1. अध्याय एक नज़र में
युद्ध, महामारी, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, गरीबी — ये ऐसी समस्याएँ हैं जिन्हें कोई एक देश अकेले हल नहीं कर सकता। इसके लिए देशों को साथ बैठकर बातचीत और सहयोग करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय संगठन (International Organisations) यही मंच उपलब्ध कराते हैं। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण है संयुक्त राष्ट्र (United Nations)। इस अध्याय में हम अंतरराष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता, संयुक्त राष्ट्र का विकास और संरचना, उसमें सुधार की बहस, भारत की भूमिका तथा IMF, विश्व बैंक, WTO, IAEA जैसी अन्य संस्थाओं को समझेंगे।
- अंतरराष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता।
- संयुक्त राष्ट्र का विकास, उद्देश्य और प्रमुख अंग।
- सुरक्षा परिषद और उसके सुधार की बहस; भारत की दावेदारी।
- एक-ध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका।
- IMF, विश्व बैंक, WTO, IAEA, एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच।
2. अंतरराष्ट्रीय संगठन क्यों?
- युद्ध और शांति: देशों के बीच विवादों को बातचीत से सुलझाने का मंच, ताकि युद्ध टल सके।
- सहयोग: बीमारियों (जैसे चेचक का उन्मूलन, कोविड-19 टीके), पर्यावरण, व्यापार, विकास जैसे मामलों में सामूहिक प्रयास।
- सूचना और विश्वास: देशों को एक-दूसरे के इरादों और कार्यों के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे अविश्वास घटता है।
- अंतरराष्ट्रीय संगठन सर्व-शक्तिमान "विश्व सरकार" नहीं हैं; वे सदस्य देशों की इच्छा और सहयोग पर निर्भर करते हैं। फिर भी ये देशों को बेहतर निर्णय लेने में मदद करते हैं।
3. संयुक्त राष्ट्र का विकास
प्रथम विश्व युद्ध के बाद राष्ट्र संघ (League of Nations, 1919-20) बना, पर वह द्वितीय विश्व युद्ध रोकने में विफल रहा। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक मज़बूत संगठन की ज़रूरत महसूस हुई।
| वर्ष / तिथि | घटना |
|---|---|
| अगस्त 1941 | रूज़वेल्ट (अमेरिका) और चर्चिल (ब्रिटेन) द्वारा अटलांटिक चार्टर |
| जनवरी 1942 | धुरी शक्तियों के विरुद्ध लड़ रहे 26 मित्र देशों का संयुक्त राष्ट्र घोषणा-पत्र |
| अप्रैल-जून 1945 | सैन फ़्रांसिस्को सम्मेलन; 26 जून 1945 को 50 देशों ने UN चार्टर पर हस्ताक्षर किए (पोलैंड ने बाद में हस्ताक्षर कर 51वाँ संस्थापक सदस्य बना) |
| 24 अक्टूबर 1945 | संयुक्त राष्ट्र की स्थापना — इसीलिए 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है |
भारत संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्यों में से एक है (स्वतंत्रता से पहले ही)। आज संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्य देश हैं; मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। उद्देश्य: अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना, देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध, मानवाधिकारों का सम्मान और आर्थिक-सामाजिक विकास में सहयोग।
4. संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंग
| अंग | संरचना / कार्य |
|---|---|
| महासभा (General Assembly) | सभी 193 सदस्य, प्रत्येक का एक मत; बजट, नए सदस्यों का प्रवेश, सामान्य नीतियाँ |
| सुरक्षा परिषद (Security Council) | 15 सदस्य — 5 स्थायी (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन) जिनके पास वीटो शक्ति है, और 10 अस्थायी सदस्य जो महासभा द्वारा 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं; शांति और सुरक्षा की प्राथमिक ज़िम्मेदारी |
| आर्थिक और सामाजिक परिषद (ECOSOC) | आर्थिक, सामाजिक, स्वास्थ्य, शिक्षा, मानवाधिकार संबंधी मामलों का समन्वय |
| अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) | हेग (नीदरलैंड) में; 15 न्यायाधीश; देशों के बीच कानूनी विवादों का निपटारा |
| सचिवालय (Secretariat) | प्रमुख — महासचिव; संगठन का प्रशासनिक काम। वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (2017 से) |
