैधानिक राजतंत्र और संसदीय लोकतंत्र; "सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता" (Gross National Happiness) का विचार
मालदीव1968 तक सल्तनत, फिर गणराज्य; लंबे समय तक एकदलीय वर्चस्व; 2005 से बहुदलीय व्यवस्था
लोकतंत्र की आकांक्षा

दक्षिण एशिया के लोगों पर हुए सर्वेक्षण दिखाते हैं कि इन सभी देशों में आम जनता लोकतंत्र को पसंद करती है — चाहे वह अमीर हो या गरीब, किसी भी धर्म का हो। अनेक देशों में बार-बार हुए जन आंदोलनों ने भी यही दिखाया है कि लोग सैन्य शासन या राजतंत्र के बजाय निर्वाचित सरकार चाहते हैं।

4. भारत और पड़ोसी — संघर्ष और सहयोग

देशसंघर्ष के मुद्देसहयोग
पाकिस्तानकश्मीर; युद्ध 1947-48, 1965, 1971, कारगिल (1999); सियाचिन; सीमा-पार आतंकवाद; परमाणु हथियार (1998)सिंधु जल संधि (1960) विश्व बैंक की मध्यस्थता से; शिमला समझौता (1972); करतारपुर कॉरिडोर (2019)। अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया।
बांग्लादेशगंगा-तीस्ता जल बँटवारा, अवैध प्रवासन, सीमा प्रबंधनगंगा जल संधि (1996); भूमि सीमा समझौता (2015) से बस्तियों (एन्क्लेव) का आदान-प्रदान; व्यापार, बिजली, संपर्क परियोजनाएँ
नेपाल2015 में संविधान को लेकर मधेसी आंदोलन के समय नाकेबंदी का आरोप; कालापानी-लिपुलेख सीमा विवाद1950 की शांति और मैत्री संधि — खुली सीमा, नेपाली नागरिक भारत में बिना वीज़ा काम कर सकते हैं; जलविद्युत सहयोग
श्रीलंकातमिल मुद्दा; भारतीय शांति सेना (IPKF) 1987-90 का अनुभव; मछुआरों का मुद्दामुक्त व्यापार समझौता (1998); 2022 के आर्थिक संकट में भारत की बड़ी वित्तीय सहायता
भूटानप्रायः कोई बड़ा संघर्ष नहींसबसे घनिष्ठ संबंध; भारत भूटान की जलविद्युत परियोजनाओं (जैसे चूखा, ताला) का सबसे बड़ा साझेदार; भूटान ने अपने क्षेत्र से भारत-विरोधी उग्रवादियों को हटाया (2003)
मालदीवकुछ समय राजनीतिक मतभेद1988 में तख़्तापलट के प्रयास को भारत ने "ऑपरेशन कैक्टस" से विफल किया; 2004 सुनामी में सहायता

भारत की चिंता यह है कि पड़ोसी देशों की अस्थिरता से भारत की सुरक्षा प्रभावित न हो और बाहरी शक्तियाँ क्षेत्र में प्रभाव न बढ़ाएँ। पड़ोसी देशों की चिंता है कि भारत क्षेत्र में "बड़े भाई" की तरह व्यवहार न करे। भारत ने "पड़ोसी प्रथम" (Neighbourhood First) नीति अपनाई है।

SAARC (1985) — 8 सदस्य भारत पाकिस्तान नेपाल भूटान बांग्लादेश श्रीलंका मालदीव
दक्षिण एशिया में भारत और पड़ोसी देश (विचार-चित्र, पैमाने पर नहीं)।

5. शांति और सहयोग — SAARC

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) की स्थापना दिसंबर 1985 में ढाका में हुई। संस्थापक सात देश थे — भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव; 2007 में अफ़ग़ानिस्तान आठवाँ सदस्य बना। सचिवालय काठमांडू में है।

