UPSC CSE Mains · Optional Subject
समाजशास्त्र (Sociology)
Paper I — समाजशास्त्र के मूल सिद्धांत और चिंतक; Paper II — भारतीय समाज की संरचना और परिवर्तन।
समाजशास्त्र: विषय एवं वैज्ञानिक पद्धति
Sociology as a Discipline and Research Methods
आधुनिकता और समाजशास्त्र का उदय; विज्ञान के रूप में समाजशास्त्र, प्रत्यक्षवाद और उसकी आलोचना; शोध पद्धतियाँ, सर्वेक्षण, वैधता और विश्वसनीयता।
प्रमुख समाजशास्त्रीय चिंतक
Sociological Thinkers
कार्ल मार्क्स, दुर्खीम, मैक्स वेबर, टैलकॉट पार्सन्स, रॉबर्ट मर्टन और मीड के सिद्धांत, अवधारणाएँ और आलोचनाएँ।
स्तरीकरण एवं गतिशीलता
Stratification and Mobility
समानता-असमानता, स्तरीकरण के सिद्धांत (प्रकार्यवादी, मार्क्सवादी, वेबेरियन); वर्ग, प्रस्थिति, लिंग, नृजातीयता; सामाजिक गतिशीलता के प्रकार।
कार्य, राजनीति, धर्म एवं नातेदारी
Work, Politics, Religion and Kinship
कार्य के रूप, औद्योगिक समाज, अनौपचारिक क्षेत्र; शक्ति, राज्य, लोकतंत्र; धर्म के सिद्धांत, धर्मनिरपेक्षीकरण; परिवार, विवाह, नातेदारी और पितृसत्ता।
आधुनिक समाज में सामाजिक परिवर्तन
Social Change in Modern Society
सामाजिक परिवर्तन के सिद्धांत, विकास और निर्भरता, सामाजिक आंदोलन, हिंसा और परिवर्तन, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
भारतीय समाज के अध्ययन के परिप्रेक्ष्य
Perspectives on the Study of Indian Society
भारतविद्या (जी.एस. घुर्ये), संरचनात्मक-प्रकार्यवादी (एम.एन. श्रीनिवास), मार्क्सवादी (ए.आर. देसाई); औपनिवेशिक शासन का प्रभाव।
ग्रामीण-कृषक संरचना एवं जाति व्यवस्था
Rural and Agrarian Social Structure and Caste
भारतीय ग्राम, भूमि सुधार, हरित क्रांति; जाति के सिद्धांत (घुर्ये, श्रीनिवास, ड्यूमॉन्ट, बेली), जजमानी व्यवस्था, अस्पृश्यता।
जनजातियाँ, वर्ग, धर्म एवं परिवार (भारत)
Tribes, Classes, Religion and Family in India
जनजातीय समुदाय और एकीकरण; भारत में वर्ग संरचना; धार्मिक समुदाय, अल्पसंख्यक, सांप्रदायिकता; परिवार, विवाह, नातेदारी और लैंगिक संबंध।
भारत में सामाजिक परिवर्तन एवं आंदोलन
Social Change and Movements in India
विकास योजना और मिश्रित अर्थव्यवस्था, हरित क्रांति, औद्योगीकरण-नगरीकरण; किसान, श्रमिक, महिला, दलित, जनजातीय और पर्यावरण आंदोलन।
जनसंख्या गतिकी एवं सामाजिक चुनौतियाँ
Population Dynamics and Challenges of Social Transformation
जनसंख्या आकार, संरचना, प्रवासन, जनसंख्या नीति; विकास का संकट, विस्थापन, गरीबी, भ्रष्टाचार, हिंसा और सामाजिक न्याय।