| न्यास परिषद (Trusteeship Council) | उपनिवेशों / न्यास क्षेत्रों को स्वतंत्रता की ओर ले जाने के लिए; अंतिम न्यास क्षेत्र (पलाऊ) के 1994 में स्वतंत्र होने के बाद इसका काम स्थगित |
इसके अलावा UN की कई विशेष एजेंसियाँ हैं — WHO (स्वास्थ्य), UNESCO (शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति), UNICEF (बच्चे), UNDP (विकास), ILO (श्रम), FAO (खाद्य-कृषि), UNHCR (शरणार्थी)।
5. संयुक्त राष्ट्र में सुधार
1945 के बाद दुनिया बहुत बदल गई है — सोवियत संघ टूट गया, कई नए देश बने, एशिया-अफ़्रीका की अर्थव्यवस्थाएँ बढ़ीं, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसी नई चुनौतियाँ आईं। पर सुरक्षा परिषद की संरचना लगभग वही है। इसलिए सुधार की माँग उठती है:
- प्रक्रिया और संरचना में सुधार: सुरक्षा परिषद में स्थायी और अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाना, ताकि एशिया, अफ़्रीका, लैटिन अमेरिका को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
- कार्यक्षेत्र (Jurisdiction) में सुधार: आतंकवाद, मानवाधिकार, पर्यावरण जैसे नए मुद्दों पर प्रभावी कार्यवाही।
- नए स्थायी सदस्यों के लिए सुझाए गए मानदंड: बड़ी आर्थिक शक्ति, बड़ी सैन्य शक्ति, UN बजट में बड़ा योगदान, बड़ी जनसंख्या, लोकतंत्र और मानवाधिकारों का सम्मान, विश्व की विविधता का प्रतिनिधित्व।
- वीटो पर बहस: वीटो को लोकतंत्र और संप्रभु समानता के विरुद्ध माना जाता है, क्योंकि एक देश बहुमत की इच्छा रोक सकता है; पर स्थायी सदस्य इसे छोड़ने को तैयार नहीं।
भारत की दावेदारी
भारत सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का दावा करता है, क्योंकि — वह दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र है; तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है; UN के शांति-स्थापना अभियानों में सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में रहा है; और UN का संस्थापक सदस्य है। भारत, ब्राज़ील, जर्मनी और जापान ने मिलकर G4 समूह बनाया है। भारत 8 बार अस्थायी सदस्य रहा है, अंतिम बार 2021-22 में। बाधाएँ: पाकिस्तान का विरोध, चीन का रुख़, और "यूनाइटिंग फ़ॉर कंसेंसस" समूह का नई स्थायी सीटों का विरोध।
6. एक-ध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र
सोवियत संघ के विघटन के बाद अमेरिका सबसे शक्तिशाली देश है, और वह UN के बजट में सबसे बड़ा योगदान देता है तथा सुरक्षा परिषद में वीटो रखता है। आलोचकों का कहना है कि UN कभी-कभी अमेरिका की नीतियों को रोक नहीं पाता — जैसे 2003 में इराक़ पर हमला सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना हुआ। फिर भी UN वह मंच है जहाँ अमेरिका की नीतियों की आलोचना हो सकती है, विकासशील देश अपनी बात रख सकते हैं, और शक्तिशाली देशों पर नैतिक दबाव बनता है। इसलिए UN अपूर्ण होते हुए भी अपरिहार्य है।
7. अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन
| संगठन | स्थापना | कार्य |
|---|---|---|
| अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) | 1945 (ब्रेटन वुड्स सम्मेलन, 1944 से) | अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था की देखरेख; संकट में देशों को ऋण; मतदान शक्ति योगदान के अनुपात में — G7 देशों का बड़ा हिस्सा |
| विश्व बैंक | 1945 (ब्रेटन वुड्स से) | विकासशील देशों को विकास के लिए ऋण और अनुदान — शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढाँचा; आलोचना — ऋण के साथ कड़ी शर्तें |
| विश्व व्यापार संगठन (WTO) | 1995 (GATT, 1948 का उत्तराधिकारी) | अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियम तय करना; निर्णय सर्वसम्मति से, पर बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का प्रभाव अधिक |
| अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) | 1957 | परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा; सैन्य उपयोग रोकने हेतु निरीक्षण |