  • उद्देश्य: आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग से दक्षिण एशिया के लोगों का कल्याण।
  • SAFTA (दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र): 2004 में समझौता, 2006 से लागू — व्यापार शुल्क घटाना।
  • सीमाएँ: भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण SAARC की प्रगति धीमी रही; 2016 का इस्लामाबाद शिखर सम्मेलन उरी आतंकी हमले के बाद रद्द हुआ और उसके बाद से शिखर सम्मेलन नहीं हुआ। कुछ पड़ोसी देशों को डर है कि SAFTA से भारत उनके बाज़ारों पर हावी हो जाएगा।
  • विकल्प: भारत ने BIMSTEC (बंगाल की खाड़ी के देशों का संगठन, 1997) और BBIN (बांग्लादेश-भूटान-भारत-नेपाल) जैसे मंचों पर ज़ोर बढ़ाया है।

6. दक्षिण एशिया में बाहरी शक्तियाँ

  • चीन: पाकिस्तान के साथ घनिष्ठ संबंध — चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC); बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत श्रीलंका (हंबनटोटा बंदरगाह), नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव में निवेश; भारत इसे अपने प्रभाव-क्षेत्र में चुनौती मानता है।
  • अमेरिका: शीत युद्ध के बाद भारत और पाकिस्तान दोनों से संबंध; आतंकवाद-विरोधी अभियान; भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी और क्वाड; दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने की भूमिका।

7. मास्टर तालिका : मुख्य शब्दावली

शब्दअर्थ
दक्षिण एशियाभारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव (+ अफ़ग़ानिस्तान)
SAARCदक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन, 1985, ढाका
SAFTAदक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र, 2006 से लागू
LTTEलिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम — श्रीलंका का तमिल उग्रवादी संगठन
IPKFभारतीय शांति सेना — श्रीलंका में (1987-90)
सिंधु जल संधि1960, भारत-पाकिस्तान के बीच नदी जल बँटवारा
शिमला समझौता1972, भारत-पाकिस्तान — द्विपक्षीय बातचीत से विवाद सुलझाना
पड़ोसी प्रथमपड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की भारत की नीति
CPECचीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा
BIMSTECबंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल

8. मास्टर सारांश तालिका

विषयमुख्य बिंदु
लोकतंत्रभारत निरंतर; पाकिस्तान में सैन्य शासन; बांग्लादेश 1971; नेपाल गणराज्य 2008; भूटान 2008; श्रीलंका जातीय संघर्ष
भारत-पाकिस्तानकश्मीर, युद्ध, आतंकवाद; सिंधु जल संधि 1960 (2025 में भारत द्वारा स्थगित)
भारत-बांग्लादेशगंगा जल संधि 1996, भूमि सीमा समझौता 2015
भारत-नेपाल1950 संधि, खुली सीमा
भारत-श्रीलंकाIPKF 1987-90, 2022 सहायता
सहयोगSAARC 1985 (8 सदस्य), SAFTA 2006, BIMSTEC
बाहरी शक्तियाँचीन (CPEC, निवेश), अमेरिका (रणनीतिक भूमिका)

चार्ट — भारत-पाकिस्तान के बीच बड़े युद्धों की संचयी (cumulative) संख्या:

1947-48 (कश्मीर)1
19652
1971 (बांग्लादेश युद्ध)3
1999 (कारगिल)4

9. माइंड मैप

समकालीन दक्षिण एशिया
लोकतंत्र
  • पाक — सैन्य शासन
  • नेपाल, भूटान 2008
संघर्ष
  • कश्मीर
  • तमिल मुद्दा
सहयोग
  • जल संधियाँ
  • भूमि सीमा 2015
SAARC
  • 1985 ढाका
  • SAFTA 2006
बाहरी
  • चीन — CPEC
  • अमेरिका

10. टिप्स और ट्रिक्स

याद रखने के सूत्र
  • SAARC: "85 ढाका, सचिवालय काठमांडू, 8वाँ अफ़ग़ानिस्तान (2007)"।
  • भूटान और नेपाल — दोनों में 2008 का बड़ा बदलाव (भूटान लोकतंत्र, नेपाल गणराज्य)।
  • जल संधियाँ: सिंधु 1960 (पाक), गंगा 1996 (बांग्लादेश)।
आम गलतियाँ
  • SAARC का सचिवालय ढाका में नहीं, काठमांडू में है (स्थापना ढाका में हुई)।
  • बांग्लादेश 1947 में नहीं, 1971 में स्वतंत्र हुआ।
  • भूटान में लोकतंत्र जन आंदोलन से नहीं, राजा की पहल से आया।