| एमनेस्टी इंटरनेशनल (NGO) | 1961 | दुनिया भर में मानवाधिकार उल्लंघनों पर रिपोर्ट और अभियान |
| ह्यूमन राइट्स वॉच (NGO) | 1978 (हेलसिंकी वॉच के रूप में) | मानवाधिकार उल्लंघनों की जाँच और रिपोर्टिंग; मीडिया और नीति-निर्माताओं का ध्यान आकर्षित करना |
8. मास्टर तालिका : मुख्य शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अंतरराष्ट्रीय संगठन | देशों के बीच सहयोग के लिए बनी संस्था |
| राष्ट्र संघ | प्रथम विश्व युद्ध के बाद बना, UN का पूर्ववर्ती |
| UN चार्टर | संयुक्त राष्ट्र का संस्थापक दस्तावेज़ (26 जून 1945) |
| वीटो | स्थायी सदस्य द्वारा किसी प्रस्ताव को रोकने की शक्ति |
| P5 | सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्य |
| G4 | भारत, ब्राज़ील, जर्मनी, जापान — स्थायी सदस्यता के दावेदार |
| शांति-स्थापना (Peacekeeping) | संघर्ष क्षेत्रों में UN सैनिकों की तैनाती |
| ब्रेटन वुड्स संस्थाएँ | IMF और विश्व बैंक |
| GATT | शुल्क और व्यापार पर सामान्य समझौता (1948), WTO का पूर्ववर्ती |
| NGO | गैर-सरकारी संगठन, जैसे एमनेस्टी इंटरनेशनल |
9. मास्टर सारांश तालिका
| विषय | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| UN की स्थापना | 24 अक्टूबर 1945; 51 संस्थापक; आज 193 सदस्य; मुख्यालय न्यूयॉर्क |
| प्रमुख अंग | महासभा, सुरक्षा परिषद, ECOSOC, ICJ, सचिवालय, न्यास परिषद |
| सुरक्षा परिषद | 5 स्थायी (वीटो) + 10 अस्थायी (2 वर्ष) |
| सुधार | संरचना व कार्यक्षेत्र; नए सदस्यों के मानदंड; वीटो पर बहस |
| भारत | संस्थापक सदस्य, G4, 8 बार अस्थायी सदस्य (अंतिम 2021-22), शांति-स्थापना में बड़ा योगदान |
| अन्य संस्थाएँ | IMF, विश्व बैंक (1945), WTO (1995), IAEA (1957), एमनेस्टी (1961), HRW |
चार्ट — संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की सदस्यता:
10. माइंड मैप
- 24 अक्टूबर 1945
- 193 सदस्य
- महासभा, सुरक्षा परिषद
- ICJ, सचिवालय
- वीटो बहस
- G4
- स्थायी सदस्यता दावा
- शांति-स्थापना
- IMF, WB, WTO
- IAEA, NGO
11. टिप्स और ट्रिक्स
- P5 "अ-रू-ब्रि-फ़्रा-ची": अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन।
- G4 "भा-ब्रा-ज-जा": भारत, ब्राज़ील, जर्मनी, जापान।
- WTO 1995, IAEA 1957, एमनेस्टी 1961 — "95-57-61"।
- UN चार्टर पर हस्ताक्षर 26 जून 1945 को हुए, पर UN की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को।
- ICJ न्यूयॉर्क में नहीं, हेग में है।
- अस्थायी सदस्यों के पास वीटो नहीं होता; वे 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं।
- एमनेस्टी और ह्यूमन राइट्स वॉच सरकारी नहीं, गैर-सरकारी संगठन हैं।
12. महत्त्वपूर्ण वन-लाइनर
- संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई।
- UN के 51 संस्थापक सदस्य थे, जिनमें भारत भी था।
- आज UN में 193 सदस्य देश हैं।
- सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यायालय हेग में है।
- एंटोनियो गुटेरेस 2017 से UN महासचिव हैं।
- भारत 2021-22 में आठवीं बार अस्थायी सदस्य रहा।
- IMF और विश्व बैंक ब्रेटन वुड्स सम्मेलन (1944) से निकले।
- WTO की स्थापना 1995 में हुई।
- IAEA 1957 में बनी।
- एमनेस्टी इंटरनेशनल 1961 में बना।
- न्यास परिषद का काम 1994 से स्थगित है।
13. बोर्ड परीक्षा-पैटर्न प्रश्न (विस्तृत उत्तर सहित)
संयुक्त राष्ट्र दिवस कब मनाया जाता है?
- 26 जून
- 24 अक्टूबर
- 10 दिसंबर
- 5 जून
उत्तर देखें
24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना हुई; 26 जून को चार्टर पर हस्ताक्षर हुए थे और 10 दिसंबर मानवाधिकार दिवस है।
उत्तर: (ख) 24 अक्टूबर
इनमें से कौन सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य नहीं है?
- फ़्रांस
- चीन
- जर्मनी
- रूस
उत्तर देखें
स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ़्रांस और चीन हैं; जर्मनी G4 का सदस्य और स्थायी सदस्यता का दावेदार है।
उत्तर: (ग) जर्मनी
वीटो शक्ति क्या है?