11. महत्त्वपूर्ण वन-लाइनर

  • SAARC की स्थापना दिसंबर 1985 में ढाका में हुई।
  • अफ़ग़ानिस्तान 2007 में SAARC का आठवाँ सदस्य बना।
  • SAFTA 2006 से लागू हुआ।
  • बांग्लादेश 1971 में स्वतंत्र हुआ।
  • शेख़ मुजीबुर्रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेता थे।
  • नेपाल 2008 में गणराज्य बना।
  • नेपाल का नया संविधान 2015 में बना।
  • भूटान 2008 में संवैधानिक राजतंत्र बना।
  • LTTE को 2009 में सैन्य रूप से पराजित किया गया।
  • सिंधु जल संधि 1960 में हुई।
  • भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता 2015 में लागू हुआ।
  • ऑपरेशन कैक्टस 1988 में मालदीव में हुआ।

12. बोर्ड परीक्षा-पैटर्न प्रश्न (विस्तृत उत्तर सहित)

प्र1आसान

SAARC की स्थापना कब हुई?

  1. 1975
  2. 1985
  3. 1995
  4. 2006
उत्तर देखें

SAARC की स्थापना दिसंबर 1985 में ढाका में सात देशों ने की; 2006 में SAFTA लागू हुआ।

उत्तर: (ख) 1985

प्र2आसान

किस देश में 2008 में राजतंत्र समाप्त होकर गणराज्य बना?

  1. भूटान
  2. नेपाल
  3. मालदीव
  4. श्रीलंका
उत्तर देखें

2006 के जन आंदोलन के बाद नेपाल में 2008 में राजतंत्र समाप्त कर संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया गया।

उत्तर: (ख) नेपाल

प्र3आसान

भारत-पाकिस्तान के बीच हुई किसी एक सहयोगात्मक संधि का नाम बताइए।

उत्तर देखें

1960 की सिंधु जल संधि, जो विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई और जिसके तहत सिंधु नदी तंत्र की नदियों के जल का बँटवारा किया गया। यह कई युद्धों के बावजूद दशकों तक चली; अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इसे स्थगित किया।

उत्तर: सिंधु जल संधि (1960)

प्र4मध्यम

पाकिस्तान में लोकतंत्र के स्थिर न होने के कारण बताइए।

उत्तर देखें

(1) सेना, धार्मिक नेताओं और भू-स्वामी अभिजात वर्ग का सामाजिक-राजनीतिक प्रभुत्व; (2) भारत के साथ संघर्ष के कारण सेना की भूमिका और प्रतिष्ठा मज़बूत रहना; (3) राजनीतिक दलों में आपसी झगड़े और भ्रष्टाचार, जिससे सैन्य हस्तक्षेप को बहाना मिला; (4) शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों द्वारा सैन्य शासकों को समर्थन, ताकि वे साम्यवाद और आतंकवाद के विरुद्ध सहयोगी बने रहें।

उत्तर: सेना-अभिजात वर्ग का प्रभुत्व, भारत से संघर्ष, दलों की कमज़ोरी, बाहरी समर्थन

प्र5मध्यम

श्रीलंका के जातीय संघर्ष की प्रकृति स्पष्ट कीजिए।

उत्तर देखें

श्रीलंका में बहुसंख्यक सिंहली समुदाय का राजनीति पर प्रभुत्व रहा और तमिल समुदाय (विशेषकर भारत से गए तमिलों के वंशज) के साथ भेदभाव की शिकायतें बढ़ीं — जैसे सिंहली को एकमात्र राजभाषा बनाना। इससे तमिल उग्रवादी संगठन LTTE ने 1983 के बाद अलग "तमिल ईलम" के लिए सशस्त्र संघर्ष छेड़ा। भारत ने 1987 में समझौते के तहत IPKF भेजी, पर वह 1990 में बिना सफलता लौटी। 2009 में श्रीलंका सरकार ने LTTE को सैन्य रूप से पराजित किया, पर तमिलों के राजनीतिक अधिकारों का प्रश्न बना रहा।

उत्तर: सिंहली प्रभुत्व बनाम तमिल अधिकार; LTTE संघर्ष, 2009 में अंत

प्र6मध्यम

भारत-बांग्लादेश संबंधों में सहयोग के दो उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखें

(1) गंगा जल संधि (1996) — फ़रक्का पर गंगा के जल के बँटवारे का 30 वर्षीय समझौता। (2) भूमि सीमा समझौता (2015) — 1974 के समझौते को लागू कर दोनों देशों ने बस्तियों (एन्क्लेव) का आदान-प्रदान किया, जिससे हज़ारों लोगों को नागरिकता मिली। इसके अलावा बिजली व्यापार, रेल-सड़क संपर्क और आतंकवाद-विरोधी सहयोग भी बढ़ा है।

उत्तर: गंगा जल संधि 1996, भूमि सीमा समझौता 2015

प्र7मध्यम

पड़ोसी देशों को भारत से क्या आशंकाएँ हैं? भारत ने इन्हें दूर करने के लिए क्या किया?

उत्तर देखें

आशंकाएँ: भारत के विशाल आकार और शक्ति के कारण पड़ोसी देश डरते हैं कि भारत उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करेगा या "बड़े भाई" की तरह व्यवहार करेगा; SAFTA से भारतीय वस्तुएँ उनके बाज़ार पर हावी हो जाएँगी। भारत के प्रयास: "पड़ोसी प्रथम" नीति; विकास सहायता और ऋण (जैसे श्रीलंका को 2022 में); बिजली-सड़क-रेल संपर्क परियोजनाएँ; भूमि सीमा समझौता; आपदा में त्वरित सहायता; कई मामलों में एकतरफ़ा व्यापार रियायतें।

उत्तर: प्रभुत्व व आर्थिक वर्चस्व की आशंका; पड़ोसी प्रथम, सहायता, संपर्क परियोजनाएँ

प्र8कठिन

SAARC की उपलब्धियों और सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर देखें

उपलब्धियाँ: क्षेत्र के सभी देशों को एक मंच पर लाया; SAFTA (2006) से व्यापार शुल्क घटाने की शुरुआत; आपदा प्रबंधन, खाद्य बैंक, दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (नई दिल्ली) जैसे सहयोग; लोगों के बीच संपर्क। सीमाएँ: (1) भारत-पाकिस्तान के तनाव ने संगठन को बार-बार ठप किया — 2016 के बाद कोई शिखर सम्मेलन नहीं; (2) राजनीतिक विवादों पर चर्चा का प्रावधान न होना; (3) क्षेत्रीय व्यापार कुल व्यापार का छोटा हिस्सा; (4) छोटे देशों की भारत के आर्थिक प्रभुत्व की आशंका। निष्कर्ष: SAARC की क्षमता अधिक है, पर राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी से वह सफल क्षेत्रीय संगठन (जैसे आसियान) नहीं बन सका; इसलिए BIMSTEC जैसे विकल्प उभरे हैं।

उत्तर: मंच व SAFTA उपलब्धि; भारत-पाक तनाव से सीमित सफलता

प्र9कठिन

"दक्षिण एशिया के लोग लोकतंत्र चाहते हैं, पर लोकतंत्र की राह कठिन रही है।" उदाहरण सहित विवेचना कीजिए।

उत्तर देखें

सर्वेक्षणों में सभी दक्षिण एशियाई देशों के लोग लोकतंत्र को पसंद करते हैं। फिर भी — पाकिस्तान में बार-बार सैन्य तख़्तापलट हुए; बांग्लादेश में स्वतंत्रता के बाद सैन्य शासन रहा, 1991 से चुनाव हुए पर दलों में तीखा टकराव रहा और 2024 में बड़े आंदोलन के बाद सरकार बदली; नेपाल में राजतंत्र और माओवादी विद्रोह के लंबे संघर्ष के बाद 2008 में गणराज्य बना; श्रीलंका में लोकतंत्र होते हुए भी जातीय संघर्ष ने अल्पसंख्यकों के अधिकार सीमित किए। दूसरी ओर भूटान में राजा की पहल से और मालदीव में 2005 के बाद बहुदलीय लोकतंत्र आया। इन सब से स्पष्ट है कि जन आकांक्षा लोकतंत्र की ओर है, पर सेना, अभिजात वर्ग, जातीय तनाव और आर्थिक संकट इसकी राह में बाधाएँ हैं।