उत्तर देखें
सुरक्षा परिषद के पाँच स्थायी सदस्यों को यह शक्ति है कि उनमें से कोई एक भी किसी महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव के विरुद्ध मत दे, तो वह प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता, भले ही बाक़ी सदस्य उसके पक्ष में हों।
उत्तर: स्थायी सदस्य द्वारा प्रस्ताव को रोकने की शक्ति
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर देखें
(1) युद्ध रोकने और विवादों को बातचीत से सुलझाने का मंच; (2) महामारी, जलवायु परिवर्तन, गरीबी, आतंकवाद जैसी साझा समस्याओं पर सामूहिक प्रयास, जो कोई देश अकेले हल नहीं कर सकता; (3) देशों के बीच सूचना और विश्वास बढ़ाना; (4) छोटे और विकासशील देशों को अपनी बात रखने का मंच। हालाँकि ये विश्व सरकार नहीं, बल्कि सदस्य देशों के सहयोग पर आधारित हैं।
उत्तर: शांति, साझा समस्याओं का समाधान, विश्वास और आवाज़
सुरक्षा परिषद की संरचना और कार्य समझाइए।
उत्तर देखें
सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं — 5 स्थायी (अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन) जिनके पास वीटो है, और 10 अस्थायी जो महासभा द्वारा भौगोलिक आधार पर 2 वर्ष के लिए चुने जाते हैं। इसका मुख्य कार्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है — विवादों की जाँच, शांति-स्थापना अभियान भेजना, आक्रामक देश पर प्रतिबंध लगाना और आवश्यक होने पर सैन्य कार्यवाही की अनुमति देना। इसके निर्णय सदस्य देशों के लिए बाध्यकारी होते हैं।
उत्तर: 5 स्थायी + 10 अस्थायी; शांति और सुरक्षा
IMF और विश्व बैंक के कार्यों में अंतर बताइए।
उत्तर देखें
IMF अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था की स्थिरता पर नज़र रखता है और भुगतान-संतुलन संकट में फँसे देशों को अल्पकालिक ऋण और नीतिगत सलाह देता है (जैसे 1991 में भारत)। विश्व बैंक विकासशील देशों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, बुनियादी ढाँचे और गरीबी उन्मूलन जैसी दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं के लिए ऋण और अनुदान देता है। दोनों ब्रेटन वुड्स सम्मेलन से निकले हैं और दोनों पर विकसित देशों के अधिक प्रभाव तथा कड़ी शर्तों की आलोचना होती है।
उत्तर: IMF — वित्तीय स्थिरता व संकट ऋण; विश्व बैंक — विकास परियोजनाएँ
सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों के लिए सुझाए गए मानदंड बताइए।
उत्तर देखें
(1) बड़ी आर्थिक शक्ति; (2) बड़ी सैन्य शक्ति; (3) UN बजट में बड़ा योगदान; (4) बड़ी जनसंख्या; (5) लोकतंत्र और मानवाधिकारों का सम्मान; (6) ऐसा देश जो भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्व की विविधता का प्रतिनिधित्व करे। इन पर सहमति नहीं है — जैसे बजट योगदान का मानदंड अमीर देशों के पक्ष में और जनसंख्या का मानदंड बड़े विकासशील देशों के पक्ष में जाता है।
उत्तर: आर्थिक-सैन्य शक्ति, बजट योगदान, जनसंख्या, लोकतंत्र, विविधता
सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत के दावे का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर देखें
पक्ष में तर्क: (1) दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र; (2) तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था; (3) UN शांति-स्थापना अभियानों में सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में; (4) UN का संस्थापक सदस्य, 8 बार अस्थायी सदस्य; (5) परमाणु शक्ति, पर ज़िम्मेदार परमाणु नीति ("पहले प्रयोग नहीं"); (6) विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आवाज़। बाधाएँ: पाकिस्तान का विरोध; चीन का समर्थन न करना; "यूनाइटिंग फ़ॉर कंसेंसस" समूह (इटली, पाकिस्तान आदि) का नई स्थायी सीटों का विरोध; NPT पर हस्ताक्षर न करने को लेकर आपत्ति; स्थायी सदस्यों में सुधार पर सहमति का अभाव। निष्कर्ष: भारत का दावा मज़बूत है, पर सुधार की राजनीति जटिल है।
उत्तर: जनसंख्या, लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था, शांति-स्थापना — मज़बूत दावा; राजनीतिक बाधाएँ
"एक-ध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र अप्रासंगिक हो गया है।" क्या आप सहमत हैं?