उत्तर: जन आकांक्षा लोकतांत्रिक; सैन्य शासन, जातीय संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता बाधाएँ

प्र10कठिन

दक्षिण एशिया में चीन की बढ़ती उपस्थिति भारत के लिए किस प्रकार चुनौती है?

उत्तर देखें

(1) पाकिस्तान: चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पाक-अधिकृत कश्मीर से गुज़रता है, जिसे भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है; चीन पाकिस्तान का प्रमुख रक्षा आपूर्तिकर्ता भी है। (2) बंदरगाह और ऋण: श्रीलंका का हंबनटोटा बंदरगाह ऋण न चुका पाने पर 99 वर्ष के पट्टे पर चीनी कंपनी को दिया गया — "ऋण-जाल" की चिंता। (3) नेपाल, बांग्लादेश, मालदीव में बुनियादी ढाँचे में भारी निवेश से भारत का पारंपरिक प्रभाव कम हो सकता है। (4) हिंद महासागर में चीन की नौसैनिक उपस्थिति। भारत की प्रतिक्रिया: पड़ोसी प्रथम नीति, विकास सहायता, संपर्क परियोजनाएँ, BIMSTEC, क्वाड और हिंद-प्रशांत रणनीति।

उत्तर: CPEC, बंदरगाह व ऋण, निवेश से प्रभाव-क्षेत्र को चुनौती

प्र11कठिन

भारत-नेपाल संबंधों की विशेषताओं और तनावों पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर देखें

विशेषताएँ: 1950 की शांति और मैत्री संधि के तहत खुली सीमा — दोनों देशों के नागरिक बिना वीज़ा-पासपोर्ट एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं और काम कर सकते हैं; गहरे सांस्कृतिक, धार्मिक, पारिवारिक ("रोटी-बेटी") संबंध; भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापार साझेदार; भारतीय सेना में गोरखा सैनिक; जलविद्युत सहयोग। तनाव: नेपाल की चीन से बढ़ती निकटता; 2015 के संविधान पर मधेसी आंदोलन के दौरान सीमा पर आपूर्ति रुकने को नेपाल ने "नाकेबंदी" कहा; 2020 में नेपाल के नए नक्शे में कालापानी-लिपुलेख-लिम्पियाधुरा को शामिल करना; 1950 की संधि की समीक्षा की माँग। निष्कर्ष: आपसी संवेदनशीलता और विकास सहयोग से ही संबंध मज़बूत रह सकते हैं।

उत्तर: खुली सीमा व गहरे संबंध; चीन-निकटता, 2015 नाकेबंदी आरोप, सीमा विवाद

13. त्वरित पुनरावृत्ति सारांश

2 मिनट में दोहराएँ
  • दक्षिण एशिया: 7 देश (+ अफ़ग़ानिस्तान); विविधता, साझा इतिहास, भारत की केंद्रीय स्थिति।
  • लोकतंत्र: भारत निरंतर; पाकिस्तान में सैन्य शासन; बांग्लादेश 1971; नेपाल गणराज्य 2008; भूटान लोकतंत्र 2008; श्रीलंका — LTTE संघर्ष (2009 अंत)।
  • भारत-पड़ोसी: कश्मीर व युद्ध (पाक); गंगा संधि 1996, भूमि सीमा 2015 (बांग्लादेश); 1950 संधि (नेपाल); IPKF (श्रीलंका); भूटान — घनिष्ठ मित्र।
  • SAARC 1985 ढाका, सचिवालय काठमांडू, 8 सदस्य; SAFTA 2006; 2016 के बाद ठहराव; BIMSTEC विकल्प।
  • बाहरी शक्तियाँ: चीन (CPEC, हंबनटोटा), अमेरिका; भारत की "पड़ोसी प्रथम" नीति।