उत्तर देखें
आलोचकों के तर्क: अमेरिका UN बजट का सबसे बड़ा योगदानकर्ता है और वीटो रखता है; 2003 में इराक़ पर हमला सुरक्षा परिषद की अनुमति के बिना हुआ; बड़े संघर्षों में स्थायी सदस्यों के परस्पर वीटो से परिषद निष्क्रिय हो जाती है। प्रतिवाद: (1) UN वह मंच है जहाँ अमेरिका सहित शक्तिशाली देशों की नीतियों की खुलकर आलोचना हो सकती है; (2) विकासशील देशों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है; (3) शांति-स्थापना, शरणार्थी सहायता, स्वास्थ्य (WHO), बच्चों (UNICEF), जलवायु वार्ता जैसे क्षेत्रों में इसका काम अपरिहार्य है; (4) बातचीत से युद्ध रोकने का प्रयास। निष्कर्ष: UN अपूर्ण है और सुधार की ज़रूरत है, पर अप्रासंगिक नहीं — इसके बिना दुनिया अधिक असुरक्षित होगी।
उत्तर: असहमत — अपूर्ण पर अपरिहार्य; सुधार आवश्यक
WTO की भूमिका और उसकी आलोचनाओं की चर्चा कीजिए।
उत्तर देखें
भूमिका: 1995 में GATT के स्थान पर बना WTO अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियम तय करता है — शुल्क घटाना, व्यापार बाधाएँ हटाना, बौद्धिक संपदा अधिकार, सेवाओं में व्यापार; सदस्यों के बीच व्यापार विवादों का निपटारा करता है; निर्णय प्रायः सर्वसम्मति से होते हैं। आलोचनाएँ: (1) बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ (अमेरिका, EU, जापान) नियम बनाने में अधिक प्रभावी; (2) विकसित देश अपने किसानों को भारी सब्सिडी देते हैं, जबकि विकासशील देशों पर सब्सिडी घटाने का दबाव — भारत की खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव; (3) पेटेंट नियमों से दवाइयाँ महँगी होने का डर; (4) अपीलीय निकाय में न्यायाधीशों की नियुक्ति रुकने से विवाद-निपटान प्रणाली कमज़ोर हुई है। भारत WTO में विकासशील देशों के हितों की आवाज़ उठाता है।
उत्तर: व्यापार नियम व विवाद निपटान; विकसित देशों का प्रभाव, कृषि सब्सिडी व पेटेंट विवाद
मानवाधिकारों की रक्षा में एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसे NGO की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर देखें
ये सरकारों से स्वतंत्र गैर-सरकारी संगठन हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल (1961) दुनिया भर में मानवाधिकार उल्लंघनों — जैसे बिना सुनवाई हिरासत, यातना, मृत्युदंड, अभिव्यक्ति पर रोक — पर रिपोर्ट प्रकाशित करता है और जन अभियान चलाता है। ह्यूमन राइट्स वॉच उल्लंघनों की जाँच करता है, मीडिया और नीति-निर्माताओं का ध्यान खींचता है तथा बारूदी सुरंगों पर प्रतिबंध, बाल सैनिकों के उपयोग पर रोक और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की स्थापना जैसे अभियानों में सक्रिय रहा। महत्त्व: ये सरकारों पर नैतिक दबाव बनाते हैं और पीड़ितों की आवाज़ बनते हैं। आलोचना: सरकारें कभी-कभी इन पर पक्षपात या पश्चिमी दृष्टिकोण का आरोप लगाती हैं; इनके पास लागू कराने की कानूनी शक्ति नहीं।
उत्तर: रिपोर्ट, जाँच, अभियान व नैतिक दबाव; कानूनी शक्ति नहीं
14. त्वरित पुनरावृत्ति सारांश
- अंतरराष्ट्रीय संगठन: शांति, साझा समस्याओं पर सहयोग; विश्व सरकार नहीं।
- UN: अटलांटिक चार्टर 1941 → चार्टर 26 जून 1945 → स्थापना 24 अक्टूबर 1945; 51 → 193 सदस्य।
- 6 अंग: महासभा, सुरक्षा परिषद (5 स्थायी वीटो + 10 अस्थायी), ECOSOC, ICJ (हेग), सचिवालय, न्यास परिषद (1994 से स्थगित)।
- सुधार: संरचना, कार्यक्षेत्र, वीटो; भारत — G4, 8 बार अस्थायी सदस्य, शांति-स्थापना।
- IMF, विश्व बैंक (ब्रेटन वुड्स), WTO 1995, IAEA 1957, एमनेस्टी 1961, ह्यूमन राइट्स वॉच।